Correct Answer: (a) डॉपलर वेदर रडार
Solution:- डॉपलर वेदर रडार, वर्षा का पता लगाने, उसकी गति और तीव्रता का निर्धारण करने
- वर्षा, बर्फ या ओलों जैसे वर्षा प्रकारों की पहचान करने के लिए विद्युत चुंबकीय ऊर्जा के स्पंदनों को वायुमंडल में भेजता है।
- रडार डेटा का उपयोग तूफानों की संरचना निर्धारित करने और तूफानों की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में मदद के लिए किया जा सकता है।
- वर्षा गेज (Rain gauge)
- कार्य: भूमि-स्तरीय वर्षा की मात्रा को मापता है, यानी कितनी वर्षा बरसी।
- परिचय: यह एक सरल यंत्र है जिसमें बूंदों का वजन या ऊर्ध्वीय रिसाव किया जाता है
- बड़े पैमाने पर जलवर्षा की मात्रा निर्धारित होती है.
- इवेंट-आधारित रडार वर्षा डिटेक्टर
- कार्य: बड़े क्षेत्र में वर्षा का अवलोकन और प्रकार पहचान (वर्षा, बर्फ, ओला) के लिए डॉपलर रडार तकनीक का प्रयोग करता है।
- 24 GHz डॉपलर संकेतों के माध्यम से बूंदों के आकार, गिरने की गति और घनत्व का आकलन करके वर्षा के प्रकार और तीव्रता निर्धारित करता है.
- पीजो-इलेक्ट्रिक वर्षा डिटेक्टर (कम दूरी) बनाम रडार-आधारित डिटेक्शन
- कार्य: पास के इलाके में वर्षा की तीव्रता मापने के लिए बूंदों के प्रभाव से उत्पन्न परिवर्तनशील विद्युत संकेतों को पढ़ता है
- तकनीक में बूंदों के प्रहार से उत्पन्न वोल्टेज प्रतिक्रिया शामिल हो सकती है.
- मौसम विज्ञान में अन्य उपकरण
- विमेक्षण/सेंसर नेटवर्क: पृथ्वी के वायुमंडल में माइक्रो-फ्लैक, तापमान, आर्द्रता आदि के साथ वर्षा का डेटा मिलाकर मॉडल बनाते हैं।
- वहन योग्य या दूरस्थ पन्ने: कुछ आधुनिक पैनलों पर रडार-आधारित मॉड्यूल और उपग्रह-आधारित अवलोकन भी उपयोग होते हैं
- ताकि बड़े क्षेत्र में वर्षा की मात्रा, तेज़ी और मौसमी परिवर्तन समझे जा सकें.
- वर्षा प्रकार की पहचान कैसे होती है
- वर्षा (Rain) बनाम बर्फ/ओला
- डॉपलर रडार: बूंदों के आकार, गिरने की गति और घनत्व से बरसात के प्रकार को वर्गीकृत करता है।
- बड़े और गर्म बूंदों के साथ तेज गिरने की दर अधिक होती है
- जबकि ओलों में विशिष्ट डॉपलर पैटर्न होते हैं।
- पीजो-इलेक्ट्रिक/अन्य सेंसर: नज़दीकी निरीक्षण में बूंदों के प्रभाव से संकेत प्राप्त कर सकता है
- बड़े क्षेत्र के लिए रडार सिस्टम अधिक प्रचलित है.
- तीव्रता (Intensity)
- रडार: प्रतिबिंबित संकेतों की शक्ति और बूंदों की संख्या से भारी से हल्के वर्षा तक सूचित करता है।
- जमाव/भारी वर्षा में प्रवाह और बूंदों का आवृत्ति वितरण बदलता है, जिसे मॉडलिंग से निकाला जाता है.
- क्यों यह महत्वपूर्ण है
- निगरानी और चेतावनी: तेज तूफान, बाढ़ और असमय बर्सात को समय पर पहचान कर चेतावनी जारी की जा सकती है।
- जल संसाधन प्रबंधन: क्षेत्रीय जलवर्षा के संकलन और कृषि/वन विभागों में पानी प्रबंधन के लिए डेटा उपयोगी रहता है।
- मौसम पूर्वानुमान: उच्च-रिज़ॉल्यूशन डेटा से मॉडलिंग अधिक सटीक बनती है।
- संक्षेप में
- वर्षा का पता लगाने और वर्षा की गतिकी तथा प्रकार पहचानने के लिए आधुनिक रडार-आधारित प्रणालियाँ सबसे व्यापक और सटीक साधन हैं
- इनमें 24 GHz डॉपलर रडार तकनीक खासकर गहरी जानकारी दे सकती है.
- नज़दीकी मापन के लिए वर्षा गेज और पीजो-इलेक्ट्रिक डिटेक्टर जैसे यंत्र також उपयोगी हो सकते हैं
- क्षेत्रीय और प्रकार पहचान के लिए रडार सिस्टम अहम है.
- उद्धरण
- वर्षा मापन के लिए राडार आधारित डिटेक्शन के विवरण के लिए देखें
- वर्षा डिटेक्टर पृष्ठ और संबंधित टेक्निकल विवरण.
- वर्षा गेज और उसके मापन पर सामान्य जानकारी के लिए देखें: