बृहद खेल आयोजन (खेल जगत) भाग-II

Total Questions: 30

1. निम्नलिखित में से किस देश ने तीन बार एशियाई खेल की मेजबानी की है? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) दक्षिण कोरिया
Solution:
  • दक्षिण कोरिया ने तीन बार एशियाई खेलों की मेजबानी की है: 1986 (सियोल), 2002 (बुसान), और 2014 (इंचियोन) में।
  • जबकि थाईलैंड ने सबसे अधिक (चार बार) मेजबानी की है, विकल्पों में से दक्षिण कोरिया ने तीन बार मेजबानी की है।
  • चीन ने भी हांगझोऊ 2022 (2023 में आयोजित) को मिलाकर तीन बार मेजबानी की है।
  • भारत ने दो बार (1951 और 1982) मेजबानी की है, और जापान ने भी दो बार मेजबानी की है
  • जिससे दक्षिण कोरिया तीन बार मेजबानी करने वाला एक स्पष्ट विकल्प बन जाता है।
  • विस्तार से विवरण:
    • एशियाई खेलों का इतिहास 1951 में भारत के नई दिल्ली से शुरू हुआ, और तब से यह चार साल के अंतराल पर आयोजित होते आ रहे हैं .
    • वर्तमान तक सबसे अधिक बार मेजबानी करने वाला देश थाईलैंड है, जिसने 1966, 1970, 1978 और 1998 में चार बार आयोजन किया था; इन चारों संस्करणों का केंद्र बैंकॉक था .
    • दक्षिण कोरिया ने 1986, 2002 और 2014 में तृतीय बार एशियाई खेलों की मेजबानी की है, यानी तीन बार रिकॉर्ड बनाता है .
    • चीन ने 1990 और 2010 के अलावा 2023 में भी मेजबानी की, जिससे उसके हिस्से तीसरे संस्करण की मेजबानी जुड़ती है (कुल 1990, 2010, 2023) .
    • भारत ने दो बार मेजबानी की है: 1951 और 1982 .
    • 2023 में हुए एशियाई खेलों के बाद भी चीन की मेजबानी क्रम आगे बढ़ रहा है, और 2026, 2030, 2034 जैसे आगामी संस्करणों के मेजबान देश भी निर्धारित हो चुके हैं .
  • संक्षेप में:
    • तीन बार मेजबानी: दक्षिण कोरिया (1986, 2002, 2014) .
    • थाईलैंड ने सबसे अधिक बार (चार बार) मेजबानी की है, पर प्रश्न में तीन बार से अधिक का उल्लेख है, अतः सही संदर्भ दक्षिण कोरिया है .
    • चीन ने तीन बार (1990, 2010, 2023) भी मेजबानी की है और आगे की संभावनाएं भी हैं .

2. एशियाई खेल 2018 के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का ध्वजवाहक कौन-था/थी? [CGL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) नीरज चोपड़ा
Solution:
  • स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा एशियाई खेल 2018 के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक थे
  • यह खेल इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में आयोजित किए गए थे।
  • नीरज चोपड़ा ने इन खेलों में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था।
  • बाद में, उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता, जिसने उन्हें एक राष्ट्रीय आइकन बना दिया।
  • चयन की घोषणा
    • नीरज चोपड़ा का चयन भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा किया गया था।
    • IOA के तत्कालीन अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने 9 अगस्त 2018 को नई दिल्ली में दल के रवानगी समारोह के दौरान इसकी आधिकारिक घोषणा की।
    • यह फैसला खिलाड़ियों के प्रदर्शन, उपलब्धियों और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की संभावना को ध्यान में रखकर लिया गया।
  • उद्घाटन समारोह का विवरण
    • 18वें एशियाई खेल जकार्ता और पालेमबांग (इंडोनेशिया) में 18 अगस्त से 2 सितंबर 2018 तक आयोजित हुए।
    • उद्घाटन समारोह जकार्ता के गेलोरा बंगकरनो मुख्य स्टेडियम (GBK) में हुआ, जहां नीरज चोपड़ा ने तिरंगा थामकर भारतीय दल (लगभग 570 खिलाड़ी) का नेतृत्व किया।
    • समारोह में इंडोनेशियाई संस्कृति, नृत्य और आधुनिक प्रदर्शनों का शानदार मंचन हुआ, जिसमें राष्ट्रपति जोको विडोडो ने भी भाग लिया।
  • नीरज चोपड़ा का पृष्ठभूमि
    • उस समय 20 वर्षीय नीरज हरियाणा के हिसार जिले के निवासी थे
    • भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) में भारत के उभरते सितारे। उनके प्रमुख उपलब्धियां चयन से पहले:
    • 2016 आईएएएफ विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप (पोलैंड) में स्वर्ण पदक।
    • 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 85.23 मीटर के थ्रो से स्वर्ण।
    • राष्ट्रमंडल खेल 2018 (गोल्ड कोस्ट) में स्वर्ण पदक।
    • सावो गेम्स 2018 (फिनलैंड) में स्वर्ण।
      ये उपलब्धियां उन्हें ध्वजवाहक के लिए आदर्श बनाती थीं, क्योंकि वे एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार थे।
  • एशियाई खेलों में प्रदर्शन
    • नीरज ने खेलों में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने एथलेटिक्स पुरुष भाला फेंक में 88.06 मीटर के थ्रो से स्वर्ण पदक जीता
    • जो भारत का पहला एथलेटिक्स स्वर्ण था। कुल मिलाकर भारत ने 69 पदक (16 स्वर्ण, 23 रजत, 30 कांस्य) जीते और पदक तालिका में 8वां स्थान हासिल किया।
    • समापन समारोह में हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल ध्वजवाहक बनीं।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह चयन ऐतिहासिक था, क्योंकि नीरज पहले एथलीट थे जो एशियाई खेलों के उद्घाटन में भारत के ध्वजवाहक बने।
    • इससे पहले 2014 इंचियोन में सरदार सिंह (हॉकी) ध्वजवाहक थे।
    • नीरज का यह सम्मान उनके ओलंपिक सफर की शुरुआत साबित हुआ, जहां उन्होंने 2020 टोक्यो और 2024 पेरिस में स्वर्ण जीते।

3. नवंबर, 2022 में मनिका बत्रा ने किस स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पैडलर बनकर इतिहास रचा? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) ITTF-AATU एशियाई कप
Solution:
  • टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने नवंबर 2022 में आईटीटीएफ-एएटीयू एशियाई कप (ITTF-AATU Asian Cup) में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा।
  • बैंकॉक में आयोजित इस प्रतियोगिता में, वह एशियाई कप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पैडलर बनीं।
  • उन्होंने जापान और चीन की विश्व रैंकिंग वाली खिलाड़ियों को हराकर यह उपलब्धि हासिल की, जिसने वैश्विक स्तर पर भारतीय टेबल टेनिस की बढ़ती शक्ति को दर्शाया।
  • टूर्नामेंट विवरण
    • यह उपलब्धि थाईलैंड के बैंकॉक में 17 से 19 नवंबर 2022 तक आयोजित ITTF-ATTU एशियाई कप टेबल टेनिस 2022 में हासिल हुई
    • जो $2 लाख इनामी प्रतियोगिता थी। इसमें एशिया के शीर्ष 16 पुरुष और 16 महिला खिलाड़ी विश्व रैंकिंग और क्वालिफिकेशन के आधार पर भाग ले रहे थे।
    • मनिका ने कांस्य पदक मैच में जापान की विश्व नंबर-6 और तीन बार की एशियाई चैंपियन हिना हयाता को 4-2 (11-6, 6-11, 11-7, 12-10, 4-11, 11-2) से हराया।
  • टूर्नामेंट सफर
    • राउंड्स में प्रगति: मनिका ने प्री-क्वार्टरफाइनल और क्वार्टरफाइनल में मजबूत प्रदर्शन कर सेमीफाइनल तक जगह बनाई, जहां वह पहली बार अंतिम चार में पहुंचने वाली भारतीय महिला बनीं।
    • सेमीफाइनल हार: जापान की चौथी वरीय मीमा इतो से 2-4 (8-11, 11-7, 7-11, 6-11, 11-8, 7-11) से हारीं, लेकिन ब्रॉन्ज मैच में शानदार वापसी की।
    • ऐतिहासिक महत्व: इससे पहले भारतीय पुरुष पैडलर अचंता शरत कमल (2015) और जी. साथियान (2019) छठे स्थान पर रहे थे
    • लेकिन कोई पदक नहीं जीता। मनिका की यह जीत 39 साल पुराने टूर्नामेंट में पहला भारतीय महिला पदक था।
  • प्रतिक्रियाएं और प्रभाव
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी: "मनिका बत्रा को एशियाई कप में कांस्य पदक जीतकर भारतीय टेबल टेनिस में इतिहास रचने पर बधाई।
    • उनकी सफलता कई एथलीटों को प्रेरित करेगी।" यह उपलब्धि भारतीय टेबल टेनिस को नई ऊंचाइयों पर ले गई, खासकर मनिका की विश्व रैंकिंग (तत्कालीन ~40) को मजबूत किया।
  • मनिका बत्रा का करियर संदर्भ
    • मनिका पहले से राष्ट्रमंडल खेल 2018 में स्वर्ण (मिश्रित युगल, टीम) और रजत (एकल) जीत चुकी थीं
    • लेकिन एशियाई कप जैसे एलीट इवेंट में यह पहला पदक था। यह जीत ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए उनकी तैयारी को बढ़ावा देती।​

4. निम्नलिखित में से किस भारतीय पहलवान ने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2023 में 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) अमन सहरावत
Solution:
  • पहलवान अमन सहरावत ने कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2023 में पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
  • यह इस प्रतियोगिता में भारत का एकमात्र स्वर्ण पदक था, जिससे उन्होंने महाद्वीपीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की।
  • उनकी जीत ने यह भी सुनिश्चित किया कि 57 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण लगातार चौथे वर्ष भारत के पास बना रहे।
  • मुकाबलों का विवरण
    • अमन ने टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया:
    • क्वार्टरफाइनल में जापान के रिकुटो अराई को 7-1 से हराया।
    • सेमीफाइनल में चीन के जोउ वानहाओ को 7-4 से पराजित किया।
    • फाइनल में पिछले साल के कांस्य पदक विजेता किर्गिस्तान के अल्माज स्मानबेकोव को 9-4 से हराकर गोल्ड पर कब्जा जमाया।
    • उनकी रणनीति आक्रामक थी, जहां उन्होंने लगातार स्कोरिंग पॉइंट्स बनाए और थकान का फायदा उठाकर विरोधियों को दबाव में ला दिया।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह स्वर्ण पदक इस वर्ग में भारत के लिए लगातार चौथा गोल्ड था।
    • इससे पहले टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता रवि दहिया ने 2020, 2021 और 2022 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
    • चोट के कारण रवि इस चैंपियनशिप से बाहर हो गए थे
    • अमन ने चयन ट्रायल में उनकी जगह बुक की। इस जीत ने अमन को ओलंपिक की दौड़ में मजबूत दावेदार बना दिया।​
  • भारतीय दल का प्रदर्शन
    • चैंपियनशिप में भारत ने कुल 13 पदक जीते: 2 फ्रीस्टाइल (1 स्वर्ण, 1 कांस्य), 4 ग्रीको-रोमन और 7 महिला कुश्ती।
    • दीपक पुनिया (79 किग्रा) ने कांस्य जीता, जबकि दीपक नेहरा (97 किग्रा) कांस्य मैच हार गए।
    • अन्य पहलवान जैसे अनुज कुमार और मुलायम यादव भी अच्छा लड़े लेकिन आगे नहीं बढ़ सके।
  • अमन की बाद की उपलब्धियां
    • 2023 एशियाई चैंपियनशिप के बाद अमन ने लगातार सफलताएं हासिल कीं।
    • उन्होंने एशियाई खेलों 2023 में स्वर्ण जीता और पेरिस 2024 ओलंपिक में 57 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक लेकर भारत का गौरव बढ़ाया।
    • यह उपलब्धि उन्हें भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा पहलवानों में शुमार करती है।

5. कजाकिस्तान के अस्ताना में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2023 में 53 किलोग्राम भार वर्ग में किसने रजत पदक जीता? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) अंतिम पंघल
Solution:
  • पहलवान अंतिम पंघल ने कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2023 में महिलाओं के 53 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता।
  • इस वर्ग में, उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल में उन्हें जापान की पहलवान से हार का सामना करना पड़ा।
  • अंतिम पंघल ने युवा स्तर पर भी विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता है, और यह रजत पदक उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
  • कौन-सा पदक, किस वर्ग में?
    • प्रतियोगिता: एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2023।​
    • मेज़बान देश/शहर: अस्ताना, कजाकिस्तान।​
    • वर्ग: महिलाओं का 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल।
    • पदक: रजत (सिल्वर) पदक।
    • पदक विजेता: भारत की पहलवान अंतिम पंघाल।
    • इन स्रोतों में साफ़ तौर पर लिखा है कि महिलाओं के 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत की अंतिम पंघाल ने रजत पदक जीता।
  • भारत के लिए महत्व
    • अस्ताना में हुई इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल 14 पदक (1 स्वर्ण, 3 रजत, 10 कांस्य) जीते, जिनमें महिलाओं के वर्ग में अंतिम पंघाल का यह सिल्वर भी शामिल था।​
    • आधिकारिक ओलंपिक वेबसाइट की हिंदी रिपोर्ट में भी पदक विजेताओं की सूची में “अंतिम पंघाल (महिलाओं का 53 किग्रा फ्रीस्टाइल) – रजत पदक” स्पष्ट रूप से दर्ज है।​
  • संक्षेप में
    • यदि प्रश्न यह है कि “कजाकिस्तान के अस्ताना में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2023 में 53 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक किसने जीता?”, तो सही उत्तर है
    • अंतिम पंघाल (भारत, महिलाओं का 53 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग)।

6. ....... 2022 में यूईएफए महिला चैंपियंस लीग (UEFA Women's Champions League) में खेलने वाली पहली भारतीय फुटबॉलर बनीं। [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) मनीषा कल्याण
Solution:
  • युवा भारतीय स्ट्राइकर मनीषा कल्याण 2022 में यूईएफए महिला चैंपियंस लीग में खेलने वाली पहली भारतीय फुटबॉलर बनीं।
  • उन्होंने साइप्रस की क्लब अपोलोन लेडीज एफसी के लिए यह उपलब्धि हासिल की।
  • मनीषा को हाल के वर्षों में एआईएफएफ महिला फुटबॉलर ऑफ द ईयर नामित किया गया है
  • विदेशी लीग में उनकी भागीदारी भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक बड़ा कदम है।
  • मनीषा कल्याण पहली भारतीय फुटबॉलर
    • 2022 में यूईएफए महिला चैंपियंस लीग में खेलने वाली पहली भारतीय फुटबॉलर मनीषा कल्याण हैं।
  • डेब्यू का विवरण
    • मनीषा कल्याण ने 18 अगस्त 2022 को साइप्रस क्लब अपोलन लेडीज एफसी के लिए डेब्यू किया।
    • यह मैच यूईएफए महिला चैंपियंस लीग 2022-23 के क्वालिफाइंग राउंड में लातविया के एसएफके रिगा के खिलाफ माकारेइयो स्टेडियम, एंगोमी में खेला गया।
    • वह 60वें मिनट में साइप्रस इंटरनेशनल मारिलिना जॉर्जिउ की जगह सब्स्टीट्यूट के रूप में उतरीं।
    • अपोलन ने 3-0 से जीत हासिल की, हालांकि मनीषा ने गोल नहीं किया। अगला मैच स्विस क्लब एफसी ज्यूरिख के खिलाफ था।
  • प्रारंभिक करियर
    • मनीषा का जन्म पंजाब में हुआ और उन्होंने 17 साल की उम्र में जनवरी 2019 में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया।
    • नवंबर 2021 में ब्राजील के खिलाफ मैत्रीपूर्ण मैच में गोल कर सुर्खियां बटोरीं (भारत 1-6 से हारा)।
    • उन्होंने भारतीय महिला लीग (आईडब्ल्यूएल) में गोकुलम केरल एफसी के लिए तीन सीजन खेले और 2019-20 तथा 2021-22 में खिताब जीतने में मदद की।
    • जुलाई 2022 में अपोलन लेडीज के साथ मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट साइन किया
    • जो भारतीय महिलाओं में दुर्लभ था (बाला देवी, आदि चौहान, अशलता देवी के बाद)।
  • उपलब्धियां और सम्मान
    • मनीषा को 2021 में 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर' चुना गया और 2021-22 के लिए एआईएफएफ महिला फुटबॉलर ऑफ द ईयर बनीं।
    • वह पुरुष या महिला कोई भी पहली भारतीय हैं जो यूईएफए चैंपियंस लीग में खेले।
    • इस उपलब्धि ने भारतीय महिला फुटबॉल को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। बाद में उन्होंने ग्रीस और स्कॉटलैंड (रेंजर्स वुमन एफसी) में भी खेला।
  • महत्व
    • यह ऐतिहासिक पल भारतीय फुटबॉल के लिए मील का पत्थर साबित हुआ
    • जो विदेशी लीगों में भारतीय प्रतिभाओं के लिए द्वार खोलता है।
    • मनीषा का सफर घरेलू स्तर से यूरोपीय शीर्ष प्रतियोगिता तक प्रेरणादायक है।

7. मुक्केबाजी में वैल बार्कर कप (Val Barker Cup) ओलंपिक खेलों में सबसे उत्कृष्ट मुक्केबाज को दिया जाता है लेकिन यह ....... के ओलंपिक खेलों में नहीं दिया गया था। [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 2020
Solution:
  • वैल बार्कर कप मुक्केबाजी में ओलंपिक खेलों के सबसे उत्कृष्ट मुक्केबाज को दिया जाता है।
  • हालांकि, यह ट्रॉफी टोक्यो 2020 ओलंपिक (जो 2021 में आयोजित हुए) में नहीं दी गई थी।
  • अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने मुक्केबाजी की शासी निकाय में मुद्दों के कारण 2020 ओलंपिक में मुक्केबाजी टूर्नामेंट का संचालन स्वयं किया था
  • वैल बार्कर कप का इतिहास
    • यह ट्रॉफी 1936 बर्लिन ओलंपिक से शुरू हुई, जो ब्रिटिश मुक्केबाज वेल बार्कर (1891 में ABA हेवीवेट खिताब विजेता) के नाम पर रखी गई।
    • AIBA (अब IBA) के अधिकारियों की समिति द्वारा "पाउंड फॉर पाउंड" सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज चुना जाता है, जो शैली, तकनीक और प्रदर्शन पर आधारित होता है।
    • पहले विजेता अमेरिकी लुई लॉरी थे, जिन्होंने फ्लाइवेट में कांस्य जीता।
  • महत्वपूर्ण विजेता
    • 1948 लंदन: जॉर्ज हंटर (दक्षिण अफ्रीका, लाइट हेवीवेट स्वर्ण)।
    • 1972 म्यूनिख: टियोफिलो स्टीवेन्सन (क्यूबा, हेवीवेट स्वर्ण)।
    • 1988 सियोल: रॉय जोन्स जूनियर (अमेरिका, सिल्वर—विवादास्पद निर्णय)।
    • 2008 बीजिंग: वासिल लोमाचेंको (यूक्रेन, फेदरवेट स्वर्ण)।
    • 2016 रियो: पहली बार दो ट्रॉफी—हसनबॉय दुसमातोव (उज्बेकिस्तान) और क्लैरिसा शील्ड्स (अमेरिका)।​
    • अमेरिकी मुक्केबाजों के पास सबसे ज्यादा 6 पुरस्कार हैं, उसके बाद कजाकिस्तान के 3।​
  • किन ओलंपिक में नहीं दिया गया
    • यह ट्रॉफी लगभग हर ओलंपिक में दी गई, सिवाय हाल के दो—2020 टोक्यो और 2024 पेरिस।​
    • कारण: AIBA का निलंबन (भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के चलते IOC ने ओलंपिक बॉक्सिंग से अलग कर दिया)।​
    • 2020 टोक्यो ( covid के कारण 2021 में) में IOC ने स्वतंत्र इकाई बनाई, इसलिए वैल बार्कर कप नहीं दिया गया।
  • अन्य रोचक तथ्य
    • केवल तीन विजेता गोल्ड नहीं जीते: लॉरी (1936, कांस्य), वारुइंगे (1968, कांस्य), जोन्स (1988, सिल्वर)।​
    • महिला बॉक्सिंग 2012 से ओलंपिक में आई, इसलिए 2016 से महिला श्रेणी अलग ट्रॉफी।​
    • यह पुरस्कार मुक्केबाजी की शैलीगत उत्कृष्टता को सम्मानित करता है, न कि सिर्फ पदक।​

8. निम्नलिखित में से कौन-सा देश 2024 दक्षिण एशियाई खेलों की मेजबानी करेगा? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पाकिस्तान
Solution:
  • 2024 दक्षिण एशियाई खेलों की मेजबानी मूल रूप से पाकिस्तान को दी गई थी
  • जिसका आयोजन लाहौर, फैसलाबाद, सियालकोट, और इस्लामाबाद जैसे शहरों में प्रस्तावित था।
  • हालांकि, दक्षिण एशियाई खेलों का आयोजन अक्सर राजनीतिक और महामारी संबंधी कारणों से अनिश्चित रहा है
  • इसमें देरी भी हो सकती है। इन खेलों का उद्देश्य दक्षिण एशियाई देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • मेजबान देश और शहर
    • 2024 दक्षिण एशियाई खेलों (South Asian Games, SAG) की मेजबानी पाकिस्तान को दी गई है।​
    • खेलों का मुख्य आयोजन पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में किया जाना प्रस्तावित है।​
  • तिथि और स्थगन
    • ये खेल मूल रूप से मार्च 2023 में होने थे, लेकिन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की बैठक में निर्णय के बाद इन्हें मार्च 2024 तक स्थगित किया गया।​
    • स्थगन का निर्णय दक्षिण एशिया ओलंपिक परिषद (SAOC) के सदस्य देशों की सहमति से लिया गया था।​
  • पाकिस्तान की पिछली मेजबानियाँ
    • पाकिस्तान इससे पहले दो बार दक्षिण एशियाई खेलों की मेजबानी कर चुका है: 1989 और 2004 में।​
    • दोनों बार खेल इस्लामाबाद में आयोजित किए गए थे।​
  • खेलों का स्वरूप और भाग लेने वाले देश
    • दक्षिण एशियाई खेल एक चतुर्वार्षिक (चार साल में एक बार होने वाला) बहु-खेल आयोजन है, जिसमें दक्षिण एशिया के देशों के एथलीट भाग लेते हैं।
    • SAOC के सदस्य देशों में शामिल हैं: बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका (कई स्रोतों में अफगानिस्तान को भी जोड़ा गया है
    • प्रश्न में दिए संदर्भ में ये सात देश उल्लेखित हैं)।
  • 2024 संस्करण की प्रमुख विशेषताएँ
    • 2024 दक्षिण एशियाई खेलों में लगभग 27 खेल और कुल 376 स्पर्धाएँ आयोजित होने की योजना है।​
    • अनुमान है कि 7 सदस्य देशों के 5,000 से अधिक एथलीट इन खेलों में भाग लेंगे।​

9. वर्ष 1982 के एशियाई खेलों की मेजबानी किस देश ने की थी? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (I-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) भारत
Solution:
  • भारत ने वर्ष 1982 में दूसरी बार एशियाई खेलों की मेजबानी नई दिल्ली में की थी।
  • यह भारत में आयोजित एक प्रमुख खेल आयोजन था, जिसके लिए कई नए स्टेडियम और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया था
  • जिसमें प्रसिद्ध जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम भी शामिल है। भारत ने पहली बार 1951 में एशियाई खेलों की मेजबानी की थी।
  • मूल जानकारी
    • मेज़बान देश: भारत
    • मेज़बान शहर: नई दिल्ली
    • खेलों की तिथियाँ: 19 नवम्बर 1982 से 4 दिसम्बर 1982 तक
    • संस्करण: ये 9वें एशियाई खेल थे, जिन्हें “दिल्ली 1982” नाम से भी जाना गया।
  • भारत की मेजबानी और महत्व
    • भारत ने एशियाई खेलों की मेजबानी दूसरी बार 1982 में की; पहली बार 1951 में भी एशियाई खेल नई दिल्ली में ही आयोजित हुए थे।
    • 1951 और 1982 दोनों खेलों के कारण नई दिल्ली, बैंकॉक के बाद ऐसा दूसरा शहर बना जिसने एशियाई खेलों की मेज़बानी एक से अधिक बार की।
    • 1982 के लिए विशेष रूप से नई दिल्ली को सजाया-संवारा गया
    • नई सड़कें बनीं और पुरानी सड़कों को चौड़ा किया गया
    • जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम इसी आयोजन के लिए प्रमुख मुख्य स्थल के रूप में विकसित किया गया।
  • प्रतियोगिताएँ, भागीदारी और कार्यक्रम
    • 1982 एशियाई खेलों में कुल 33 देशों ने भाग लिया। इन खेलों में लगभग 3411 एथलीटों ने हिस्सा लिया
    • जो उस समय के लिए काफ़ी बड़ा महाद्वीपीय जमावड़ा था। कुल 21 खेलों में 196 इवेंट (प्रतियोगिताएँ) आयोजित की गईं
    • जिनमें एथलेटिक्स, तैराकी जैसी पारंपरिक स्पर्धाओं के अलावा कई नए खेल शामिल किए गए।
    • इन खेलों में पहली बार कुछ नए खेल जोड़े गए, जैसे घुड़सवारी, गोल्फ़, हैंडबॉल, नौकायन (सेलिंग) और महिलाओं की हॉकी
    • जिससे एशियाई खेलों का दायरा और अधिक व्यापक हो गया। यह विस्तार यह दिखाता है
    • 1982 के एशियाई खेल केवल संख्या की दृष्टि से नहीं, बल्कि खेलों की विविधता के लिहाज से भी एक मील का पत्थर थे।
  • भारत का प्रदर्शन
    • मेज़बान होने के नाते भारत ने बड़ी तैयारियों के साथ भाग लिया और कुल पदक तालिका में 5वें स्थान पर रहा।
    • भारत ने कुल 57 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 19 रजत और 25 कांस्य पदक शामिल थे।
    • मेज़बान देश के लिए यह प्रदर्शन सम्मानजनक माना गया
    • क्योंकि पिछली कई प्रतियोगिताओं की तुलना में पदकों की संख्या और स्वर्ण दोनों में वृद्धि दिखी।
  • आयोजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • 1982 के एशियाई खेल एशियाई ओलंपिक परिषद (Olympic Council of Asia – OCA) के नेतृत्व में आयोजित हुए।
    • इससे पहले एशियाई खेल महासंघ (Asian Games Federation) खेलों का संचालन करता था
    • लेकिन उसके भंग होने के बाद एशियाई ओलंपिक परिषद का गठन किया गया और 1982 के खेल उसके अधीन हुए।

10. प्रथम एशियाई खेलों की मेजबानी किस एशियाई देश ने की थी? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (II-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (II-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 01 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) भारत
Solution:
  • प्रथम एशियाई खेलों की मेजबानी 1951 में भारत ने नई दिल्ली में की थी।
  • यह आयोजन एशियाई देशों के बीच एकता और खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
  • भारत ने इन खेलों में 51 पदक जीतकर पदक तालिका में दूसरा स्थान प्राप्त किया था
  • इस आयोजन ने एशियाई खेलों के आंदोलन की नींव रखी।
  • आयोजन विवरण
    • सभी इवेंट मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम (तत्कालीन नेशनल स्टेडियम) में हुए। कुल 11 देशों के 489 एथलीटों ने भाग लिया
    • जिनमें अफगानिस्तान, बर्मा (अब म्यांमार), सीलोन (अब श्रीलंका), इंडोनेशिया, ईरान, जापान, नेपाल, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और मेजबान भारत शामिल थे।
  • पदक तालिका
    • जापान ने सबसे अधिक 60 पदक (24 स्वर्ण) जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया।
    • मेजबान भारत ने 51 पदक (15 स्वर्ण) के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया।
    • यह भारत का एशियाई खेलों में पहला मजबूत प्रदर्शन था
    • जो देश की खेल क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • एशियाई खेलों की शुरुआत फार ईस्टर्न चैंपियनशिप गेम्स (1913-1934) से हुई, जो ओरिएंटल ओलंपिक के नाम से जाना जाता था।
    • 1947 के एशियन रिलेशन्स कॉन्फ्रेंस (जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में) ने इसकी नींव रखी।
    • 1948 लंदन ओलंपिक के दौरान गुरु दत्त सोंधी के नेतृत्व में एशियन गेम्स फेडरेशन (AGF) का गठन हुआ
    • जिसने पहले संस्करण का आयोजन किया। AGF ने 1978 तक आयोजन संभाला, उसके बाद ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने जिम्मेदारी ली।
    • एशियाई खेल ओलंपिक के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट है।​
  • भारत की भूमिका
    • भारतीय ओलंपिक संघ ने आयोजन की जिम्मेदारी निभाई। यह भारत के स्वतंत्रता के बाद पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन था
    • जिसने एशिया में खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। भारत ने 1982 में भी एशियाई खेलों की मेजबानी की और कुल 19 संस्करणों में 779 पदक जीते हैं।
    • आज तक 9 देशों ने मेजबानी की, थाईलैंड सबसे अधिक 4 बार (सभी बैंकॉक में)।