Solution:राज्य मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित एक सांविधिक (वैधानिक) निकाय है, जो राज्य स्तर पर मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन के लिए कार्य करता है।
• इसकी स्थापना 1993 के अधिनियम के तहत हुई और 1995 से राज्यों में इनकी स्थापना शुरू हुई
• राज्य मानवाधिकार आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय है जिसमें एक अध्यक्ष और दो सदस्य होते हैं।
• अध्यक्ष एक सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होना चाहिए और सदस्यों को उच्च न्यायालय के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश या जिला न्यायाधीश के रूप में न्यूनतम सात वर्ष के अनुभव के साथ एक जिला न्यायाधीश होना चाहिए और मानवाधिकारों के संबंध में ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाला व्यक्ति होना चाहिए।