बृहद खेल आयोजन (खेल जगत) भाग-I

Total Questions: 35

1. पैरालंपिक 2020 में भारत की रैंक क्या थी? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 24
Solution:
  • भारत ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में 5 स्वर्ण, 8 रजत, और 6 कांस्य सहित कुल 19 पदक जीतकर 24वाँ स्थान प्राप्त किया था।
  • पदकों का विवरण
    • भारत को 5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक मिले, जो पैरालंपिक इतिहास में देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
    • इससे पहले रियो 2016 में भारत को केवल 4 पदक मिले थे। चीन पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा, जिसके नाम 96 स्वर्ण सहित 207 पदक थे।
  • प्रमुख स्वर्ण पदक विजेता
    • अवनि लेखरा: महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 (शूटिंग) में पैरालंपिक स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला।​
    • सुमित अंतिल: पुरुषों की भाला फेंक F64 (व्यायाम)।​
    • मनीष नरवाल: मिश्रित 50 मीटर पिस्टल SH1 (शूटिंग)।​
    • प्रमोद भगत: पुरुष एकल SL3 (बैडमिंटन)।​
    • कृष्णानगर: पुरुष एकल SH6 (बैडमिंटन)।​
  • अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां
    • भावना पटेल पैरालंपिक में टेबल टेनिस पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं (रजत), जबकि हरविंदर सिंह ने तीरंदाजी में कांस्य हासिल किया।
    • योगेश कथूनिया (डिस्कस थ्रो F56 में रजत), निशाद कुमार (ऊंची कूद T47 में रजत) और देवेंद्र झाझड़िया (भाला फेंक F46 में रजत) जैसे एथलीटों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।​

2. निम्नलिखित में से किस देश ने पैरालंपिक-2020 में सर्वाधिक स्वर्ण पदक जीते ? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) चीन
Solution:
  • चीन ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में सर्वाधिक 96 स्वर्ण पदक जीते थे।
  • चीन का प्रदर्शन
    • पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने टोक्यो 2020 पैरालंपिक में न केवल स्वर्ण पदकों की संख्या में शीर्ष स्थान प्राप्त किया
    • बल्कि कुल 207 पदक भी जीते। यह उनकी लगातार पांचवीं पैरालंपिक जीत थी, जिसमें उन्होंने विभिन्न खेलों में दबदबा दिखाया।
    • विशेष रूप से टेबल टेनिस और शूटिंग में उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां झोउ जियामिन जैसे एथलीट ने तीन स्वर्ण पदक जीते और विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।​
  • अन्य शीर्ष देश
    • ग्रेट ब्रिटेन ने 41 स्वर्ण पदक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और कुल 124 पदक जीते, जो आठवीं बार उनका दूसरा स्थान था।
    • संयुक्त राज्य अमेरिका ने 37 स्वर्ण पदक जीतकर तीसरा स्थान प्राप्त किया
    • जो 2008 के बाद उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इन देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, जापान और इटली जैसे देशों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन कोई भी चीन के स्तर तक नहीं पहुंच सका।​
  • भारत का योगदान
    • भारत ने इस पैरालंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया, कुल 19 पदक जीते जिसमें 5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य शामिल थे।
    • यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था
    • जिसमें सुमित अंतिल, अवनि लेखरा, भाविना पटेल और प्रमोद भगत जैसे एथलीटों ने स्वर्ण पदक जीते। एथलेटिक्स में भारत को सबसे अधिक 8 पदक मिले।​
  • पैरालंपिक का संदर्भ
    • टोक्यो पैरालंपिक 2020 वास्तव में 2021 में आयोजित हुए थे, कोविड-19 महामारी के कारण।
    • कुल 162 देशों के 4400 से अधिक एथलीटों ने 22 खेलों में भाग लिया।
    • चीन की सफलता उनके मजबूत पैरा-स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी समर्थन का परिणाम थी।​

3. निम्नलिखित में से कौन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला नाविक बनीं, जब उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया ? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) नेत्रा कुमानन
Solution:
  • नेत्रा कुमानन अप्रैल 2021 में टोक्यो 2020 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला नाविक बनीं।
  • उपलब्धि का विवरण
    •  जो एशियाई और अफ्रीकी ओलंपिक क्वालीफायर का हिस्सा था।
    • वह पहले 9 भारतीय नाविकों (जो सभी पुरुष थे) के बाद 10वीं भारतीय बनीं जो ओलंपिक नौकायन में हिस्सा लेंगी
    • लेकिन वह पहली ऐसी भारतीय हैं जिन्होंने क्वालीफायर में टॉप करके सीधा कोटा हासिल किया
    • पिछले नाविकों को अनफिल्ड कोटा से नामांकन मिला था।
    • इस जीत से उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी रम्या सरवणन पर 21 अंकों की अजेय बढ़त बना ली थी
    • अंतिम मेडल रेस से पहले ही क्वालीफिकेशन पक्का हो गया।
  • नेत्रा कुमानन का पृष्ठभूमि
    • चेन्नई की नेत्रा कुमानन उस समय 23 वर्ष की थीं और SRM इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग की छात्रा थीं।
    • उन्होंने 2014 इनचियोन और 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
    • इससे पहले जनवरी 2020 में मियामी, यूएसए में सिलिंग वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीतकर वह पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने विश्व कप में मेडल हासिल किया।
    • उनके हंगरी कोच टामस एस्जेस ने उनकी इस उपलब्धि को "बड़े अंतर से बढ़त" बताया।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह उपलब्धि भारतीय नौकायन के लिए मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि इससे पहले भारत ने ओलंपिक नौकायन में कभी महिला नाविक नहीं भेजा था।
    • नेत्रा पहली भारतीय (पुरुष या महिला) बनीं जिन्होंने क्वालीफायर में जीतकर सीधे ओलंपिक कोटा हासिल किया।
    • एशियन सिलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष मलव श्राफ ने इसे "इतिहास रचने" वाला बताया।
    • टोक्यो 2020 (जो कोविड के कारण 2021 में हुआ) में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और बाद में पेरिस 2024 ओलंपिक में भी हिस्सा लिया।
  • अन्य भारतीय नाविकों का संदर्भ
    • उसी क्वालीफायर में गणपति चेंगप्पा (49er क्लास) भी ओलंपिक कोटा की दौड़ में थे।
    • टोक्यो 2020 में कुल चार भारतीय नाविकों ने हिस्सा लिया: नेत्रा कुमानन (लेजर रेडियल), विष्णु सारवणन (लेजर स्टैंडर्ड), और अन्य।
    • नेत्रा की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत बल्कि पूरे भारतीय महिला खेलों के लिए प्रेरणादायक रही।

4. 'वी हैव विंग्स' (We have wings) निम्नलिखित में से किस खेल आयोजन से संबंधित है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) पैरालंपिक 2020
Solution:
  • 'वी हैव विंग्स' (We have Wings) पैरालंपिक, 2020 से संबंधित है।
  • पैरालंपिक उद्घाटन समारोह की अवधारणा के रूप में 'वी हैव विंग्स' का अनावरण किया गया।
  • आयोजन का संदर्भ
    • यह नारा पैरालंपिक एथलीटों की प्रेरणादायक भावना को दर्शाता है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी ऊंचाई छूते हैं।
    • टोक्यो पैरालंपिक मूल रूप से 2020 में होने थे, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इन्हें 2021 तक स्थगित कर दिया गया।
    • आयोजन 24 अगस्त से 5 सितंबर 2021 तक जापान के टोक्यो में हुआ, और इन्हें आधिकारिक रूप से 'टोक्यो 2020 पैरालंपिक गेम्स' ही कहा गया।
  • उद्घाटन समारोह की थीम
    • उद्घाटन समारोह 'हमारे पास भी पंख हैं' की थीम पर आधारित था
    • जिसमें एक पंख वाला छोटा विमान मुख्य प्रतीक था। यह दर्शाता था कि साहस और जज्बे से इंसान बिना किसी बाधा के कहीं भी उड़ान भर सकता है।
    • समारोह में 'पैरा एयरपोर्ट' जैसा मंच बनाया गया, जहां पैरा एथलीटों की शक्ति दिखाने वाला वीडियो दिखाया गया। 13 वर्षीय व्हीलचेयर उपयोगकर्ता यूई वागो ने इस प्रतीक को प्रदर्शित किया।
  • अन्य विवरण
    • टोक्यो पैरालंपिक में 22 खेल शामिल थे, और यह जापान की राजधानी का दूसरा पैरालंपिक आयोजन था (पहला 1964 में)। समग्र अवधारणा 'आगे बढ़ना' थी
    • जबकि समापन समारोह की थीम 'हारमोनियस कैकोफनी' रखी गई।
    • अफगानिस्तान ने सुरक्षा कारणों से भाग नहीं लिया। भारत ने मरियप्पन थंगमनी जैसे एथलीटों के साथ अच्छा प्रदर्शन किया।
  • भ्रम की संभावना
    • यह नारा ओलंपिक या अन्य खेलों से जुड़ा नहीं है; रियो 2016 या टोक्यो 2020 ओलंपिक की थीम अलग ('स्ट्रॉगर टुगेदर' आदि) थी।
    • कुछ स्रोत SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इसे प्रश्न के रूप में उपयोग करते हैं।

5. निम्नलिखित में से किस देश ने कभी भी पैरालम्पिक खेलों की मेजबानी नहीं की है? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) भारत
Solution:
  • भारत ने अभी तक पैरालंपिक खेलों की मेजबानी नहीं की है। जबकि जापान (1964, 2020) और दक्षिण कोरिया (1988) कर चुके हैं।
  • पैरालंपिक का संक्षिप्त इतिहास
    • पैरालंपिक खेल विकलांग एथलीटों के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन है
    • जो ओलंपिक के ठीक बाद आयोजित होता है। पहला आधिकारिक ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक 1960 में इटली के रोम में हुआ था
    • जबकि शीतकालीन पैरालंपिक की शुरुआत 1976 में ऑस्ट्रिया के ऑर्न्स्कोल्ड्सविइक से हुई।
    • तब से ये खेल दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा खेल आयोजन बन चुके हैं
    • जिसमें एथलेटिक्स, तैराकी, व्हीलचेयर बास्केटबॉल और सिटिंग वॉलीबॉल जैसे 20 से अधिक खेल शामिल हैं।
  • सभी मेजबान देशों की सूची
    • पैरालंपिक खेलों की मेजबानी अब तक मुख्य रूप से विकसित देशों ने की है।
    • यहां ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन दोनों के प्रमुख मेजबानों का विवरण है:
  • भारत का पैरालंपिक इतिहास
    • भारत ने पैरालंपिक में भागीदारी तो की है, लेकिन कभी मेजबानी नहीं। 1968 टोक्यो से पहली बार हिस्सा लिया, मगर अब तक 2024 पेरिस तक कुल 29 पदक ही जीते हैं
    • (7 स्वर्ण सहित), जो हाल का रिकॉर्ड है। भारत जैसे बड़े देश ने एशिया में कई अन्य आयोजनों (जैसे एशियन गेम्स) की मेजबानी की
    • लेकिन पैरालंपिक का मौका नहीं मिला। भविष्य में 2036 ओलंपिक/पैरालंपिक के लिए भारत प्रयासरत है।
  • अन्य देश जो कभी मेजबान नहीं बने
    • भारत के अलावा अफ्रीका महाद्वीप (जैसे दक्षिण अफ्रीका), मध्य पूर्व (इज़राइल एक अपवाद), दक्षिण अमेरिका (ब्राजील के अलावा), और कई एशियाई देश जैसे इंडोनेशिया, पाकिस्तान आदि ने भी कभी पैरालंपिक की मेजबानी नहीं की।
    • यह आयोजन महंगे बुनियादी ढांचे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है, इसलिए सीमित देश ही इसे संभाल पाते हैं।

6. ओलंपिक खेलों के प्रथम शीतकालीन संस्करण का आयोजन किस वर्ष किया गया था? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 1924
Solution:
  • पहला शीतकालीन ओलंपिक 1924 में फ्रांस के शैमॉनिक्स में आयोजित किया गया था।
  • मूल जानकारी
    • वर्ष: 1924
    • स्थान: शैमॉनिक्स, फ्रांस (Chamonix, France)
    • अवधि: 25 जनवरी से 5 फरवरी 1924
    • इसे बाद में आधिकारिक रूप से प्रथम शीतकालीन ओलंपिक के रूप में मान्यता दी गई।
    • प्रारंभ में इसे “अंतर्राष्ट्रीय शीतकालीन खेल सप्ताह” माना गया था और 1924 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक (पेरिस) का हिस्सा जैसा समझा जाता था।
  • पृष्ठभूमि: शीतकालीन ओलंपिक की ज़रूरत क्यों पड़ी
    • शुरुआत में बर्फ और हिम पर खेले जाने वाले खेलों (जैसे स्केटिंग, आइस हॉकी) को ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के साथ ही शामिल किया जाता था।
    • 1908 के लंदन ओलंपिक में फिगर स्केटिंग जैसी स्पर्धाएँ ग्रीष्मकालीन खेलों के दौरान ही कराई गईं।
    • 1920, एंटवर्प (Antwerp) ओलंपिक में स्केटिंग के साथ आइस हॉकी भी शामिल की गई
    • लेकिन यह मॉडल सुविधाजनक नहीं था, क्योंकि बर्फ वाले खेलों के लिए मौसम, स्थल और प्रबंधन अलग तरह का चाहिए था।
  • 1924 शैमॉनिक्स शीतकालीन ओलंपिक की प्रमुख बातें
    • यह आधुनिक ओलंपिक इतिहास का पहला आधिकारिक शीतकालीन संस्करण माना जाता है।
    • इसमें लगभग 16 देशों के करीब 290–300 के आसपास खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया (विभिन्न स्रोत 293 जैसे आँकड़े देते हैं)।
    • खेलों की संख्या: 9 खेलों में कुल 16 इवेंट आयोजित किए गए।
  • उदाहरण के तौर पर शामिल प्रमुख खेल:
    • स्पीड स्केटिंग और शॉर्ट ट्रैक प्रकार की रेसें
    • फिगर स्केटिंग
    • आइस हॉकी
    • विभिन्न स्कीइंग प्रतियोगिताएँ – क्रॉस‑कंट्री स्कीइंग, नॉर्डिक कंबाइंड, स्की जंपिंग, अल्पाइन स्कीइंग आदि (इनमें से कुछ विधाएँ बाद के संस्करणों में स्थायी हुईं)
    • कर्लिंग और बर्फ पर खेले जाने वाले अन्य खेल
  • महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू:
    • महिला खिलाड़ी मुख्य रूप से फिगर स्केटिंग में भाग ले रही थीं; उस समय महिलाओं की भागीदारी सीमित थी।
    • प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि के कारण जर्मनी को इन खेलों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि सोवियत संघ ने भाग नहीं लिया।
  • आधिकारिक मान्यता: “गेम्स ऑफ ओलंपियाड” से अलग पहचान
    • 1926 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने इसे औपचारिक रूप से “पहले शीतकालीन ओलंपिक खेल” के रूप में स्वीकार किया।
    • इसके बाद से शीतकालीन ओलंपिक हर चार साल में आयोजित होने लगा
    • ठीक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की तरह; 1940 और 1944 के संस्करण द्वितीय विश्व युद्ध के कारण नहीं हो सके, और 1948 से इसे पुनः जारी किया गया।
  • शीतकालीन ओलंपिक का महत्व और आगे की परंपरा
    • शीतकालीन ओलंपिक आज एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बहु‑खेल आयोजन है, जिसमें वे खेल होते हैं जो मुख्य रूप से बर्फ और बर्फीली सतह पर खेले जाते हैं।
    • अल्पाइन स्कीइंग, ल्यूज, शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग, फ्रीस्टाइल स्कीइंग, स्केलेटन, स्नोबोर्डिंग जैसे खेल अब शीतकालीन ओलंपिक के स्थायी खेलों में गिने जाते हैं।
    • इन खेलों के माध्यम से उन देशों को विशेष मंच मिलता है जहाँ ठंडा मौसम और हिमपात सामान्य है
    • जैसे नॉर्वे, स्वीडन, कनाडा, रूस आदि, और समय के साथ एशिया व अन्य क्षेत्रों से भी भागीदारी बढ़ी है।

7. भारत ने किस ओलंपिक खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 1928 एम्स्टर्डम
Solution:
  • भारत ने वर्ष 1928 में एम्स्टर्डम में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। भारत ने यह स्वर्ण पदक पुरुष हॉकी स्पर्धा में जीता था।
  • स्वर्ण पदक की पुष्टि
    • भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 1928 एम्स्टर्डम ओलंपिक में फाइनल में नीदरलैंड्स को 3-0 से हराकर पहला स्वर्ण पदक जीता।
    • टीम ने पूरे टूर्नामेंट में पांच मैच खेले, एक भी गोल नहीं खाया और कुल 29 गोल किए।
    • मेजर ध्यानचंद ने फाइनल में हैट्रिक लगाई, जबकि टूर्नामेंट में उनके नाम 14 गोल दर्ज हुए।
  • टीम प्रदर्शन का विवरण
    • भारत ने बेल्जियम को 9-0, डेनमार्क को 5-0 और स्विट्जरलैंड को 6-0 से हराया।
    • गोलकीपर रिचर्ड एलेन ने शानदार प्रदर्शन किया, जिससे टीम का गोलपोस्ट अछूता रहा।
    • कप्तान जयपाल सिंह के टूर्नामेंट से हटने के बाद भी टीम की लय बनी रही।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह जीत भारत के हॉकी स्वर्ण युग की शुरुआत थी, जिसमें टीम ने 1928 से 1956 तक लगातार छह स्वर्ण पदक जीते
    • एम्स्टर्डम 1928, लॉस एंजिल्स 1932, बर्लिन 1936, लंदन 1948, हेलसिंकी 1952 और मेलबर्न 1956। कुल मिलाकर भारतीय हॉकी टीम ने आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते
    • जिनमें टोक्यो 1964 और मॉस्को 1980 भी शामिल हैं। यह उपलब्धि ब्रिटिश भारत काल की थी, जबकि स्वतंत्र भारत का पहला स्वर्ण 1948 लंदन में आया।
  • ओलंपिक में भारत का सफर
    • ओलंपिक में भारत का पहला पदक 1900 पेरिस में नॉर्मन प्रिचार्ड ने एथलेटिक्स में जीता
    • लेकिन स्वर्ण हॉकी से ही आया। तब से हॉकी भारत का प्रमुख खेल रही
    • हालांकि बाद में विविधता बढ़ी—जैसे अभिनव बिंद्रा का 2008 बीजिंग में व्यक्तिगत स्वर्ण।

8. आई.ओ.सी. (IOC) कार्यकारी बोर्ड की बैठक के निम्नलिखित में से किस सत्र में ब्रिस्बेन को 2032 के ओलंपिक और पैरालंपिक की मेजबानी के लिए वोट दिया गया था ? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) टोक्यो में आयोजित 138वें सत्र
Solution:
  • ब्रिस्बेन को टोक्यो में आयोजित आईओसी के 138वें सत्र (21 जुलाई 2021) में 2032 खेलों के लिए मेजबान चुना गया था।
  • चयन प्रक्रिया
    • IOC ने पारंपरिक बोली प्रक्रिया के बजाय नई "फ्यूचर होस्ट कमीशन" नीति अपनाई थी।
    • पहले ब्रिस्बेन को 24 फरवरी 2021 को पसंदीदा बोली के रूप में चुना गया
    • फिर 10 जून 2021 को IOC कार्यकारी बोर्ड ने औपचारिक मंजूरी दी।
    • अंतिम वोट 138वें सत्र में गुप्त मतदान से हुआ, जहां ब्रिस्बेन को सर्वसम्मति से चुना गया।
  • सत्र का महत्व
    • यह सत्र टोक्यो 2020 ओलंपिक के ठीक दो दिन पहले आयोजित हुआ।
    • सत्र में ब्रिस्बेन प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तुति दी और फ्यूचर होस्ट कमीशन ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
    • IOC सदस्यों ने इसे 2032 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक (XXXV ओलंपियाड) और पैरालंपिक का मेजबान घोषित किया।
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • ऑस्ट्रेलिया तीसरी बार ओलंपिक की मेजबानी करेगा—1956 में मेलबर्न और 2000 में सिडनी के बाद।
    • ब्रिस्बेन को चुने जाने का उद्देश्य मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग कर टिकाऊ और किफायती आयोजन था। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
  • नई बोली प्रक्रिया की विशेषताएं
    • IOC ने 2019 में नई प्रक्रिया शुरू की, जिसमें संभावित मेजबानों से लक्षित संवाद किया जाता है।
    • मार्च 2021 में सत्र ने ब्रिस्बेन के साथ संवाद को मंजूरी दी, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट और चुनाव हुआ। यह प्रक्रिया प्रतिस्पर्धा कम कर जोखिम घटाती है।​

9. प्रथम पैरालंपिक खेल कहां आयोजित किए गए थे? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) रोम
Solution:
  • प्रथम आधिकारिक पैरालंपिक खेल 1960 में रोम, इटली में आयोजित किए गए थे।
  • प्रथम पैरालंपिक का सही स्थान और वर्ष
    • पहले पैरालंपिक खेल 1960 में रोम, इटली में आयोजित किए गए।
    • इसका आयोजन ओलंपिक खेलों के समापन के तुरंत बाद हुआ, जिससे ओलंपिक और पैरालंपिक दोनों का निकट संबंध शुरू हुआ।
  • भागीदारी और खेलों की संख्या
    • इस मेगा‑इवेंट में 23 देशों के लगभग 400 विकलांग एथलीट भाग ले चुके थे।
    • प्रतियोगिताएँ 8 अलग‑अलग खेलों में आयोजित की गईं, जिनमें टेबल टेनिस, एथलेटिक्स, कुश्ती, निशानेबाजी आदि शामिल थे।
  • पैरालंपिक की शुरुआती इतिहास पृष्ठभूमि
    • पैरालंपिक आंदोलन की जड़ें 1948 में इंग्लैंड के स्टोक मैंडेविले में जाती हैं
    • जहाँ डॉ. लुडविग गुट्टमैन ने रीढ़ की हड्डी में चोट वाले सैनिकों को लक्षित “स्टोक मैंडेविले गेम्स” शुरू किए।
    • इन गेम्स को बाद में “द स्टोक मैंडेविले गेम्स” के नाम से जाना गया और यही रोम 1960 के पैरालंपिक का सीधा पूर्ववर्ती माना जाता है।
  • रोम 1960 के पैरालंपिक का महत्व
    • रोम 1960 को पैरालंपिक खेलों का पहला आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय संस्करण माना गया, जिसके बाद से यह ओलंपिक वर्षों में हर चार साल पर नियमित रूप से आयोजित होते हैं।
    • इन खेलों ने दिखाया कि विकलांग एथलीट भी उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा, डिसिप्लिन और बड़े स्टेडियम में दर्शकों के सामने खेल सकते हैं
    • जिससे विकलांगों के प्रति समाज का दृष्टिकोण धीरे‑धीरे बदलना शुरू हुआ।
  • बाद में विकास और आधुनिक पैरालंपिक
    • रोम के बाद 1964 में पैरालंपिक टोक्यो (जापान) में आयोजित हुए, जहाँ अधिक खेलों और अधिक देशों की भागीदारी रही।
    • आज पैरालंपिक खेल विश्व‑स्तरीय ब्रांड बन चुके हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) द्वारा संचालित किया जाता है और जिनमें हज़ारों एथलीट दर्जनों खेलों में भाग लेते हैं।
  • संक्षेप में
    • प्रथम पैरालंपिक खेल: 1960, रोम, इटली।
    • भागीदार: 23 देश, लगभग 400 एथलीट।
    • खेल: 8 प्रमुख खेलों में प्रतिस्पर्धा।

10. टोक्यो पैरालंपिक 2020 में ....... देशों ने भाग लिया था। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 162
Solution:
  • टोक्यो पैरालंपिक 2020 में एक शरणार्थी टीम सहित कुल 162 देशों के एथलीटों ने भाग लिया था।
  • आयोजन विवरण
    • टोक्यो पैरालंपिक 2020 को कोविड-19 महामारी के कारण 24 अगस्त से 5 सितंबर 2021 तक टोक्यो, जापान में आयोजित किया गया।
    • कुल 22 खेलों में 539 इवेंट हुए, जिनमें 4,393 एथलीटों (2,547 पुरुष और 1,846 महिला) ने हिस्सा लिया।
    • यह पैरालंपिक इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन था, जिसमें विकलांग एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।​
  • भाग लेने वाले देशों की संख्या
    • कुल देश: 162 राष्ट्रीय पैरालंपिक समितियां (NPCs), जिसमें शरणार्थी टीम शामिल।
    • कुछ स्रोतों में 163 का उल्लेख है, लेकिन आधिकारिक पैरालंपिक वेबसाइट के अनुसार 162 ही सटीक है।​
    • पहले कभी न भाग लेने वाले 5 देश: भूटान, मालदीव, ग्रेनाडा, पराग्वे, सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स।​
  • प्रमुख देशों की भागीदारी
    • मेजबान जापान ने सबसे अधिक 148 एथलीट भेजे।
    • चीन, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों ने बड़ी टीमें उतारीं, जबकि कई छोटे देशों ने केवल 1-2 एथलीट भेजे।
    • भारत ने रिकॉर्ड 54 एथलीट भेजे, जो अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल था।
  • पदक तालिका के प्रमुख बिंदु
    • चीन ने सबसे अधिक 96 स्वर्ण सहित कुल 207 पदक जीते।
    • उसके बाद ग्रेट ब्रिटेन और अमेरिका रहे। कुल 162 देशों में से कई ने पहली बार पदक जीते।​
  • भारत का प्रदर्शन
    • भारत ने 5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य सहित 19 पदक जीते
    • जो पैरालंपिक इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अवनि लेखरा पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने स्वर्ण पदक जीता।​
  • भाग लेने वाले सभी देश (आंशिक सूची)
    • यहां कुछ प्रमुख देशों की सूची दी गई है
    • अल्जीरिया, अंगोला, आर्मेनिया, अरूबा, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बांग्लादेश (भूटान सहित नए देश), ब्राजील, कनाडा, चीन, भारत, जापान, आदि।
    • अमेरिका, रूस (RPC के रूप में), यूके, फ्रांस जैसे देशों ने प्रमुख भूमिका निभाई।​