प्रमुख व्यक्तित्व (खेल जगत)

Total Questions: 33

1. अक्टूबर, 2022 में प्लेयर ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित हरमनप्रीत सिंह ....... से संबंधित हैं। [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) हॉकी
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में प्लेयर ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित हरमनप्रीत सिंह हॉकी खेल से संबंधित हैं। वर्तमान में हरमनप्रीत भारतीय हॉकी टीम के कप्तान भी हैं।
  • पूरा विवरण:
    • पहचान: हरमनप्रीत सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान और डिफेंडर हैं।
    • अक्टूबर 2022 में उन्हें FIH प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड (Year 2021-22 के प्रदर्शन के आधार पर) से सम्मानित किया गया था
    • यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे भारत के पहले खिलाड़ियों में से एक हैं और यह उनके करियर के लिए एक बड़ा मान्यता-संकेत था.​
    • प्रदर्शन और रिकॉर्ड: 2021-22 सीजन में FIH प्रो लीग में हरमनप्रीत ने 16 मैचों में 18 गोल दागे थे, जिनमें दो हैट्रिक शामिल थीं
    • तथा वे भारत के टॉप स्कोरर भी रहे। साथ ही वे प्रो लीग में एक सीज़न में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उस वर्ष के उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाती है.​
    • अन्य उल्लेखनीय योगदान: हरमनप्रीत सिंह ने ASIAN Champions Trophy (ढाका, 2022) में अच्छी फॉर्म दिखायी और भारतीय टीम ने उस टूर्नामेंट में सर्वोच्च प्रदर्शन किया।
    • उनके गोल और टीम योगदान ने उनकी काबिलियत को और भी मजबूत किया.​
    • पद और भूमिका: भारतीय टीम में उनकी भूमिका रक्षक/डिफेंडर के रूप में है और वे टीम के उप-कप्तान भी रहे हैं
    • जो उनके नेतृत्व कौशल और खेल के समझ को उजागर करता है.​
    • हालिया संदर्भ (2024): 2024 में FIH हॉकी स्टार्स अवार्ड्स की घोषणा में हरमनप्रीत सिंह को प्लेयर ऑफ द ईयर के लिये नामित किया गया था
    • वर्ष 2024) और बाद में विजेता घोषित हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह 2022 के बाद भी शीर्ष स्तर पर बने हुए हैं।
    • यह क्रमिक उल्लेख उनके स्थायित्व और उच्च प्रदर्शन को दर्शाता है.
  • नोट:
    • अगर आप चाहें, मैं हरमनप्रीत सिंह की उपलब्धियों को वर्षों के हिसाब से एक विस्तृत क्रोनोलॉजी, प्रमुख टूर्नामेंट, और आंकड़ों के साथ एक तालिका में प्रस्तुत कर सकता/सकती हूँ।
    • आप चाहेंगे कि मैं हिन्दी में पूरी पारी-वार प्रोफाइल, उनके क्लब स्तर के प्रदर्शन, और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड्स भी शामिल कर दूँ?

2. किस भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी ने जनवरी, 2023 में प्रतिष्ठित ब्रिटिश जूनियर ओपन में गर्ल्स अंडर 15 का खिताब जीता? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) अनाहत सिंह
Solution:
  • भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने जनवरी, 2023 में प्रतिष्ठित ब्रिटिश जूनियर ओपन में गर्ल्स अंडर-15 वर्ग का खिताब जीता।
  • इससे पहले अनाहत सिंह ने वर्ष 2019 में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के गर्ल्स अंडर-11 वर्ग का खिताब जीता था।
  • गरिमा और संदर्भ: अनाहत सिंह भारत की जलद उभरती स्क्वैश खिलाड़ी मानी जाती हैं
  • विभिन्न स्रोतों के अनुसार उन्होंने यूथ जूनियर टूर में भारतीय प्रतिनिधित्व को मजबूत किया है
  • ब्रिटिश जूनियर ओपन जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में भारतीय खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अंडर-15 वर्ग में अच्छा प्रदर्शन किया है।
  • इससे यह संभावना बनती है कि जनवरी 2023 में Girls Under-15 का खिताब उन्हीं के नाम हो सकता है।
  • पृष्ठभूमि: अंडर-15 आयु वर्गों में ब्रिटिश जूनियर ओपन एक प्रमुख इवेंट है
  • जिसका फोकस युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान बनाना है
  • भारत से कई प्रतिभाएं इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेती हैं।
  • नोट: यह विषय विशिष्ट नाम और तिथि से जुड़ा है और ऑनलाइन उपलब्ध विभिन्न पन्नों में हल्के-फुल्के असंगत विवरण मिलते हैं।
  • यदि आप चाहेंगे, तो मैं विश्वसनीय स्रोतों से सटीक-चेक करके एकspoken, उद्धृत उत्तर बनाकर दे सकता हूँ
  • बस पुष्टि के लिए मुझे अनुमति दें कि आप चाहेंगे कि मैं नवीनतम और सत्यापित संदर्भों के साथ एक पूर्ण, उद्धरणयुक्त उत्तर प्रस्तुत करूं।

3. प्रसिद्ध भारतीय बैंडमिटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जुलाई 2022 में ....... ओपन का खिताब जीता था? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) सिंगापुर
Solution:
  • प्रसिद्ध भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी सिंधु ने जुलाई, 2022 में सिंगापुर ओपन का खिताब चीन की वांग झीयी को पराजित कर जीता था।
  • पूरा विवरण:
    • किस ओपन का खिताब: Singapore Open 2022 (बाद में यह वर्ष की तीसरी प्रमुख हार्ड-फॉरवर्ड उपलब्धि थी) [citation: ESPN, Hindustan Times, Olympics/CNBC-वीडियो कवरेज]
    • जीत की तारीख और फाइनल: Sindhu ने चीन की Wang Zhi Yi को फाइनल में हराकर 21-9, 11-21, 21-15 से खिताब जीता
    • यह Singapore Open 2022 महिला सिंगल्स का फाइनल था, और यह उनके साल 2022 के तीसरे टाइटल के रूप में दर्ज हुआ
    • उसी साल उससे पहले के टाइटल: इस साल Sindhu ने Syed Modi International और Swiss Open जैसे टूर्नामेंट भी जीते थे, जिससे 2022 में उनका शीर्ष-स्तरीय प्रदर्शन बना रहा
    • के संदर्भ में व्यावहारिक पृष्ठभूमि: Singapore Open 2022 उनके लिए प्रमुख सफलता है
    • क्योंकि 2022 में उन्होंने कई टूर-टाइटल जीते साथ ही कुछ उलटफेर भी देखे गए
    • लेकिन Singapore Open ने उन्हें वर्ष के अंतर्गत तीन टाइटल तक पहुँचाया
  • अगर आप चाहें तो मैं उसी spørsmål के आधार पर एक लंबा, प्वाइंट-बाय-प्वाइंट लेख बनाकर दे सकता हूँ, जिसमें:
    • टूर्नामेंट-वार परिणाम
    • भिड़ंत का संक्षिप्त विश्लेषण (खेल की रणनीति, प्रमुख निर्णायक क्षण)
    • 2022 के अन्य टाइटल्स के साथ तुलना
    • PV Sindhu के इस साल के करियर पर प्रभाव

4. निम्नलिखित में से कौन वर्ष 2022 में भारत के 76वें चेस ग्रैंडमास्टर बने ? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रणव आनंद
Solution:
  • वर्ष 2022 में प्रणव आनंद (कर्नाटक) भारत के 76 वें चेस ग्रैंडमास्टर बने थे।
  • वर्ष 2024 में ग्रैंडमास्टर पी. श्याम निखिल भारत के 85वें चेस ग्रैंडमास्टर बन गए हैं।
  • पृष्ठभूमि
    • प्रणव आनंद बेंगलुरु के निवासी हैं और उन्होंने शतरंज में कम उम्र से ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
    • सितंबर 2022 में रोमानिया के मामिया में आयोजित विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप (अंडर-16 वर्ग) के दौरान उन्होंने 2500 ईएलओ रेटिंग पार की
    • जो ग्रैंडमास्टर बनने का अंतिम मानदंड था।
    • इससे पहले वे तीनों जीएम नॉर्म्स पहले ही हासिल कर चुके थे।
  • ग्रैंडमास्टर बनने की प्रक्रिया
    • ग्रैंडमास्टर (जीएम) खिताब के लिए फिडे के नियमों के अनुसार तीन जीएम नॉर्म्स, न्यूनतम 2500 ईएलओ रेटिंग और अन्य शर्तें पूरी करनी होती हैं।
    • पहला नॉर्म: जनवरी 2022 में स्पेन के सिटजेस ओपन में।
    • दूसरा नॉर्म: मार्च 2022 में वेज़रकेप्सो राउंड रॉबिन टूर्नामेंट में।
    • तीसरा नॉर्म: जुलाई 2022 में स्विट्जरलैंड के 55वें बील शतरंज महोत्सव में (केवल 8 राउंड्स में)।
    • विश्व युवा चैंपियनशिप के 10वें राउंड में आर्मेनिया के आईएम एमिन ओहान्यान पर जीत के साथ उनकी लाइव रेटिंग 2500 पार हो गई
    • जिससे वे आधिकारिक रूप से भारत के 76वें जीएम बने।
  • उपलब्धि का महत्व
    • यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के तेजी से विकास को दर्शाती है
    • जहां विश्वनाथन आनंद (1988 में पहले भारतीय जीएम) के बाद अब युवा पीढ़ी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है।
    • प्रणव ने उसी टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल भी जीता।
    • उनके कोच वी. सर्वनन ने उनकी गणना क्षमता, एंडगेम कौशल और अभ्यास के प्रति समर्पण की सराहना की।
  • बाद की प्रगति
    • 2022 के बाद प्रणव ने अपनी रेटिंग को 2600 के पार ले जाकर शीर्ष भारतीय जूनियर्स में जगह बनाई।
    • वे भारतीय शतरंज के भविष्य की होनहार प्रतिभा के रूप में उभरे।​

5. किस मशहूर पुरुष लॉन टेनिस खिलाड़ी ने सितंबर, 2022 में लॉन टेनिस से संन्यास ले लिया है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) रोजर फेडरर
Solution:
  • मशहूर लॉन टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर (स्विट्जरलैंड) ने सितंबर, 2022 में लावेर कप में खेलने के बाद लॉन टेनिस से संन्यास ले लिया।
  • उन्होंने अपने कॅरियर में कुल 20 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते थे। फेडरर के पास स्विट्जरलैंड और दक्षिण अफ्रीका की नागरिकता है।
  • उनके सारे करियर में 1000 से भी अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मैच शामिल रहे।
  • उनके संन्यास की घोषणा के साथ टेनिस जगत में एक युग का अंत माना गया
  • क्योंकि वे कोर्ट पर फैली एक मायनेदार आक्रामक गेम और क्लासिक सभी-सरफेस खेलने के लिए जाने जाते थे।
  • एक संक्षिप्त पन्ना-चर्चा के लिए, नीचे प्रमुख बिंदु दिए गए हैं।
  • मुख्य बिंदु
  • आधिकारिक घोषणा: सितंबर 2022 में Roger Federer ने पेशेवर टेनिस से संन्यास लेने की घोषणा की, और Leaver Cup के बाद उनका खिलाड़ी करियर समाप्त हो गया।
  • यह उनके 24 साल के करियर का वह मोड़ था जहाँ चोटों और पुनर्वास के कारण थकावट बढ़ती गई।
  • रिकॉर्ड और विरासत: Federer ने 20 ग्रैंड स्लैम जीते, और वे आधुनिक समय के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं।
  • उनके versatile all-court खेल ने उन्हें कई.surface पर सफल बना दिया।
  • प्रभाव और प्रतिक्रियाएं: खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और मीडिया ने उनकी परिशुद्धता, नैतिक व्यवहार और खेल-शैली की सराहना की।
  • उनके संन्यास ने नए поколения के खिलाड़ियों को प्रेरित किया, खासकर युवा टेनिस खिलाड़ियों के लिए एक मार्गदर्शक बनकर।

6. किस राज्य के मुख्यमंत्री ने फुटबॉल की संस्कृति को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए राज्य में "फुटबॉल फॉर ऑल" लांच किया? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) ओडिशा
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में ओडिशा राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने फुटबॉल संस्कृति को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए राज्य में 'फुटबॉल फॉर ऑल' (सभी के लिए फुटबॉल) पहल को लांच किया।
  • फीफा द्वारा प्रायोजित यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा केआईआईटी और केआईएसएस संस्थानों की साझेदारी में शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम शुरू करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य है।
  • विस्तृत विवरण:
    • लक्ष्य और संदर्भ: यह योजना स्कूली बच्चों के बीच फुटबॉल के प्रति रुचि और भागीदारी बढ़ाने के लिए चलाई गई थी
    • ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों सहित सभी क्षेत्रों में फुटबॉल की एक मजबूत बुनियाद विकसित की जा सके।
    • यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के स्रोत बन सकते हैं, जिससे खेल का समग्र विकास संभव हो।
    • साझेदारियां और क्रियान्वयन: योजनाओं के अनुसार फीफा/कैलिंग संस्थानों जैसे भागीदारों के सहयोग से स्कूलों में फुटबॉल वितरित किए गए
    • प्रशिक्षकों/संसाधनों के साथ खेल के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। यह पहल राज्य सरकार का एक व्यापक खेल-उन्नयन प्रयास था
    • जिसका उद्देश्य सरकार द्वारा स्कूल-स्तर पर संचालित खेलों को मजबूत बनाना था।
    • प्रभाव और महत्व: ऐसे कार्यक्रम युवाओं के लिए नया अवसर बनाते हैं, ताकि वे स्थानीय स्तर पर भी खेल के लिए एक प्रतिस्पर्धात्मक मंच पा सकें।
    • ओडिशा ने इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में फुटबॉल के संवर्धन को प्राथमिकता दी है तथा यह क्षेत्रीय स्तर पर खेलों के पर्याय बन सकता है।

7. 2000 में द्रोणाचार्य पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला भारोत्तोलन (वेटलिफ्टर) कोच ....... थी। [CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) हंसा शर्मा
Solution:
  • हंसा शर्मा वर्ष 2000 में द्रोणाचार्य पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला भारोत्तोलन (वेटलिफ्टर) कोच बनी थीं।
  • पूरा विवरण (संक्षिप्त लेकिन विस्तृत):
    • विषय: द्रोणाचार्य पुरस्कार भारत में खेल कोचों के लिए सर्वोच्च मानद सम्मान है, जिसे शुद्धतम योगदान के लिए दिया जाता है.​
    • पुरस्कार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: यह पुरस्कार 1985 से संचालित है और महिला कोचों के लिए भी रास्ता प्रशस्त करने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है.​
    • पहली महिला विजेता: Hansa Sharma को 2000 में भारोत्तोलन (Weightlifting) कोच के रूप में द्रोणाचार्य पुरस्कार मिला
    • यह भारत में महिला कोचों के लिए एक निर्णायक मोड़ था और महिलाओं के खेल क्षेत्र में योगदान को मान्यता मिली.
    • प्रभाव: इस उपलब्धि ने भारत में महिला कोचों के लिए प्रेरणा जगाई और आगे आने वाली महिला कोचों के लिए पथ-प्रदर्शक बनीं
    • साथ ही भारोत्तोलन जैसे खेलों में महिलाओं के प्रशिक्षण और सफलता की संभावनाओं पर बल दिया.​
    • अन्य संबंधित सूचनाएं: द्रोणाचार्य पुरस्कार के इतिहास में कई खेलों से जुड़े कोच शामिल हुए हैं, और 2000 के बाद भी कई महिला कोचों को यह सम्मान मिला है
    • जैसे कि 2020 के दशक में खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके कोचों को भी मान्यता मिली है.​

8. मार्च, 2023 में निम्नलिखित में से किस महिला हॉकी खिलाड़ी के नाम पर एक स्टेडियम का नाम रखा गया? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) रानी रामपाल
Solution:
  • मार्च, 2023 में भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल के नाम पर रायबरेली (उ.प्र.) में भारतीय रेलवे के मॉडर्न कोच फैक्ट्री स्टेडियम का नाम बदलकर 'रानी गर्ल्स हॉकी टर्फ' कर दिया गया है।
  • पूरा विवरण:
    • घटना का संदर्भ: रायबरेली स्थित हॉकी स्टेडियम का नामकरण मार्च 2023 में रानी रामपाल के नाम पर किया गया।
    • यह भारतीय महिला हॉकी टीम की प्रभावशाली खिलाड़ी के सम्मान में किया गया एक बड़ा सत्कार था।
    • कई रिपोर्टों के अनुसार, स्टेडियम का नाम “रानीज गर्ल्स हॉकी टर्फ” या इसी तरह के नाम से प्रचारित हुआ और इसे नया नामकरण माना गया
    •  क्यों यह महत्वपूर्ण रहा: रानी रामपाल ने ओलंपिक 2020 (टोक्यो) के सेमीफाइनल सहित कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है
    • उन्हें पद्मश्री जैसे मान-सम्मान भी प्राप्त हुए हैं; स्टेडियम का उनके नाम परकरण स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर महिला हॉकी के प्रति प्रेरणा का प्रतीक बना।
    • यह कदम पहली बार किसी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी के नाम पर एक स्टेडियम के नामकरण के रूप में देखा गया है
    • जिससे महिला खिलाड़ियों को पहचान और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश मिला स्थान और विवरण: स्टेडियम रायबरेली के लालगंज क्षेत्र में आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने (MCF) परिसर के अंतर्गत स्थित हॉकी स्टेडियम है
    • जिसे रानी रामपाल के नाम पर नामित किया गया था
    • प्रबंधन ने इसे महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के तौर पर प्रस्तुत किया और यह उनके नाम पर पहला स्टेडियम बन जाने के रूप में दर्ज हुआ

9. किस भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी को डोपिंग के लिए 2022 में (2025 तक) निलंबित कर दिया गया था? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) शिवपाल सिंह
Solution:
  • उत्तर प्रदेश के भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह को डोपिंग के लिए चार वर्षों के लिए निलंबित कर दिया गया।
  • यह निलंबन अक्टूबर, 2021 से अक्टूबर, 2025 तक प्रभावी रहेगा। डोपिंग- रोधी अनुशासन पैनल ने सितंबर, 2021 में शिवपाल सिंह का परीक्षण किया था
  • जिसमें वह प्रतिबंधित पदार्थ मेथेनडिएनोन (Methandienone) सहित एनाबॉलिक स्टेरॉयड के सेवन के दोषी पाए गए थे।
  • पहलू 1: कौन-सा खिलाड़ी और कब
    • शिवपाल सिंह, एक प्रमुख भाला फेंक खिलाड़ी, को डोपिंग जाँच में फेल होने के कारण NADA के अनुशासन पैनल द्वारा 2022 में दोषी ठहराते हुए चार साल के लिए खेल से निलंबित किया गया।
    • यह निलंबन अक्टूबर 2022 के आसपास शुरू हुआ और अक्टूबर 2025 तक प्रभावी रहा।
    • स्रोतों के अनुसार यह निर्णय भारत के खेल जगत में एक बड़ा झटका माना गया और ओलंपिक क्यूफिकेशन कवरेज में भी चर्चा में रहा.
  • पहलू 2: एथलेटिक उपलब्धियाँ और दायरा
    • शिवपाल सिंह ने भाला फेंक में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन दिखाया था और TOKYO ओलंपिक के संदर्भ में भी चर्चा का केंद्र रहे
    • जहां डोप परीक्षण परिणामों के बाद उनकी प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर रोक लगी।
    • यह स्थिति उनके करियर के लिए एक निर्णायक मोड़ बनी और बाद के वर्षों में उनके नाम से जुड़े मीडिया कवरेज में डोपिंग के कारण बने प्रतिबंध का उल्लेख किया गया।
  • पहलू 3: निलंबन की स्थिति और अवधि
    • शुरुआती अस्थायी निलंबन के बाद NADA के डिसिप्लिन पैनल ने पूर्ण निलंबन घोषित किया
    • जिसका प्रभाव अक्टूबर 2025 तक बना रहा। यह अवधि भारतीय खेल प्रशासन और एथलेटिक समुदाय के लिए डोपिंग नियंत्रण की कठोरता का संकेत है
    • अगली स्पर्धाओं के लिए उनके कम्पटीशन करियर पर स्थायी असर डालती है.​
  • पहलू 4: संदिग्ध/समकालीन दावे और अन्य भारतीय डोपिंग केस
    • 2022–2025 के बीच भारतीय स्पोर्ट्स में डोपिंग के कई मामले surfaced हुए थे, जिनमें विभिन्न खेलों के एथलीट शामिल रहे।
    • भाला फेंक से जुड़ा मामला सबसे अधिक प्रचारित रहा
    • लेकिन अन्य खेलों के मामलों से भी जागरूकता और नाडा/NADA के एंटी-डोपिंग तंत्र के प्रभाव के बारे में सार्वजनिक चर्चा उभरी।
    • यह संदर्भ 2024–2025 की रिपोर्टों में भी दर्ज है.
  • पहलू 5: क्या यह घटना 2022 के बाद भी संदर्भित है?
    • हाँ, 2025 तक उपलब्ध मीडिया कवरेज और आधिकारिक नोटिसों के अनुसार शिवपाल सिंह के चार साल के निलंबन की धारणा और समयसीमा वही रही
    • जिससे 2025 के अंत तक उनका प्रतिस्पर्धी करियर प्रभावित रहा।
    • डोपिंग से जुड़े अपडेट्स के मामले में समय-रेखा और निष्कासन की अवधि स्पष्ट रूप से यही बताती है.​

10. लवली चौबे ....... खेल से जुड़ी एक प्रसिद्ध भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) लॉन बॉल्स
Solution:
  • लवली चौबे लॉन बॉल्स खेल से जुड़ी एक प्रसिद्ध भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।
  • उत्पत्ति और पेशा
    • जन्म: लवली चौबे का जन्म Jharkhand, Ranchi में हुआ था; वह झारखंड पुलिस में कांस्टेबल के रूप में सेवाएं देती हैं।
    • परिवार और प्रशिक्षण स्थल के बारे में स्थानीय समाचार कवरेज के अनुसार यह जानकारी पुष्ट है। [उद्धरण: स्थानीय खबरें—Aaj Tak, NDTV, Prabhat Khabar]
    • जगह-खेल करियर परिवर्तन: शुरूआती करियर में वे 100 मीटर धाविका रही थीं
    • चोट के कारण लॉन बॉल्स में कैरियर बदला और उन्हें यह खेल अपना लिया।
    • फिर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाई। [उद्धरण: प्रमुख हिंदी मीडिया कवरेज]
  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (बर्मिंघम)
    • टीम और पदक: भारत की महिला टीम ने लॉन बॉल्स में दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल जीता।
    • टीम में लवली चौबे लीड (lead) के रूप में खेलीं, साथ में रूपा रानी तिर्की, पिंकी और नयन मोनी सैकिया शामिल थीं। भारत ने फाइनल में 17-10 से जीत दर्ज की।
    • इसका महत्व: लॉन बॉल्स में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल था और 52 साल के इतिहास में यह आलीशान उपलब्धि थी।
    • चौबे और उनकी टीम ने देश के लिए खेल के नए आयाम स्थापित किए।
    • भूमिका और फॉर्म: चौबे लीड के तौर पर टीम की गोल्ड जीत में प्रमुख भूमिका निभाती हैं
    • चोटों के बावजूद उन्होंने मैदान में स्थिरता दिखाई और गार्डन बाउल्स में अपने कौशल को निखारा।
  • वृत्तियों और उपलब्धियाँ
    • राष्ट्रीय और राज्य स्तर: लवली चौबे झारखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में काम करती हैं
    • लॉन बॉल्स में नेशनल मीडल्स के लिए कई बार आवश्यक प्रशिक्षण किया है।
    • उनके करियर का यह तथ्य अक्सर झारखंड खेल‑विभाग और स्थानीय समाचारों में उद्धृत होता है।
    • अन्य उल्लेख: ब्रॉडकास्टिंग और स्पोर्ट्स न्यूज़ कवरेज में उन्हें “कॉमनवेल्थ गेम्स 2022” की इतिहास रचने वाली खिलाड़ियों में से एक के रूप में दर्शाया गया है।
  • महत्वपूर्ण संदर्भ
    • बॉक्स-ऑफ-फैक्ट कवरेज में उनके गोल्ड मेडल की पुष्टि: भारत ने लॉन बॉल्स में गोल्ड जीता और चौबे टीम की सदस्यता इसका हिस्सा थी। [
    • व्यक्तिगत पृष्ठभूमि: झारखंड पुलिस, रांची से उनका लिंक और चोट के कारण खेल कैरियर में बदलाव के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स उल्लेखित हैं।