Correct Answer: (c) तड़ित चालक का उपयोग बिजली गिरने की भविष्यवाणी करने के लिए किया जा सकता है।
Solution:- तड़ित चालक का उपयोग बिजली गिरने की भविष्यवाणी करने के लिए किया जा सकता है
- यह एक गलत कथन है। तड़ित चालक एक धातु की चालक छड़ होती है
- जिसे ऊंचे भवनों की छत पर भवन आदि के रक्षा के लिए लगाया जाता है।
- समान आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं तथा विपरीत आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं।
- विद्युत आवेश के मूल सिद्धांत (मुख्य बिंदु)
- आवेश एक अंतर्जात मात्रा है और केवल समान प्रकार के आवेश repell करते हैं
- विपरीत प्रकार के आकर्षित करते हैं। यही कारण है
- समान आवेश एक-दूसरे से दूरी पर के संकेत पर force आकर्षित नहीं करते, बल्कि आपस में विकर्षित करते हैं।
- इस आधार पर कथन जो कहता है कि समान आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं
- वह गलत है। सामान्यतः: समान आवेश एक-दूसरे को विक्षेपित करते हैं
- असमान आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। यह गलत कथन ही गलत धारणा साबित करता है ।
- विद्युत आवेश संरक्षण का नियम: closed system में कुल आवेश संरक्षित रहता है
- q_total = q1 + q2 + ... + qn स्थिर रहता है। यह अवधारणा अक्सर सवालों में सही/गलत के रूप में पूछी जाती है
- इसका सत्यापन संभव बनाता है कि कुछ कथन इस संरक्षित योग के साथ INSIGHT देते हैं ।
- विद्युत द्विध्रुव (dipole): एक द्विध्रुव में दो विपरीत समान magnitude के आवेश होते हैं
- दूरी पर separados होते हैं; कुल आवेश शून्य हो सकता है
- क्षेत्र शून्य नहीं होता। द्विध्रुव के गुणों के संबंध में सामान्य गलतियाँ होती हैं
- जैसे यह मानना कि कुल आवेश नहीं होता या दिशानिर्देश गलत होते हैं। इन बिंदुओं पर स्पष्टता आवश्यक है ।
- क्षेत्र रेखाओं का गुणधर्म: विद्युत क्षेत्र रेखाएं धनात्मक आवेशों से शुरू होकर ऋणात्मक आवेशों पर समाप्त होती हैं।
- वे बंद लूप नहीं बनतीं, इसलिए यह कथन कि क्षेत्र रेखाएं बंद लूप बनाती हैं, सामान्यतः गलत है (यह एक सामान्य गलतफहमी है) ।
- कौन-कौन से कथन सामान्यतः गलत माने जाते हैं
- समान आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं” – गलत। समान आवेश एक दूसरे को विकर्षित (repel) करते हैं ।
- आवेशों का समाकलन सिद्धांत पर्याप्त नहीं है” – यह ठीक है कि एडिशनल प्रश्नों में आवेशों का संचय (superposition) कितना सही है
- लेकिन सामान्यतः आवेशों का संचय नियम सही है और इसे समझना चाहिए; अगर विकल्प बताता है कि यह सिद्धांत गलत है, तो वह गलत होगा ।
- द्विध्रुव के कुल आवेश का योग शून्य नहीं होता” – द्विध्रुव का कुल आवेश अक्सर शून्य होता है
- अगर कथन में यह कहा गया हो कि कुल आवेश शून्य नहीं होता, तो वह गलत हो सकता है ।
- ध्यान रखने योग्य बातें और निष्कर्ष
- यदि विकल्प में लिखा हो: “समान आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं
- तो यह कथन गलत है। सही वेक्यों: समान आवेश एक-दूसरे को विकर्षित करते हैं; विपरीत आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं ।
- अगर विकल्प में कहा गया है: “विद्युत क्षेत्र रेखाएं बंद लूप बनाती हैं
- तो यह गलत है; वास्तविकता यह है कि क्षेत्र रेखाएं कभी भी बंद नहीं होतीं
- वे धनात्मक से नकारात्मक आवेश तक जाती हैं और दूरी बढ़ने पर धीरे-धीरे कमजोर होती हैं ।
- विद्युत स्थितिज ऊर्जा: दो बिंदु आवेश q1 और q2 के बीच ऊर्जा U = (1/(4πϵ0)) (q1 q2)/r है
- यह ऊर्जा दोनों आवेशों की निकाय स्थितिज ऊर्जा को दर्शाती है।
- यदि प्रश्न में इनकी sign conventions पूछे गए हों, तो ध्यान दें कि q1*q2 का sign energy पर प्रभाव डालता है ।
- कथन: “समान आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं” — गलत; कारण: समान आवेश एक-दूसरे को विकर्षित करते हैं
- असमान आवेश आकर्षित करते हैं ।
- कथन: “क्षेत्र रेखाएं बंद लूप बनाती हैं
- गलत; कारण: क्षेत्र रेखाएं धनात्मक से शुरू होकर नकारात्मक पर समाप्त होती हैं, इसलिए वे बंद लूप नहीं बनतीं ।
- कथन: “कुल आवेश संरक्षण के सिद्धांत का उल्लंघन होता है” — गलत; कारण: बंद प्रणाली में कुल आवेश स्थिर रहता है ।
- उचित σημείωση
- ऊपर दिए गए बिंदु किसी विशिष्ट परीक्षा/प्रश्न-पत्र के कथनों से मेल खा सकते हैं।
- यदि किसी खास कथन को आप साझा करें, तो उसी आधार पर मैं उसे एक-एक करके विश्लेषित कर सकता हूँ
- सही/गलत के स्पष्ट तर्क दे सकता हूँ, साथ में संक्षिप्त-द्वितीयक उदाहरण भी।