Correct Answer: (c) जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में होता है।
Solution:- सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) की स्थिति तब होती है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है
- जिससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता। यह स्थिति केवल प्रतिपदा (New moon Day) या अमावस्या को ही होती है।
- संक्षिप्त उत्तर
- केवल अमावस्या के दिन होता है, क्योंकि तब चंद्रमा पृथ्वी-रेखा के साथ उस स्थान पर स्थित रहता है जो सूर्य के सामने आ सकता है।
- प्रकार
- आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse): चंद्रमा सूर्य के कुछ हिस्से को कवर करता है, सूर्य का एक भाग दृश्य रहता है।
- पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse): चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है
- उस समय सूर्य की बाहरी परत (कोरोना) ही दिखाई देती है; यह एक छोटे क्षेत्र से देखे जाने पर ही दिखाई देता है।
- वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse): चंद्रमा सूर्य की केंद्रavag में थोड़ा छोटा होता है, सूर्य का एक ग्लो-रिंग निकल कर दिखता है।
- कैसे और क्यों होता है
- सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी सीधी रेखा में आकर संरेखित होते हैं।
- चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी के कक्षीय तल से थोड़ा सा झुकी होती है, इसलिए हर अमावस्या पर ग्रहण नहीं बन पाता।
- ग्रहण का कारण सूर्य की रोशनी चंद्रमा की परछाई—अम्ब्रा (Umbra) या पेंटाकुल (Penumbra)—पर पृथ्वी तक पहुँचना है।
- पूर्ण सूर्य ग्रहण के लिए अंबर-रेखा ठीक-ठीक संरेखित होनी चाहिए, और चंद्रमा का आकार सूर्य से बड़ा लगना चाहिए ताकि पूरी सूर्य-छाया आ जाए।
- ग्रहण के समय-सीमाएं
- एक साल में लगभग 2–5 सूर्य ग्रहण हो सकते हैं, पर इनमें से अधिकतर आंशिक होते हैं और पूर्ण नहीं होते।
- पूर्ण सूर्य ग्रहण पृथ्वी के सिर्फ बहुत छोटे क्षेत्रों में ही दिखाई देता है
- आम तौर पर किसी-न-किसी क्षेत्र के भीतर चौड़ाई कई सैकड़ों किलोमीटर से अधिक नहीं होती।
- भारत/संयुक्त क्षेत्र में देखने योग्यता
- यह निर्भर करता है कि सूर्य ग्रहण कहाँ और कब हो रहा है; केंद्रीय भाग (कोरोना) केवल उन क्षेत्रों से ही दिखाई देता है
- जो सीधे अंबरछायायुक्त मार्ग के भीतर हों। आम तौर पर भारत में सभी ग्रहण नहीं दिखते, और कई ग्रहण दूसरे महाद्वीपों में अधिक स्पष्ट होते हैं।
- यह हर ग्रहण के साथ बदलता है।
- ग्रहण देखने के लिए उचित सुरक्षा उपाय जरूरी होते हैं (सुरक्षित ग्रहण चश्मे, पिंस/िशारे-स्रोतों से देखना आदि)।
- इतिहास और विज्ञान में महत्व
- सूर्य ग्रहण ने ऐतिहासिक दौर में विज्ञान और खगोलशास्त्र के विकास में अहम भूमिका निभाई है
- जैसे सूर्य का Corona-प्रकाश और गुरुत्वाकर्षण-विकर्षण जैसी खोजों को पुष्ट करने में।
- आधुनिक समय में खासकर शोध और शिक्षा के लिए ग्रहण मंदिर-केन्द्रित कार्यक्रम आयोजित होते हैं
- ताकि सुरक्षा के साथ लोग ग्रहण का अनुभव कर सकें।
- सुरक्षा सुझाव
- कभी भी खुले आकाश में बिना उचित Solar Viewing glasses के सूर्य को न देखें।
- ग्रहण के दौरान छोटे बच्चों को भी खिड़की से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए।
- चश्मे के साथ या दूसरों के सुरक्षित तरीकों के बिना सूर्य की सीधी रोशनी न देखना चाहिए।