Correct Answer: (b) कलामंडलम कल्याणीकुट्टी अम्मा
Solution:- कलामंडलम कल्याणीकुट्टी अम्मा वर्ष 1952 में केरल कलालयम के संस्थापकों में से एक थीं। वह मोहिनीअट्टम नृत्यांगना थीं।
- संस्थापना का विवरण
- केरल कलालयम, जिसे कल्याणी कृष्णा फाइन आर्ट्स अकादमी के नाम से भी जाना जाता है
- स्थापना 1952 में इरिन्जालाकुड़ा, त्रिशूर (केरल) में हुई थी।
- इसके मुख्य संस्थापक पद्मश्री कलामंडलम कृष्णन नायर (कथकली विशेषज्ञ) और कलामंडलम कल्याणीकुट्टी अम्मा (मोहिनीअट्टम नृत्यांगना) थे।
- यह संस्थान केरल की पारंपरिक कलाओं जैसे मोहिनीअट्टम, कथकली आदि को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था।
- कल्याणीकुट्टी अम्मा का योगदान
- कलामंडलम कल्याणीकुट्टी अम्मा का जन्म केरल के मलप्पुरम जिले के थिरुनावाया में हुआ था।
- उन्होंने मोहिनीअट्टम नृत्य को, जो लगभग लुप्त हो चुका था
- पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसे भारतीय शास्त्रीय नृत्य के मुख्य धारे में ला दिया।
- उन्होंने "मोहिनीअट्टम - हिस्टरी एंड डांस स्ट्रक्चर" नामक पुस्तक लिखी, जो इस नृत्य पर प्रामाणिक दस्तावेज है
- 1997-98 में कालिदास सम्मान से सम्मानित हुईं।
- इसके अलावा, उन्होंने मोहिनीअट्टम को भारत के बाहर भी लोकप्रिय बनाया।