Solution:गैर-शब्दिक संचारः वे संचार जिसमें लोगों के बीच सप्रेषण के लिए शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाता है बल्कि इस प्रकार के संप्रेषण में अनिवार्यतः उसमें भाग लेने वाले की भावनाएँ समाविष्ट रहती है। अशाब्दिक संप्रेषण के साधन है इशारे, भंगिमाए, लहजा, विराम, मुद्राएं, हास्य, आंसू हाव-भाव, नेत्र सम्पर्क, स्पर्श, परा-भाषा पहनावा, केश सज्जा इत्यादि। निम्नलिखित विषयों में गैर-शाब्दिक संचार का अध्ययन किया जाता हैः-
- भाषा विज्ञान
- सामाजिक मनोविज्ञान
- मानवशास्त्र
• भाषा विज्ञान (Linguistics) भाषा का वैज्ञानिक और व्यवस्थित अध्ययन है, जो भाषा की उत्पत्ति, संरचना, विकास, प्रयोग और विभिन्न भाषाओं के बीच संबंधों की पड़ताल करता है।
• सामाजिक मनोविज्ञान (Social Psychology) वह वैज्ञानिक अध्ययन है जो यह समझने की कोशिश करता है कि व्यक्ति सामाजिक परिस्थितियों में कैसे सोचते हैं, महसूस करते हैं और व्यवहार करते हैं, और कैसे उनके विचार, भावनाएं और व्यवहार सामाजिक परिवेश (दूसरे लोग, समूह, समाज) से प्रभावित होते हैं और उन्हें प्रभावित करते हैं।
• मानवशास्त्र (Anthropology) मानव, उसकी उत्पत्ति, विकास, संस्कृति, समाज और भाषा का वैज्ञानिक अध्ययन है, जो अतीत और वर्तमान दोनों को कवर करता है, जिसमें शारीरिक और सांस्कृतिक पहलुओं के साथ-साथ भाषाई और जैविक विकास का भी विश्लेषण किया जाता है, जिससे यह मानविकी और प्राकृतिक विज्ञानों के बीच एक सेतु का काम करता है।