प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-I)

Total Questions: 50

1. भारत सरकार के निम्नलिखित में से किस कार्यक्रम का उद्देश्य गरीबी उन्मूलन रणनीति के एक भाग के रूप में संपर्कविहीन बसावटों को संपर्कता प्रदान करना है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
Solution:
  • वर्ष 2000 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू की गई
  • जिसका उद्देश्य गरीबी उन्मूलन रणनीति के एक भाग के रूप में संपर्कविहीन बसावटों को संपर्कता प्रदान करना है।
  • PMGSY का उद्देश्य और संदर्भ
    • उद्देश्य: ग्राम और चौकियों के बीच दूरी घटाकर ग्रामीण पहुंच बनाना
    • ताकि ग्राम स्तर पर मौलिक सेवाओं तक लोगों की पहुँच बढ़े और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिले.​
    • भूमिका गरीबी उन्मूलन में: बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार-परक अवसरों तक पहुंच आसान होती है
    • जिससे ग्रामीण गरीबी कम करने की रणनीतियों को समर्थ मिलता है.​
  • PMGSY के अंतर्गत प्रमुख घटक
    • ग्रामीण संपर्क: 500+ आबादी वाले असंबद्ध गांवों के लिए सड़क कनेक्टिविटी, ताकि दूरी-बचत के साथ बाजार और सेवाओं तक पहुँच संभव हो.​
    • कार्यान्वयन तंत्र: केंद्रीय-राज्य साझे वित्त पोषण और परियोजना-स्तरीय निगरानी ताकि निर्माण गुणवत्ता और समय पर पूरा होना सुनिश्चित हो.​
    • परिणाम-उन्मुख प्रभाव: ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, आपूर्ति श्रृंखला में संगठित प्रवेश, स्वास्थ्य/शिक्षा सुविधाओं तक पहुँच में वृद्धि, तथा लामबंद आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ना.​
  • अन्य संबद्ध योजनाएं ( गरीबी उन्मूलन के लिए सामाजिक-आर्थिक संपर्क को सुदृढ़ करती हैं)
    • प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G): ग्रामीण घरों के निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से आर्थिक स्थिरता में योगदान.​
    • ग्रामीण सड़क/आवास से जुड़ी अन्य पहलें: ग्रामीण IC (इनफ्रास्ट्रक्चर) के विस्तार के माध्यम से बस्तियों को बाजारों/शैक्षिक संस्थाओं/स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाना.
  • संभावित प्रश्न-उत्तर
    • सवाल: “किस कार्यक्रम का उद्देश्य गरीबी उन्मूलन रणनीति के एक भाग के रूप में संपर्कविहीन बस्तावों को संपर्कता प्रदान करना है?”
    • उत्तर: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) — इसका लक्ष्य ग्रामीण बस्तियों को विश्वसनीय सड़क संपर्क देकर उनकी क्षेत्रीय भागीदारी और सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना है
    • जो गरीबी उन्मूलन की रणनीतियों के अनिवार्य भाग के रूप में कार्य करता है.​
    • यदि चाहें, PMGSY के बारे में आधिकारिक वेबसाइटों/सूत्रों से अधिक पुख्ता जानकारी और तथ्य-उद्धरण भी दे सकता हूँ
    • ताकि आप किसी सरकारी लेख या परीक्षा हेतु सटीक संदर्भ प्रस्तुत कर सकें।

2. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई), 2016 के उद्देश्य का सबसे अच्छा वर्णन करता है? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) नए रोजगार सृजित करने के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना
Solution:
  • वर्ष 2016 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) शुरू की गई।
  • इस योजना का उद्देश्य है-नए रोजगार सृजित करने के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना।
  • पृष्ठभूमि और उद्देश्य
    • इसका उद्देश्य रोजगार SRE का सृजन बढ़ाकर औपचारिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है.​
    • योजना के तहत मुख्य लक्ष्य है: (1) रोजगार सृजन को प्रेरित करना, विशेषकर उन श्रमिकों के लिए जो पहली बार कार्यबल में प्रवेश कर रहे हैं
    • (2) औपचारिक क्षेत्र में रोजगार की वृद्धि को बढ़ावा देना और (3) सामाजिक सुरक्षा लाभों को पहुँच प्रदान करना।
    • यह श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा लागू की जाती है और EPFO के साथ बातचीत के माध्यम से संचालन होता है.
  • कौन लाभ प्राप्त करता है
    • नियोक्ता: नए कर्मचारियों के लिए EPS योगदान का 8.33% 12% के भीतर बताने वाले संदर्भों के अनुसार) कुछ शर्तों के साथ सरकार द्वारा आगे बढ़ाया जा सकता है
    • जिससे नियोक्ताओं के लिए नई भर्ती करना अधिक फायदेमंद हो जाता है। यह प्रोत्साहन III-वर्ष तक जारी रहता है
    • देशभर में लागू होता है, लेकिन विशेष ध्यान विनिर्माण और सेवा क्षेत्र पर रहता है ।
    • कर्मचारी: औपचारिक क्षेत्र में रोजगार मिलने पर सामाजिक सुरक्षा के लाभ मिलते हैं
    • जैसे EPF आदि, जिससे वे जोखिम-रहित वेतन और सुरक्षा का लाभ लेते हैं ।
  • कनाडेंट/पारदर्शिता और नोडल इकाई
    • योजनाके संचालन का प्रमुख नोडल एजेंसी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय है
    • जो EPFO के साथ समन्वय करके प्रभावी लाभ वितरण सुनिश्चित करता है ।
  • प्रमुख तथ्यों का संक्षेप (नोट्स)
    • लागू वर्ष और उद्देश्य: 2016 में शुरू की गई पीएमआरपीवाई का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना है ।
    • वित्त पोषण संरचना: EPF योगदान के नियोक्ता हिस्से को कुछ वर्षों तक सरकार द्वारा कवर किया जाना, ताकि नया रोजगार निर्माण आसान हो सके ।
    • लक्षित क्षेत्र: सभी क्षेत्रों पर लागू, पर विशेष रूप से विनिर्माण और सेवाओं के क्षेत्रों में रोजगार वृद्धि पर बल देना मानक बिंदु है ।

3. केंद्रीय बजट 2023-24 में, भारत सरकार ने ....... योजना के तहत 500 नए 'अपशिष्ट से आमदनी' संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) गोबरधन
Solution:
  • बजट 2023-24 में, भारत सरकार ने 'गोबरधन' योजना के तहत 500 नए 'अपशिष्ट से आमदनी' संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया था।
  • ध्यातव्य है कि बजट 2018-19 में इस योजना को शुरू करने की घोषणा की गई थी।
  • गौरतलब है कि इस योजना का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ बनाना एवं पशुओं और अन्य प्रकार के जैविक अपशिष्ट से अतिरिक्त आय तथा ऊर्जा उत्पन्न करना है।
  • गोबरधन योजना और 500 नए संयंत्र
    • योजना का पूर्ण नाम: Gobar-Dhan (Galgov เก) — GAIRO Resources धन योजना
    • जिसे जैविक अपशिष्ट प्रबंधन और गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन के रूप में भी जाना जाता है।
    • इसका उद्देश्य गोबर-आधारित जैव-ऊर्जा और जैव-उर्वरकों का उत्पादन बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और कचरे के नियंत्रण को बढ़ावा देना है.​
    • बजट घोषणा: 2023-24 के केंद्रीय बजट में गोबरधन योजना के तहत 500 नए ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की गई थी।
    • इनमें से कुछ संयंत्र शहरी क्षेत्रों में, कुछ समुदाय-आधारित क्लस्टर योजनाओं के रूप में होंगे
    • बायोगैस/सीबीजी (compressed biogas) संयंत्रों के माध्यम से कचरे को मूल्यवान ऊर्जा और उर्वरक में बदला जा सके.​
    • संयंत्र का रूपरेखा: योजना के तहत कुल लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपए बताई गई है
    • जिसमें 200 संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र शामिल होंगे, जिनमें 75 शहरी क्षेत्रों में और 300 समुदाय/क्लस्टर आधारित संयंत्र होंगे।
    • इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जैव-ऊर्जा उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.​
    • उद्देश्य और प्रभाव: कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाना, हरित ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि, तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना।
    • इससे नवीकरणीय ऊर्जा के हिस्से को बढ़ाने, पर्यावरण प्रदूषण कम करने और टिकाऊ विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में योगदान मिलेगा.​
  • स्रोत विवरण (प्रस्तावित संदर्भ)
    • सरकारी बजट दस्तावेज और प्रेस प्रतिक्रियाएं: बजट 2023-24 में गोबरधन योजना के विस्तार और 500 नए संयंत्रों के निर्माण की जानकारी स्पष्ट रूप से मिलती है.​
    • पत्रकारिता/विश्लेषण: गोबरधन योजना के आर्थिक/ऊर्जा प्रभावों पर विश्लेषण और 500 संयंत्रों की संरचना संयंत्रों का वितरण आदि को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है.
    • केंद्रीय बजट प्रलेख: हरित हाइड्रोजन मिशन, नवीकरणीय ऊर्जा और संबद्ध अवसंरचना के साथ गोबरधन का उल्लेख बजट दस्तावेजों में पाया जा सकता है
    • जिसमें 500 संयंत्रों का उल्लेख मिलता है.​
  • महत्वपूर्ण बिंदु (संक्षेप)
    • गोबरधन योजना का उद्देश्य: जैव-ऊर्जा, जैव-उर्वरक और जैविक कचरे के मूल्यवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थ बनाना।
    • संयंत्रों की संख्या और प्रकार: 500 नए संयंत्रों में लगभग 200 सीबीजी संयंत्र, शहरी क्षेत्रों में 75 और क्लस्टर/समुदाय بنیاد संयंत्रों की व्यवस्था शामिल होगी।
    • वित्तीय परिप्रेक्ष्य: कुल अनुमानित लागत ~10,000 करोड़ रुपए; इससे कचरे के बेहतर मूवमेंट, ऊर्जा उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
    • प्राथमिक उद्देश्य: पर्यावरण सुरक्षा, शुद्ध ऊर्जा की उपलब्धता, और ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में हरित-उर्जा के वितरण को मजबूत करना।

4. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) योजना, 2019 के उद्देश्य का सबसे अच्छा वर्णन करता है? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन प्रदान करना
Solution:
  • वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना शुरू की गई थी। ध्यातव्य है
  • यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन प्रदान करने हेतु शुरू किया गया था।
  • इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक अभिदाता को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद प्रति महीने न्यूनतम 3,000 रुपये की निश्चित पेंशन दी जाएगी।
  • पात्रता और प्रवेश
    • 18 से 40 वर्ष की आयु वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूर, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये या उससे अधिक नहीं है
    • वे PM-SYM में पंजीकरण कर सकते हैं। यह आयु-आधारित प्रवेश मान योजना के डिज़ाइन का एक प्रमुख हिस्सा है
    • बड़े पठनें स्तर के वे रोजगार भी शामिल हो सकें जो असंगठित क्षेत्र में हैं।
  • कॉन्ट्रिब्यूशन मॉडल
    • योजना एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है; लाभार्थी द्वारा किए गए योगदान के बराबर सरकार द्वारा योगदान किया जाएगा
    • जिससे लाभार्थी के खाते में जमा राशि दोगुनी हो जाती है। यह सुनिश्चित करता है
    • समय पर योगदान और matching Government योगदान से वृद्धावस्था के लिए स्थिर आय स्रोत मिल सके।
  • लाभ और कवरेज
    • 60 वर्ष के बाद न्यूनतम 3,000 रुपये मासिक पेंशन प्राप्त करने का प्रस्ताव है
    • यदि पात्रता और योगदान नियम पूरे होते हैं। यह वृद्धावस्था सुरक्षा के लिए एक स्थिर और सम्मानजनक आय स्रोत बनाता है
    • विशेषकर उन श्रमिकों के लिए जिनकी आय अस्थिर रहती है और formal pension coverage नहीं है।
  • उद्देश्य के व्यापक प्रभाव
    • असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक पेंशन कवरेज का लक्ष्य है
    • आर्थिक सुरक्षा और वृद्धावस्था जीवन गुणवत्ता में सुधार हो। इससे समाजिक सुरक्षा ढांचे का अधिक समावेशन संभव होता है
    • आर्थिक असमानताओं के प्रभाव कम हो सकते हैं।
  • संमुख तुलना
  • PM-SYM बनाम अन्य योजनाएं (संक्षेप)
    • PM-SYM: असंगठित क्षेत्र के लिए स्वैच्छिक-अंशदायी पेंशन योजना; आयु 18-40 वर्ष; मासिक आय 15,000 तक; 60 वर्ष के बाद 3,000 रुपये पेंशन
    • इसके विपरीत अटल पेंशन योजना जैसे कदम वित्तीय सुरक्षा के क्षेत्र में विस्तृत कवरेज प्रदान करते हैं
    • PM-SYM specifically वृद्धावस्था पेंशन के लिए अनौपचारिक/असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लक्षित करता है।
  • महत्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भ)
    • "PM-SYM असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है
    • यह 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन सुनिश्चित करती है
    • जैसी आधिकारिक सार जोड़तोड़ PIB/ड्रिश्टि IAS जैसी स्रोतों में स्पष्ट है।
    • योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के 42 करोड़ श्रमिकों को वृद्धावस्था सुरक्षा प्रदान करना बताया गया है।
    • किस आयु में प्रवेश किया जाए तो 60 वर्ष तक कितनी पूर्व-निवेश राशि चाहिए?
    • 18 वर्ष आयु के युक्त परिवार के लिए मासिक योगदान कितना होगा, और सरकार का मिलान कितना होगा?
    • योजना से जुड़ी कोई हालिया अपडेट या PIB पर विचारधारा क्या बताते हैं?

5. निम्न से कौन-सा 'स्वदेश दर्शन 2.0 योजना' का एक उद्देश्य है? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) पर्यटन और अतिथि सेवा (hospitality) में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाना
Solution:
  • वर्ष 2014-15 में भारत सरकार द्वारा स्वदेश दर्शन योजना शुरू किया गया था। गौरतलब है
  • 'स्वदेश दर्शन 2.0 योजना' का उद्देश्य पर्यटन और अतिथि सेवा में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाना है।
  • SD 2.0 का संदर्भ और महत्व
    • SD2.0 स्वदेश दर्शन योजना का उन्नयन है
    • जिसे “वोकल फॉर लोकल” के मंत्र के साथ पेश किया गया
    • देश के पर्यटन गंतव्य स्थलों पर स्थायी बुनियादी ढांचा विकास हो और स्थानीय समुदायों को सीधे लाभ मिले.
    • यह योजना एक पुरानी सतह पर मामूली बदलाव नहीं, बल्कि एक व्यापक, पीढ़ीगत परिवर्तन है
    • जो टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन स्थलों के निर्माण पर केंद्रित है.
  • SDS2.0 के स्पष्ट उद्देश्य
    • वैश्विक स्तर पर पर्यटन को आर्थिक विकास और बेरोजगारी के समाधान के रूप में स्थापित करना; पर्यटक आकर्षणों की गुणवत्ता और सुविधाओं को बढ़ाते हुए
    • गंतव्य-केंद्रित सर्किट विकसित करना.
    • पहचानित क्षेत्रों में आजीविका सृजन, क्षेत्र की सांस्कृतिक और विरासत मूल्य की रक्षा और संवर्धन के साथ समुदाय-आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करना.
    • स्थायी और ज़िम्मेदार पर्यटन स्थलों का निर्माण
    • स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में पर्यटन के योगदान को बढ़ाना, और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास तथा निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करना.
    • गंतव्य-आधारित अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं, सर्किट-आधारित परियोजनाओं और विषय-आधारित टिकाऊ सर्किटों के विकास को प्रमुखता देना.
  • SD2.0 के क्रियान्वयन के प्रमुख पहलू
    • पर्यटन गंतव्य-केन्द्रित दृष्टिकोण के साथ टिकाऊ और जिम्मेदार स्थलों की योजना और विकास.​
    • 2108.87 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं की स्वीकृति (52 परियोजनाएं) ताकि सर्किट के माध्यम से देशभर में स्थायी बुनियादी ढांचा और सेवाओं का विस्तार हो सके.
    • स्थानीय समुदायों में स्वरोजगार, कौशल विकास, और पर्यटन के जरिए आय के नए स्रोतों की सृजना के लिए केंद्र-नियोजन और निजी क्षेत्र का सहभागिता मॉडल.
  • ##urpose: आप कहाँ उपयोगी हो सकते हैं
    • SD2.0 का लक्ष्य अंततः भारत के 15-18 प्रमुख सर्किटों के तहत क्षेत्रीय स्थायित्व, सांस्कृतिक संरक्षण और आजीविका के अवसर बढ़ाना है
    • ताकि पर्यटन स्थलों का स्थायी विकास हो सके.
    • पूर्वोत्तर जैसी क्षेत्रों में 15 साइटों जैसी पहलों के साथ योजना क्षेत्रीय पर्यटन को मजबूत करने का एक भाग है
    • जिससे भू-भागीय विविधता के अनुरूप sarkari योजना का लाभ पहुँचे.​

6. नाबार्ड (NABARD) ने मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों और काश्तकार किसानों की ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 2004-05 में ....... नामक एक विशेष पायलट परियोजना शुरू की। [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) जेएलजी
Solution:
  • वर्ष 2004-05 में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों और काश्तकार किसानों आदि
  • ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संयुक्त देयता समूह (Joint Liability Group: JLG) नामक एक विशेष पायलट परियोजना शुरू की। गौरतलब है।
  • कि वर्ष 2006-07 में इस योजना को बैंकिंग प्रणाली की मुख्य धारा में लाया गया।
  • JLG योजना का उद्देश्य
    • यह योजना मुख्य रूप से भूमिहीन काश्तकारों, मौखिक पट्टेदारों, बटाईदारों और छोटे/सीमांत किसानों को बिना संपार्श्विक के ऋण उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
    • पारस्परिक गारंटी के आधार पर समूह के सदस्य एक-दूसरे के ऋण पुनर्भुगतान के लिए जिम्मेदार होते हैं, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है।
  • परियोजना की विशेषताएं
    • समूह में 4-10 सदस्य होते हैं, जो समान आर्थिक स्थिति वाले होते हैं।
    • ऋण कृषि, कृषीतर और गैर-कृषि गतिविधियों के लिए प्रदान किया जाता है।
    • पारंपरिक कोलेटरल की बजाय सामूहिक दायित्व पर जोर।
  • NABARD की भूमिका
    • NABARD ने JLG को ग्रामीण वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से लागू किया, जो SHG-बैंक लिंकेज जैसी अन्य योजनाओं का पूरक है।
    • यह छोटे किसानों के लिए ऋण प्रवाह में सुधार लाने वाली पहल के रूप में विकसित हुई।
  • प्रभाव और विस्तार
    • JLG मॉडल ने कमजोर समूहों की आजीविका सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया
    • विशेषकर उन किसानों के लिए जिनके पास भूमि स्वामित्व नहीं है।
    • NABARD की अन्य पहलों जैसे PODF के साथ यह ग्रामीण विकास को मजबूत करती है।

7. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) भारत सरकार द्वारा 2018 में सबसे कमजोर वर्गों को ....... सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) स्वास्थ्य
Solution:
  • सितंबर, 2018 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की गई।
  • यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है।
  • इस योजना द्वारा प्रत्येक गरीब परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भयावह स्वास्थ्य खर्चों से बचाने के लिए डिज़ाइन की गई है
    • जहां पहले लोग कर्ज या संपत्ति बेचकर इलाज करवाते थे।
    • सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आधार पर पात्र परिवारों को चयनित किया जाता है
    • जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल हैं।
    • पूर्व-मौजूदा बीमारियां भी पहले दिन से कवर होती हैं, और लाभ पूरे देश में पोर्टेबल है।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • कवरेज: प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, जिसमें 1,400 से अधिक प्रक्रियाएं (जैसे कैंसर, हृदय रोग, प्रत्यारोपण) शामिल हैं।
    • कैशलेस इलाज: 27,000 से अधिक एम्पैनल्ड सरकारी और निजी अस्पतालों में बिना पैसे दिए उपचार।
    • अतिरिक्त सुविधाएं: पूर्व-भर्ती (3 दिन), पोस्ट-भर्ती (15 दिन) देखभाल, दवाएं, जांच, परामर्श, ICU, खाद्य और आवास लाभ।
  • पात्रता और लाभार्थी
    • SECC 2011 डेटाबेस के आधार पर 10.74 करोड़ परिवार पात्र, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति, मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले आदि शामिल।
    • हालिया विस्तार: 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वतः कवरेज (2024 में घोषित)।
    • कोई आयु या परिवार आकार सीमा नहीं; आयुष्मान कार्ड से सत्यापन।
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा संचालित है।
    • लाभार्थी आयुष्मान ऐप, हेल्पलाइन 14555 या ई-श्रम पोर्टल से कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
    • अस्पताल में आधार/राशन कार्ड दिखाने पर e-KYC से सत्यापन होता है
    • फिर कैशलेस उपचार शुरू। राज्य सरकारें इसे लागू करती हैं, और NHA IT प्लेटफॉर्म IT प्रबंधन करता है।
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • प्रभाव: 2025 तक 50 करोड़ से अधिक लाभार्थी, करोड़ों उपचार पूरे, आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च 50% कम।
    • चुनौतियां: जागरूकता की कमी, ग्रामीण पहुंच, निजी अस्पतालों की भागीदारी। सरकार निरंतर सुधार कर रही है।

8. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) एक रोजगार योजना है, जिसे 2005 में उन सभी परिवारों को जिनके वयस्क सदस्य अकुशल श्रम-प्रधान कार्य का विकल्प चुनते हैं, उन्हें न्यूनतम् ....... दिन के भुगतान शुदा कार्य की गारंटी देकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 17 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 100
Solution:
  • राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) का शुभारंभ आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से 2 फरवरी, 2006 को देश के 200 चुनिंदा जिलों में किया गया था।
  • 2 अक्टूबर, 2009 को नरेगा का नाम परिवर्तित करके 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (मनरेगा) कर दिया गया।
  • राष्ट्रपति द्वारा नरेगा को 5 सितंबर, 2005 को स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना का लक्ष्य है
  • प्रत्येक ग्रामीण परिवार के एक वयस्क सदस्य को न्यूनतम 100 दिन का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराना।
  • यह ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
  • योजना का इतिहास
    • यह अधिनियम 23 अगस्त 2005 को पारित हुआ और 2 फरवरी 2006 से पूरे देश में लागू हुआ।
    • मूल रूप से राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) के नाम से जाना जाता था
    • जिसे 2009 में महात्मा गांधी के नाम पर बदल दिया गया।
    • इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारी कम करना और आजीविका सुरक्षा प्रदान करना रहा।
  • प्रमुख प्रावधान
    • प्रत्येक ग्रामीण परिवार के एक वयस्क सदस्य को वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीकृत मजदूरी-आधारित रोजगार मिलता है
    • यदि वे अकुशल शारीरिक श्रम के लिए इच्छुक हों।
    • कार्य आवेदन के 15 दिनों के भीतर आवंटित होना चाहिए; अन्यथा बेरोजगारी भत्ता मिलता है।
    • कार्य आवेदक के निवास से 5 किमी के दायरे में उपलब्ध कराया जाता है।
    • न्यूनतम मजदूरी राज्य सरकारें तय करती हैं, और 50% कार्य महिलाओं के लिए आरक्षित होते हैं।
  • कार्यों के प्रकार
    • योजना के तहत जल संरक्षण, भूमि विकास, सड़क निर्माण, वृक्षारोपण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे स्थायी संपत्ति निर्माण पर जोर दिया जाता है।
    • ये कार्य पर्यावरण-अनुकूल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले होते हैं। श्रम और सामग्री का अनुपात 60:40 रखा जाता है।
  • कार्यान्वयन संरचना
    • ग्रामीण विकास मंत्रालय नोडल एजेंसी है, और पंचायती राज संस्थाएं जिम्मेदार होती हैं।
    • जॉब कार्ड जारी कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है, जबकि सोशल ऑडिट और RTI से जवाबदेही बढ़ाई जाती है।
    • केंद्र और राज्य 90:10 के अनुपात में धनराशि वहन करते हैं।
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • MGNREGA ने करोड़ों परिवारों को रोजगार दिया, विशेषकर कोविड-19 महामारी के दौरान।
    • हालांकि, भुगतान में देरी, भ्रष्टाचार और कार्य की गुणवत्ता जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। 2025-26 तक मजदूरी दरें बढ़ाई गई हैं।

9. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 के तहत 'काम का अधिकार' योजना को पहल चरण में कितने जिलों में लागू किया गया था ? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 200
Solution:
  • राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) का शुभारंभ आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से 2 फरवरी, 2006 को देश के 200 चुनिंदा जिलों में किया गया था।
  • 2 अक्टूबर, 2009 को नरेगा का नाम परिवर्तित करके 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (मनरेगा) कर दिया गया।
  • राष्ट्रपति द्वारा नरेगा को 5 सितंबर, 2005 को स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना का लक्ष्य है
  • प्रत्येक ग्रामीण परिवार के एक वयस्क सदस्य को न्यूनतम 100 दिन का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराना।
  • यह ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
  • विस्तार के चरण
    • दूसरे चरण में 1 अप्रैल 2007 से 130 और जिलों को जोड़ा गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के रायपुर, जांजगीर-चांपा आदि शामिल हुए।
    • तीसरे चरण में 1 अप्रैल 2008 से योजना को पूरे देश के सभी ग्रामीण जिलों (लगभग 625) तक विस्तारित कर दिया गया
    • 100% शहरी जिलों को छोड़कर। इस तरह, योजना को चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में फैलाया गया ताकि पायलट अनुभव के आधार पर सुधार किए जा सकें।
  • योजना का उद्देश्य और विशेषताएं
    • MGNREGA (जिसे बाद में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम नाम दिया गया
    • ग्रामीण परिवारों को वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार प्रदान करता है। इसमें अकुशल शारीरिक कार्य शामिल है
    • जैसे सड़कें, तालाब, कुएं आदि का निर्माण। ग्राम पंचायतों द्वारा
    • इसे कार्यान्वित किया जाता है, और 5 किमी दायरे में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • यह अधिनियम पहली बार 1991 में पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार द्वारा प्रस्तावित हुआ था
    • लेकिन 2005 में यूपीए सरकार के दौरान पारित हुआ। इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण गरीबी उन्मूलन और संपत्ति सृजन है।
    • आज भी यह भारत की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से एक है।

10. आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार महात्मा गांधी नरेगा (NREGA) के तहत मजदूरी/दिन ....... है, जो 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी है। [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 202 रु.
Solution:
  • आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मजदूरी 20 रुपये बढ़ाकर प्रतिदिन 182 से 202 रुपये कर दिया गया
  • जो 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी है। ध्यातव्य है कि इस योजना का उद्देश्य प्रतिवर्ष कम-से-कम 100 दिनों का अकुशल कार्य उपलब्ध कराना है।
  • MGNREGA और मजदूरी के बारे में विस्तृत जानकारी
    • परिभाषा: MGNREGA एक राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना है
    • जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित, निर्बाध रोजगार के मौके उपलब्ध कराना है।
    • यह योजना 2005 में लागू हुई और सालाना ग्रामीण इलाकों के लिए 100 दिन के रोजगार की गारंटी देती है.
    • मजदूरी दर: आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार एक दिन की मजदूरी ₹202 थी
    • जो 1 अप्रैल 2020 से लागू थी. यह दर क्षेत्रीय अंतर के कारण राज्यों के भीतर भिन्न हो सकती है
    • क्योंकि वास्तविक भुगतान राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी और मौजूदा क्षमताओं पर निर्भर होता है.
    • प्रशासनिक संरचना: NREGA के अंतर्गत UB (Unskilled) मजदूरी भुगतान, जॉब कार्ड धारक ग्रामीण मजदूरों के बैंक/पोषण खाते में सीधे भेजे जाते हैं
    • यह भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए डिजिटाइजेशन और ऑनलाइन ऑर्डर सिस्टम को बढ़ावा देता है.
    • वास्तविकता के अनुसार बदलाव: मजदूरी दरें वर्ष-by-वर्ष संशोधित होती हैं
    • कई बार राज्यों के अनुरूप समायोजन होते हैं
    • इसलिए नवीनतम और स्थानीय दरों के लिए आधिकारिक NREGA पोर्टल या राज्य ग्रामीण स्वास्थ्य/कृषि विकास विभाग की सूचनाओं को देखना उचित रहता है.​
  • MGNREGA से जुड़ी प्रमुख बिंदु (संक्षेप)
    • उद्देश्य: ग्रामीण बेरोजगारी कम करना और मानव संसाधन पर प्रभावी नीतिगत सहायता प्रदान करना।
    • कवरेज: भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों के सदस्यों को रोजगार के अवसर और मजदूरी भुगतान की गारंटी।
    • भुगतान चक्र: अधिकांश राज्यों में 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान को प्राथमिकता मिलती है
    • विलंब होने पर शिकायत प्रौद्योगिकी-आधारित सिस्टमों के माध्यम से दखल दिया जाता है.