नागरिकता (भारतीय राजव्यवस्था)

Total Questions: 3

1. भारतीय संसद ने किस वर्ष नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित किया? [MTS (T-I) 11 अक्टूबर, 2021 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 2019
Solution:
  • भारतीय संसद ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 (Citizenship (Amendment) Bill, 2019) को 11 दिसंबर 2019 को पारित किया था।
  • राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद यह नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (CAA) बन गया।
  • इसका उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के अवैध अप्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना है।
  • भारतीय संसद ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 को 11 दिसंबर 2019 को पारित किया था।
  • यह वही विधेयक है जो बाद में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (CAA) बना।​
  • अधिनियम बनने की प्रक्रिया
    • संसद से पारित होने के बाद विधेयक को राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा गया, जहाँ मंजूरी के बाद यह नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 बन गया।​
    • इस अधिनियम ने नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन कर कुछ विशेष देशों और समुदायों के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया में परिवर्तन किया।​
  • मुख्य उद्देश्य और प्रावधान (संक्षेप में)
    • यह संशोधन अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के उन लोगों के लिए था, जो 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत आए थे।​
    • इनके लिए प्राकृतिककरण द्वारा नागरिकता पाने की न्यूनतम आवास अवधि सामान्य 11 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दी गई।​
  • नागरिकता अधिनियम, 1955 से संबंध
    • नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 मूल नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन है, जिसमें नागरिकता प्राप्त करने के तरीके, शर्तें और नागरिकता खोने के प्रावधान पहले से मौजूद थे।​
    • 2019 का संशोधन इन्हीं मौजूदा प्रावधानों के भीतर एक विशेष श्रेणी के प्रवासियों के लिए छूट और विशेष व्यवस्था प्रदान करता है।​
  • विवाद और चर्चा (संक्षिप्त)
    • विधेयक के पेश होने और पारित होने के समय देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक राजनीतिक व सामाजिक बहस और विरोध प्रदर्शन हुए।​
    • मुख्य आपत्तियाँ धर्म के आधार पर भेदभाव, संविधान के समानता के सिद्धांत और राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) जैसे प्रश्नों से जुड़ी थीं, जिन पर आज भी सार्वजनिक विमर्श जारी है।​

2. भारतीय संविधान के किस भाग में कहा गया है कि नागरिक को देश की रक्षा करनी है और आह्वान किए जाने पर राष्ट्रीय सेवा करनी है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) भाग IV A
Solution:
  • भारतीय संविधान के भाग IV-A में मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) शामिल हैं। यह भाग अनुच्छेद 51-क से संबंधित है।
  • इसके खंड (घ) में कहा गया है कि "देश की रक्षा करें और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करें"। इसे 42वें संवैधानिक संशोधन, 1976 द्वारा जोड़ा गया था।
  • मौलिक कर्तव्यों का स्थान
    •  यह भाग मौलिक अधिकारों (भाग III) के बाद आता है और नागरिकों को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियां सौंपता है।
    • अनुच्छेद 51A(घ) विशेष रूप से देश की रक्षा और राष्ट्रीय सेवा पर जोर देता है, जो नागरिकों को सैन्य या अन्य राष्ट्रीय आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार रहने का निर्देश देता है।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित ये कर्तव्य संविधान सभा की बहसों से प्रेरित थे, जहां नागरिकों के अधिकारों के साथ कर्तव्यों को संतुलित करने की आवश्यकता महसूस हुई।
    • 1976 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लागू 42वें संशोधन ने इन्हें औपचारिक रूप दिया, हालांकि ये गैर-न्यायोचित हैं—यानी अदालतें इन्हें सीधे लागू नहीं कर सकतीं। बाद में 86वें संशोधन (2002) ने 11वां कर्तव्य जोड़ा।​
  • संबंधित प्रावधान
    • अनुच्छेद 23(2) राज्य को सार्वजनिक उद्देश्यों (जैसे सैन्य सेवा) के लिए अनिवार्य सेवा लागू करने की अनुमति देता है, जो अनुच्छेद 51A(घ) को पूरक बनाता है।​
    • अनुच्छेद 51A(ग) भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा का कर्तव्य बताता है, जो रक्षा कर्तव्य से निकटता रखता है।​
      ये कर्तव्य नागरिकों को राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
  • अन्य मौलिक कर्तव्य (संदर्भ के लिए)
    • संविधान का पालन और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान (51A(क))।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन (51A(ख))।
    • पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण (51A(ग्र) और (झ))।​
    • ये सभी कर्तव्य सामूहिक रूप से मजबूत राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं।

3. भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से कौन-से अनुच्छेद नागरिकता से संबंधित हैं? [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 5 से 11
Solution:
  • अनुच्छेद 5 संविधान के प्रारंभ में नागरिकता।
  • अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से भारत आने वाले व्यक्तियों के नागरिकता अधिकार।
  • अनुच्छेद 7 पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले व्यक्तियों के नागरिकता अधिकार।
  • अनुच्छेद 8 भारतीय मूल के व्यक्तियों के नागरिकता अधिकार।
  • अनुच्छेद 9 स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों का नागरिक न होना।
  • अनुच्छेद 10 नागरिकता के अधिकारों की निरंतरता।
  • अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता से संबंधित कानून बनाने की शक्ति।
  • अनुच्छेद 5: संविधान के प्रारंभ में नागरिकता
    • यह अनुच्छेद संविधान लागू होने के समय भारत के क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्तियों को नागरिकता प्रदान करता है।
    • इसमें तीन शर्तें हैं: (क) जो व्यक्ति भारत में जन्मा हो; (ख) जिसके माता-पिता में से कोई एक भारत में जन्मा हो; या (ग) जो संविधान प्रारंभ होने से ठीक पहले कम से कम पांच वर्ष भारत का निवासी रहा हो। यह प्रावधान जन्म, वंश या निवास के आधार पर नागरिकता सुनिश्चित करता है।​
  • अनुच्छेद 6: पाकिस्तान से आए व्यक्तियों को नागरिकता
    • यह अनुच्छेद 19 जुलाई 1948 से पहले पाकिस्तान चले गए लेकिन 1 मार्च 1947 के बाद भारत लौट आए व्यक्तियों को नागरिकता देता है
    • बशर्ते वे 26 जनवरी 1950 तक भारत में निवास कर रहे हों। इसमें 19 जुलाई 1948 के बाद पाकिस्तान से आए प्रवासियों को भी शामिल किया गया है, यदि वे निर्दिष्ट अवधि तक निवासी रहें।​
  • अनुच्छेद 7: पाकिस्तान में रहने वाले प्रवासियों की स्थिति
    • यह अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि अनुच्छेद 6 के लाभ से वंचित रहने वाले पाकिस्तान प्रवासी भारतीय नागरिक नहीं माने जाएंगे।
    • यह विभाजन के समय के प्रवास को नियंत्रित करता है और पाकिस्तान में स्थायी रूप से बसने वालों को बाहर रखता है।​
  • अनुच्छेद 8: विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों को नागरिकता
    • भारत के बाहर रहने वाले, जिनके माता-पिता या दादा-दादी भारत में जन्मे हों, को भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराकर नागरिकता मिल सकती है
    • यह प्रावधान भारतीय मूल (PIO) को नागरिकता का अवसर देता है।​
  • अनुच्छेद 9: विदेशी नागरिकता स्वीकार करने पर प्रभाव
    • स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता ग्रहण करने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं होगा। यह एकल नागरिकता की अवधारणा को मजबूत करता है।​
  • अनुच्छेद 10: नागरिकता अधिकारों की निरंतरता
    • भाग II के तहत प्राप्त नागरिकता के अधिकार किसी भी कानून द्वारा तब तक प्रभावित नहीं होंगे, जब तक स्पष्ट रूप से ऐसा न कहा जाए। यह नागरिकता की स्थिरता सुनिश्चित करता है।​
  • अनुच्छेद 11: संसद की शक्ति
    • संसद को नागरिकता के अधिकारों को विनियमित करने वाले कानून बनाने का अधिकार है।
    • इसी आधार पर नागरिकता अधिनियम, 1955 बनाया गया, जिसे बाद में संशोधित किया गया। यह संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद है क्योंकि यह संसद को लचीला बनाता है।​