जीव विज्ञान की उपशाखाएं (जीव विज्ञान)

Total Questions: 4

1. निम्नलिखित में से किस शब्द का अर्थ 'फलों को उगाना' है? [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) पोमिकल्चर
Solution:
  • पोमिकल्चर (Pomiculture) से तात्पर्य है, 'फलों को उगाना।' पोमिकल्वर शब्द लैटिन शब्द 'पोपस' से लिया गया है
  • जिसका अर्थ फल होता है। सामान्यतया पोमिकल्चर के माध्यम से उगाए जाने वाले फलों में सेब, नाशपाती आदि हैं।
  • अन्य विकल्पों की व्याख्या
    • प्रश्न में संभवतः विकल्प जैसे एपिकल्चर, आर्बरकल्चर और सेरीकल्चर दिए जाते हैं, लेकिन ये भिन्न हैं:
    • एपिकल्चर (Apiculture): मधुमक्खी पालन को कहते हैं, जो शहद उत्पादन और परागण के लिए होता है।
    • आर्बरकल्चर (Arboriculture): वृक्षों, झाड़ियों और लकड़ी वाले पौधों की देखभाल, प्रबंधन और अध्ययन है।
    • सेरीकल्चर (Sericulture): रेशम के कीटों से रेशम उत्पादन की प्रक्रिया है।
  • पोमीकल्चर का विस्तृत विवरण
    • पोमीकल्चर में मुख्यतः सेब, नाशपाती, आड़ू, प्लम, चेरी जैसे फल उगाए जाते हैं।
    • इसमें भूमि चयन, रोपण, सिंचाई, खाद, कीट नियंत्रण और कटाई जैसी प्रक्रियाएँ शामिल होती हैं।
    • यह बागवानी की एक शाखा है जो फलों के उत्पादन को वैज्ञानिक बनाती है।
  • महत्व और उपयोग
    • फल उगाना किसानों की आय बढ़ाता है और पोषण प्रदान करता है।
    • भारत जैसे देशों में यह उद्योग रोजगार सृजित करता है
    • विशेषकर हिमाचल, जम्मू-कश्मीर में। उचित फासले पर पेड़ लगाना घनी बागवानी से बेहतर उपज देता है।

2. विशेष रूप से निर्मित पोखरों और तालाबों में मत्स्यपालन को ....... कहते हैं। [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) पिसीकल्चर (मत्स्यपालन)
Solution:
  • विशेष रूप से निर्मित पोखरों एवं तालाबों में मत्स्यपालन को पिसीकल्चर (मत्स्यपालन) कहते हैं।
  • मत्स्यपालन मछली का कृत्रिम प्रजनन, पालन और प्रत्यारोपण है। इसे मछली पालन के नाम से भी जाना जाता है।
  • पिस्कीकल्चर की परिभाषा
    • पिस्कीकल्चर कृत्रिम जलाशयों जैसे टैंकों, पोखरों या तालाबों में मछलियों का व्यवस्थित पालन है
    • जहां प्रजनन, विकास और कटाई को नियंत्रित किया जाता है।
    • यह जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) का प्रमुख रूप है
    • जिसमें प्राकृतिक या कृत्रिम वातावरण में मछलियों की संख्या बढ़ाई जाती है।
    • भारत जैसे देशों में यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण साधन है।
  • महत्वपूर्ण प्रजातियाँ
    • सामान्यतः कैटला, रोहू, मृगल, तिलापिया, कैटफ़िश, सलमोन और कार्प जैसी मछलियाँ पाली जाती हैं।
    • मीठे पानी में भारतीय प्रमुख प्रजातियाँ कैटला, रोहू और मृगल हैं
    • जबकि समुद्री जल में ग्रे मलेट या मिल्क फिश उपयोगी हैं।
    • ये प्रजातियाँ तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में उच्च मांग रखती हैं।
  • प्रक्रिया के चरण
    • तालाब निर्माण: उपजाऊ मिट्टी वाली भूमि पर 1-2 मीटर गहरे तालाब बनाए जाते हैं
    • जिनकी जल धारण क्षमता अच्छी हो।
    • बीज स्टॉकिंग: स्वस्थ मछली के अंगुल (फिंगरलिंग्स) डाले जाते हैं, घनत्व प्रति हेक्टेयर 5,000-10,000।
    • खाद्य प्रबंधन: प्राकृतिक प्लवक (प्लवक) उत्पादन के लिए गोबर या खली का उपयोग, साथ ही पूरक चारा।
    • रोग नियंत्रण: नियमित जल परीक्षण और दवाओं से बचाव। कटाई 6-12 महीनों में।
  • आर्थिक लाभ
    • यह व्यवसाय कम लागत में उच्च लाभ देता है
    • जैसे एक हेक्टेयर तालाब से 2-5 टन उत्पादन। भारत में मत्स्य विभाग सब्सिडी प्रदान करता है
    • जो ग्रामीण रोजगार बढ़ाता है। विश्व स्तर पर 50% से अधिक समुद्री भोजन इसी से आता है।

3. निम्नलिखित में से किसे "सेरीकल्चर" कहा जाता है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) रेशम के कीटों का वाणिज्यिक पालन
Solution:
  • 'रेशम के कीटों के वाणिज्यिक पालन' को 'सेरीकल्चर' कहा जाता है।
  • रेशम उत्पादन एक कृषि आधारित उद्योग है
  • इसमें कच्चे रेशम के उत्पादन हेतु रेशम के कीड़ों को पाला जाता है।
  • भारत विश्व के प्रमुख रेशम उत्पादक देशों में से एक है।
  • परिभाषा
    • सेरीकल्चर को रेशम उत्पादन या रेशमकीट पालन भी कहा जाता है।
    • यह मुख्य रूप से पालतू रेशमकीट (बॉम्बिक्स मोरी) के लार्वा को पालकर रेशम प्राप्त करने की कृषि-आधारित प्रक्रिया है।
    • इसकी शुरुआत चीन से हुई, जहाँ नवपाषाण काल में रेशम उत्पादन प्रारंभ हुआ।
  • प्रक्रिया के चरण
    • रेशमकीट पालन में कई चरण होते हैं:
    • मोरिकल्चर: रेशमकीट के भोजन के लिए शहतूत (मलबेरी) के पेड़ों की खेती।
    • अंडे से लार्वा: मादा कीट अंडे देती है, जो 10-12 दिनों में लार्वा बन जाते हैं।
    • लार्वा पालन: लार्वा शहतूत की पत्तियाँ खाते हैं और 25-30 दिनों में 5 बार केंचुली बदलते हैं।
    • कोकून बनाना: लार्वा रेशम का कोकून बनाते हैं, जिसमें से रेशम निकाला जाता है।
    • रेशम निकालना: कोकून को उबालकर रेशम के धागे निकाले जाते हैं।
  • महत्व और इतिहास
    • सेरीकल्चर एक कुटीर उद्योग है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
    • भारत और चीन दुनिया के प्रमुख उत्पादक हैं, जो वैश्विक उत्पादन का 60% से अधिक हिस्सा देते हैं।
    • भारत में 1949 में केंद्रीय रेशम बोर्ड की स्थापना हुई।
    • यह कम लागत वाला उद्योग है, जिसमें महिलाओं को रोजगार मिलता है।

4. कीटों का मनुष्यों, पर्यावरण और अन्य जीवों के साथ संबंधों का अध्ययन निम्न में से क्या कहलाता है? [CGL (T-I) 18 अप्रैल, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) एंटोमोलॉजी (Entomology)
Solution:
  • कीटों का मनुष्यों, पर्यावरण और अन्य जीवों के साथ संबंधों का अध्ययन एंटोमोलॉजी (Entomology) कहलाता है।
  • परिभाषा
    • कीट पारिस्थितिकी कीटों और उनके पर्यावरण के बीच परस्पर संबंधों का वैज्ञानिक अध्ययन है
    • जिसमें निर्जीव कारक जैसे तापमान, आर्द्रता, मिट्टी और सजीव कारक जैसे पौधे, अन्य कीट, शिकारी, परजीवी तथा सूक्ष्मजीव शामिल होते हैं।
    • यह क्षेत्र कीटों के वितरण, प्रचुरता, व्यवहार और विकास को समझने में मदद करता है।
    • कीट पारिस्थितिकी व्यापक पारिस्थितिकी का हिस्सा है
    • जो पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
  • महत्वपूर्ण घटक
    • निर्जीव घटक (Abiotic Components): तापमान, प्रकाश, वर्षा और मिट्टी जैसे कारक कीटों के जीवन चक्र को प्रभावित करते हैं
    • जैसे कि कुछ कीट ठंडे मौसम में निष्क्रिय हो जाते हैं।
    • सजीव घटक (Biotic Components): शिकारी (पक्षी, मकड़ियां), परजीवी (पैरासिटॉइड), परागण (मधुमक्खियां), अपघटक (कीट लार्वा) और प्रतिस्पर्धी जीवों के साथ संबंध।
    • उदाहरणस्वरूप, कीट पौधों को परागित करते हैं और खाद्य श्रृंखला में आधार प्रदान करते हैं।
    • मानव संबंध: कीट फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं
    • लेकिन परागण और जैविक नियंत्रण के माध्यम से लाभ भी देते हैं
  • व्यावहारिक अनुप्रयोग
    • कीट पारिस्थितिकी का उपयोग एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM), जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन प्रभाव मूल्यांकन और कृषि सुधार में होता है।
    • यह कीटों की घटती संख्या के कारण होने वाले पारिस्थितिक संकटों को समझने में सहायक है
    • जैसे परागणकर्ताओं की कमी से फसल उत्पादन प्रभावित होना।
    • वैज्ञानिक इस ज्ञान से पर्यावरण-अनुकूल कीटनाशक और जैविक नियंत्रण विकसित करते हैं।