झीलें एवं जल प्रपात (विश्व का भूगोल)

Total Questions: 7

1. तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, चीन, मानसरोवर झील के पश्चिम में और कैलाश पर्वत के दक्षिण में स्थित खारे पानी की झील कौन-सी है? [Phase-XI 30 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) राक्षसताल झील
Solution:
  • मानसरोवर झील के पश्चिम में और कैलाश पर्वत के दक्षिण में स्थित खारे पानी की झील राक्षसताल या राकसताल है।
  • संक्षिप्त पहचान
    • नाम: राक्षसताल झील (Rakshastal Lake), अंग्रेज़ी में Rakshastal/Lake Rakshas
    • स्थान: तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, चीन
    • ढांचा: खारे पानी की झील
    • निकटता: मानसरोवर झील के पश्चिम में; कैलाश पर्वत के दक्षिण में
  • भौगोलिक और जल-विज्ञान संदर्भ
    • राक्षसताल झील और मानसरोवर झील एक ही इलाके में स्थित हैं, पर पानी की प्रकृति भिन्न है
    • मानसरोवर मीठे पानी की झील है, जबकि राक्षसताल खारे पानी की झील है
    • यह फिराक मानसरोवर के पश्चिम किनारे पर स्थित होने के कारण तीर्थयात्रियों और स्थानीय पौराणिक कथाओं में एक साथ उल्लेखित होता है.​
    • इन जल निकायों के बीच एक प्रमुख दृश्यीकृत भौगोलिक संबंध कैलाश पर्वत की दक्षिणी ढलानों की ओर है
    • जो हिन्दू, बौद्ध, जैन और अन्य धार्मिक दृष्टिकोणों में एक पवित्र परिक्रमा-स्थल के रूप में जाना जाता है.​
  • धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
    • मानसरोवर और राक्षसताल का संयोजन तीर्थयात्राओं के दौरान अक्सर उल्लेखित होता है
    • हिन्दू धर्म में मानसरोवर के जल को पवित्र माना जाता है और इसे शिवालयों/कैलाश-मानसरोवर यात्रा से जोड़ा गया है
    • जबकि राक्षसताल को अक्सर मानसरोवर के समीप एक सहायक जल-आयाम के रूप में देखा गया है.​​
    • कई स्रोत यह भी बताते हैं कि यमद्रोक त्सो और अन्य झीलें इस क्षेत्र में पवित्र मान्यताओं का हिस्सा हैं
    • लेकिन मानसरोवर के पश्चिम में स्थित खारे पानी की झील के रूप में राक्षसताल स्पष्ट रूप से पहचानी जाती है.​
  • अन्य नज़दीकी झीलें (संकेतार्थ)
    • मानसरोवर झील के पश्चिम में दिखने वाली राक्षसताल के अलावा इस क्षेत्र में अन्य पवित्र धाराओं/झीलों का उल्लेख मिलता है
    • जैसे यमद्रोक त्सो, जो पवित्र धारणाओं से जुड़ी है. ये विवरण क्षेत्रीय पौराणिक-पारंपरिक संदर्भों में आते हैं.

2. एशिया में सबसे बड़ा खारे पानी का लैगून कौन-सा है, जिसे 1981 में 'रामसर साइट' के रूप में नामित किया गया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) चिल्का झील
Solution:
  • चिल्का झील एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून है।
  • वर्ष 1981 में रामसर समझौते के तहत इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की पहली भारतीय स्थल के रूप में नामित किया गया था।
  • मुख्य विवरण
    • पहचान: चिल्का झील (Chilika Lake), ओडिशा, भारत
    • क्षेत्रफल और प्रकार: पृथ्वी के सबसे बड़े खारे पानी वाले लैगूनों में से एक
    • तटरेखा और जलाशयों का मिश्रण वाला मीठा-खारा जल स्तरों की विविधता वाला पर्यावरण
    • रामसर साइट का इतिहास: चिल्का झील को 1981 में रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में शामिल किया गया था
    • यह रामसर समझौते के प्रभावी प्रभावी क्रियान्वयन के शुरुआती भारतीय उदाहरणों में से एक है.​
    • भौगोलिक पृष्ठभूमि: ओडिशा के खाराबीच क्षेत्र में स्थित यह लैगून
    • पेट्रोलियम-उत्पादन या नमक-खानों के कारण स्थानीय मानव गतिविधियों से प्रभावित होता है
    • पक्षी प्रजातियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवास-स्थल माना जाता है
    • आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बहुमुखी जल-चक्र प्रदाता है.​
    • उन्नत महत्व: भारत के रामसर स्थलों में से एक के रूप में व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है
    • यह पक्षी विज्ञान, कृषि-जलवायु, और पर्यटन के लिए प्रमुख है.​
  • विस्तृत जानकारी
    • भौगोलिक और जैव-विविधता: चिल्का झील तीन हिस्सों में विभाजित है
    • उत्तर-पूर्व-पूर्वी जल (ऊपरी भाग), मध्य जल क्षेत्र, और दक्षिण-पश्चिम जलकण—जिससे क्षेत्रीय जलवायु और आर्द्रभूमि के मिश्रित उपयोग संभव होता है
    • यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए विश्व-स्तरीय अवसर प्रदान करता है, जिसमें कई दुर्लभ प्रजातियाँ सम्मिलित हैं.​
    • रामसर designation का महत्व: रामसर साइट के रूप में नामित होने से चिल्का झील को वैश्विक स्तर पर संरक्षण-नीतियों, शोध-कार्य और सतत् पर्यटन के लिए मानक मानक प्राप्त होते हैं
    • यह designation स्थानीय समुदायों के लिए संरक्षण-आधारित विकास योजनाओं को प्रेरित करता है.​
    • संरक्षण और चुनौतियाँ: जल-स्तर में मौसमी बदलाव, तटीय कटाव, मत्स्य पालन के दबाव, और जैव विविधता के लिए प्रवास-सीजन का प्रभाव सुरक्षा-योजनाओं के केंद्र में है
    • रामसर साइट статус इन चुनौतियों से जूझने के लिए नीति-निर्माण, समुदाय-आधारित प्रबंधन, और पर्यावरणीय शिक्षा को मजबूत करता है.​
  • क्यों यह महत्वपूर्ण है
    • वैश्विक रूप से: चिल्का झील एक प्रमुख विश्व धरोहर-स्तर की आर्द्रभूमि के रूप में पहचान बना रहा है
    • जिसका संरक्षण जलचक्र, समुद्री-स्थानीय समुदायों की आजीविका और पर्यावरण-शिक्षा दोनों के लिए अहम है.​
    • भारत के लिए: रामसर साइट के रूप में 1981 का designation भारत के आर्द्रभूमि संरक्षण प्रयासों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है
    • इसके बाद कई अन्य भारतीय आर्द्रभूमियाँ भी रामसर सूची में सम्मिलित हुईं.

3. गहराई (अधिकतम से न्यूनतम) के अनुसार झीलों का सही क्रम कौन-सा है? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) बैकाल > तांगानिका > कैस्पियन सागर > वोस्तोक
Solution:
  • गहराई (अधिकतम से न्यूनतम) के अनुसार झीलों का सही क्रम इस प्रकार है-बैकाल> तांगानिका > कैस्पियन सागर > वोस्तोक ।
  • गहराई के अनुसार क्रम कैसे समझें
    • जो जलाशय के सबसे गहरे बिंदु पर मापा जाता है।
    • वैश्विक लोकप्रिय गहरी झीलें: बैकाल झील (रूस) पृथ्वी की deepest ठंडी शरीर-जल माना जाता है
    • जिसकी गहराई लगभग 5,000 मीटर के आसपास मानी जाती है; इसे मीठे पानी की झीलों में भी सबसे गहरी माना जाता है संकल्पित विवरण]।
    • टांगानिका झील: अफ्रीका-आफ्रीका के आसपास नहीं, बल्कि अफ्रीका नहीं, बल्कि अफ्रीका से अलग, अफ्रीका के जलीय तंत्र के साथ गहराई में बेहद प्रचलित है
    • कई स्रोत इसे बैकाल के बाद गहरी मानते हैं और अनुमानित गहराई कुछ हजार मीटर के आसपास बताई जाती है।
    • कैस्पियन सागर: एक बड़े जल-ज्वालामय (लवणीय) जलस्रोत है
    • गहराई गहराई में कई स्थानों पर 100-300 मीटर के दायरे में, कुछ स्थानों पर इससे अधिक भी मापा गया है
    • इसे इंसानी दृष्टि से एक विशाल तालाब समझा जा सकता है।
    • वोस्तोक झील (अंटार्कटिका के नीचे वाला उपजमी क्षेत्र): विशाल गहराई वाली मानकीकृत गहराई का एक उदाहरण माना जाता है
    • परन्तु यह क्षेत्र अध्ययन के साथ संवेदनशील है और गहराई स्थान-विशिष्टता पर निर्भर करती है।
  • महत्वपूर्ण सूचनाएँ
    • बैकाल झील: जहाँ गहराई की अधिकतम माप 5,000 मीटर से ऊपर बताई जाती है
    • यह दुनिया की सबसे गहरी ताज़ा पानी वाली झील भी मानी जाती है, और जैव विविधता में अद्वितीय है ।​
    • टांगानिका झील: अफ्रीका से एशिया तक फैली अनेक प्रकार की जानकारी देती है
    • इसकी गहराई भी विश्व की गहराईपूर्ण सूची में उच्च मानी जाती है ।​
    • कैस्पियन सागर: भू-आबद्ध कारणों से एक विशाल जल-चतुर्यक है
    • जलवाष्प के रूप में भी अध्ययन का विषय है और गहराई क्षेत्र के अनुसार सूचियों में ऊपर-नीचे जा सकता है ।​
    • वोस्तोक झील: रोस्टीय स्टेशन के नीचे स्थित होने के कारण इसके बारे में गहराई निर्धारण में कुछ असमानताएं आती हैं
    • शोध के अनुसार यह बहुत गहरी मानी जा सकती है ।​
  • नोट्स और सावधानियाँ
    • ऊपर दिया गया क्रम सामान्य रूप से उल्लेखित स्रोतों के आधार पर है
    • क्षेत्र-विशिष्ट मापन के कारण बदल सकता है।
    • अगर सटीक और नवीनतम क्रम चाहिए, तो विश्व भूगर्भ-डेटाबेस या जल-अधिग्रहण (hydrography) की ताज़ा मापन-सारिणी देखना उचित होगा।
    • कई स्रोत झीलों को “झील” मानते हैं
    • जबकि कैस्पियन सागर जैसे बड़े जल-समुच्चय को भी अलग-अलग संदर्भों में झील के रूप में दर्ज किया जाता है
    • इसलिए क्रम सीधे-सीधे एक निश्चित सूची से थोड़ा भिन्न हो सकता है।
  • यदि चाहें, इस विषय पर मैं:
    • ताज़ा सत्यापित क्रम के लिए नवीनतम विश्व Hydrography डेटा से एक सटीक सूची बना दूँ,
    • हर झील के लिए गहराई, क्षेत्रफल, जल प्रकार (मीठा/खारा) जैसी बातें एक स्पष्ट तालिका में दे दूँ,
    • और आपके इच्छित उपयुक्त परीक्षा/उपयोग के लिए तैयार एक छोटा-सा अभ्यास सेट भी बना दूँ।

4. विक्टोरिया झील निम्नलिखित में से किन देशों में है? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) तंजानिया, युगांडा, केन्या
Solution:
  • विक्टोरिया झील, अफ्रीका की सबसे बड़ी झील और नील नदी का प्रमुख जलाशय है
  • जो मुख्य रूप से तंजानिया, केन्या और युगांडा देशों में विस्तृत है। इस झील की उत्तरी सीमा भूमध्य रेखा छूती है।
  • मुख्य बिंदु
    • केन्या, युगांडा और तंजानिया. प्रत्येक देश के किनारे इस क्षेत्र में क्रमशः भागीदारी करते हैं.
    • जल स्रोत और बेसिन: झील का जलनाल प्रमुख रूप से कागेरा नदी द्वारा प्रेरित होता है
    • इसका बेसिन दक्षिणी अफ्रीका के बड़े शाहकारीय भूभाग से जुड़ा है.
    • भू-आर्थिक महत्त्व: आसपास के समुदायों के लिए ये झील ऊर्जा, मत्स्यपालन और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण स्रोत है
    • साथ ही एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है.
    • ऐतिहासिक नामकरण: विक्टोरिया झील का नाम ब्रिटिश सम्राज्ञी विक्टोरिया के नाम पर रखा गया था
    • इसके आसपास कई स्थानीय नाम भी प्रचलित हैं।
  • अतिरिक्त विवरण
    • साझा हिस्सेदारी का अनुमानित विभाजन समय–समय पर निर्धारित नीतियों और सीमाओं के अनुसार बदला जा सकता है
    • सामान्यतः यह बताया जाता है कि केन्या कुछ हिस्से में, युगांडा अधिकतर भाग में, और तंजानिया प्रमुख हिस्से में झील का जल नियंत्रित करते हैं.
    • जैव विविधता पर प्रभाव: जलीय जीवन और मछली उद्योग पर बाहरी कारकों जैसे विदेशी आक्रामक मछलियों (उदा., नील पर्च) का प्रभाव पड़ा है
    • जिससे स्थानीय प्रजातियों पर असर पड़ा है।
    • ऐतिहासिक भूगोल: विक्टोरिया झील एक उथला क्षेत्र है
    • जो महान नदियों और पठारों के बीच स्थित है और नील की जलनाल से जुड़ी है।

5. निम्नलिखित में से कौन-सी एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की गोखुर झील (oxbow lake) है? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) वुलर झील
Solution:
  • कंवर झील भारत और एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की गोखुर झील है। वुलर झील भारत की सबसे बड़ी मीठे जल की झील है।
  • पहचान और आकार
    • इसे अक्सर कांवर झील, कांवर ताल या कबरताल मलार्र Wetland के रूप में जाना जाता है
    • यह क्षेत्रफल लगभग 2,620 हेक्टेयर से करीब 63 वर्ग किलोमीटर के आसपास बताई जाती है
    • जो इसे एशिया की सबसे बड़ी freshwater oxbow lake बनाती है.​
    • झील Gandak नदी के meandering से बनी एक residual oxbow lake है
    • जिसका गठन पुराने प्रवाह के कारण हुआ माना जाता है.​
  • स्थान और प्रशासनिक स्थिति
    • Begusarai जिले, बिहार, भारत में स्थित है और यह Bihar का Ramsar स्थल भी दर्ज किया गया पहला wetland है
    • यह Kanwar Lake Bird Sanctuary का हिस्सा है, और प्रवासी पक्षियों के विश्वसनीय ठिकाने के तौर पर जाना जाता है.​
  • जैव विविधता और महत्व
    • बांध-नदी तंत्र के कारण इस क्षेत्र में 40+ मछली प्रजातियाँ पाई जाती हैं
    • पूर्वोत्तर भारत-एशिया के प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण अभयारण्य रहा है
    • इसे विदेशियों सहित स्थानीय संरक्षण प्रयासों के केंद्र के रूप में मान्यता देती है.​
  • अन्य संदर्भ और मिथक/जानकारी
    • कुछ स्रोत इसे भारत-एशिया की सबसे बड़ी गोखुर झील के रूप में पुष्टि करते हैं
    • यह एक सक्रिय wetlands ecosystem के रूप में भी चर्चा में रहता है
    • हालांकि आज के समय में जल स्तर और पारिस्थितिकी संरक्षित करने के प्रयास बढ़े हैं.​

6. निम्नलिखित में से कौन-सी झील खारे पानी की झील है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) चिल्का
Solution:
  • चिल्का झील जो भारत के ओडिशा राज्य में स्थित है। यह खारे पानी की झील है।
  • सुपीरियर, टिटिकाका और मलावी मीठे पानी की झीलें हैं।
  • खारे पानी की झीलें क्या हैं
    • खारे पानी की झीलें वे जल निकाय होते हैं जिनमें संपूर्ण या प्रमुख मात्रा में नमक (NaCl) और अन्य खारापन तत्व होते हैं
    • आम तौर पर दूरदराज़ के क्षेत्रीय जल चक्र, evaporation और भू-तत्वों के कारण पानी में नमक की सांद्रता बढ़ जाती है।
    • इन झीलों में पानी अक्सर तटरेखा से घिरा होता है या लैगून/खारे पानी का समावेश होता है
    • इनके जैव विविधता में खास पाटर्न देखे जाते हैं, जैसे कुछ पक्षी प्रवास और विशिष्ट जलजीव।
  • भारत में प्रमुख खारे पानी की झीलें
    • चिल्का झील (ओडिशा): भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील मानी जाती है।
    • यह एक विशाल तटीय लैगून है जहां नमक का स्तर मौसम के अनुसार बढ़ता-घटता रहता है
    • साथ ही यहाँ कई प्रवासी पक्षी आते हैं और इरावादी डॉल्फिन जैसी जीवित प्रजातियाँ भी देखने को मिलती हैं।​
    • सल्टिक/खारे पानी की अन्य झीलें पंजाब, राजस्थान आदि क्षेत्रों में भी पाई जाती हैं
    • परंतु इनकी स्थिति और आकार चिल्का के समान नहीं होती; राजस्थान में अनेक खारे पानी की झीलें हैं
    • जिन्हें टेथिस सागर के अवशेष माना जाता है और इनमें सांभर झील आदि प्रमुख हैं।​
  • भारत में एक सवाल के तौर पर अक्सर पूछा जाने वाला उत्तर
    • निम्नलिखित में से कौन-सी झील खारे पानी की झील है? आम जवाब चिल्का झील है
    • क्योंकि यह भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है और विश्व स्तर पर भी एक बड़ी खारे पानी की लैगून के रूप में प्रसिद्ध है।​
  • महत्वपूर्ण नोट
    • चिल्का के अलावा भारत में कई छोटी-बड़ी खारे पानी की झीलें भी हैं
    • जैसे राजस्थान क्षेत्र की कुछ झीलें (डीडवाना, सांभर, पचपदरा आदि) जिन्हें खारे पानी की झीलों के रूप में सूचीबद्ध किया जाता है
    • इनका नमक स्तर सामान्यतः उच्च रहता है और ये क्षेत्रीय नमक उत्पादन में भूमिका निभाती हैं।​

7. निम्नलिखित में से कौन-सी दुनिया की सबसे ऊंची नौगम्य झील (highest navigable lake) है? [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) टिटिकाका
Solution:
  • टिटिकाका दुनिया की सबसे ऊंची नौगम्य झील है। टिटिकाका झील पेरू एवं बोलीविया की सीमा पर स्थित है।
  • यह (टिटिकाका) झील दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील और दुनिया की सबसे ऊंची नौगम्य झील है।
  • परिभाषा और मानक
    • नौगम्य झील: वह झील जहाँ नाव-परिवहन या वाणिज्यिक नौका संचालन संभव रहता है, भले ही ऊँचाई अलग-अलग हो।
    • उच्चता का संदर्भ: यह elevation above mean sea level (MSL) है, न कि झील के गहरेपन या क्षेत्रफल के आधार पर।
  • शीर्ष उम्मीदवारों की तुलना
    • Lake Titicaca (पेरू-ब Bolivia सीमा): ~3,812 m (12,507 ft) MSL। यह विश्व की सबसे ऊँची स्थिर नौगम्य झील मानी जाती है.​
    • Lake Baikal: ~456 m MSL; गहरा और विशाल है, पर ऊँचाई के मामले में Titicaca से बहुत नीचे है.​
    • Lake Victoria: ~1,135 m MSL; अफ्रीका की बड़ी झील है, पर Titicaca से कम ऊँचाई पर है.​
    • Lake Superior: ~183 m MSL; ग्रेट लेक्स का हिस्सा, पर Titicaca से अधिक नीचे है.​
    • अन्य उच्च झीलें (जैसे कुछ उष्ण क्षेत्रों में स्थित): ऊँचाई Titicaca से ऊँची हो सकती हैं
    • वे सामान्य तौर पर नौगम्यता की मानक परिभाषा के अनुरूप वाणिज्यिक संचालन में Titicaca जितनी व्यापक नहीं मानी जातीं।
  • कालखंड और संदिग्ध बिंदु
    • Titicaca की ऊँचाई में मौसम-आधारित बदलाव होते रहते हैं, लेकिन समग्र elevation ~3,812 m है
    • यह स्थिर रूप से उच्चतम-नॉगम्य शीर्षक का रिकॉर्ड रखता है.​
    • कुछ स्रोत उच्च झीलों को ऊँचाई-के-संदर्भ में बताते हैं
    • वे आम तौर पर Titicaca के साथ-साथ “highest navigable” के विशिष्ट दावा को चुनौती नहीं देते।
  • सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलू
    • Titicaca क्षेत्र Andean समुदायों के लिए अत्यंत सांस्कृतिक और आय-जीवन का केंद्र है
    • नौगम्यता स्थानीय मार्गों, मछलीपालन और पर्यटन के लिए महत्त्वपूर्ण है.​
    • झील में गहराई भी पर्याप्त है (लगभग 284 m गहरी), जो नौकायन और जल-जीव विविधता के लिए उपयुक्त है.​
  • सार तथ्य
    • Titicaca की ऊंचाई: लगभग 3,812 मीटर (12,507 फीट) MSL.​
    • यह दुनिया की सबसे ऊँची नौगम्य झील के रूप में मान्य माना जाता है
    • कई प्रयोग-उद्धरण इसी प्रविष्टि पर आधारित हैं.​