अनुसूचियां (भारतीय राजव्यवस्था)

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1. भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची के अनुसार, भारत में कितनी आधिकारिक भाषाएं हैं? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 22
Solution:
  • भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषाओं के रूप में मान्यता दी गई है। मूल रूप से इसमें 14 भाषाएँ थीं
  • लेकिन समय-समय पर संशोधनों (जैसे 21वाँ, 71वाँ और 92वाँ संशोधन) के माध्यम से सिंधी, कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली, बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को इसमें जोड़ा गया है।
  •  8वीं अनुसूची - मूल रूप से, 14 भाषाएँ संविधान की 8वीं अनुसूची में थीं।
  •  बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को वर्ष 2003 (92 वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम) में जोड़ा गया था।
  •  अवधी भाषा आमतौर पर वर्तमान उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में बोली जाती है।
  •  8वीं अनुसूची में वर्तमान में कुल 22 आधिकारिक भाषाएं हैं।
    Other Information
  • याद करने की ट्रिक: Tears of Old PM
  • पहली अनुसूची: T -क्षेत्र
  • दूसरी अनुसूची: E -नामांकन
  • तीसरी अनुसूची: A - अभिकथन/शपथ
  •  चौथी अनुसूची: R - राज्यसभा
  • पांचवी अनुसूची: S - अनुसूचित क्षेत्र
  • छठी अनुसूची: O - अन्य अनुसूचित क्षेत्र
  • सातवीं अनुसूची: F - संघीय संरचना
  •  आठवीं अनुसूची: O - आधिकारिक भाषायें
  •  नौवीं अनुसूची: L - भूमि सुधार
  • दसवीं अनुसूची: D - दल-बदल
  • ग्यारहवीं अनुसूची: P - पंचायतें
  • बारहवीं अनुसूची: M - नगर पालिका

2. भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के बारे में उपबंधों का उल्लेख किया गया है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 10 वीं अनुसूची
Solution:
  • दसवीं अनुसूची को 52वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था। यह 'दलबदल विरोधी कानून' (Anti-defection Law) के रूप में जानी जाती है।
  • इसका उद्देश्य विधायकों और सांसदों को दल बदलने से रोककर राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
  •  10 वीं अनुसूची :-
    •  इसमें दल-बदल के आधार पर संसद और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
    •  इस अनुसूची को 1985 के 52वें संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था, जिसे दलबदल विरोधी कानून के रूप में भी जाना जाता है।
    •  संविधान की दसवीं अनुसूची कार्यालय या भौतिक लाभों या अन्य समान विचारों के लालच से प्रेरित राजनीतिक दलबदल की बुराई या शरारत को रोकने के लिए बनाई
      गई है।
    •  इसका उद्देश्य असैद्धांतिक और अनैतिक राजनीतिक दल-बदल पर अंकुश लगाकर भारतीय संसदीय लोकतंत्र के ताने-बाने को मजबूत करना है।
  • अयोग्यता के आधार :-
    • यदि कोई निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से किसी राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ देता है।
    •  यदि वह अपने राजनीतिक दल द्वारा जारी किसी निर्देश के विपरीत सदन में मतदान करता है या मतदान से दूर रहता है।
    •  यदि कोई सदस्य जो स्वतंत्र रूप से निर्वाचित होता है, किसी दल में शामिल होता है।
    •  यदि कोई मनोनीत सदस्य 6 महीने की समाप्ति के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है।
    •  दल-बदल के आधार पर अयोग्यता के सवालों पर निर्णय अध्यक्ष या सदन के सभापति को भेजा जाता है, और उनका निर्णय अंतिम होता है।
    •  इस अनुसूची के तहत अयोग्यता के संबंध में सभी कार्यवाहियों को संसद या किसी राज्य के विधानमंडल की कार्यवाही माना जाता है।
  •  दल-बदल विरोधी कानून के तहत अपवाद :-
    •  ऐसी स्थिति में जहां एक राजनीतिक दल के दो-तिहाई विधायक दूसरे दल में शामिल होने का निर्णय लेते हैं
    • सदस्य जो शामिल होने का निर्णय लेते हैं और नही जो मूल दल के साथ रहते हैं, उन्हें अयोग्यता का सामना करना पड़ेगा।
    • अध्यक्ष या स्पीकर के रूप में निर्वाचित कोई भी व्यक्ति अपनी पार्टी से इस्तीफा दे सकता है, और यदि वह उस पद को छोड़ देता है तो पार्टी में शामिल हो सकता है।
    • पहले कानून पार्टियों को विभाजित करने की अनुमति देता था, लेकिन वर्तमान में इसे गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है।

3. निम्नलिखित में से कौन-सा विषय भारतीय संविधान की राज्य सूची के अंतर्गत आता है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) कृषि
Solution:
  • सातवीं अनुसूची की राज्य सूची (सूची II) में ऐसे विषय शामिल हैं जिन पर राज्य सरकारें कानून बना सकती हैं। कृषि (Agriculture), पुलिस, जेल और स्थानीय शासन इसके प्रमुख विषय हैं। वहीं, बंदरगाह, रेलवे और बैंकिंग संघ सूची के विषय हैं।
  • इनमें पुलिस और सार्वजनिक सुरक्षा सहित स्थानीय प्रशासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल-नलस्रोत, प्रसार-आचार्य, स्थानीय सरकार, जेल व्यवस्था, पुलिस-थाने, सड़क यातायात के लिए राजमार्ग-स्थानीय प्राधिकार आदि शामिल हैं।
  • सातवीं अनुसूची के अनुसार संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ विभाजित की गई हैं। राज्य सूची में जिन विषयों को रखा गया है
  • वे विषय हैं जिन पर केवल राज्य विधानमंडल और राज्य सरकारें सक्षम होती हैं, केंद्र के अधिकार सीमित रहते हैं जहाँ तक संविधान के अनुसार विशेष असंवੈधनिक संशोधनों के साथ अनुमति मिले।
  • विस्तृत विभाग (राज्य सूची के मुख्य विषय)
    • सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस: राज्य पुलिस, आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था के कुछ पहलुओं के अधीन स्थानीय नियंत्रण।
    • स्थानीय सरकार और प्रशासन: नगरपालिका, ग्राम सेवाएं, पंचायत संस्थाओं का शासन-प्रबंधन।
    • शिक्षा और स्वास्थ्य: राज्य स्तर पर स्कूल शिक्षा, स्थानीय अस्पताल/स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन, औपचारिक प्रशासन आदि (केंद्री मानदंडों के साथ राज्यों के समन्वय के आधार पर).
    • कृषि, पशुपालन और गांवों की अर्थव्यवस्था: कृषि से जुड़ी नीतियाँ, किसान सहायता की योजनाएं, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि।
    • जल संसाधन और कृषि-आधार: जल आपूर्ति, नहरें, सिंचाई, बांध आदि के नियंत्रण के अधिकार राज्य सरकार के पास।
    • न्याय व्यवस्था और कानूनी प्रशासन: राज्य न्यायालय, स्थानीय अदालतें, जेल व्यवस्था आदि।
    • समाजिक कल्याण और रोजगार: बेरोजगारी लाभ, विकलांगता सहायता, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन।
    • परिवहन और संचार (स्थानीय): राज्य-संस्थागत परिवहन नीतियाँ, सड़क व्यवस्था के क्षेत्रीय निर्णय।
    • संस्कृति,_books और सार्वजनिक संस्थान: पुस्तकालय, वन्य-जीवन, संस्कृति से जुड़ी राज्य-स्तरीय नीतियाँ।
    • केंद्र और राज्य के अधिकारों में सीमाओं के कारण कुछ विषय जो सामान्यतः राज्य सूची में आते हैं, कुछ विशेष परिस्थितियों में केंद्र को भी हस्तक्षेप करने की सुविधा मिल जाती है, जैसे आपातकालीन स्थिति में या संविधान के अन्य अनुच्छेदों के अंतर्गत।
    • सातवीं अनुसूची के अनुसार यह सूची-निर्माण केंद्र/राज्य के बीच शक्ति-विन्यास का आधार है; राज्यों के लिए क्रमशः विधायिका/सूत्रों के अनुसार अलग-थलग अधिकार निर्धारित हैं।

4. निम्नलिखित में से क्या भारत के संविधान में संघ सूची के अंतर्गत आता है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) प्रत्यर्पण
Solution:
  • संघ सूची (सूची I) में वे विषय शामिल हैं जिन पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती है। प्रत्यर्पण (एक देश से अपराधी को दूसरे देश को सौंपना), रक्षा, रेलवे, नागरिकता और विदेश मामले संघ सूची के महत्वपूर्ण विषय हैं।
  • भारत के संविधान में संघ सूची के अंतर्गत आने वाले विकल्पों में से विषय प्रत्यर्पण है।
  • भारत के संविधान में, सातवीं अनुसूची कानून के विषयों को तीन सूचियों में वर्गीकृत करती है: संघ, राज्य और समवर्ती।
    Other Information
  • भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची संघ और राज्यों के बीच शक्तियों और कार्यों का आवंटन देती है।
  • संघ सूची (केंद्रीय सरकार के लिए) 100 विषय (मूल रूप से 97)
  • राज्यों की सूची (राज्य सरकार की शक्तियों) 61 विषय (मूल रूप से 66)
  • समवर्ती सूची (संघ और राज्य दोनों) 52 विषय (मूल रूप से 47)
  • संघ सूची: संघ विधानमंडल अकेले ही इन मामलों पर कानून बना सकता है
    • रक्षा परमाणु
    • ऊर्जा
    • विदेशी कार्य
    • युद्ध और शांति
    • बैंकिंग
    • रेलवे
    • पोस्ट और टेलीग्राफ
    • एयरवेज बंदरगाहों
    • विदेश व्यापार
    • मुद्रा एवं सिक्के
  • राज्य सूची: राज्य विधानमंडल इन मामलों पर कानून बना सकता है (हालांकि कभी-कभी इसके अपवाद भी होते हैं)।
    • कृषि
    • पुलिस
    • कारागार
    •  स्थानीय सरकार
    •  सार्वजनिक स्वास्थ्य
    •  भूमि
    •  शराब
    •  व्यापार एवं वाणिज्य
    •  पशुधन और पशुपालन
  • राज्य लोक सेवाएँ समवर्ती सूची: संघ और राज्य विधानमंडल दोनों ही इन मामलों पर कानून बना सकते हैं।
    • शिक्षा
    • कृषि
    • भूमि के अलावा अन्य संपत्ति का हस्तांतरण
    • जंगलों
    • ट्रेड यूनियन
    • मिलावट
    • दत्तक ग्रहण और उत्तराधिकार

5. भारतीय संविधान की किस अनुसूची में संघ सूची से संबंधित प्रावधान हैं? [MTS (T-I) 08 जुलाई, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) सातवीं अनुसूची
Solution:
  • सातवीं अनुसूची केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन से संबंधित है। इसमें तीन सूचियाँ शामिल हैं
  • संघ सूची (Union List - 97 विषय), राज्य सूची (State List - 61 विषय), और समवर्ती सूची (Concurrent List - 52 विषय)।
  • सातवीं अनुसूची का परिचय
    • भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के विभाजन को परिभाषित करती है।
    • इसमें तीन सूचियां शामिल हैं: संघ सूची (प्रथम सूची), राज्य सूची (द्वितीय सूची) और समवर्ती सूची (तृतीय सूची)।
    • संघ सूची केंद्र सरकार को विशेष अधिकार प्रदान करती है, ताकि राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर एकसमान कानून बनाया जा सके।​
  • संघ सूची की विशेषताएं
    • संघ सूची में वर्तमान में 100 विषय शामिल हैं, जो मूल रूप से 97 थे। ये विषय राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और एकता से जुड़े हैं
    • जैसे रक्षा, विदेशी मामले, रेलवे, बैंकिंग, आयकर और परमाणु ऊर्जा। केवल संसद इन पर कानून बना सकती है, राज्य विधानमंडल नहीं।
    • इस सूची का उद्देश्य देश की एकता और स्थिरता सुनिश्चित करना है।​
  • अन्य सूचियों से तुलना
    • संघ सूची राष्ट्रीय हितों पर केंद्रित है, जबकि राज्य सूची स्थानीय मामलों जैसे पुलिस और कृषि पर।
    • समवर्ती सूची में विवाद की स्थिति में केंद्र का कानून प्राथमिक होता है।​
  • विशेष परिस्थितियां
    • राज्यसभा के दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव (अनुच्छेद 249), अंतरराष्ट्रीय संधियों (अनुच्छेद 253) या आपातकाल में केंद्र राज्य सूची के विषयों पर भी कानून बना सकता है। इससे संघीय ढांचे में लचीलापन आता है।​

6. जून, 2023 तक हमारे संविधान में कितनी अनुसूचियां थीं? [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 11 जनवरी, 2017 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 12
Solution:
  • जून, 2023 तक हमारे संविधान में कुल 12 अनुसूचियां थीं। मूलतः संविधान में कुल 8 अनुसूचियां थीं। प्रथम संविधान संशोधन द्वारा 9वीं अनुसूची को संविधान में जोड़ा गया।
  • 52वें संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा 10वीं अनुसूची को और 73वें संशोधन अधिनियम तथा 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा क्रमशः 11वीं तथा 12वीं अनुसूची को संविधान में जोड़ा गया है।
  • संविधान की अनुसूचियाँ विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करती हैं जिनका वर्णन संविधान के अनुच्छेदों में किया गया है।
  • अनुसूचियों में संघ और राज्यों के बीच शक्तियों और कार्यों का आवंटन, अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातियों का प्रशासन और नियंत्रण तथा अन्य प्रशासनिक विवरण जैसे विषय शामिल हैं।
  • अनुसूचियाँ संविधान का एक अनिवार्य भाग हैं, जो विभिन्न शासन पहलुओं पर स्पष्टता और विस्तृत जानकारी प्रदान करती हैं।
    Other Information
  • भारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
  • यह मौलिक राजनीतिक सिद्धांतों को परिभाषित करने वाली रूपरेखा तैयार करता है, सरकारी संस्थानों की संरचना, प्रक्रियाओं, शक्तियों और कर्तव्यों को स्थापित
    करता है, और मौलिक अधिकारों, निर्देशक सिद्धांतों और नागरिकों के कर्तव्यों को निर्धारित करता है।
  • भारत का संविधान विश्व में किसी भी देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है।
  •  यह भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है, अपने नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता का आश्वासन देता है,
    और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
  •  संविधान की सातवीं अनुसूची में तीन सूचियाँ शामिल हैं जो संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों के तहत विषयों का वर्णन करती हैं।
  •  संविधान में संशोधन अनुच्छेद 368 में उल्लिखित प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है।
  •  राष्ट्र की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनुसूचियों में कई बार संशोधन किया गया है।

7. राज्य विधायिका के पास भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची ....... में वर्णित समवर्ती शक्तियां हैं। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) III
Solution:
  • सातवीं अनुसूची की सूची III को समवर्ती सूची कहा जाता है। इसमें दिए गए विषयों (जैसे शिक्षा, वन, विवाह, आदि) पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं।
  • यदि दोनों के कानूनों में टकराव होता है, तो सामान्यतः केंद्र का कानून मान्य होता है।
  • सातवीं अनुसूची का परिचय
    • सातवीं अनुसूची संविधान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण तीन सूचियों के माध्यम से करती है
    • संघ सूची (प्रथम), राज्य सूची (द्वितीय) और समवर्ती सूची (तृतीय)। मूल रूप से समवर्ती सूची में 47 विषय थे, जो अब 52 हो चुके हैं
    • यह संघीय ढांचे में लचीलापन प्रदान करने के लिए अद्वितीय है। यदि संघ और राज्य के कानूनों में टकराव हो, तो अनुच्छेद 254 के अनुसार संघ का कानून प्रबल होता है।​
  • समवर्ती शक्तियों का आधार
    • अनुच्छेद 246(1) के तहत संसद को संघ सूची पर विशेष अधिकार है, जबकि 246(3) राज्य विधानमंडल को राज्य सूची पर।
    • लेकिन 246(2) स्पष्ट रूप से तृतीय सूची पर दोनों को समवर्ती विधायी शक्ति देता है, जिससे राष्ट्रीय हितों और स्थानीय आवश्यकताओं का समन्वय संभव होता है।
    • यह व्यवस्था भारत के अर्ध-संघीय स्वरूप को मजबूत करती है।​
  • समवर्ती सूची के प्रमुख विषय
    • समवर्ती सूची में ऐसे विषय शामिल हैं जो केंद्र और राज्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं:
    • आपराधिक कानून, साक्ष्य और शपथ।
    • विवाह, तलाक, दत्तक ग्रहण और उत्तराधिकार।
    • आर्थिक और सामाजिक योजना, जनसंख्या नियंत्रण तथा परिवार नियोजन।
    • न्यास, ट्रस्ट और महाप्रबंधक।
    • न्यायिक कार्यवाहियां और अभिलेखों की मान्यता।​
    • ये विषय राज्य विधायिका को कानून बनाने की अनुमति देते हैं, लेकिन संघीय कानून सर्वोपरि रहता है।​
  • महत्व और न्यायिक व्याख्या
    • समवर्ती सूची दोहरे शासन से कठोरता रोकने का उपकरण है, जो अन्य संघीय संविधानों में नहीं मिलती।
    • न्यायपालिका ने निहित शक्तियों के सिद्धांत के माध्यम से इनका विस्तार किया है, जिससे विधायी क्षेत्रों में स्पष्टता आई है।
    • यह शक्तियों का संतुलन बनाए रखते हुए विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देती है।​

8. निम्नलिखित में से कौन-सी अनुसूची, मिजोरम और त्रिपुरा के राज्यपालों को अतिरिक्त विवेकाधीन शक्तियां प्रदान करती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) छठी अनुसूची
Solution:
  • छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।
  • यह इन क्षेत्रों के प्रशासन के लिए स्वायत्त जिला परिषदों (Autonomous District Councils - ADCs) के गठन का प्रावधान करती है और राज्यपालों को विशेष शक्तियाँ प्रदान करती है।
  • यह इन क्षेत्रों के प्रशासन और आदिवासी आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए स्वायत्त जिला परिषदों और क्षेत्रीय परिषदों के गठन का प्रावधान करती है।
  • इन राज्यों के राज्यपालों के पास इन परिषदों की स्थापना करने और यह सुनिश्चित करने की विवेकाधीन शक्तियाँ हैं
  • प्रशासन 6वीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
  • ये प्रावधान आदिवासी लोगों की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक हितों की रक्षा के उद्देश्य से हैं।
  • परिषदों को कुछ विशिष्ट मामलों जैसे भूमि प्रबंधन, वन संसाधन और सामाजिक रीति-रिवाजों पर कानून बनाने की शक्ति है।
    Other Information
  • 4वीं अनुसूची
    • भारतीय संविधान की 4वीं अनुसूची राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा (राज्य परिषद्) में सीटों के आवंटन से संबंधित है।
    • सीटों का आवंटन प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है।
  •  5वीं अनुसूची
    • भारतीय संविधान की 5वीं अनुसूची 6वीं अनुसूची में उल्लिखित चार राज्यों को छोड़कर किसी भी राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और
      नियंत्रण से संबंधित है।
    • यह अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और उन्नति से संबंधित मामलों पर सलाह देने के लिए जनजातीय सलाहकार परिषदों की स्थापना का भी प्रावधान करती है।
  • 7वीं अनुसूची
    • भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची में संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची शामिल है, जिसमें उन विषयों की सूची दी गई है
    • जिन पर केंद्र और राज्य सरकारें कानून बना सकती हैं।
    • संघ सूची में वे विषय शामिल हैं जिन पर केवल संसद कानून बना सकती है, राज्य सूची में वे विषय शामिल हैं
    • जिन पर केवल राज्य विधानमंडल कानून बना सकते हैं, और समवर्ती सूची में वे विषय शामिल हैं जिन पर संसद और राज्य विधानमंडल दोनों कानून बना सकते हैं।

9. भारत के संविधान की निम्नलिखित अनुसूची में से किसमें न्यायिक समीक्षा से उन्मुक्ति है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) नौवीं
Solution:
  • नौवीं अनुसूची को प्रथम संवैधानिक संशोधन, 1951 द्वारा जोड़ा गया था। इसका उद्देश्य भूमि सुधार कानूनों को न्यायिक समीक्षा से बचाना था।
  • हालांकि, केशवानंद भारती मामले (1973) के बाद, सर्वोच्च न्यायालय ने 2007 में फैसला सुनाया कि 24 अप्रैल 1973 के बाद इस अनुसूची में शामिल कानूनों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है।
  • भारत के संविधान की नौवीं अनुसूची में उन कानूनों की सूची है जिन्हें न्यायिक समीक्षा से उन्मुक्ति प्राप्त है।
  • यह अनुसूची संविधान के पहले संशोधन (1951) द्वारा जोड़ी गई थी, मुख्य रूप से भूमि सुधार कानूनों को अदालतों में चुनौती से बचाने के लिए।​
  • नौवीं अनुसूची का उद्देश्य
    • इस अनुसूची का प्राथमिक लक्ष्य सामाजिक-आर्थिक सुधारों को बिना कानूनी बाधाओं के लागू करना था, विशेषकर जमींदारी उन्मूलन और भूमि वितरण संबंधी कानूनों के लिए।
    • इसमें शामिल कानूनों को अनुच्छेद 31B के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता। वर्तमान में इसमें 284 से अधिक कानून हैं।​
  • न्यायिक समीक्षा पर सीमाएं
    • केसवानंद भारती मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया कि यदि नौवीं अनुसूची का कोई कानून संविधान की मूल संरचना (basic structure) का उल्लंघन करता है
    • तो उसकी न्यायिक समीक्षा संभव है। बाद के निर्णयों जैसे आई.आर. कोएल्हो मामले (2007) ने इसे और स्पष्ट किया, जहां कहा गया कि संसद कानूनों को अनिश्चितकाल के लिए न्यायिक जांच से नहीं बचा सकती।​
  • अन्य अनुसूचियां
    • आठवीं अनुसूची: भाषाओं की सूची, इसमें न्यायिक समीक्षा से कोई उन्मुक्ति नहीं।​
    • छठी अनुसूची: पूर्वोत्तर राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित, कोई छूट नहीं।​
    • दसवीं अनुसूची: दल-बदल विरोधी कानून, न्यायिक समीक्षा लागू।​

10. सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची में ....... से संबंधित उपबंध नहीं है। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) भूमि और भवनों पर कर
Solution:
  • भूमि और भवनों पर कर (Taxes on Land and Buildings) भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची (सूची II) के अंतर्गत आता है।
  • अन्य विकल्प (आर्थिक और सामाजिक योजना, वन, औद्योगिक और श्रम विवाद) समवर्ती सूची के विषय हैं।
  • सातवीं अनुसूची का परिचय
    • भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची अनुच्छेद 246 के अंतर्गत संघ, राज्य और केंद्र-राज्य दोनों के लिए विधायी शक्तियों का विभाजन करती है।
    • इसमें तीन सूचियां हैं: संघ सूची (97 विषय), राज्य सूची (66 विषय) और समवर्ती सूची (52 विषय)। समवर्ती सूची में ऐसे विषय शामिल हैं
    • जिन पर केंद्र और राज्य दोनों विधेयक पारित कर सकते हैं, लेकिन संघीय कानून की प्राथमिकता होती है।​
  • समवर्ती सूची के प्रमुख विषय
    • समवर्ती सूची मूल रूप से 47 विषयों वाली थी, जो अब 52 हो गई है (जैसे वन, शिक्षा, न्यायिक प्रशासन आदि जो बाद में जोड़े गए)।
    • इसमें आपराधिक कानून, विवाह, दिवालियापन, व्यापार संघ, सामाजिक सुरक्षा, श्रम कल्याण आदि शामिल हैं।
    • इसका उद्देश्य संघीय ढांचे में लचीलापन प्रदान करना है, क्योंकि ये विषय न तो पूर्णतः राष्ट्रीय हैं और न ही स्थानीय। यदि संघ और राज्य का कानून टकराए, तो संघ का कानून प्रबल होता है।​
  • राज्य सूची में पुलिस क्यों?
    • पुलिस राज्य सूची (List II) की प्रविष्टि 2 में आती है, इसलिए केवल राज्य विधानमंडल ही इसके बारे में कानून बना सकते हैं।
    • समवर्ती सूची में इसका कोई उल्लेख नहीं है, क्योंकि कानून-व्यवस्था राज्य का विशेष विषय है। अपवादस्वरूप, राष्ट्रीय सुरक्षा या आपातकाल में केंद्र हस्तक्षेप कर सकता है
    • लेकिन सामान्यतः यह राज्य क्षेत्राधिकार है। इसी प्रकार, सार्वजनिक व्यवस्था (प्रविष्टि 1) भी राज्य सूची में है।​
  • अन्य महत्वपूर्ण अपवर्जन
    • समवर्ती सूची में रक्षा, विदेशी मामले (संघ सूची) या भूमि राजस्व, सिंचाई (राज्य सूची) जैसे विषय भी नहीं हैं।
    • सरकारिया आयोग ने समवर्ती सूची को अस्पष्ट क्षेत्र बताया, लेकिन पुलिस जैसे कोर राज्य विषयों को इसमें स्थान नहीं दिया गया। यह विभाजन संघीय संतुलन बनाए रखता है।​