विविध (खेल जगत) भाग-I

Total Questions: 60

1. 2022 में आईडब्ल्यूएफ (IWF) में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले भारोत्तोलक गुरुनायडू सनापति किस राज्य से हैं? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) आंध्र प्रदेश
Solution:
  • 2022 में आईडब्ल्यूएफ (IWF) युवा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले भारोत्तोलक गुरुनायडू सनापति आंध्र प्रदेश राज्य से हैं।
  • उन्होंने पुरुषों की 55 किलोग्राम स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की थी।
  • सनापति ने मैक्सिको के लियोन में आयोजित IWF युवा विश्व चैंपियनशिप 2022 में 230 किग्रा (स्नैच में 104 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा) का कुल भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
  • यह जीत भारतीय भारोत्तोलन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
  • राज्य और पृष्ठभूमि
    • गुरुनायडू सनापति आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के नेल्लिमरला मंडल के चंद्रंपेटा गांव से आते हैं।
    • उनके माता-पिता खेत मजदूर हैं, जो उनकी सफलता को और प्रेरणादायक बनाता है।​
    • यह उपलब्धि उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में हासिल की, जो भारतीय भारोत्तोलन के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई।​​
  • स्वर्ण पदक का विवरण
    • मैक्सिको के लियोन में आयोजित IWF युवा विश्व चैंपियनशिप 2022 में, गुरुनायडू ने 55 किग्रा वर्ग (लड़कों) में भाग लिया।​​
    • उन्होंने स्नैच में 104 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा उठाकर कुल 230 किग्रा वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।​​
    • सऊदी अरब के अली मजीद (229 किग्रा) दूसरे और कजाकिस्तान के येरासिल उमरोव (224 किग्रा) तीसरे स्थान पर रहे।​​
  • उपलब्धि का महत्व
    • यह भारत का IWF युवा विश्व चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक था, जिसने पूरे देश का नाम रोशन किया।
    • गुरुनायडू इससे पहले 2020 एशियाई युवा भारोत्तोलन चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता रह चुके थे।​
    • उनकी जीत के बाद विजयनगरम जिले की कलेक्टर ए सूर्यकुमारी ने उनकी सराहना की और राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।​
  • बाद की उपलब्धियां
    • 2023 में नोएडा में एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप के दूसरे दिन, 17 वर्षीय गुरुनायडू ने स्नैच में 104 किग्रा और कुल 229 किग्रा (क्लीन एंड जर्क 125 किग्रा) उठाकर दो रजत पदक जीते।​
    • ये प्रदर्शन उनकी निरंतर प्रगति दर्शाते हैं और भारतीय भारोत्तोलन को मजबूत बनाते हैं।​
    • उनकी कहानी ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा है।​

2. भारत 2023 ताओयुआन तीरंदाजी एशिया कप स्टेज-1 विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट (2023 Taoyuan Archery Asia Cup Stage I world ranking tournament) में ....... पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 10
Solution:
  • भारत ने 2023 ताओयुआन तीरंदाजी एशिया कप स्टेज-1 विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट में कुल 10 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
  • इन 10 पदकों में 5 स्वर्ण पदक, 4 रजत पदक, और 1 कांस्य पदक शामिल थे।
  • यह प्रदर्शन भारतीय तीरंदाजों के उत्कृष्ट कौशल और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उनकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
  • इस टूर्नामेंट का आयोजन चीनी ताइपे के ताओयुआन में हुआ था।
  • टूर्नामेंट का अवलोकन
    • यह टूर्नामेंट 14 से 19 मार्च 2023 तक ताइवान के ताओयुआन में आयोजित हुआ था
    • जो एशिया कप का पहला चरण था। भारतीय तीरंदाजों ने रिकर्व और कंपाउंड दोनों श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया
    • जिसमें कुल 5 स्वर्ण, 4 रजत और 1 कांस्य पदक शामिल थे।
    • यह प्रदर्शन भारत को अन्य देशों से आगे रखते हुए पदक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचाया।
  • प्रमुख उपलब्धियां
    • रिकर्व पुरुष फाइनल में राहुल ने अपने ही साथी रामपाल चौधरी को 6-2 से हराकर स्वर्ण जीता।
    • कंपाउंड पुरुष में पवन गत ने प्रियांश को शूटऑफ में 10-9 से मात दी
    • जबकि महिला कंपाउंड में प्रगति ने परनीत कौर को शूटऑफ में हराया।
    • टीम इवेंट्स में रिकर्व पुरुष टीम ने सऊदी अरब को 5-3 से हराया, और कंपाउंड महिला टीम ने कजाकिस्तान को 227-215 से पराजित किया।
    • हालांकि, कंपाउंड पुरुष टीम को मलेशिया से 226-225 के करीबी मुकाबले में रजत से संतोष करना पड़ा।​
  • अन्य नतीजे
    • महिला रिकर्व टीम ने ब्रॉन्ज मैच में ऑस्ट्रेलिया से हार गई, लेकिन कुल मिलाकर भारत का दबदबा रहा।
    • यह टूर्नामेंट विश्व रैंकिंग के लिए महत्वपूर्ण था और भारतीय तीरंदाजों ने ओलंपिक preparation में मजबूती दिखाई।
    • कोरिया या अन्य देशों के बारे में सटीक पदक संख्या उपलब्ध नहीं, लेकिन भारत 10 पदकों से स्पष्ट रूप से आगे था।

3. 2023 महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक मैच में, लवलीना बोरगोहेन ने ....... किलोग्राम भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की केटलिन पार्कर (Caitlin Parker) को हराया। [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) 75
Solution:
  • 2023 महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक मैच में
  • भारतीय मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम (मिडिलवेट) भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की केटलिन पार्कर को 5-2 के विभाजित निर्णय से हराया।
  • इस जीत के साथ, लवलीना ने अपने मुक्केबाजी करियर का पहला विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक जीता।
  • यह टूर्नामेंट नई दिल्ली, भारत में आयोजित किया गया था
  • भारत ने कुल चार स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।
  • मैच का विवरण
    •  लवलीना ने पहली राउंड में अपनी ऊंचाई का फायदा उठाकर 3-2 से बढ़त बनाई
    • लेकिन पार्कर ने दूसरे राउंड में जोरदार जवाबी हमला बोला और स्प्लिट डिसीजन से इसे जीता।
    • तीसरे राउंड में दोनों मुक्केबाजों ने पूरी ताकत झोंक दी
    • अंत में वीडियो रिव्यू के बाद लवलीना को 5-2 (या स्प्लिट डिसीजन से) विजेता घोषित किया गया।
  • टूर्नामेंट का संदर्भ
    • यह IBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2023 का फाइनल था, जिसमें भारत ने कुल 4 स्वर्ण पदक जीते।
    • लवलीना ने इससे पहले सेमीफाइनल में चीन की पूर्व विश्व चैंपियन ली कियान को हराया था
    • जो उनकी सबसे बड़ी जीत थी। उन्होंने 69 किग्रा वेल्टरवेट से ऊपर आकर 75 किग्रा मिडलवेट में खेला
    • क्योंकि ओलंपिक प्रोग्राम से उनका पुराना वर्ग हटा दिया गया था।
    • यह उनका पहला विश्व चैंपियनशिप गोल्ड था, जबकि पहले दो कांस्य थे।
  • अन्य भारतीय स्वर्ण पदक
    • नितु घनघास (48 किग्रा)
    • सावित्री बोरा (75 किग्रा से अलग वर्ग)
    • निकहत जरीन (50 किग्रा, दूसरा गोल्ड)
    • भारत का यह शानदार प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के सामने हुआ।
  • लवलीना की पृष्ठभूमि
    • असम की 25 वर्षीय लवलीना टोक्यो ओलंपिक-2021 की कांस्य पदक विजेता हैं।
    • कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में क्वार्टरफाइनल में असफल रहीं
    • लेकिन इस चैंपियनशिप से उन्होंने शानदार वापसी की। पार्कर दो बार की कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन थीं।

4. भीमराव अंबेडकर बहुउद्देशीय स्टेडियम कहां स्थित है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) फैजाबाद
Solution:
  • भीमराव अंबेडकर बहुउद्देशीय स्टेडियम उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (जिसे अब अयोध्या के नाम से जाना जाता है) में स्थित है।
  • यह एक प्रमुख खेल स्थल है जिसका उपयोग मुख्य रूप से फुटबॉल, एथलेटिक्स और अन्य खेलों के लिए किया जाता है।
  • यह स्टेडियम शहर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय एथलीटों को प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • स्थान और भौगोलिक स्थिति
    • यह स्टेडियम अयोध्या–सुल्तानपुर मार्ग (NH‑330) के किनारे स्थित है
    • फैजाबाद एयरपोर्ट से सिर्फ कुछ सौ मीटर की दूरी पर बनाया गया है।
    • इसका लगभग निर्देशांक (latitude‑longitude)  है, जो इसे उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रखता है।
    • अयोध्या जिला गोमती नदी के किनारे बसा हुआ है
    • जिसके कारण यह ऐतिहासिक रूप से और अब खेल–इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण भी राज्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
  • स्टेडियम का उद्देश्य और उपयोग
    • यह स्टेडियम एक बहुउद्देशीय (multi‑purpose) खेल संरचना है
    • जिसमें हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स जैसे खेलों के अलावा कई अन्य आयोजन हो सकते हैं।
    • यह उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े खेल परिसर परियोजना का हिस्सा है
    • जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में खेल संस्कृति को आधुनिक मानकों पर लाना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने योग्य बनाना है।
  • क्षमता और सुविधाएँ
    • स्टेडियम की क्षमता लगभग 30,000 दर्शकों की बैठने की है
    • जिससे यह उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े खेल मैदानों में से एक माना जाता है।
    • इस परिसर में आधुनिक सुविधाएँ जैसे एस्ट्रोटर्फ  सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, क्रिकेट मैदान, खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, स्टे एवं लॉजिंग सुविधा (छात्रावास), कॉन्फ्रेंस हॉल और खेल प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं।
    • कुछ रिपोर्टों में इसे एक “स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स” के रूप में भी वर्णित किया गया है
    • जिसमें खेल अकादमी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के जीवन और योगदान पर आधारित संग्रहालय भी होने की बात कही गई है।​
  • निर्माण और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • डॉ. भीमराव अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण लगभग 2014 के आसपास शुरू हुआ और 2019 में इसका प्रारंभिक सार्वजनिक उपयोग शुरू हुआ।
    • इसके बाद कुछ आधुनिकीकरण और नवीनीकरण का काम 2020 के आसपास किया गया
    • यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त बन सके।
    • इसका नाम विशेष रूप से भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रतीक डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा गया है
    • जिससे यह सिर्फ खेल सुविधा ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सामाजिक प्रतीक भी बन जाता है।​
  • राज्य–स्तरीय और भविष्य की योजनाएँ
    • उत्तर प्रदेश सरकार ने इस स्टेडियम को राज्य के प्रमुख खेल हब में से एक बनाने की योजना बनाई है
    • जहाँ राष्ट्रीय खेल संस्थानों के छात्र, राज्य टीमें और युवा खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण और प्रतियोगिताएँ कर सकें।
    • कुछ रिपोर्टों में इसका उल्लेख “भारत का सबसे बड़ा बाबा साहेब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम” के रूप में भी किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है
    • भविष्य में यह न केवल फुटबॉल या एथलेटिक्स बल्कि क्रिकेट जैसे बड़े खेलों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बनने की योजना है।​
  • संक्षेप में स्थान का महत्व
    • भौगोलिक स्थान: फैजाबाद (अयोध्या जिला), उत्तर प्रदेश, NH‑330 पर स्थित।
    • उपयोग: बहुउद्देशीय अंतर्राष्ट्रीय मानक का खेल स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स।
    • क्षमता: लगभग 30,000 दर्शक, आधुनिक सुविधाओं से युक्त।

5. किस वर्ष ISSF विश्व कप में रुद्रांक्ष पाटिल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 2023
Solution:
  • रुद्रांक्ष पाटिल ने 2022 में आईएसएसएफ (ISSF) विश्व कप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
  • यह विश्व कप मिस्र के काहिरा में आयोजित किया गया था। यह उनकी पहली वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय जीत थी
  • उन्होंने इस जीत के साथ पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों के लिए भारत के लिए एक कोटा स्थान भी सुरक्षित किया था।
  • 2023 काहिरा विश्व कप
    • इस स्पर्धा में रुद्रांक्ष ने स्वर्ण पदक मैच में जर्मनी के मैक्सिमिलियन उलब्रिच को 16-8 से हराया।
    • यह उनका दूसरा स्वर्ण था, क्योंकि उसी टूर्नामेंट में उन्होंने नर्मदा राजू के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता था।
    • क्वालिफिकेशन में क्रोएशिया के मिरान मैरिसिक टॉप पर थे
    • जिन्होंने ब्रॉन्ज जीता, जबकि भारत के दिव्यांश सिंह पंवार और हृदय हजारिका फाइनल से चूक गए।
  • 2025 ब्यूनस आयर्स विश्व कप
    • 2025 में ब्यूनस आयर्स में उन्होंने फाइनल में 252.9 अंक बनाकर हंगरी के इस्तवान मार्टन पेनी (251.7) को हराया, जबकि अर्जेंटीना के मार्सेलो जूलियन गुटिरेज ने ब्रॉन्ज लिया।
    • यह उनका ISSF विश्व कप का दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड था।
    • क्वालिफिकेशन में अर्जुन बाबूता ने 634.5 के साथ टॉप किया, लेकिन फाइनल में सातवें स्थान पर रहे।
  • अन्य उपलब्धियां
    • रुद्रांक्ष 2022 विश्व चैंपियनशिप विजेता भी हैं, लेकिन वह ISSF विश्व कप नहीं था।
    • भारत ने इन टूर्नामेंट्स में कई पदक जीते
    • जैसे 2023 में कुल 5 पदक (3 गोल्ड)। ये जीत उनकी लगातार उत्कृष्टता को दर्शाती हैं।

6. 2022 में, चाहत अरोड़ा ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित FINA वर्ल्ड स्विमिंग चैंपियनशिप में 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक रेस कितने समय में पूरी की? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 1:13.13s
Solution:
  • 2022 में, तैराक चाहत अरोड़ा ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित FINA वर्ल्ड स्विमिंग चैंपियनशिप (शॉर्ट कोर्स) में महिलाओं की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक रेस 1:13.13s के समय में पूरी की थी।
  • यह समय भारत की ओर से बनाया गया राष्ट्रीय रिकॉर्ड था।
  • उन्होंने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। यह चैंपियनशिप शॉर्ट कोर्स (25 मीटर पूल) प्रारूप में आयोजित की गई थी।
  • इवेंट का विवरण
    • यह चैंपियनशिप 13 से 18 दिसंबर 2022 तक मेलबर्न स्पोर्ट्स एंड एक्वाटिक सेंटर में हुई थी
    • जो FINA वर्ल्ड स्विमिंग चैंपियनशिप्स (25m) का 16वां संस्करण था।
    • चाहत अरोड़ा ने हीट 1 में तीसरा स्थान हासिल किया
    • लेकिन कुल 55 स्विमर्स में 42वें स्थान पर रहने के कारण सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं (टॉप 16 को जगह मिली)।
  • राष्ट्रीय रिकॉर्ड
    • इस प्रदर्शन से उन्होंने महिलाओं की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक का नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया।
    • पहले का रिकॉर्ड उनका ही था, जिसे उन्होंने इस दौड़ में सुधार लिया। यह उनका चैंपियनशिप में दूसरा रिकॉर्ड था
    • पहले 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में भी उन्होंने 32.91 सेकंड का नया NR बनाया था।
  • अन्य प्रतियोगियों से तुलना
    • लिथुआनिया की रूटा मेलुट्यटे (ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट) ने हीट्स में सबसे तेज 1:03.81 सेकंड का समय निकाला।​
    • दक्षिण अफ्रीका की लारा वैन नीकेर्क ने 1:03.93 सेकंड के साथ दूसरा स्थान लिया।​
    • अमेरिका की लिली किंग ने 1:03.94 सेकंड में तीसरा स्थान प्राप्त किया।​
    • चाहत से प्रमुख स्विमर्स करीब 9-10 सेकंड आगे रहीं, लेकिन उनका समय भारतीय स्तर पर ऐतिहासिक था।
  • भारतीय स्विमिंग संदर्भ
    • 25 वर्षीय चाहत अरोड़ा (पंजाब से) ने इस इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
    • उसी दिन भारत के शिवा श्रीधर ने पुरुष 100 मीटर इंडिविजुअल मेडली में भाग लिया
    • लेकिन वे भी सेमीफाइनल नहीं पहुंच सके।
    • यह प्रदर्शन भारतीय तैराकी के लिए प्रेरणादायक रहा, खासकर शॉर्ट कोर्स पूल में।

7. निम्नलिखित भारतीय महिला शटलरों में कौन मैड्रिड स्पेन मास्टर्स, 2023 टूर्नामेंट में उपविजेता रहीं? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पी.वी. सिंधु
Solution:
  • मैड्रिड स्पेन मास्टर्स, 2023 टूर्नामेंट में भारतीय महिला शटलर पी.वी. सिंधु उपविजेता रहीं।
  • महिला एकल फाइनल में, उन्हें इंडोनेशिया की ग्रेगोरिया मारिस्का तुनजुंग से हार का सामना करना पड़ा था।
  • पी.वी. सिंधु दो बार की ओलंपिक पदक विजेता हैं और भारत की सबसे सफल बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं।
  • टूर्नामेंट अवलोकन
    • जो 28 मार्च से 2 अप्रैल 2023 तक स्पेन के मैड्रिड में सेंट्रो डिपोर्टीवो मुनिसिपल गलुर में आयोजित हुआ।
    • यह 2023 के बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का आठवां इवेंट था
    • जिसमें पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल श्रेणियां शामिल थीं।​
  • महिला एकल फाइनल का विवरण
    • महिला एकल फाइनल में भारत की पीवी सिंधु ने इंडोनेशिया की ग्रेगोरिया मारिस्का तुनजुंग का सामना किया।
    • ग्रेगोरिया ने पीवी सिंधु को हराकर खिताब जीता, जो उनके लिए पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल था
    • यह उनकी आठ मुकाबलों में पीवी सिंधु के खिलाफ पहली जीत थी।
    • पीवी सिंधु उपविजेता रहीं, जो 2023 में उनके लिए पहली फाइनल एंट्री थी।
  • पीवी सिंधु का सफर
    • पीवी सिंधु ने सेमीफाइनल में सिंगापुर की जिया मिन को 24-22, 22-20 से हराया
    • अपना रिकॉर्ड 4-0 कर लिया। पहले गेम में 15-20 से पीछे होने के बावजूद उन्होंने सात गेम पॉइंट बचाए।
    • दूसरे गेम में भी 1-4 से पीछे चलने के बाद शानदार वापसी की।
    • फाइनल में हार के बावजूद यह प्रदर्शन उनकी फॉर्म की वापसी दर्शाता है।

8. कौन-सा देश वॉलीबॉल नियमों का पहला 'आधिकारिक' संकलन लेकर आया और वाईएमसीए (YMCA) द्वारा प्रकाशित किया गया? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) अमेरिका
Solution:
  • अमेरिका वह देश था जो वॉलीबॉल नियमों का पहला 'आधिकारिक' संकलन लेकर आया।
  • वॉलीबॉल खेल का आविष्कार 1895 में अमेरिका में विलियम जी. मॉर्गन द्वारा किया गया था।
  • नियमों का यह पहला आधिकारिक संकलन 1897 में वाईएमसीए (YMCA) द्वारा प्रकाशित किया गया था
  • जिसने इस नए खेल को मानकीकृत करने और दुनिया भर में इसके प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • वॉलीबॉल का प्रारंभिक इतिहास
    • वॉलीबॉल का आविष्कार 1895 में अमेरिका के होलीओक, मैसाचुसेट्स में YMCA के भौतिक निर्देशक विलियम जी. मॉर्गन ने किया था।
    • शुरू में इसे 'मिंटोनेट' नाम दिया गया, लेकिन जल्द ही 'वॉलीबॉल' कहलाने लगा क्योंकि खिलाड़ी गेंद को वॉली (हवा में) खेलते थे।
    • मॉर्गन ने बास्केटबॉल से प्रेरित होकर यह खेल बनाया, जो कम शारीरिक संपर्क वाला और सभी उम्र के लिए उपयुक्त था।​
  • पहला आधिकारिक नियम संकलन
    • 1897 में उत्तरी अमेरिका के YMCA ने वॉलीबॉल के लिए पहला आधिकारिक नियम संकलन प्रकाशित किया।
    • यह नियमावली खेल को औपचारिक रूप प्रदान करने वाली पहली दस्तावेजी सामग्री थी
    • जिसमें नेट की ऊंचाई, पॉइंट सिस्टम (21 पॉइंट्स प्रति गेम) और बेसिक प्ले नियम शामिल थे।
    • प्रकाशन के बाद खेल तेजी से लोकप्रिय हुआ और कनाडा (1900), क्यूबा (1905), जापान व चीन (1908) जैसे देशों में फैल गया।​
  • नियमों का विकास
    • 1916 में YMCA और NCAA ने संयुक्त रूप से नियम जारी किए, जिसमें रोटेशन और सर्विस नियम जोड़े गए।​
    • 1922 में न्यूयॉर्क में YMCA ने पहली आधिकारिक प्रतियोगिता आयोजित की।​
    • 1900 के शुरुआती नियमों में नेट 2.13 मीटर ऊंचा था और गेम 21 पॉइंट्स का होता था।​
  • वैश्विक प्रसार और मानकीकरण
    • 1947 में पेरिस में FIVB (फेडरेशन इंटरनेशनल डी वॉलीबॉल) की स्थापना हुई
    • जो आज नियमों का प्रमुख नियामक है। ओलंपिक में वॉलीबॉल 1964 टोक्यो से आधिकारिक रूप से शामिल हुआ
    • जबकि 1924 पेरिस में प्रदर्शनी खेल था। आज FIVB के नियम वैश्विक हैं
    • जिसमें कोर्ट 18x9 मीटर, 6 खिलाड़ी प्रति टीम और 25 पॉइंट्स (पहले 4 सेट) शामिल हैं।​
  • भारत में वॉलीबॉल
    • भारत में YMCA ने 1920 में खेल शुरू किया।
    • 1936 में IOA ने पहली इंटरस्टेट चैंपियनशिप कराई, और 1951 में वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (VFI) बनी।
    • प्रथम अर्जुन पुरस्कार विजेता ए. पलानी स्वामी (1961) थे

9. फरवरी, 2023 तक अदिति अशोक ने कुल मिलाकर कितनी बार LET (लेडीज यूरोपियन टूर) खिताब जीता है? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) चार
Solution:
  • फरवरी, 2023 तक, भारतीय गोल्फर अदिति अशोक ने कुल मिलाकर चार बार एलईटी (LET) यानी लेडीज यूरोपियन टूर खिताब जीता है।
  • उनका चौथा एलईटी खिताब फरवरी 2023 में केन्या लेडीज ओपन था।
  • वह भारत की पहली महिला गोल्फर हैं जिन्होंने ओलंपिक में भाग लिया और LET टूर जीता।
  • जीत की पूरी सूची
    • 2016: Hero Women's Indian Open – भारत में पहली LET जीत
    • जो ऐतिहासिक थी क्योंकि वह पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं जिन्होंने LET टाइटल जीता।
    • 2016: Qatar Ladies Open – उसी साल दूसरी जीत, जो उनके करियर को मजबूत आधार दिया।
    • 2017: Fatima Bint Mubarak Ladies Open – अबू धाबी में तीसरी जीत, उसके बाद लंबा अंतराल आया।
  • विवादास्पद दावे
    • कुछ स्रोत तीन कहते हैं, शायद Kenya Open को बाहर रखकर, लेकिन ज्यादातर पुष्टि करते हैं
    • फरवरी 2023 अंत तक चार। यह उनकी चौथी LET जीत थी, जो 2017 के बाद पहली।
  • बाद की जानकारी (संदर्भ के लिए)
    • 2023 के अंत में Andalucia Open से पांचवीं जीत हुई (नवंबर 2023), लेकिन फरवरी तक चार ही।
    • अदिति ओलंपियन हैं और LPGA पर भी खेल चुकी हैं। यह उपलब्धि भारतीय गोल्फ के लिए मील का पत्थर है।

10. निम्नलिखित में से किसने बुल्गारिया के सोफिया में आयोजित हुए विश्व अंडर-20 कुश्ती चैंपियनशिप, 2022 में कांस्य पदक जीता ? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) रोहित दहिया
Solution:
  • बुल्गारिया के सोफिया में आयोजित हुए विश्व अंडर-20 कुश्ती चैंपियनशिप, 2022 में रोहित दहिया ने कांस्य पदक जीता था।
  • उन्होंने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम भार वर्ग में यह पदक हासिल किया था।
  • यह पदक भारतीय कुश्ती के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जो युवा भारतीय पहलवानों के अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
  • प्रतियोगिता का विवरण
    • विश्व अंडर-20 कुश्ती चैंपियनशिप 2022 का आयोजन 15 से 21 अगस्त 2022 तक बुल्गारिया के सोफिया में हुआ था।
    • यह 45वीं संस्करण थी, जिसमें फ्रीस्टाइल (पुरुष और महिला) तथा ग्रीको-रोमन शैलियों में कुल 30 स्वर्ण, 30 रजत और 60 कांस्य पदक वितरित किए गए।
    • भारत ने इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1 स्वर्ण, 4 रजत और 11 कांस्य सहित कुल 16 पदक जीते, जो पांचवें स्थान पर रहने का आधार बना।
  • रोहित दहिया का प्रदर्शन
    • रोहित दहिया ने पुरुष ग्रीको-रोमन श्रेणी के किसी भार वर्ग (संभावित 55-97 किग्रा में से एक) में कांस्य पदक जीता।
    • उन्होंने अंतिम दिन (21 अगस्त) सुमित के साथ मिलकर भारत को दो अतिरिक्त कांस्य दिलाए।
    • यह भारत के कुल पदकों में योगदान था, जिसमें फ्रीस्टाइल में चार कांस्य पहले ही आ चुके थे।
  • अन्य भारतीय कांस्य विजेता
    • फ्रीस्टाइल में चार भारतीय पहलवानों ने दूसरे दिन (16 अगस्त) कांस्य जीते।
    • ग्रीको-रोमन में सुमित और रोहित दहिया ने अंतिम दिन पदक हासिल किए।
    • कुल 11 कांस्य में ये सभी शामिल थे, जबकि स्वर्ण अंतिम पंघल (महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा) को मिला।
  • भारत का समग्र प्रदर्शन
    • भारत महिला फ्रीस्टाइल टीम में दूसरे स्थान पर रही (160 अंक)
    • जबकि पुरुष फ्रीस्टाइल में तीसरे (112 अंक)। जापान (15 पदक)
    • ईरान (16 पदक) और अजरबैजान (9 पदक) शीर्ष पर रहे।
    • यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।