Correct Answer: (b) केवल सूर्य एवं चंद्रमा
Solution:- सूर्य और चंद्रमा के शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल तथा पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाले दो बलों अभिकेंद्रीय तथा अपकेंद्रीय बलों के परिणामी बल के कारण पृथ्वी की सतह पर महासागरों से उत्पन्न होकर ज्वार-भाटे आते हैं। अतः सही उत्तर विकल्प (b) होगा।
- गुरुत्वाकर्षण खिंचाव कैसे काम करता है
- चंद्रमा और सूर्य की गुरुत्वाकर्षण शक्तियाँ पृथ्वी के अलग-अलग हिस्सों पर अलग-अलग प्रभाव डालती हैं।
- जिस हिस्से पर गुरुत्वाकर्षण अधिक होता है
- वहाँ जल उभरकर उन्नत होता है—यह प्रमुख ज्वार है।
- पृथ्वी के विपरीत हिस्से पर भी एक उभार बनता है
- जिसका कारण पृथ्वी के घूमने की सहज centripetal प्रभाव से जल की inertia है।
- इन दोनों उभारों के कारण पृथ्वी पर दो असमार्गित जलक्षेत्र बनते हैं
- एक पास में उभार और एक दूरी पर उभार, जिससे एक ही समय में दो क्रिस्टल-ज्वार/भाटा के चक्र बनते हैं।
- चंद्रमा बनाम सूर्य की भूमिका
- चंद्रमा Earth के सबसे निकट है, इसलिए उसका गुरुत्वाकर्षण खिंचाव अधिक प्रभावी होता है
- ज्वार-भाटा के उच्चतम स्तर अक्सर चंद्रमा के करीब और दूर वाले हिस्सों पर दिखाई देता है।
- सूर्य की गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी से काफी दूर है
- लेकिन इसका द्रव्यमान विशाल होने के कारण यह भी महत्वपूर्ण होता है
- सूर्य-चंद्रमा का संयोजन ज्वार-भाटा के उच्चतर पैटर्न (बृहत् ज्वार) को जन्म देता है, खासकर नव/पूर्ण चंद्र स्थितियों में।
- जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी लगभग एक सीधी रेखा में होते हैं
- तो उनके गुरुत्वाकर्षण खिंचाव एक-दूसरे के साथ मिलकर अधिक ऊँचे ज्वार बना देते हैं।
- जब वे एक समकोण (90 डिग्री) बनाते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण बल एक दूसरे के विपरीत दिशा में कार्य करते हैं
- निम्न ज्वार अधिक सामान्य हो सकता है।
- स्थानीय प्रभाव
- जल-अवरोध (coastlines), जल गहराई (depth), समुद्री तटों के आकार, अंडरकस्टर (seafloor topography), और समुद्री धाराओं का प्रभाव ज्वार-भाटा के स्थानीय स्तर पर ऊँचाई और अवधि को निर्धारित करता है।
- कुछ स्थानों पर द्वि-ज्वारीय पैटर्न होते हैं
- एक दिन में दो उच्च ज्वार और दो निम्न ज्वार हो सकते हैं
- जबकि अन्य जगहों पर यह प्रक्रियात्मक रूप से एक-आधारिक (semi-diurnal) या एक-दिशा (diurnal) पैटर्न दिखाते हैं।
- उच्च ज्वार और निम्न ज्वार
- उच्च ज्वार: जब चंद्रमा/सूर्य का गुरुत्वाकर्षण जल पर अधिक प्रभाव डालता है, तो जलस्तर ऊँचा होता है।
- निम्न ज्वार: जब गुरुत्वाकर्षण बल का संयुक्त प्रभाव कम होता है या तुलनात्मक रूप से घटता है, जलस्तर घटता है।
- प्रभावी समय और आवृत्ति
- सामान्यतः पृथ्वी पर दो जलचक्र (diurnal/semidiurnal) का संयोजन चलता है
- जिसकी अवधि तट-निर्भर होती है।
- चंद्रमा के चरण (new moon/full moon) के अनुसार उच्च ज्वार की ऊँचाई बढ़ सकती है, जिसे बृहत् ज्वार कहा जाता है।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण
- ज्वार-भाटा समुद्र के गतिशीलता, नदी-घाटों, और समुद्री जीवन के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।
- पूंजीकरण के लिए मौसम विज्ञान और भू-भौतिकी में तटरेखा के मॉडलिंग में ज्वार-भाटा की गणनाएँ उपयोगी होती हैं।
- संक्षिप्त उदाहरण
- नव चंद्रमा के समय चंद्रमा और सूरज के गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के साथ मिलकर अधिकतम संयुक्त बल बनाते हैं
- जिससे उच्च ज्वार और निम्न ज्वार दोनों कहीं-कहीं अधिक ऊँचे दिखते हैं।
- पूर्ण चंद्रमा के समय भी यह प्रभाव रहता है
- क्योंकि चंद्रमा और सूर्य एक सीधी रेखा में होते हैं; यह भी उच्च ज्वार की स्थिति बनाता है।