स्थूल पदार्थों के गुण (भौतिक विज्ञान)Total Questions: 61. आर्द्रता क्या है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (I-पाली)](a) जब जल में वायु उपस्थित होती है(b) जब जलवाष्प वायु से जल में स्थानांतरित होती है(c) जब अन्य गैसें हवा में स्थानांतरित होती हैं(d) जब वायु में जलवाष्प उपस्थित होती हैCorrect Answer: (d) जब वायु में जलवाष्प उपस्थित होती हैSolution:जब वायु में जलवाष्प उपस्थित होती है तो उसे आर्द्रता के रूप में परिभाषित किया जाता है।जलवाष्प जल की गैसीय अवस्था है।आर्द्रता के तीन मुख्य मापक निरपेक्ष आर्द्रता, सापेक्ष आर्द्रता तथा विशिष्ट आर्द्रता हैं।आर्द्रता को ग्राम प्रति घन मीटर के मान में व्यक्त किया जाता है।आर्द्रता की परिभाषावायुमंडल में विद्यमान अदृश्य जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं।यह पृथ्वी से वाष्पीकरण के माध्यम से हवा में पहुंचती हैवर्षा, तूफान जैसे मौसम घटनाओं का आधार बनाती है।आर्द्रता का स्तर हवा के तापमान पर निर्भर करता हैक्योंकि गर्म हवा अधिक जलवाष्प धारण कर सकती है।आर्द्रता के प्रकारनिरपेक्ष आर्द्रता: विशिष्ट तापमान और घनफल वाली हवा में मौजूद जलवाष्प का वजन, प्रति घन मीटर आधार पर।विशिष्ट आर्द्रता: एक किलोग्राम सूखी हवा में जलवाष्प का वजन।सापेक्ष आर्द्रता: किसी तापमान पर हवा में मौजूद जलवाष्प और उस तापमान पर हवा की संतृप्ति क्षमता के अनुपात को प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है। यह सबसे अधिक उपयोगी माप है।मापन विधियांआर्द्रता मापने के लिए हाइग्रोमीटर का उपयोग होता है।सापेक्ष आर्द्रता को ड्राई और वेट बल्ब थर्मामीटर से गणना द्वारा निकाला जाता है।आदर्श स्तर 30-60% माना जाता हैजो स्वास्थ्य और आराम के लिए उपयुक्त रहता है।प्रभावित करने वाले कारकतापमान बढ़ने पर हवा अधिक वाष्प ग्रहण करती है।कम हवा की गति से वाष्पीकरण बढ़ता है, जिससे आर्द्रता अधिक होती है।वर्षा के दौरान आर्द्रता चरम पर पहुंचती है।महत्व और प्रभावआर्द्रता जलवायु विज्ञान में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वर्षा और मौसम पूर्वानुमान को प्रभावित करती है।उच्च आर्द्रता (60% से अधिक) वायरस-बैक्टीरिया को बढ़ावा देती हैपसीना वाष्पित नहीं होता जिससे गर्मी असहज लगती हैश्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। निम्न आर्द्रता त्वचा को शुष्क बनाती है।2. त्रिक बिंदु को किस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है? [Phase-XI 28 जून, 2023 (I-पाली)](a) वह तापमान जिस पर ठोस द्रव में परिवर्तित होता है।(b) तापमान और दाब की स्थिति जिसके तहत किसी पदार्थ के गैसीय, द्रव और ठोस चरण साम्यावस्था में मौजूद हो सकते हैं।(c) दाब की स्थिति जिसके तहत किसी पदार्थ के ठोस और द्रव चरण साम्यावस्था में मौजूद हो सकते हैं।(d) तापमान की स्थिति जिसके तहत किसी पदार्थ के गैसीय और द्रव चरण साम्यावस्था में मौजूद हो सकते हैं।Correct Answer: (b) तापमान और दाब की स्थिति जिसके तहत किसी पदार्थ के गैसीय, द्रव और ठोस चरण साम्यावस्था में मौजूद हो सकते हैं।Solution:तापमान और दाब की वह स्थिति जिसके तहत किसी पदार्थ के गैसीय, द्रव और ठोस अवस्था साम्यावस्था में उपस्थित होते हैंवह त्रिक बिंदु के रूप में परिभाषित किया जाता है।त्रिक बिंदु की परिभाषावह तापमान और दाब जहां पदार्थ के संगलन वक्र (ठोस-द्रव संतुलन), वाष्पन वक्र (द्रव-गैस संतुलन) और ऊर्ध्वपातन वक्र (ठोस-गैस संतुलन) एक ही बिंदु पर मिलते हैं।इस बिंदु पर तीनों अवस्थाएं स्थिर रहती हैंक्योंकि कोई भी चरण दूसरे में परिवर्तित नहीं होता।यह थर्मोडायनामिक्स के चरण आरेख (Phase Diagram) का केंद्रीय बिंदु है।चरण आरेख में स्थितिसंगलन वक्र (Fusion Curve): ठोस और द्रव अवस्थाओं का संतुलन।वाष्पन वक्र (Vaporization Curve): द्रव और गैस अवस्थाओं का संतुलन।ऊर्ध्वपातन वक्र (Sublimation Curve): ठोस और गैस अवस्थाओं का संतुलन।त्रिक बिंदु से नीचे दाब पर तरल अवस्था संभव नहीं होतीपदार्थ सीधे ठोस से गैस में बदल जाता है (सब्लिमेशन)।जल का त्रिक बिंदुतापमान: 0.01°C (273.16 K)।दाब: 611.657 Pa (लगभग 4.58 mm Hg या 0.006 atm)।इस स्थिति पर बर्फ, तरल जल और जलवाष्प एक साथ मौजूद रहते हैं। यह सेल्सियस पैमाने का आधार भी है।महत्व और अनुप्रयोगत्रिक बिंदु तापमान मापन का मानक प्रदान करता हैजैसे अंतरराष्ट्रीय तापमान पैमाने (ITS-90) में।यह वैक्यूम प्रणालियों, मेट्रोलॉजी और चरण परिवर्तन अध्ययन में उपयोगी है।प्रयोगशालाओं में इसे देखने के लिए विशेष उपकरण जैसे त्रिक बिंदु सेल का उपयोग होता है।3. निम्नलिखित में से किसके नियम में कहा गया है कि, उपसतह में किसी भी बिंदु पर बहने वाले द्रव के प्रति इकाई द्रव्यमान की कुल ऊर्जा, गतिज, स्थितिज और द्रव दाब ऊर्जा का योग होती है और एक नियत मान के बराबर होती है? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)](a) ब्लेस पास्कल(b) इवेंजेलिस्टा टोरिसेली(c) डेनियल बर्नोली(d) मैरी पोइस्यूइलCorrect Answer: (c) डेनियल बर्नोलीSolution:डेनियल बर्नोली के नियम में कहा गया हैउपसतह में किसी भी बिंदु पर बहने वाले द्रव के प्रति इकाई द्रव्यमान की कुल ऊर्जा, गतिज, स्थितिज और द्रव दाब ऊर्जा का योग होती है।यह एक नियत मान के बराबर होती हैसिद्धांत का विवरणबर्नोली का सिद्धांत द्रव गतिकी (fluid dynamics) का मूलभूत नियम हैजो स्विट्जरलैंड के गणितज्ञ डैनियल बर्नोली द्वारा 1738 में प्रतिपादित किया गया।यह स्थिर (steady), घर्षणरहित (inviscid), असंपीडेबल (incompressible) द्रव के धारा-रेखीय (streamline) प्रवाह पर लागू होता है।गणितीय रूप से, प्रति इकाई द्रव्यमान के लिए यह Pρ+v22+gh=नियतांकρP+2v2+gh=नियतांक हैजहाँ PP दाब, ρρ घनत्व, vv वेग, gg गुरुत्वाकर्षण त्वरण और hh ऊँचाई है।प्रति इकाई आयतन के लिए रूपP+12ρv2+ρgh=नियतांकP+21ρv2+ρgh=नियतांक अधिक प्रचलित हैजो दर्शाता है कि द्रव के वेग बढ़ने पर दाब घटता है (व्युत्क्रम संबंध)।ऊर्जाओं के घटकद्रव दाब ऊर्जा (Pressure Energy): प्रति इकाई द्रव्यमान PρρP जो द्रव के दाब के कारण कार्य करने की क्षमता दर्शाती है।गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy): v222v2, द्रव के गति के कारण।स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy): ghgh, गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में ऊँचाई के कारण।इनका योग उपसतह के साथ-साथ नियत रहता है, बिना ऊर्जा हानि के।व्युत्पत्ति का संक्षिप्त रूपप्रवाह नलिका में दो बिंदुओं A और B पर सातत्य समीकरण (a1v1=a2v2a1v1=a2v2) से प्रति सेकंड द्रव्यमान mm बहने पर, दाब ऊर्जा का अंतर ((P1−P2)mρ(P1−P2)ρm) गतिज और स्थितिज ऊर्जा वृद्धि के बराबर होता है।इससे P1+ρgh1+12ρv12=P2+ρgh2+12ρv22P1+ρgh1+21ρv12=P2+ρgh2+21ρv22 प्राप्त होता है।4. निम्नलिखित में से पृष्ठीय तनाव के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (I-पाली)]CHSL (T-I) 20 जनवरी, 2017 (III-पाली), स्टेनोग्राफर 13 सितंबर, 2027 (I-पाली)(a) जल की बूंद का आकार पृष्ठीय तनाव के कारण गोलाकार होता है।(b) कमरे के तापमान पर जल का पृष्ठीय तनाव एथिल अल्कोहल से कम होता है।(c) तरल अणुओं के बीच ससंजक बल पृष्ठीय तनाव के रूप में जानी जाने वाली परिघटना के लिए उत्तरदायी है।(d) पृष्ठीय तनाव को आमतौर पर डाइन / सेमी. (dynes/ cm) में मापा जाता है।Correct Answer: (b) कमरे के तापमान पर जल का पृष्ठीय तनाव एथिल अल्कोहल से कम होता है।Solution:कमरे के तापमान पर जल का पृष्ठीय तनाव एथिल अल्कोहल के पृष्ठ तनाव से कम होता हैयह कथन सही नहीं है, क्योंकि जल का पृष्ठ तनाव 72.7 डाइन/सेमी. होता हैजबकि अल्कोहल का पृष्ठ तनाव 22.3 डाइन/सेमी. होता है। लेकिन प्रश्न में "निम्नलिखित में से" कथनों की सूची प्रदान नहीं की गई हैइसलिए सामान्यतः पूछे जाने वाले गलत कथनों के आधार पर विस्तृत व्याख्या दी जा रही है।पृष्ठीय तनाव की परिभाषापृष्ठीय तनाव द्रव की सतह पर कार्य करने वाला वह तनाव हैजो द्रव को न्यूनतम सतही क्षेत्रफल प्राप्त करने का प्रयास कराता हैजैसे कि पानी की बूंद गोलाकार क्यों बनती है।यह द्रव के अणुओं के बीच आकर्षक बल (सहसंयोग बल) के कारण उत्पन्न होता है।सामान्य कथन और उनका विश्लेषणकथन 1: पृष्ठीय तनाव बल प्रति इकाई लंबाई में मापा जाता है (N/m या dyne/cm)। यह सही हैक्योंकि यह सतह पर 1 सेमी लंबाई के लिए लगने वाले बल को दर्शाता है।कथन 2: पानी की बूंद गोलाकार आकार पृष्ठीय तनाव के कारण लेती है।यह सही है, क्योंकि गोल आकार न्यूनतम सतह क्षेत्र प्रदान करता है।कथन 3: कमरे के तापमान पर पानी का पृष्ठीय तनाव एथिल अल्कोहल से कम होता है। यह कथन सही नहीं है।वास्तव में, 20°C पर पानी का पृष्ठीय तनाव लगभग 72.8 dyne/cm हैजबकि एथिल अल्कोहल का केवल 22.3 dyne/cm होता है, अर्थात् पानी का अधिक होता है।कथन 4: पृष्ठीय तनाव तापमान बढ़ने पर कम हो जाता है। यह सही हैक्योंकि तापमान बढ़ने से अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है और सहसंयोग बल कमजोर पड़ते हैं।कथन 5: द्रव का पृष्ठीय क्षेत्रफल पृष्ठीय तनाव को प्रभावित करता है।यह भी सही नहीं माना जाता, लेकिन मुख्य रूप से कथन 3 ही गलत होता है।गलत कथन का कारण"कमरे के तापमान पर पानी का पृष्ठीय तनाव एथिल अल्कोहल से कम" गलत क्यों हैएथिल अल्कोहल में पृष्ठ सक्रिय गुण होते हैं जो सतह पर जमा होकर तनाव कम करते हैंजबकि पानी में मजबूत हाइड्रोजन बंधन के कारण तनाव अधिक रहता है।यदि विकल्पों में यही कथन हो, तो यही सही उत्तर है।5. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (III-पाली)]I. प्रति एकांक आयतन पर लगने वाला बल दाब कहलाता है।II. द्रव बर्तनों की दीवारों पर दाब डाल सकते हैं।III. किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन कर सकता है लेकिन उसकी आकृति में नहीं।(a) केवल III(b) केवल I और III(c) I, II और III(d) केवल I और IICorrect Answer: (b) केवल I और IIISolution:प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल दाब के रूप में परिभाषित होता है।अतः कथन I सही नहीं है।किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसकी गति की अवस्था तथा उसकी आकृति की अवस्था दोनों में परिवर्तन कर सकता है।अतः कथन III सही नहीं है। अतः विकल्प (b) सत्य है।सामान्य व्याख्याऐसे प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, UPSC, NEET) में बहुविकल्पीय प्रश्नों के रूप में आते हैंजहाँ 2-4 कथन दिए जाते हैं और पूछा जाता है कि कौन सा गलत है।उदाहरण विश्लेषणविस्थापन प्रारंभिक से अंतिम स्थिति तक सीधी रेखा की दूरी है। विस्थापन अदिश राशि है। वेग दिशा के साथ गति की दर है।कथन I सही है, क्योंकि विस्थापन सबसे छोटा पथ होता है।कथन II गलत है, क्योंकि विस्थापन सदिश राशि है (दिशा और परिमाण दोनों)।कथन III सही है।इसलिए उत्तर: केवल II।अन्य सामान्य गलत कथनभूगोल: "ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब बढ़ता है" – गलत, दाब घटता है।भौतिकी: "न्यूटन का प्रथम नियम संवेग संरक्षण का आधार है" – आंशिक रूप से गलत।6. तनन या संपीडन प्रतिबल को ....... भी कहा जा सकता है। [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (I-पाली)](a) जलीय प्रतिबल(b) अपरूपण प्रतिबल(c) अनुदैर्ध्य प्रतिबल(d) स्पर्शी प्रतिबलCorrect Answer: (c) अनुदैर्ध्य प्रतिबलSolution:तनन या संपीडन प्रतिबल को अनुदैर्ध्य प्रतिबल भी कहा जाता है।प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को प्रतिबल कहा जाता है।प्रतिबल की मूल परिभाषाप्रतिबल किसी पदार्थ के एकांक अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल पर लगने वाले आंतरिक प्रत्यानयन बल को कहते हैं।सूत्र है: σ=FAσ=AF, जहाँ FF बाहरी बल और AA क्षेत्रफल है।इसका SI मात्रक पास्कल (Pa) या N/m² होता है।प्रतिबल तीन मुख्य प्रकार के होते हैं: अनुदैर्ध्य, अपरूपण और आघात प्रतिबल।तनन प्रतिबल क्या है?तनन प्रतिबल तब उत्पन्न होता हैजब किसी बेलनाकार तार या छड़ पर उसके सिरों पर विपरीत दिशा में बल लगाए जाते हैंजिससे उसकी लंबाई बढ़ जाती है।उदाहरणस्वरूप, यदि एक तार को खींचा जाए तो प्रत्येक अनुप्रस्थ काट पर प्रत्यानयन बल तनन पैदा करता है।यह सामग्री को फैलाने का प्रयास करता है।संपीडन प्रतिबल क्या है?संपीडन प्रतिबल तब होता है जब सिरों पर समान दिशा में बल लगाए जाते हैंजिससे लंबाई कम हो जाती है। जैसे, किसी खंभे पर भारी भार रखने से संपीडन प्रतिबल उत्पन्न होता है।यह सामग्री को संकुचित करने का प्रयास करता है।अनुदैर्ध्य प्रतिबल क्यों कहा जाता है?तनन और संपीडन दोनों ही प्रतिबल अनुप्रस्थ काट के लंबवत् दिशा (अर्थात् लंबाई की दिशा) में कार्य करते हैंइसलिए इन्हें अनुदैर्ध्य (longitudinal) प्रतिबल कहते हैं।अपरूपण प्रतिबल अनुप्रस्थ दिशा में होता है।चित्रात्मक रूप से: तनन में खिंचाव (+ΔL), संपीडन में संकोचन (-ΔL)।Submit Quiz