राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-I

Total Questions: 50

1. किस राज्य की विधानसभा ने 2021 में विधान परिषद बनाने का प्रस्ताव पारित किया? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) पश्चिम बंगाल
Solution:
  • पश्चिम बंगाल की विधानसभा ने 2021 में राज्य में विधान परिषद (Legislative Council) बनाने का प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव 5 जुलाई, 2021 को पारित किया गया था।
  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत, किसी राज्य में विधान परिषद के निर्माण या उन्मूलन के लिए राज्य विधानसभा द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया जाना आवश्यक है
  • जिसे बाद में संसद द्वारा अनुमोदित किया जाता है।
  • पृष्ठभूमि और कारण
    • पश्चिम बंगाल में विधान परिषद का मुद्दा कई वर्षों से चर्चा में था। राज्य में आखिरी बार 1969 में विधान परिषद थी
    • जिसे बाद में भंग कर दिया गया। नई सरकार ने इसे पुनर्स्थापित करने का निर्णय लिया ताकि विधायी प्रक्रिया को मजबूत बनाया जा सके।​
    • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह कदम राज्य के द्विसदनीय विधानमंडल को पुनर्जीवित करेगा
    • जो राज्यपाल के माध्यम से संसद को भेजा गया।
    • हालांकि, इसका उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता और विधायकों को अधिक अवसर प्रदान करना भी माना गया।​
  • प्रक्रिया और आगे की स्थिति
    • भारतीय संविधान की धारा 169 के अनुसार, विधान परिषद का गठन या विघटन राज्य विधानसभा के विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करने के बाद संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से साधारण
    • बहुमत की मंजूरी और राष्ट्रपति की सहमति पर निर्भर करता है।
    • पश्चिम बंगाल का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया।
    • फरवरी 2026 तक, भारत में केवल छह राज्यों—आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश—में विधान परिषदें कार्यरत हैं।
    • पश्चिम बंगाल का प्रस्ताव संसद से मंजूरी नहीं मिल पाया, संभवतः केंद्र-राज्य राजनीतिक मतभेदों के कारण।​​
  • अन्य राज्यों से तुलना
    • 2021 में अन्य राज्य जैसे राजस्थान ने भी विधान परिषद गठन का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद स्तर पर विचार किया
    • लेकिन पारित नहीं हुआ। ओडिशा ने 2018 में ऐसा प्रस्ताव पारित किया था, पर वह भी लंबित है।
    • ये प्रयास अक्सर सत्तारूढ़ दलों द्वारा विधायकों को समायोजित करने या राजनीतिक रणनीति के तहत होते हैं, लेकिन संसदीय मंजूरी बाधा बनी रहती है।​
  • विधान परिषद की संरचना
    • यदि गठित होती, तो पश्चिम बंगाल विधान परिषद में स्थानीय निकायों, स्नातकों, शिक्षकों आदि द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव से सदस्य चुने जाते, साथ ही राज्यपाल द्वारा नामांकन।
    • यह विधानसभा के निर्णयों पर पुनर्विचार का मंच होता।​
    • देश में कुल 245 सदस्यों वाली सबसे बड़ी विधान परिषद उत्तर प्रदेश की है, जबकि अन्य छोटी हैं।​

2. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2022 में ई-अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को अधिसूचित किया। ये नियम ....... से लागू होने अपेक्षित हैं। [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 1 अप्रैल, 2023
Solution:
  • केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2022 में अधिसूचित ई-अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022, 1 अप्रैल, 2023 से लागू होने अपेक्षित हैं।
  • ये नियम विस्तारित निर्माता उत्तरदायित्व (Extended Producer Responsibility - EPR) की एक नई प्रणाली की शुरुआत करते हैं
  • जिसमें ई-अपशिष्ट के प्रबंधन और निपटान के लिए उत्पादकों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
  • नियमों का उद्देश्य
    • ये नियम ई-कचरे के बढ़ते खतरे को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए हैं
    • क्योंकि ई-कचरा विषाक्त पदार्थों जैसे सीसा, पारा और कैडमियम से भरपूर होता है
    • जो मिट्टी, पानी और हवा को प्रदूषित करता है। इन्हें पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत जारी किया गया
    • जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण से लेकर रीसाइक्लिंग तक पूरी श्रृंखला को कवर करता है।
    • मुख्य लक्ष्य ई-कचरे को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से प्रबंधित करना और उत्पादकों पर विस्तारित उत्तरदायित्व (EPR) थोपना है।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • ई-कचरा की परिभाषा विस्तार: पहले 21 वस्तुएं शामिल थीं, अब इन्हें बढ़ाकर 106 कर दिया गया है
    • जिसमें मोबाइल, लैपटॉप से लेकर मेडिकल उपकरण तक आते हैं।​
    • विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR): उत्पादक, आयातक, रिफर्बिशर और रीसाइकलर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) में अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा।
    • वे संग्रहण लक्ष्य पूरे करेंगे और रीसाइक्लिंग प्रमाणपत्र (REC) जमा करेंगे।
    • खतरनाक पदार्थों पर प्रतिबंध: उत्पादों में सीसा, पारा, कैडमियम आदि का उपयोग सीमित करना अनिवार्य; CPCB नमूने जांचेगा।​
    • रीसाइक्लिंग अनिवार्य: उत्पाद रीसाइकल योग्य होंगे
    • घटक एक-दूसरे के संगत होंगे ताकि अपशिष्ट कम हो। केवल अनुपालक उत्पादों का आयात/बिक्री की अनुमति।​
  • लागू होने की तिथि और प्रक्रिया
    • नियम नवंबर 2022 में अधिसूचित हुए और 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी हो गए।
    • इससे पहले 2016 के नियम थे, जिनमें 2022 के संशोधन ने इन्हें मजबूत बनाया। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड स्थानीय स्तर पर निगरानी करेंगे।
  • अपवाद
    • बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 के तहत बैटरी।
    • प्लास्टिक अपशिष्ट नियम, 2016 के तहत पैकेजिंग।
    • सूक्ष्म उद्यम और रेडियोएक्टिव अपशिष्ट।​
  • प्रभाव और महत्व
    • भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-कचरा उत्पादक है
    • ये नियम औपचारिक संग्रहण को 20-30% से बढ़ाकर 60-70% करने का लक्ष्य रखते हैं।
    • रीसाइक्लिंग से कीमती धातुएं (सोना, चांदी) वसूल की जा सकेंगी, रोजगार बढ़ेगा और प्रदूषण कम होगा।
    • हालांकि, अनौपचारिक क्षेत्र (कबाड़ी) पर असर पड़ेगा, इसलिए प्रशिक्षण जरूरी है। 2026 तक इनकी समीक्षा हो रही है।

3. अगस्त, 2021 में प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और मिड-डे मील योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वितरित चावल के वर्ष ....... तक फोर्टिफिकेशन की घोषणा की। [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 2024
Solution:
  • अगस्त, 2021 में प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और मिड-डे मील योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वितरित चावल के वर्ष  2024 तक फोर्टिफिकेशन (पोषण संवर्धन) की घोषणा की।
  • इस पहल का उद्देश्य देश में कुपोषण और एनीमिया की समस्या का समाधान करना है
  • क्योंकि चावल में आवश्यक विटामिन और खनिज (जैसे आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन B₁₂ मिलाए जाते हैं।
  • घोषणा का संदर्भ
    • यह घोषणा भारत में कुपोषण और एनीमिया की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से की गई थी।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए
    • कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से 2024 तक पीडीएस, एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस), मिड-डे मील (अब पीएम पोषण), और अन्य कल्याणकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न
    • योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत वितरित होने वाले सभी चावल को आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों से युक्त बनाएगी।
    • फोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया सरल है: सामान्य कस्टम मिल्ड चावल में 1:100 के अनुपात में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) मिलाए जाते हैं
    • जो एफएसएसएआई के मानकों के अनुसार तैयार होते हैं। इससे चावल की पौष्टिकता बढ़ जाती है बिना स्वाद या बनावट प्रभावित हुए।
  • कार्यान्वयन के चरण
    • कार्यान्वयन तीन चरणों में किया गया:
    • चरण 1 (अक्टूber 2021 से): 15 महत्वाकांक्षी जिलों (उच्च कुपोषण वाले) में शुरूआत।
    • चरण 2 (अप्रैल 2022 से): 291 जिलों (महत्वाकांक्षी और उच्च बोझ वाले) में विस्तार, जहां टीपीडीएस, आईसीडीएस और पीएम पोषण के तहत 6-7 लाख मीट्रिक टन चावल वितरित हुआ।
    • चरण 3: पूरे देश में सार्वभौमिक कवरेज, मार्च 2024 तक लक्ष्य पूरा।
    • अप्रैल 2022 में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी (सीसीईए) ने इसे मंजूरी दी।
    • चावल मिलों की संख्या 2690 से बढ़कर 9000+ हो गई, और ब्लेंडिंग क्षमता 13.67 लाख मीट्रिक टन प्रति माह से 60 लाख मीट्रिक टन हो गई।
  • उपलब्धियां और विस्तार
    • मार्च 2024 तक लक्ष्य हासिल हो गया, जब सभी सरकारी योजनाओं में 100% फोर्टिफाइड चावल पहुंचा।
    • इसके बाद, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2024 से दिसंबर 2028 तक इसे जारी रखने को मंजूरी दी
    • जिसमें 17,082 करोड़ रुपये का खर्च होगा। यह पीएमजीकेएवाई, टीपीडीएस, आईसीडीएस आदि को कवर करेगा।
    • 2025 तक 27 राज्यों के 269 जिलों में वितरण हो चुका था।​
  • महत्व और प्रभाव
    • यह पहल एनएफएचएस-5 सर्वे के अनुसार 57% महिलाओं और 25% पुरुषों में एनीमिया को लक्षित करती है।
    • फोर्टिफाइड चावल से सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है
    • जो गरीब परिवारों के लिए सस्ता और प्रभावी समाधान है। एसओपी जारी कर गुणवत्ता सुनिश्चित की गई।
    • कुल मिलाकर, यह कुपोषण मुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम है, जो अब 2028 तक चलेगा।

4. जनवरी, 2023 में केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रेलवे, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, अश्विनी वैष्णव के साथ ....... द्वारा विकसित भारत में निर्मित मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम 'BharOS' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) आईआईटी मद्रास
Solution:
  • जनवरी, 2023 में केंद्रीय मंत्रियों ने आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित भारत में निर्मित मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम 'BharOS' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
  • यह ऑपरेटिंग सिस्टम जेएंडके ऑपरेशंस प्राइवेट लिमिटेड (JandK Operations Pvt Ltd) द्वारा विकसित किया गया है
  • जो आईआईटी मद्रास में स्थापित एक गैर-लाभकारी कंपनी है।
  • इसका उद्देश्य भारतीय उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा और गोपनीयता पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वदेशी तकनीक प्रदान करना है।
  • घटना का विवरण
    • यह परीक्षण 24 जनवरी 2023 को किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी और आत्मनिर्भर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
    • धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षण के बाद कहा कि देश के गरीब लोग इस मजबूत, स्वदेशी डिजिटल बुनियादी ढांचे के मुख्य लाभार्थी होंगे।
    • यह ओएस व्यावसायिक रूप से उपलब्ध हैंडसेट्स पर इंस्टॉल किया जा सकता है और उच्च सुरक्षा तथा गोपनीयता वाले संगठनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • BharOS क्या है?
    • BharOS एक स्वदेशी मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो एंड्रॉइड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट (AOSP) पर आधारित है
    • लेकिन गूगल मोबाइल सर्विसेज (GMS) या अन्य विदेशी ऐप्स को पूर्व-इंस्टॉल नहीं करता।
    • यह एंड्रॉइड और iOS से बेहतर सुरक्षा, लंबी बैटरी लाइफ और डेटा प्राइवेसी प्रदान करने का दावा करता है।
    • उपयोगकर्ता को ऐप्स की अनुमतियों पर पूर्ण नियंत्रण मिलता है
    • यह संगठन-विशिष्ट प्राइवेट ऐप स्टोर सर्विसेज (PASS) के माध्यम से केवल विश्वसनीय ऐप्स तक पहुंच देता है।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • नेटिव ओवर-द-एयर (NOTA) अपडेट्स: सॉफ्टवेयर अपडेट स्वचालित रूप से डाउनलोड और इंस्टॉल होते हैं, बिना उपयोगकर्ता हस्तक्षेप के।
    • उच्च सुरक्षा: कोई पूर्व-स्थापित थर्ड-पार्टी ऐप्स नहीं; केवल प्रमाणित ऐप्स को अनुमति, जो संवेदनशील डेटा वाले संगठनों के लिए आदर्श है।
    • प्राइवेट 5G नेटवर्क सपोर्ट: विश्वसनीय ऐप्स प्राइवेट क्लाउड सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।​
    • एंड्रॉइड ऐप्स कम्पैटिबिलिटी: अधिकांश एंड्रॉइड ऐप्स चल सकते हैं, लेकिन GMS-निर्भर ऐप्स नहीं।​
  • विकास और उद्देश्य
    • इसे IIT मद्रास की इनक्यूबेटेड फर्म ने विकसित किया, जो डिजिटल संप्रभुता और डेटा सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
    • वर्तमान में यह उच्च गोपनीयता वाले संगठनों (जैसे सरकारी एजेंसियां) तक सीमित है
    • जनता के लिए शीघ्र उपलब्ध नहीं। भविष्य में OEMs (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) के साथ स्मार्टफोन्स में इसे लॉन्च करने की योजना है।
  • महत्व और प्रभाव
    • यह परीक्षण भारत को विदेशी OS पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है
    • खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से। मंत्रियों के परीक्षण ने इसे सरकारी समर्थन प्रदान किया
    • जो स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देगा। हालांकि, 2026 तक यह मुख्यतः एंटरप्राइज सेगमेंट में ही सक्रिय दिखता है।

5. वर्ष 2022 में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2030 तक आत्महत्या मृत्यु दर में ....... प्रतिशत की कमी लाने के लिए एक राष्ट्रीय आत्महत्या रणनीति (National Suicide Prevention Strategy) की घोषणा की| [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 10
Solution:
  • वर्ष 2022 में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2030 तक आत्महत्या मृत्यु दर में 10 प्रतिशत की कमी लाने के लिए एक राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति की घोषणा की।
  • यह रणनीति आत्महत्या की रोकथाम के लिए बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाने पर केंद्रित है
  • जिसमें मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थापना, डेटा एकत्रण और जागरूकता बढ़ाना शामिल है।
  • रणनीति का पृष्ठभूमि
    • भारत में आत्महत्या एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है।
    • 2019 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक आत्महत्या मौतों का 17.8% भारत में हुआ
    • जो इसे संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG 3.4.2) के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक बनाता है।
    • यह रणनीति देश में पहली बार जारी की गई
    • जो बहु-क्षेत्रीय सहयोग पर आधारित है और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा समुदाय स्तर पर हस्तक्षेपों को बढ़ावा देती है।
  • प्रमुख उद्देश्य
    • रणनीति में चार मुख्य उद्देश्य निर्धारित हैं:
    • अगले 3 वर्षों में आत्महत्या के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित करना।
    • अगले 5 वर्षों में सभी जिलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मनोरोग ओपीडी स्थापित करना, जो आत्महत्या रोकथाम सेवाएं प्रदान करें।
    • अगले 8 वर्षों में सभी शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य पाठ्यक्रम को एकीकृत करना।
    • आत्महत्या निगरानी को मजबूत करना तथा मूल्यांकन के माध्यम से सबूत उत्पन्न करना।​​
  • प्राप्ति के मार्ग
    • रणनीति निम्नलिखित रणनीतियों पर जोर देती है:
    • नेतृत्व, साझेदारी तथा संस्थागत क्षमता को मजबूत करना।
    • स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाना ताकि आत्महत्या रोकथाम सेवाएं उपलब्ध हों।
    • समुदाय की लचीलापन विकसित करना, सामाजिक समर्थन बढ़ाना तथा आत्महत्यी व्यवहार से जुड़े कलंक को कम करना।
    • आत्महत्या निगरानी को मजबूत करना।
    • इसके अतिरिक्त, जिम्मेदार मीडिया रिपोर्टिंग के दिशानिर्देश विकसित करना तथा आत्महत्या के साधनों तक पहुंच प्रतिबंधित करना शामिल है।​​
  • कार्यान्वयन ढांचा
    • पांच प्रमुख हितधारक जिम्मेदार हैं:
    • राष्ट्रीय स्तर के मंत्रालय।
    • राज्य एवं जिला स्तर के सरकारी हितधारक।
    • NIMHANS-बेंगलुरु जैसे शीर्ष मानसिक स्वास्थ्य संस्थान।
    • रणनीतिक सहयोगी। यह फ्रेमवर्क नीति स्तर पर नशीली दवाओं के हानिकारक उपयोग को कम करने
    • इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने तथा पुरानी बीमारियों वाले रोगियों के लिए psychosocial देखभाल पर केंद्रित है।​​
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियां एवं चुनौतियां
    • यह रणनीति मानसिक स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता बनाती है
    • जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में एकीकरण, मनोवैज्ञानिकों की भर्ती तथा चेतावनी संकेतों की पहचान के लिए प्रशिक्षण शामिल है।
    • हालांकि, कार्यान्वयन के लिए राज्य स्तर पर संसाधन आवंटन तथा कलंक कम करने की आवश्यकता है।
    • 2030 तक 10% कमी का लक्ष्य SDG के अनुरूप है, जो वैश्विक स्तर पर एक तिहाई कमी का हिस्सा है।

6. दिसंबर, 2022 तक की जानकारी के अनुसार, तेलंगाना की विधानसभा में कितने निर्वाचित सदस्य हैं? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 119
Solution:
  • दिसंबर, 2022 तक की जानकारी के अनुसार, तेलंगाना की विधानसभा में 119 निर्वाचित सदस्य हैं।
  • तेलंगाना राज्य के गठन के समय ही यह संख्या निर्धारित की गई थी
  • यहाँ द्विसदनीय विधायिका (विधानसभा और विधान परिषद) है।
  • तेलंगाना विधानसभा का गठन
    • तेलंगाना राज्य का गठन 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होने के बाद हुआ था।
    • विधानसभा का पहला चुनाव उसी वर्ष संपन्न हुआ।
    • दिसंबर 2022 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ था, क्योंकि अंतिम चुनाव दिसंबर 2018 में हुए थे।
  • सदस्यों का विवरण
    • निर्वाचित सदस्य: 119, जो प्रत्यक्ष चुनाव से चुने जाते हैं।
    • नामांकित सदस्य: 1 (एंग्लो-इंडियन समुदाय से, राज्यपाल द्वारा नामित)।
    • कुल: 120 सदस्य। नामांकित सदस्य को मतदान का अधिकार नहीं होता, उनकी भूमिका सलाहकारी होती है।
  • कार्यकाल और चुनाव
    • विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। 2018 चुनाव के बाद विधानसभा दिसंबर 2023 तक चली।
    • दिसंबर 2022 में भी यही संरचना बरकरार थी। चुनाव आयोग द्वारा प्रथम-पास-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य
    • तेलंगाना विधानमंडल में विधानसभा निचला सदन है।
    • राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर मंत्रिपरिषद नियुक्त करता है। 2022 तक के. चंद्रशेखर राव मुख्यमंत्री थे।

7. 21 नवंबर, 2022 को किसने भारत के नए चुनाव आयुक्त (EC) के रूप में पदभार ग्रहण किया है? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) अरुण गोयल
Solution:
  • 21 नवंबर, 2022 को अरुण गोयल ने भारत के नए चुनाव आयुक्त (Election Commissioner - EC) के रूप में पदभार ग्रहण किया।
  • भारत के चुनाव आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं।
  • 21 नवंबर 2022 को विशेष रूप से “नए चुनाव आयुक्त” के रूप में कौन पदस्थ किया गया
  • इस तारीख के संदर्भ में स्पष्ट और सत्यापित जानकारी विविध स्रोतों में स्पष्ट नहीं दिखती।
  • कृपया मैं आपके लिए ताजा, सत्यापित विवरण खोजकर दूँ
  • क्या आप चाहेंगे कि मैं इंटरनेट से वर्तमान and authoritative स्रोतों से इस विशिष्ट नियुक्ति की पुष्टि कर दूँ?
  • ताकि आप पूर्ण विवरण पائیں, नीचे संभावित स्पष्टीकरण और संदर्भ बिंदु दिए जा रहे हैं:
  • भारत निर्वाचन आयोग (ECI) तीन सदस्यीय निकाय है
  • एक Chief Election Commissioner (CEC) और दो Election Commissioners (ECs). अधिकांश वर्षों में एक नया EC या CEC तब नियुक्त होते हैं
  • जब मौजूदा पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति/हर स्थान खाली होता है आदि [संभावित संदर्भ].
  • 2020s के दौर में कई बार EC/CEC के पदों पर बदलाव हुए, पर 21 नवंबर 2022 के लिए एकल स्पष्ट “नया चुनाव आयुक्त” कौन थे
  • यह पुख्ता जानकारी विश्वसनीय सरकारी प्रेस रिलीज़/संस्था से देखना जरूरी है [संकेत].
  • यदि आप चाहें, मैं अभी आपके लिए आधिकारिक प्रेस रिलीज़ और विश्वसनीय स्रोतों से जाँच कर के:
    • 21 नवंबर 2022 को ECI में किस व्यक्ति ने पद ग्रहण किया,
    • उनके पूर्व-कर्तव्य/ब्यौरा,
    • किस पद पर, और किस स्थिति में(CeC vs EC) नियुक्ति हुई,
    • और इस नियुक्ति के साथ किन प्रमुख बदलावों का अभिप्राय था,

8. निम्नलिखित में से किसे सितंबर, 2022 में भारत का नया महान्यायवादी नियुक्त किया गया? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) आर. वेंकटरमणि
Solution:
  • सितंबर, 2022 में आर. वेंकटरमणि को भारत का नया महान्यायवादी (Attorney General - AG) नियुक्त किया गया।
  • उन्होंने के. के. वेणुगोपाल का स्थान लिया। महान्यायवादी भारत सरकार का शीर्ष कानूनी सलाहकार होता है
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत केंद्र सरकार के कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य करता है।
  • पृष्ठभूमि और योग्यता
    • आर. वेंकटरमणि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और संवैधानिक, नागरिक तथा सेवा मामलों में विशेषज्ञता रखते हैं।
    • उन्होंने 1977 में वकालत शुरू की और विभिन्न उच्च न्यायालयों तथा सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी की है।
    • उनकी नियुक्ति से पहले वे विधि आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं।​
  • पूर्ववर्ती और कार्यकाल
    • के.के. वेणुगोपाल ने 2017 से महान्यायवादी का पद संभाला था और 30 सितंबर 2022 को उनका कार्यकाल समाप्त हुआ।
    • वेंकटरमणि को 1 अक्टूबर 2022 से 30 सितंबर 2025 तक के लिए नियुक्त किया गया।
    • कानून मंत्री किरेन रिजिजू के कार्यालय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की।​
  • महान्यायवादी की भूमिका
    • भारत का महान्यायवादी सरकार का प्रमुख विधि सलाहकार होता है
    • सुप्रीम कोर्ट तथा उच्च न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करता है।
    • यह संवैधानिक पद अनुच्छेद 76 के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।​

9. नवंबर, 2022 में निम्नलिखित में से किस केंद्रीय मंत्रालय ने 'नई चेतना-पहल बदलाव की' शीर्षक से लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ सामुदायिक नेतृत्व वाला एक महीने का राष्ट्रीय अभियान शुरू किया था? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) ग्रामीण विकास मंत्रालय
Solution:
  • नवंबर, 2022 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'नई चेतना-पहल बदलाव की' शीर्षक से लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ सामुदायिक नेतृत्व वाला एक महीने का राष्ट्रीय अभियान शुरू किया था।
  • यह अभियान मुख्य रूप से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत चलाया गया था।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय
    • जो लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ सामुदायिक नेतृत्व वाला था।
    • यह अभियान पूरे भारत में ग्रामीण समुदायों को लिंग आधारित भेदभाव से संबंधित मुद्दों पर संवेदनशील बनाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया गया।​
  • अभियान का उद्देश्य
    • अभियान का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव, हिंसा और असमानताओं को दूर करना था।
    • महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) ने इसका नेतृत्व किया
    • जिसमें रैलियां, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता सत्र और ग्राम सभा बैठकें जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।
    • मंत्रालय ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए
    • जिसे राज्य सरकारों, पंचायती राज संस्थानों और अन्य हितधारकों के सहयोग से लागू किया गया।​
  • कार्यान्वयन और भागीदारी
    • यह अभियान दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित हुआ
    • जिसमें स्वयं सहायता समूहों का प्रमुख रोल था।
    • राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM), सामुदायिक संस्थाएं, नागरिक समाज संगठन और 13 मंत्रालयों/विभागों ने इसमें भाग लिया।
    • गतिविधियों में रंगोली, प्रतिज्ञा सभा, निबंध-ड्राइंग प्रतियोगिताएं, पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रशिक्षण तथा जेंडर मंचों की बैठकें शामिल थीं।​
  • बाद के संस्करण
    • यह अभियान 2022 के बाद भी जारी रहा—2023 में दूसरा संस्करण ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने लॉन्च किया
    • जबकि 2024 में तीसरा संस्करण (नई चेतना 3.0) केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू कियाजो
    • 23 दिसंबर तक चला। 2024 संस्करण में 13 राज्यों में 227 जेंडर रिसोर्स सेंटर्स खोले गए और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय जैसे अन्य विभागों ने सहयोग किया।
  • प्रभाव और टैगलाइन
    • अभियान ने पहले वर्ष में 3.5 करोड़ लोगों को जोड़ा और 'सहेंगे नहीं, कहेंगे' तथा 'चुप्पी तोड़ेंगे' जैसी टैगलाइनों से जागरूकता फैलाई।
    • यह महिलाओं के सशक्तिकरण, हिंसा रोकने और सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ, विशेषकर ग्रामीण भारत में।

10. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपना कार्यारंभ किस वर्ष किया था? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 1995
Solution:
  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपना कार्यारंभ1995 में किया था।
  • NHAI की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 1988 के तहत की गई थी
  • यह भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है।
  • स्थापना का इतिहास
    • NHAI अधिनियम 1988 में संसद द्वारा पारित किया गया था, जो इस प्राधिकरण की कानूनी नींव रखता है।
    • हालांकि, वास्तविक संचालन पूर्णकालिक अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के साथ 1995 में शुरू हुआ।
    • यह भारत सरकार की स्वायत्त एजेंसी है, जो सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
  • उद्देश्य और जिम्मेदारियाँ
    • NHAI का मुख्य कार्य राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास, रखरखाव और प्रबंधन करना है।
    • यह भारत के कुल 1,32,499 किलोमीटर लंबे राजमार्ग नेटवर्क में से 50,000 किलोमीटर से अधिक के लिए उत्तरदायी है।
    • इसके अलावा, यह टोल संग्रह और परियोजनाओं के लिए निजी निवेश को आकर्षित करने का काम भी करती है।
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
    • NHAI ने जून 2022 में महाराष्ट्र के अमरावती-अकोला के बीच NH-53 पर मात्र 5 दिनों में 75 किलोमीटर राजमार्ग बनाकर गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया।
    • इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है, और इसका पहला अध्यक्ष योगेंद्र नारायण (1988 में नामित) था।
    • वर्तमान में यह आधुनिक तकनीकों जैसे BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल से राजमार्ग विस्तार कर रही है।​