Solution:हेतु वाक्य निषेध एक प्रकार का तार्किक भ्रम है, जो तब होता है जब कोई व्यक्ति सशर्त कथन के विपरीत उसके निषेध से अनुमान लगाता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई कहता है-
- अगर बारिश होती है, तो जमीन गीली होती है।
- बारिश नहीं होती है।
- इसलिए, जमीन गीली नहीं है।
• व्यावर्तक आधारवाक्य तर्कदोष (Fallacy of Affirming the Consequent) एक आकारिक तर्कदोष (Formal Fallacy) है, जो सशर्त (If-Then) कथनों में होता है, जहाँ यह मान लिया जाता है कि यदि परिणाम (Consequent) सत्य है, तो पूर्ववृत्त (Antecedent) भी सत्य ही होगा, जबकि तार्किक रूप से ऐसा होना ज़रूरी नहीं; यह एक फलवाक्य विधान दोष भी कहलाता है, जहाँ 'यदि A, तो B' और 'B सत्य है' से 'A सत्य है' निष्कर्ष निकालना गलत होता है।
• चतुष्पद दोष (Fallacy of Four Terms), तर्कशास्त्र (Logic) में एक प्रकार का आकारिक तर्कदोष (Formal Fallacy) है, जो तब होता है जब किसी न्यायवाक्य (Syllogism) में आवश्यक तीन पदों (Terms) के बजाय चार पद आ जाते हैं, जिससे निष्कर्ष अमान्य हो जाता है, क्योंकि यह चार पदों वाले वाक्य से निकाला गया होता है, जबकि न्यायवाक्य में केवल तीन पद (मुख्य, गौण और मध्य पद) होने चाहिए।