वर्गिकी (जीव विज्ञान) (भाग-I)

Total Questions: 30

1. पेशीय ऊतक तीन प्रकार की होती हैं। निम्नलिखित में से कौन उनमें से एक नहीं है? [CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) सेसमोइड
Solution:
  • सेसमोइड एक प्रकार की हड्डी होती है, जो आमतौर पर संयुक्त सतहों के पास मांसपेशियों या कंडरा के भीतर अंतर्निहित होती है।
  • यह मुख्य रूप से हाथों, पैरों एवं घुटने के जोड़ों में पाई जाती है।
  • सेसमोइड सुरक्षात्मक कुशन के रूप में कार्य करती है, जिससे वह जुड़े हुए पट्टे पर घर्षण तथा तनाव को कम करती है।
  • पेशीय ऊतक तीन प्रकार की होती हैं-(1) कंकाल की पेशियां, (2) हृदय की पेशियां एवं (3) चिकनी पेशियां ।
  • तीन प्रकार
    • अस्थि-पेशी या रेखित पेशी ऊतक (Skeletal/Striated Muscle Tissue): यह स्वैच्छिक (वोलंटरी) प्रकार का होता है
    • जो हड्डियों से जुड़ा रहता है और शरीर की जानबूझकर गतियों जैसे चलना, दौड़ना या वस्तु उठाना नियंत्रित करता है।
    • इसकी कोशिकाएँ लंबी, बेलनाकार और बहु-नाभिकीय होती हैं, तथा इनमें स्पष्ट धारियाँ (स्ट्रिएशन्स) दिखाई देती हैं।​
    • हृदय पेशी ऊतक (Cardiac Muscle Tissue): यह अनैच्छिक (इनवोलंटरी) प्रकार का है
    • जो केवल हृदय की दीवारों में पाया जाता है। कोशिकाएँ शाखित, एकल-नाभिकीय और धारीदार होती हैं
    • इनमें इंटरकैलेटेड डिस्क नामक संरचनाएँ होती हैं जो संकुचन को समन्वित करती हैं।
    • यह हृदय की निरंतर धड़कन सुनिश्चित करता है।​
    • चिकनी या अरेखित पेशी ऊतक यह भी अनैच्छिक होता है
    • जो पाचन तंत्र, रक्त वाहिकाओं, मूत्राशय आदि आंतरिक अंगों में स्थित रहता है।
    • कोशिकाएँ घाटीदार (स्पिंडल-आकार), एकल-नाभिकीय और बिना धारियों के होती हैं
    • जो पाचन, रक्त प्रवाह और अन्य स्वचालित प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती हैं।​
  • गैर-पेशीय विकल्प
    • यदि विकल्पों में "ग्रंथियुक्त" (सेशमॉइड बोन), "तंत्रिका ऊतक" (नर्व टिश्यू), "एपिथीलियल ऊतक" या कोई अन्य ऊतक प्रकार शामिल हो
    • तो वह पेशीय ऊतक में से एक नहीं माना जाएगा। उदाहरणस्वरूप, ग्रंथियुक्त हड्डियाँ छोटी, गोलाकार हड्डियाँ हैं
    • जो टेंडनों के अंदर स्थित होती हैं और संयोजी ऊतक से संबंधित हैं, न कि पेशीय।
    • इसी प्रकार, तंत्रिका ऊतक न्यूरॉन्स से बना होता है जो संदेश संचरण के लिए होता है।
    • पेशीय ऊतक केवल संकुचनकारी कार्य करता है, जबकि अन्य ऊतक भिन्न कार्यों के लिए होते हैं।​

2. ....... को पादप जगत के जलस्थलचर कहते हैं। [CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (IV-पाली), MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) ब्रायोफाइटा
Solution:
  • उभयचर वे जीव हैं, जो जमीन और पानी दोनों में रहते हैं। ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है
  • क्योंकि ये पौधे मिट्टी में तो रहते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं।
  • ये प्रायः नम, सीलन (आर्द्र) तथा छायादार स्थानों पर पाए जाते हैं।
  • ये अनुक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
  • जैसे-काई (Mosses), लिवरवॉर्ट्स (Liverworts) और हॉर्नवॉर्ट्स (Hornworts) आदि।
  • ब्रायोफाइटा की विशेषताएँ
    • ब्रायोफाइटा पादप जगत का दूसरा प्रमुख समूह है
    • जिसमें मॉस (मॉसेस), लिवरवॉर्ट्स (यकृतज पौधे) और हॉर्नवॉर्ट्स शामिल हैं।
    • ये प्रथम स्थलीय पौधे हैं जो शैवालों से विकसित हुए, लेकिन इनमें सच्ची जड़ें, तना या पत्तियाँ नहीं होतीं
    • केवल राइज़ॉइड्स (rhizoids) जल अवशोषण के लिए कार्य करते हैं।
    • क्यूटिकल की अनुपस्थिति के कारण ये जल को आसानी से खो देते हैं
    • इसलिए नम-छायादार स्थानों जैसे पहाड़ियों पर पनपते हैं।​​
  • जलस्थलचर क्यों कहलाते हैं?
    • ये पौधे उभयचर (amphibians of plant world) हैं क्योंकि:
    • भूमि पर जीवन: वनस्पति निकाय (gametophyte) चरण भूमि पर विकसित होता है
    • प्रकाश संश्लेषण द्वारा स्वपोषी रहते हैं।
    • जल निर्भरता प्रजनन में: लैंगिक प्रजनन में वीज (antherozoids) को अंडके (archegonia) तक पहुँचने के लिए जल की आवश्यकता होती है। बिना जल के निषेचन असंभव है।​​
    • जीवन चक्र में प्रमुख गेमेटोफाइट चरण होता है, जबकि स्पोरोफाइट परजीवी होता है।
  • वर्गीकरण
    • हेपेटिसी (Hepaticopsida): लिवरवॉर्ट्स जैसे मार्केन्टीया (Marchantia), यकृत के आकार के थैलस। जलीय प्रजातियाँ भी।
    • एंथोसेरोटेसी (Anthocerotopsida): हॉर्नवॉर्ट्स जैसे एंथोसेरोस (Anthoceros), सींग जैसी संरचना।
    • ब्रायोपीसिडा (Bryopsida): मॉस जैसे फ्यूनेरिया (Funaria), सच्चे मॉस—सबसे उन्नत।​
  • पारिस्थितिक एवं आर्थिक महत्व
    • ये मिट्टी संरक्षण में सहायक हैं, दलदल निर्माण करते हैं
    • (जैसे स्फैग्नम मॉस), और पारिस्थितिकी तंत्र में जल चक्र बनाए रखते हैं।
    • औषधीय गुणों के कारण एंटीबायोटिक और घाव भरने वाले उपयोग। कुछ प्रजातियाँ वायु प्रदूषण संकेतक हैं।​​

3. निम्नलिखित में से कौन-सा ब्रायोफाइटा (Bryophyta) का एक सामान्य प्रकार है? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) मर्चेटिया
Solution:
  • मर्चेटिया, ब्रायोफाइटा (Bryophyta) का एक सामान्य प्रकार है। मर्चेटिया लिवरवॉर्ट की एक प्रजाति है
  • जो एक प्रकार का गैर-संवहनी पौधा है। यह नम वातावरण में पाया जाता है। ये छतरी के आकार की संरचनाएं बनाते हैं।
  • ब्रायोफाइटा का वर्गीकरण
    • ब्रायोफाइटा को मुख्यतः तीन उपवर्गों में विभाजित किया जाता है।
    • हिपैटिकॉप्सिडा (Hepaticopsida) में मार्केंशिया और रिक्सिया (Riccia) जैसे लिवरवॉर्ट्स आते हैं
    • जबकि ब्रायॉप्सिडा (Bryopsida) में मॉस (जैसे स्फैग्नम) प्रमुख हैं।
    • ऐंथोसिरोटॉप्सिडा (Anthocerotopsida) में ऐंथोसिरोस (Anthoceros) शामिल है।
  • मार्केंशिया की विशेषताएँ
    • मार्केंशिया एक थैलस जैसा हरा पौधा है जो नम स्थानों पर उगता है।
    • इसका युग्मकोद्भिद (gametophyte) चपटा होता है
    • इसमें जेम्माकप (gemma cups) प्रजनन के लिए होते हैं।
    • यह असंवहनी पौधा है, जिसमें सच्चे जड़ें, तना या पत्तियाँ नहीं होतीं।
  • अन्य सामान्य प्रकार
    • रिक्सिया (Riccia): सबसे सरल लिवरवॉर्ट, जिसमें स्टेलेट स्पोरैंगिया होते हैं।
    • स्फैग्नम (Sphagnum): मॉस का प्रकार, जो दलदली क्षेत्रों में पाया जाता है और जल धारण करने में सक्षम।
    • फ्यूनेरिया (Funaria): सामान्य मॉस, जो दीवारों पर उगता है।

4. ....... के सदस्य सामान्यतः लाल शैवाल कहलाते हैं। [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) रोडोफाइसी
Solution:
  • रोडोफाइसी (Rhodophyceae) कुल के सदस्यों को सामान्यतया लाल शैवाल (red algae) कहते हैं।
  • लाल शैवाल प्रमुखतया समुद्र में पाए जाते हैं तथा इसमें प्रमुख वर्णक क्लोरोफिल a, d, फाइकोइरीथिन पाया जाता है।
  • विशेषताएँ
    • इनकी कोशिका भित्ति में सेलूलोज, पेक्टिन और पॉलीसल्फेट एस्टर होते हैं
    • भोजन फ्लोरिडियन स्टार्च के रूप में संग्रहीत होता है, जो एमिलोपेक्टिन के समान होता है।
    • ये बहुकोशिकीय और स्थूलदर्शी होते हैं, तथा इनमें फ्लैजेलेटेड कोशिकाएँ या सेंट्रोप्लास्ट अनुपस्थित होते हैं।
  • आवास और वितरण
    • ये शैवाल ज्यादातर समुद्री जल में उगते हैं
    • विशेषकर प्रवाल भित्तियों और गहरे समुद्र में, जहाँ फाइकोएरिथ्रिन गहरे पानी में प्रकाश अवशोषण में सहायक होता है।
    • कुछ प्रजातियाँ मीठे पानी में भी पाई जाती हैं, लेकिन अधिकांश उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की चट्टानों पर चिपकी रहती हैं।
    • ये कैल्शियम कार्बोनेट स्रावित कर प्रवाल भित्तियों के निर्माण में योगदान देते हैं।
  • प्रजनन
    • रोडोफाइसी में जटिल जीवन चक्र होता है, जिसमें गैमेटोफाइट और स्पोरोजाइट चरण प्रमुख होते हैं।
    • प्रजनन अलैंगिक (स्पोरों द्वारा) और लैंगिक दोनों प्रकार का होता है
    • जिसमें कार्पोगोनियम और स्पर्मेटैंगियम भाग लेते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, पॉलीसिफोनिया में त्रिफेजिक जीवन चक्र देखा जाता है।
  • आर्थिक महत्व
    • लाल शैवाल कैरेजीनन और एगार जैसे पदार्थ उत्पन्न करते हैं
    • जो खाद्य उद्योग (जेली, आइसक्रीम), सौंदर्य प्रसाधनों और फार्मास्यूटिकल्स में उपयोग होते हैं।
    • ये खाद्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण हैं और वैश्विक ऑक्सीजन उत्पादन में 40-60% योगदान देते हैं।
    • प्रजातियाँ जैसे पोरफाइरा (नोरी, सुशी के लिए) और ग्रेसिलैरिया आर्थिक रूप से लाभदायक हैं।
  • उदाहरण
    • पॉलीसिफोनिया (Polysiphonia): सामान्य लाल शैवाल।
    • ग्रेसिलैरिया (Gracilaria): एगार स्रोत।
    • जेलिडियम (Gelidium): एगार उत्पादन।
    • पोरफाइरा (Porphyra): खाद्य उपयोग।
    • ये शैवाल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हैं।

5. निम्नलिखित में से कौन-सा वनस्पति जगत, लिवरवॉर्ट (liverworts) और मॉस (mosses) में विभाजित हैं? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) ब्रायोफाइटा
Solution:
  • ब्रायोफाइटा वनस्पति जगत लिवरवॉर्ट (liverworts) एवं मॉस (Mosses) में विभाजित हैं।
  • मॉस संरचना में सरल होते हैं तथा थैलस के चारों ओर छोटी एवं पत्तीदार व्यवस्थाएं पाई जाती हैं
  • जो रेडियल अथवा सर्पिल समरूपता प्रदर्शित करती है, जबकि लिवरवॉर्ट में पत्ते एवं थैलस होते हैं
  • जो तने से जुड़ी हरी पत्ती जैसी व्यवस्था होती है। मॉस में धागे जैसे प्रकंद होते हैं
  • जो उन्हें अपने सब्सट्रेट से जुड़ने में सहायता करते हैं, जबकि लिवरवॉर्ट में एकल कोशिका वाले प्रकंद होते हैं।
  • ब्रायोफाइटा की परिभाषा
    • हेपेटिकोप्सिडा (लिवरवॉर्ट्स), एंथोसेरोटोप्सिडा (हॉर्नवॉर्ट्स), और ब्रायोप्सिडा (मॉस)।
    • इनका गैमेटोफाइट प्रमुख चरण होता है, जबकि स्पोरोफाइट परजीवी होता है।
  • लिवरवॉर्ट्स की विशेषताएं
    • लिवरवॉर्ट्स (Marchantiophyta) थैलॉइड (चपटी थैलस जैसी) या पत्तीदार संरचना वाले होते हैं।
    • इनके राइजॉइड्स एककोशिकीय और सपाट भित्ति वाले होते हैं
    • अलैंगिक जनन जेम्मा कप्स से होता है। ये पारिस्थितिकी तंत्र में कम प्रमुख होते हैं लेकिन मिट्टी निर्माण में सहायक हैं।
  • मॉस की विशेषताएं
    • मॉस (Bryophyta सsensu stricto) हमेशा पत्तीदार गैमेटोफाइट्स होते हैं
    • जो घने गालिचे बनाते हैं। इनमें प्रोटोनीमा चरण होता है जो बीजाणुओं से विकसित तंतुमय संरचना है
    • स्पोरोफाइट में सेटा और कैप्सूल प्रमुख होते हैं
    • मॉस जल धारण क्षमता के कारण पैकिंग सामग्री और मिट्टी निर्माण में उपयोगी हैं।
  • ब्रायोफाइटा का महत्व
    • ये पौधे मिट्टी के निर्माण, नाइट्रोजन स्थिरीकरण और उच्च पौधों के लिए अग्रणी होते हैं।
    • हालांकि आधुनिक वर्गीकरण में लिवरवॉर्ट्स और मॉस अलग-अलग डिवीजन हैं
    • पारंपरिक रूप से ब्रायोफाइटा इन्हें समाहित करता है।

6. निम्नलिखित में से कौन-सा प्राणी जगत के फाइलम मैमेलिया का एक उदाहरण है? [MTS (T-I) 16 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) चूहा
Solution:
  • चूहा, प्राणी जगत के वर्ग मैमेलिया (स्तनधारी) का उदाहरण है
  • जबकि मगरमच्छ सरीसृप वर्ग से और कबूतर एवं मुर्गी पक्षी वर्ग से संबंधित हैं।
  • स्तनधारी के शरीर पर बाल या फर होते हैं, ये गर्म रुधिर वाले होते हैं
  • एवं अन्य जीवों की तुलना में इनका मस्तिष्क अधिक विकसित होता है।
  • मैमेलिया की परिभाषा
    • ये कशेरुकी (vertebrates) होते हैं, जिनमें रीढ़ की हड्डी मौजूद होती है।
    • इनकी त्वचा पर बाल या फर होता है
    • ये तीन कान की हड्डियों (टिम्पेनिक, स्टेप्स और स्टेप्स) से युक्त होते हैं।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • स्तन ग्रंथियाँ: मादाएँ दूध उत्पादन करती हैं, जो बच्चों को पोषण देता है।
    • दीप्यॉन (neopallium): मस्तिष्क का विकसित भाग, जो बुद्धिमत्ता प्रदान करता है।
    • तीन मध्य कान की हड्डियाँ: ये ध्वनि संचरण में सहायक होती हैं।
    • त्वचा: बालों या फर से ढकी, जो तापमान नियंत्रण में मदद करता है।
    • दाँत: विषमदंत (heterodont), अर्थात् भिन्न प्रकार के दाँत जैसे कटाइस, प्रीमोलर और मोलर।
    • हृदय: चार कोष्ठीय, जो कुशल रक्त परिसंचरण सुनिश्चित करता है।
  • वर्गीकरण
    • मैमेलिया को तीन मुख्य उपवर्गों में बाँटा जाता है:
    • प्रोटोथेरिया (Prototheria): अंडे देने वाले स्तनधारी, जैसे प्लेटिपस और इकोइडना।
    • मेटाथेरिया (Metatheria): थैलीधारी (marsupials), जैसे कंगारू और कोआला।
    • ईुथेरिया (Eutheria): गर्भधारी स्तनधारी, जिसमें मनुष्य, चूहा, सिंह आदि शामिल हैं।
  • उदाहरण प्राणी
    • चूहा (Rattus): सामान्य प्रयोगशाला और घरेलू चूहा ईुथेरिया उपवर्ग का उदाहरण है।
    • मनुष्य (Homo sapiens): सबसे विकसित स्तनधारी।
    • हाथी (Elephas): सबसे बड़ा स्थलीय स्तनधारी।
    • व्हेल (Whale): जलीय स्तनधारी।
    • ये सभी मैमेलिया वर्ग के प्रतिनिधि हैं।
  • अन्य फाइलम से अंतर
    • मैमेलिया को कभी-कभी संघ (phylum) Chordata के अंतर्गत वर्ग के रूप में रखा जाता है
    • जबकि अन्य फाइलम जैसे आर्थ्रोपोडा (कीड़े), एनेलिडा (केंचुआ) अकशेरुकी होते हैं।
    • मैमेलिया में कशेरुकाएँ और उष्णकटिबंधीय रक्त संचार होता है।

7. बीजाणु‌द्भिद् अवस्था किस पादप समूह में प्रभावी होती है? [CHSL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) संवहनी पादप
Solution:
  • बीजाणु‌द्भिद् (Sporophytes) अवस्था संवहनी पादपों में प्रमुख अवस्था है
  • जो ब्रायोफाइट (मॉस, लिवरवॉर्ट्स) को छोड़कर सभी पौधों में पाई जाती है।
  • ब्रायोफाइट में प्रमुख अवस्था गैमेटोफाइट होती है, जबकि टेरिडोफाइट भी संवहनी पौधे हैं
  • जो बीज के बजाय बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं।
  • बीजाणुद्भिद् अवस्था की परिभाषा
    •  बीजाणुद्भिद् वह द्विगुणित चरण है जो बीजाणुधानी (sporangia) में बीजाणु बनाती है
    • जो अर्धसूत्री विभाजन द्वारा अगुणित हो जाते हैं। ये बीजाणु अंकुरित होकर युग्मकोद्भिद् बनाते हैं।
    • टेरिडोफाइट्स में यह अवस्था पौधे का मुख्य शरीर बनाती है, जैसे फर्न (fern) के पत्तेदार भाग।
  • टेरिडोफाइट्स में प्रभावीता
    • टेरिडोफाइट्स (जैसे सेलागिनेला, लाइकोपोडियम, एडिएंटम, ड्राईओप्टेरिस) में बीजाणुद्भिद् सबसे प्रमुख अवस्था है:
    • आकार और संरचना: यह बड़ा, स्वतंत्र पौधा होता है जिसमें जड़, तना और पत्तियाँ होती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, फर्न का हरा पौधा बीजाणुद्भिद् है।
    • प्रजनन: उपजाऊ पत्तियों पर बीजाणुधानियाँ बनती हैं
    • जो समबीजाणुक (homosporous) या विषमबीजाणुक (heterosporous) हो सकती हैं।
    • जीवन चक्र: निषेचन के बाद युग्मकोद्भिद् छोटा और आश्रित होता है, जबकि बीजाणुद्भिद् वर्षों तक जीवित रह सकता है।
  • जीवन चक्र का विस्तार
    • बीजाणुद्भिद् से बीजाणु बनते हैं।
    • बीजाणु अंकुरित हो युग्मकोद्भिद् (प्रोथैलस) बनाते हैं—यह छोटा, हरा, हृदयाकार होता है।
    • प्रोथैलस पर पुरुष (एनथरिडियम) और मादा (आर्किगोनियम) अंग बनते हैं।
    • जल की बूंदों में शुक्राणु अंडे तक पहुँच निषेचन करते हैं, जिससे द्विगुणित बीजाणुद्भिद् भ्रूण बनता है।
    • यह चक्र जलीय माध्यम पर निर्भर है, इसलिए टेरिडोफाइट्स आर्द्र स्थानों में पाए जाते हैं।
  • महत्व और उदाहरण
    • उदाहरण: एडिएंटम (मोचर फर्न) में बीजाणुद्भिद् वानस्पतिक और उपजाऊ पत्तियों वाला होता है ।​
    • आर्थिक महत्व: कई टेरिडोफाइट्स औषधीय (जैसे एडिएंटम) या शोभा के लिए उपयोगी।
    • विकासवादी स्थिति: ये संवहनी ऊतकों (xylem, phloem) वाले प्रथम स्थलीय पादप हैं
    • जो बीजाणुधारी होने के कारण उन्नत हैं।

8. हमारे शरीर में कौन-सा विटामिन सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में संश्लेषित होता है? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) विटामिन डी
Solution:
  • हमारे शरीर में विटामिन डी सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में संश्लेषित होता है।
  • विटामिन डी हड्डियों, मांसपेशियों एवं दांतों के लिए आवश्यक खनिज है।
  • यह सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर हमारे शरीर द्वारा त्वचा में कोलेस्ट्रॉल से बनाया जाता है।
  • संश्लेषण प्रक्रिया
    • सूर्य की पराबैंगनी बी (UVB) किरणें त्वचा की ऊपरी परत पर पहुंचकर 7-डिहाइड्रोकोलेस्ट्रॉल को प्रीविटामिन डी3 में बदल देत
    • जो फिर विटामिन डी3 (कोलेकैल्सिफेरॉल) बन जाता है।
    • यह प्रक्रिया लीवर और किडनी में जाकर सक्रिय रूप (कैल्सिट्रियॉल) में परिवर्तित होती है।
  • सही समय और मात्रा
    • सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच 15-30 मिनट धूप लेना सबसे प्रभावी है
    • क्योंकि तब UVB किरणें सीधी पड़ती हैं। गर्मी में 8 बजे से पहले और सर्दी में 9 बजे से पहले की धूप आदर्श रहती है।
    • कमर जैसी त्वचा ज्यादा एक्सपोज करें, लेकिन सनस्क्रीन से बचें।
  • महत्वपूर्ण लाभ
    • विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाता है, कैल्शियम अवशोषण बढ़ाता है
    • इम्यून सिस्टम मजबूत करता है और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचाता है।
    • इसकी कमी से रिकेट्स, ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है।
  • सावधानियां
    • बहुत ज्यादा धूप से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ता है, इसलिए सीमित समय रहें।
    • गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों को ज्यादा समय लग सकता है। बादल या प्रदूषण UVB को रोकते हैं।

9. निम्नलिखित में से कौन एनिमेलिया के अंतर्गत प्लेटीहेल्मिन्थीज वर्गीकरण के अंतर्गत आता है? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) फीताकृमि
Solution:
  • फीताकृमि (Tapeworm) एनिमेलिया के अंतर्गत प्लेटीहेल्मिन्थीज वर्गीकरण के अंतर्गत आता है।
  • फीताकृमि वर्ग सेस्टोडा के अंतर्गत आता है। यह एक परजीवी है
  • जो कि कशेरुकियों के पाचन तंत्र में निवास करता है। इसका शरीर फीते के आकार का होता है
  • इनमें आसंजक अंग के रूप में स्कोलेक्स पाया जाता है।
  • विकल्प में जोंक, एनेलिडा संघ का; बुचेरेरिया, नेमाटोडा संघ एवं साइकान, पोरीफेरा संघ का उदाहरण है।
  • प्लेटीहेल्मिन्थीज के सामान्य लक्षण
    • ये जंतु त्रिगुणकोशीय होते हैं, अर्थात् इनका शरीर एक्टोडर्म, मेसोडर्म और एंडोडर्म तीन भ्रूणीय स्तरों से निर्मित होता है।
    • इनमें सच्ची शरीर गुहा (coelom) का अभाव होता है, और पैरेन्काइमा ऊतक शरीर को भरता है।
    • उत्सर्जन प्रोटोनेफ्रिडिया (flame cells) द्वारा होता है, तथा पाचन तंत्र अधूरा होता है
    • जिसमें गुदा (anus) अनुपस्थित रहता है। अधिकांश सदस्य हर्माफ्रोडाइट (द्विलिंगी) होते हैं और कई परजीवी जीवन जीते हैं।​
  • वर्गीकरण
    • प्लेटीहेल्मिन्थीज को मुख्यतः चार वर्गों में विभाजित किया जाता है:
    • टर्बेलरिया (Turbellaria): स्वतंत्र जीवन वाले, जैसे प्लानेरिया (Planaria), जो जल में पाए जाते हैं।
    • ट्रेमेटोडा (Trematoda): परजीवी चपटे कृमि, जैसे फासीOLA (Fasciola hepatica) या लिवर फ्लूक।
    • सेस्टोडा (Cestoda): फीताकृमि, जैसे टेनिया सोलियम (Taenia solium) या पोर्क टेपवर्म, जो कशेरुकियों की आंत में परजीवी होते हैं।
    • मोनोजेनिया (Monogenea): मुख्यतः एक मेजबान पर परजीवी।​
  • उदाहरण और प्रश्न का उत्तर
    • यदि प्रश्न में विकल्प जैसे फीताकृमि, हुकवर्म, एस्केरिस या नेमाटोड दिए हों
    • तो फीताकृमि (Taenia) ही प्लेटीहेल्मिन्थीज के सेस्टोडा वर्ग के अंतर्गत आता है।
    • नेमाटोड या हुकवर्म एस्केल्मिन्थीज (Aschelminthes/Nematoda) के अंतर्गत आते हैं।
    • फीताकृमि का शरीर लंबा, खंडित (proglottids) और आंत रहित होता है, जो इस संघ की विशिष्टता दर्शाता है।​
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं और जीवन चक्र
    • ये जंतु सरल तंत्रिका तंत्र (ladder-type nervous system) रखते हैं
    • कई में पुनरुत्पादन क्षमता असाधारण होती है। परजीवी सदस्यों का जीवन चक्र जटिल होता है
    • जिसमें स्नेकिल, मछली या मनुष्य जैसे मध्यवर्ती मेजबान शामिल होते हैं।
    • ये रोग जैसे टेनियासिस या फासीओलाइasis का कारण बनते हैं।​

10. हाइड्रा, जंतु जगत के निम्नलिखित में से किस संघ का उदाहरण है? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) सीलेंटेस्टा
Solution:
  • हाइड्रा, जंतु जगत के सीलेंटेरटा संघ का उदाहरण है।
  • जिसमें रेडियल समरूपता, एक गैस्ट्रोबास्कुलर गुहा तथा नेमाटोसिस्ट नामक चुभने वाली कोशिकाएं पाई जाती हैं।
  • हाइड्रा में लैंगिक एवं अलैंगिक दोनों प्रकार का जनन पाया जाता है
  • इसमें पुनरुद्भवन (Regeneration) की क्षमता होती है।
  • वर्गीकरण
    • हाइड्रा का पूर्ण वर्गीकरण इस प्रकार है:
    • जगत (Kingdom): Animalia (जंतु जगत)
    • संघ (Phylum): Cnidaria (सिलेंटरेटा/नाइडेरिया)
    • वर्ग (Class): Hydrozoa (हाइड्रोजोआ)
    • गण (Order): Hydroida
    • श्रेणी (Family): Hydridae
    • जीनस (Genus): Hydra
  • संरचना
    • हाइड्रा का शरीर बेलनाकार या नालवत होता है, जो लगभग 1-2 सेमी लंबा होता है।
    • इसका शरीर दो स्तरों वाला (दिप्रावी) होता है
    • बाहरी एपिडर्मिस और आंतरिक गैस्ट्रोडर्मिस,中间 में मेसोग्लिया नामक पतली परत।
    • मुंह के चारों ओर 6-10 टेंटेकल्स (तंतु) होते हैं जो शिकार पकड़ने के लिए नेमाटोसिस्ट से युक्त होते हैं।
    • शरीरगुहा को कोएलेंटरॉन कहते हैं जो पाचन और वितरण दोनों का कार्य करती है।​
  • विशेष लक्षण
    • रेडियल सममिति: शरीर किसी भी अक्ष से समान दिखता है।​
    • नेमाटोसिस्ट: विशेष कोशिकाएं जो विषाक्त धागे छोड़कर शिकार को स्तब्ध करती हैं।
    • अवृन्त प्राणी: कोई सच्ची श्वसन या परिसंचरण तंत्र नहीं।
    • पुनर्यौवन: शरीर का कोई भी भाग कटने पर नया जंतु बन जाता है।
    • हाइड्रा मुख्यतः छोटे जंतुओं (डैफ्निया आदि) का शिकार करता है।​
  • प्रजनन
    • हाइड्रा में अलैंगिक (बडिंग द्वारा) और लैंगिक दोनों प्रजनन होते हैं।
    • अलैंगिक में शरीर पर कायिक बड बनते हैं जो परिपक्व होकर अलग हो जाते हैं।
    • लैंगिक में नर और मादा गोनैड्स बनते हैं, अंडे और शुक्राणु मुक्त होकर निषेचन होता है।
    • सिस्टेंट (अंडे का कठोर रूप) कठोर परिस्थितियों में जीवित रहता है।