विविध (खेल जगत) भाग-II

Total Questions: 55

1. अमन सहरावत किस वर्ग में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (World Wrestling Championship) में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने ? [MTS (T-I) 01 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) U-23
Solution:
  • पहलवान अमन सहरावत ने अक्टूबर 2022 में स्पेन के पोंटेवेद्रा में आयोजित U-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
  • वह इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बने। उन्होंने फाइनल में तुर्की के अहमत दुमान को हराया था।
  • यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसने युवा पहलवानों को वैश्विक मंच पर प्रेरणा दी।
  • टूर्नामेंट की अहम जानकारी
    • यह टूर्नामेंट 2022 में आयोजित Under–23 World Wrestling Championships था
    • जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम 23 वर्ष तक के पहलवान हिस्सा लेते हैं।​
    • फाइनल मैच में अमन ने तुर्की के अहमत दुमान को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।​
  • अमन सहरावत की भूमिका और महत्व
    • अमन सहरावत की यह जीत भारत के लिए ऐतिहासिक मानी गई
    • क्योंकि इससे पहले भारतीय पहलवानों ने U‑23 विश्व चैंपियनशिप में कभी भी स्वर्ण पदक नहीं जीता था।
    • उनका यह प्रदर्शन उन्हें बाद में सीनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक (जैसे पेरिस 2024 में 57 किग्रा भारवर्ग में कांस्य पदक) में भी सफल बनाने का आधार बना।
  • विश्व कुश्ती महासंघ और वर्ग की संरचना
    • विश्व कुश्ती महासंघ (UWW) U‑23 चैंपियनशिप को अलग वर्ग के रूप में आयोजित करता है
    • जिसका उद्देश्य युवा पहलवानों को सीनियर स्तर पर तैयार करना होता है।​
    • अमन ने इसी U‑23 वर्ग में न केवल पदक जीता
    • बल्कि वे भारत के लिए U‑23 विश्व चैंपियन का खिताब भी पहली बार दिलाने वाले पहलवान बने।
  • संक्षेप में उत्तर
    • प्रश्न के अनुसार: “अमन सहरावत किस वर्ग में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने?”

2. तलवारबाजी में, दो तलवारबाजों के बीच प्रतियोगिता को क्या कहा जाता है? [MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) बौट
Solution:
  • तलवारबाजी (Fencing) में, दो प्रतिस्पर्धी तलवारबाजों के बीच की लड़ाई या मुकाबला बौट कहलाता है।
  • यह एक औपचारिक मुकाबला होता है जिसमें खिलाड़ी एक दूसरे पर अपनी तलवार से वार करके अंक अर्जित करने की कोशिश करते हैं।
  • तलवारबाजी के तीन मुख्य रूप हैं: फॉइल (Foil), एपि (Épée), और सैबर (Sabre), और प्रत्येक बौट अपने विशिष्ट नियमों का पालन करता है।
  • यह शब्द आमतौर पर मुक्केबाजी और कुश्ती जैसे अन्य द्वंद्व खेलों में भी व्यक्तिगत मुकाबले के लिए उपयोग किया जाता है।
  • बाउट क्या है?
    • बाउट तलवारबाजी का मूल इकाई है, जिसमें दो फेंसर्स (तलवारबाज) एक-दूसरे के खिलाफ सीधे मुकाबला करते हैं।
    • यह एक निश्चित समय या अंकों तक चलता है, जहां खिलाड़ी अपने हथियार से प्रतिद्वंद्वी के वैध लक्ष्य क्षेत्र को छूकर अंक हासिल करते हैं।
    • बाउट आमतौर पर तीन राउंड (पीरियड्स) में बंटा होता है
    • प्रत्येक तीन मिनट का, और अंत में अधिक अंक वाले को विजेता घोषित किया जाता है।​
  • बाउट के नियम
    • अंक प्रणाली: फॉइल में 5 स्पर्श (टच), एपे में 15 स्पर्श, और साब्रे में 15 स्पर्श तक बाउट समाप्त होता है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हिट की पुष्टि करते हैं।
    • क्षेत्र: 14 मीटर लंबा और 1.5-2 मीटर चौड़ा स्ट्रिप पर खेला जाता है।
    • स्ट्रिप से बाहर जाने पर सेंटर लाइन पर लौटना पड़ता है।
    • समय सीमा: यदि अंक बराबर रहें, तो प्राथमिकता नियम (प्रायोरिटी) से फैसला होता है।​
  • अन्य महत्वपूर्ण शब्द
    • रिमिस (Remise): पैरी के बाद हाथ न वापस लेते हुए नया हमला।​
    • पैरी (Parry): हमले को ब्लॉक करने की रक्षात्मक चाल।​
    • रिपोस्ट (Riposte): पैरी के तुरंत बाद काउंटर-अटैक।​
  • तलवारबाजी का संदर्भ
    • यह ओलंपिक खेल है, जिसे FIE नियंत्रित करता है।
    • भारत में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाउट्स होते हैं, जैसे हाल के एशियाई कैडेट कप।

3. भारत ने फाइनल में निम्नलिखित में से किस देश को हराकर 2021 SAFF चैंपियनशिप जीती? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) नेपाल
Solution:
  • भारत ने 2021 SAFF (South Asian Football Federation) चैंपियनशिप के फाइनल में नेपाल को हराकर खिताब जीता था।
  • यह चैंपियनशिप मालदीव के माले में आयोजित की गई थी। भारतीय फुटबॉल टीम ने फाइनल में नेपाल को 3-0 से हराया
  • जिसमें सुनील छेत्री, सुरेश सिंह वांगजाम और सहल अब्दुल समद ने गोल किए।
  • इस जीत के साथ, भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार यह प्रतिष्ठित दक्षिण एशियाई फुटबॉल टूर्नामेंट जीता, जो क्षेत्र में भारतीय फुटबॉल की श्रेष्ठता को दर्शाता है।
  • फाइनल मैच का विवरण
    • फाइनल 16 अक्टूबर 2021 को माले के नेशनल फुटबॉल स्टेडियम में खेला गया।
    • भारत ने पहले हाफ में बढ़त नहीं बनाई, लेकिन 49वें मिनट में कप्तान सुनील छेत्री ने गोल कर स्कोर 1-0 किया।
    • अगले ही मिनट 50वें में सुरेश सिंह वांगजाम ने दूसरा गोल दागा, जबकि इंजुरी टाइम (90+1) में साहल अब्दुल समद ने तीसरा गोल कर मैच को 3-0 से सील किया।
    • भारतीय टीम ने पूरे मैच में 20 शॉट्स लिए, जबकि नेपाल सिर्फ 6-7 ही मैनेज कर सका।
    • सुनील छेत्री टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे, जिन्होंने कुल 4-5 गोल किए और लियोनेल मेसी के इंटरनेशनल गोलों की संख्या में बराबरी कर ली।
  • टूर्नामेंट का सफर
    • SAFF चैंपियनशिप दक्षिण एशियाई देशों का प्रमुख फुटबॉल इवेंट है।
    • भारत ने लीग स्टेज में बांग्लादेश से 0-0, श्रीलंका से 1-1 ड्रॉ खेला, फिर नेपाल को 1-0 और मालदीव को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
    • यह भारत की रिकॉर्ड आठवीं खिताबी जीत थी (कुल 13 संस्करणों में 12 फाइनल)।
    • हेड कोच इगोर स्टिमाक के लिए यह पहला ट्रॉफी था, जो 2019 से टीम से जुड़े थे। नेपाल पहली बार फाइनल में पहुँचा था।​

4. विनेश फोगाट विश्व चैंपियनशिप में कितने पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं ? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 2
Solution:
  • विनेश फोगाट विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं। उन्होंने यह उपलब्धि दो अलग-अलग मौकों पर हासिल की:
  • पहला पदक उन्होंने 2019 में कजाकिस्तान के नूर-सुल्तान में 53 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।
  • दूसरा पदक उन्होंने 2022 में सर्बिया के बेलग्रेड में फिर से 53 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।
  • उनके दो विश्व चैंपियनशिप पदक उन्हें भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक अग्रणी स्थान दिलाते हैं।
  • पहला पदक (2019)
    • विनेश ने 2019 में कजाकिस्तान के नूर-सुल्तान में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं की 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता।
    • यह उनका विश्व चैंपियनशिप में पहला पदक था
    • जो उन्होंने रेपचेज राउंड में ग्रीस की मारिया प्रेवोलााराकी को हराकर हासिल किया।
    • इससे पहले भारतीय महिला पहलवानों ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कोई पदक नहीं जीता था।
  • दूसरा पदक (2022)
    • 2022 में सर्बिया के बेलग्रेड में हुए विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में विनेश ने फिर 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता।
    • उन्होंने रेपचेज राउंड में स्वीडन की एमा जोना माल ग्रीन को 8-0 से हराया।
    • क्वालीफिकेशन राउंड में मंगोलिया की खिलाड़ी से हारने के बावजूद शानदार वापसी की।
    • यह उपलब्धि उन्हें दो पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनाती है।​
  • अन्य उपलब्धियां
    • विनेश के नाम विश्व चैंपियनशिप में कुल दो कांस्य पदक हैं।
    • इसके अलावा उनके पास कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन स्वर्ण, एशियन गेम्स में एक स्वर्ण और एशियन चैंपियनशिप में एक स्वर्ण पदक भी है।
    • उन्होंने तीन ओलंपिक (टोक्यो 2020, पेरिस 2024 सहित) में भाग लिया, जहां पेरिस में फाइनल तक पहुंचीं लेकिन वजन जांच में असफल रहीं।​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • विनेश का जन्म हरियाणा के बालाली गांव में हुआ; वे एक कुश्ती परिवार से हैं।
    • दोनों पदक कांस्य हैं, लेकिन यह ऐतिहासिक है
    • क्योंकि इससे पहले कोई भारतीय महिला पहलवान विश्व चैंपियनशिप में दो बार मेडल नहीं लाई।

5. भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस किस तिथि को मनाया जाता है? [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 29 अगस्त
Solution:
  • भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sports Day) प्रतिवर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है।
  • यह दिन भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती का प्रतीक है, जिन्हें "हॉकी का जादूगर" कहा जाता है।
  • इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य खेलों के महत्व और शारीरिक गतिविधियों के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
  • इसी दिन, भारत के राष्ट्रपति खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार (जैसे खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार) प्रदान करते हैं।
  • इतिहास
    • राष्ट्रीय खेल दिवस की शुरुआत 2012 में हुई, जब भारत सरकार ने मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय स्तर पर खेल दिवस के रूप में घोषित किया।
    • इससे पहले 1995 में पहली बार इसे स्थानीय स्तर पर मनाया गया था।
    • मेजर ध्यानचंद (29 अगस्त 1905 को जन्मे) को "हॉकी का जादूगर" कहा जाता है
    • जिन्होंने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
  • उद्देश्य
    • इस दिन का मुख्य उद्देश्य देश में खेल भावना को प्रोत्साहित करना, युवाओं को फिटनेस और शारीरिक गतिविधियों की ओर आकर्षित करना तथा खेलों के महत्व को रेखांकित करना है।
    • यह फिट इंडिया मिशन और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है, जो 2019 से इसे एक बड़े आंदोलन का रूप देते हैं।
    • 2025 में इसे 29 से 31 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में मनाया गया, जिसकी थीम "एक घंटा, खेल के मैदान में" थी।
  • मेजर ध्यानचंद का योगदान
    • ध्यानचंद ने अपने करियर में 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गोल किए और कुल 1000 से ज्यादा गोल दागे।
    • 1936 बर्लिन ओलंपिक फाइनल में उन्होंने जर्मनी के खिलाफ 8-1 की जीत में तीन गोल कर शीर्ष स्कोरर बने। उनके सम्मान में यह दिन मनाया जाता है
    • जो खेलों में भारत का गौरव बढ़ाने वाले नायकों को श्रद्धांजलि है।
  • मुख्य गतिविधियाँ
    • स्कूलों, कॉलेजों और स्टेडियमों में खेल प्रतियोगिताएँ, मैराथन और फिटनेस सेशन आयोजित होते हैं।
    • राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार (खेल रत्न, अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद पुरस्कार) वितरित किए जाते हैं
    • जिनकी घोषणा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय करता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया जाता है।
    • पारंपरिक और आधुनिक खेलों को बढ़ावा, जैसे खेतो इंडिया अभियान।

6. निम्नलिखित में से किस देश ने मार्च, 2023 में तीसरी बार IBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप (IBA Women's World Boxing Championships) की मेजबानी की? [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) भारत
Solution:
  • भारत ने मार्च 2023 में नई दिल्ली में तीसरी बार IBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी की।
  • इससे पहले, भारत ने 2006 और 2018 में भी इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी की थी।
  • यह आयोजन भारतीय मुक्केबाजी के लिए बेहद सफल रहा, क्योंकि भारतीय मुक्केबाजों ने इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया।
  • भारत ने इस टूर्नामेंट में चार स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
  • ये स्वर्ण पदक निकहत ज़रीन, लवलीना बोर्गोहेन, नीतू घणघस, और स्वीटी बूरा ने जीते थे।
  • पूर्व मेजबान इतिहास
    •  यह महिला मुक्केबाजी की सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जिसकी शुरुआत 2001 में अमेरिका के स्क्रैंटन में हुई।
    • भारत की लगातार मेजबानी ने महिला खेलों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • प्रमुख परिणाम
    • भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया
    • जिसमें लवलीना बोरगोहेन ने मिडिलवेट (75 किग्रा) में स्वर्ण पदक जीता।
    • अन्य भारतीयों में नीतू घांघास (मिनिममवेट) ने रजत और निखत ज़रीन जैसी चैंपियन ने पदक दिलाए। चीन ने अधिकतम स्वर्ण पदक जीते।
  • महत्व और प्रभाव
    • यह आयोजन बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) और अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (IBA) के बीच समझौते से संभव हुआ
    • जिसकी घोषणा नवंबर 2022 में हुई। इससे भारत में महिला मुक्केबाजी को प्रोत्साहन मिला
    • जैसा कि मैरी कॉम जैसे सितारों ने पहले साबित किया। नई दिल्ली का इंदिरा गांधी स्टेडियम आयोजन स्थल रहा।

7. अप्रैल, 2023 में सात्विकसाईराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप (Badminton Asia Championship) में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष युगल जोड़ी बनकर इतिहास रचा। यह चैंपियनशिप कहां आयोजित की गई थी? [MTS (T-I) 11 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) दुबई
Solution:
  • सात्विकसाईराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी ने अप्रैल 2023 में दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) में आयोजित बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
  • फाइनल में, भारतीय जोड़ी ने मलेशियाई जोड़ी ओंग यू सिन और टेओ ई यि को हराया।
  • इस जीत ने उन्हें बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष युगल जोड़ी बना दिया
  • जो कि भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस जोड़ी की सफलता भारतीय बैडमिंटन के बढ़ते कद को दर्शाती है।
  • टूर्नामेंट का विवरण
    • यह 40वीं एडिशन था, जिसे Badminton Asia Championships के नाम से जाना जाता है
    • इसे KhiladiX.com Dubai Badminton Asia Championship 2023 Powered by Floki स्पॉन्सरशिप नाम दिया गया था।
    • UAE बैडमिंटन फेडरेशन ने इसे होस्ट किया, जबकि Badminton Asia ने सैंक्शन प्रदान किया।
    • दुबई को अगले चार सालों के लिए होस्ट सिटी चुना गया, जो Wuhan की 2015-2019 की होस्टिंग की तरह था।
  • सात्विकसाईराज और चिराग की ऐतिहासिक जीत
    • सात्विकसाईराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी ने फाइनल में मलेशिया के ओंग यू सिन और तियो ई यि को 16-21, 21-17, 21-19 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
    • यह भारतीय पुरुष युगल की पहली गोल्ड मेडल थी
    • जो 58 साल के सूखे को खत्म करती थी (पिछला बेस्ट 1971 में कांस्य था)।
    • उनकी जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप 2022 में कांस्य जीता था और लगातार शानदार प्रदर्शन दिखाया।
  • उपलब्धि का महत्व
    • यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए मील का पत्थर साबित हुई, जो देश की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
    • भारतीय बैडमिंटन संघ ने जोड़ी को 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया।
    • दुबई में आयोजन ने एशियाई स्तर पर भारत को मजबूत पहचान दी।

8. 2023 आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप चैंपियनशिप (2023 ISSF Junior World Cup Championships) में किस स्पर्धा में अमनप्रीत सिंह ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता? [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) पुरुषों की 25 मीटर पिस्टल
Solution:
  • निशानेबाज अमनप्रीत सिंह ने जर्मनी के सुहल में आयोजित 2023 आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप चैंपियनशिप में पुरुषों की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
  • उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की, जिससे भारत को पदक तालिका में एक मजबूत स्थिति मिली।
  • इस चैंपियनशिप में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था।
  • अमनप्रीत की जीत ने जूनियर स्तर पर भारतीय निशानेबाजों की प्रतिभा और क्षमता को उजागर किया।
  • आयोजन विवरण
    • यह चैंपियनशिप जर्मनी के सुहल में आयोजित हुई थी, जहां भारत ने कुल 15 पदक जीते, जिनमें 6 स्वर्ण शामिल थे।
    • अमनप्रीत ने व्यक्तिगत स्पर्धा में 586 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।
    • उसी टूर्नामेंट में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम (मेघना सदुला, पायल खत्री और सिमरनप्रीत कौर ब्रार) ने भी स्वर्ण पदक जीता, जिसका संयुक्त स्कोर 1719 रहा।​
  • अन्य भारतीय उपलब्धियां
    • इस विश्व कप में सैंयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में पहला स्वर्ण जीता।
    • धनुष श्रीकांत ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल और गौतमी भनोट/अभिनव शॉ की मिश्रित जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में स्वर्ण पदक दिलाए। भारत मेडल टैली में शीर्ष पर रहा।​
  • स्पर्धा का स्वरूप
    • 25 मीटर पिस्टल एक लोकप्रिय निशानेबाजी इवेंट है, जिसमें शूटर को सटीक निशाना लगाना पड़ता है।
    • जूनियर श्रेणी 21 वर्ष से कम उम्र के एथलीटों के लिए होती है
    • जो आईएसएसएफ द्वारा वैश्विक स्तर पर आयोजित की जाती है।
    • अमनप्रीत की यह जीत भारत की युवा निशानेबाजी क्षमता को रेखांकित करती है।

9. निम्नलिखित में से किस वर्ष में पहला जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित किया गया था? [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 2023
Solution:
  • पहला जनजातीय खेल महोत्सव (Tribal Sports Festival) आधिकारिक तौर पर 2023 में आयोजित किया गया था।
  • इस महोत्सव का आयोजन भुवनेश्वर, ओडिशा में किया गया था।
  • इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों की समृद्ध खेल विरासत को बढ़ावा देना और उनके पारंपरिक खेलों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना था।
  • यह महोत्सव देश भर के आदिवासी एथलीटों को अपनी प्रतिभा दिखाने और पारंपरिक जनजातीय खेलों को संरक्षित करने का अवसर प्रदान करता है।
  • आयोजन विवरण
    • उद्घाटन ओडिशा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अन्य प्रमुख हस्तियों ने किया। शुभंकर 'भीम' का अनावरण भी इस दौरान हुआ।
  • उद्देश्य
    • महोत्सव का मुख्य लक्ष्य जनजातीय समुदायों में खेल और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था।
    • यह आदिवासी एथलीटों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करता है
    • पारंपरिक और आधुनिक खेलों का मिश्रण प्रस्तुत करता है।
    • सरकार की 'हाशिए पर पड़े समुदायों को समर्थन' नीति का हिस्सा होने से यह सांस्कृतिक एकता और विकास को प्रोत्साहित करता है।
  • खेल और गतिविधियाँ
    • इसमें तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, खो-खो, कबड्डी, रग्बी, तैराकी, वॉलीबॉल, योगासन सहित 10 प्रतियोगिता खेल शामिल थे।
    • इसके अलावा संगोष्ठियाँ और कार्यशालाएँ आदिवासी खेलों के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रहीं।
    • पारंपरिक खेलों को संरक्षित करने और 'खेलो इंडिया' ग्रामीण एवं स्वदेशी खेल पहल से जोड़ने पर जोर दिया गया।
  • महत्व
    • यह आयोजन आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हुआ, जो जनजातीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को उजागर करता है।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी सराहना की। इससे आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ा।
    • भविष्य में ऐसे आयोजनों से जनजातीय खेलों का और विकास होगा।

10. पुरुषों के कबड्डी के मैदान (kabaddi court) की लंबाई ....... मीटर होती है। [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 13
Solution:
  • पुरुषों के कबड्डी के मैदान (कोर्ट) की आधिकारिक लंबाई 13 मीटर होती है, और चौड़ाई 10 मीटर होती है।
  • यह आयाम अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ (International Kabaddi Federation - IKF) और प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League - PKL) के नियमों द्वारा निर्धारित किया गया है।
  • दूसरी ओर, महिलाओं और जूनियर लड़कों के लिए, कोर्ट का माप 12 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा होता है।
  • कबड्डी एक संपर्क (Contact) खेल है जो भारत में बहुत लोकप्रिय है और इसके लिए एक मानक आकार के कोर्ट की आवश्यकता होती है।
  • मैदान के आयाम
    • कोर्ट को मध्य रेखा से दो बराबर भागों में विभाजित किया जाता है, जिसमें प्रत्येक भाग 6.5 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा होता है।​
      लॉबी क्षेत्र (प्रत्येक तरफ) 2 मीटर चौड़ा होता है, जो खेल के दौरान खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा प्रदान करता है।​
  • महत्वपूर्ण रेखाएँ
    • बाक लाइन (Baulk Line): मध्य रेखा से 3.75 मीटर दूर होती है, जहाँ रेडर को खड़े होकर सांस रोककर छापा मारना होता है।​
    • बोनस लाइन (Bonus Line): बाक लाइन से आगे 1 मीटर की दूरी पर होती है, जिसे पार करने पर अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
    • साइड लाइन: कुल 13 मीटर लंबी, जो मैदान की सीमाएँ बनाती हैं। बैक लाइन कुल 8 मीटर लंबी होती है (लॉबी को हटाकर)।​
    • ये निशानियाँ सफेद चूने या टेप से की जाती हैं, और मैदान सपाट व गैर-स्लिपरी सतह का होना चाहिए।​
  • महिलाओं से तुलना
    • महिलाओं का कबड्डी मैदान छोटा होता है—लंबाई 12 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर।
    • प्रत्येक भाग 6 मीटर लंबा होता है, जो पुरुषों के मैदान से थोड़ा संकुचित है ताकि खेल की गति बनी रहे।​
  • निर्माण और नियम
    • कबड्डी मैदान बनाने के लिए पहले 13x10 मीटर का आयताकार क्षेत्र चिह्नित करें, फिर मध्य रेखा खींचें।
    • मैच में प्रत्येक टीम के 7 खिलाड़ी होते हैं, और उद्देश्य विरोधी पक्ष में छापा मारकर खिलाड़ियों को छूना व अंक कमाना है।​
    • यह खेल भारत की उत्पत्ति वाला संपर्क खेल है
    • जो एशियाई खेलों और प्रो कबड्डी लीग में लोकप्रिय है। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ (IKF) सभी नियम निर्धारित करता है।