यू.जी.सी. NTA नेट परीक्षा जून-2019 (इतिहास)

Total Questions: 100

1. उस स्थल की पहचान कीजिए जहाँ घोड़ा होने के प्रमाण नहीं मिलते है?

Correct Answer: (b) बुर्जहोम (1700 ई. पू.)
Solution:बुर्जहोम का शाब्दिक अर्थ 'प्लेस ऑफ बर्च' यानि 'भुर्ज वृक्ष का स्थान' अर्थात बर्च (भोज) वृक्षों के इस स्थल । सन् 1935ड डी. टेरा तथा पीटरसन द्वारा इस स्थल की खोज की गई। यह नवपाषाणिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां से गर्तावास (गड्डाघर), मालिक के साथ कुत्ते दफनाने का साक्ष्य मिलता है।

यहाँ से घोड़े का कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं होता हैं। यहाँ हड्डी के औजार, आयाताकार पत्थर के गंडासे, बछीं, सुई, छेनी तथा कृषि (गेहूँ व जौ) के प्रत्यक्ष प्रमाण मिले है। यहाँ के लोग मुख्य रूप से आखेट व मछली पकड़कर अपनी जीविका चलाते थे। यह

2. कालीबंगा, जहाँ प्राक् हड़प्पा संस्कृति के अनेक स्थल पाए गए हैं, निम्नलिखित किस क्षेत्र में स्थित था?

Correct Answer: (c) राजस्थान
Solution:

कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ (पूर्व में गंगानगर) गंगानगर जिले में सरस्वती (घग्घर नदी) के बाएं किनारे पर स्थित सैन्धव सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ 1961 ई.में बी.बी. लाल तथा बी.के. थापड़ ने खुदाई करवाई संभवतः यह सैन्धव सभ्यता की तीसरी राजधानी थी।

यहाँ से जुते हुए खेत के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। यहाँ से भूकम्प के साक्ष्य मिलते हैं। जिसके फलस्वरूप यहां की प्राक् हड़प्पा सभ्यता का अन्त (लगभग 2920- 2550 ई.पू.) हो गया।

3. धर्मशास्त्र रचनाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा वक्तव्य सहीं नहीं है?

Correct Answer: (b) इनमें विभिन्न जातियों का संदर्भ नहीं है
Solution:

धर्मशास्त्र के अंतर्गत धर्मसूत्र, स्मृतियां तथा टीकाओं को रखा जाता है। गौतम धर्मसूत्र सर्वाधिक प्राचीन है। वर्णव्यवस्था का स्पष्ट वर्णन सूत्रों में प्राप्त होता है।

वर्णशंकर की कल्पना और जाति या मिश्र जाति के उद्भव की जानकारी सर्वप्रथम सूत्र साहित्य में ही मिलती है। कालान्तर में इन्हीं अवधारणाओं का विस्तार स्मृतियों में दिखता है। सर्वप्रथम गौतम धर्मसूत्र में वार्ता को शूद्र का वर्णधर्म बताया गया है।

4. निम्नलिखित में से किस महाजनपद से यूनानियों केखिलाफ लड़ने वाली फारसी सेना को पुरुषों और सामग्री की आपूर्ति होती थी?

Correct Answer: (a) गांधार
Solution:

गांधार जनपद यूनानियों से पूर्व हखामनी अथवा फारसी साम्राज्य का भाग था। यूनानियों के खिलाफ युद्ध में लड़ने वाली फारसी सेना को पुरूषों तथा सामग्री की आपूर्ति इसी महाजनपद से होती थी।

5. नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R) कहा गया है :

अभिकथन (A): गुप्तकाल को सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र मेंप्रायः क्लासिकल युग कहा जाता है।
कारण (R) : गुप्त काल के कलात्मक आदर्शों की प्रशंसा करते हुए यह तर्क दिया जाता हैकि यह एक ऐसा युग है जिसमें कलात्मक क्रियाकलापों का आश्चर्यजनक विकास देखने को मिला।
उपर्युक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्न में से क्या सही है?

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही है परन्तु (A) की सहीव्याख्या (R) नहीं है।
Solution:

गुप्त सम्राटों का शासनकाल प्राचीन भारतीय इतिहास के उस युग का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें सभ्यता और संस्कृति के प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई तथा हिन्दू संस्कृति अपने उत्कर्ष की पराकाष्ठा पर पहुँच गई। गुप्तकाल की चहुमुंखी प्रगति को ध्यान मे रखकर ही राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने इस काल को 'स्वर्ण युग' (Golden Age) की संज्ञा से अभिहित किया है। इस काल को 'क्लासिकल युग' सर्वप्रथम के.एम. मुंशी ने कहा है। भारत का 'पेरीक्लीन युग' आदि नामों से भी जाना गया है। निम्नलिखित विशेषताओं ने गुप्तकाल को भारतीय इतिहास का स्वर्णकाल बनाया-
1 - राजनैतिक एकता का काल।
2 - महान सम्राटो का काल।
3 - श्रेष्ठ शासन व्यवस्था का काल।
4 - आर्थिक समृद्धि का काल।
5 - धार्मिक सहिष्णुता का काल।
6 - साहित्य, विज्ञान एवं कला के चरमोत्कर्ष का काल ।
7 - भारतीय संस्कृति के प्रचार का काल।

6. नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R) कहा गया है :

अभिकथन (A): अब इस सम्बन्ध में काफी कम संदेह है कि सिन्धु घाटी सभ्यता के कतिपय पहलू द्वितीय और प्रथम सहस्त्राब्दि की संस्कृतियों में मिलते हैं।
कारण (R) : सिन्धु घाटी सभ्यता और वैदिक संस्कृति के बीच प्रारंभिक हैती सभ्यता के अस्तित्व को अब नहीं माना जाता है।
उपर्युक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्न में से क्या सही है?

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (A) की सही व्याख्या (R) नहीं है।
Solution:

हैती या हित्ती तुर्की (एशियाई) साम्राज्य के बड़े भाग के स्वामी थे। भाषा के रूप में हित्ती हिंद-यूरोपीय परिवार की है परन्तु उसकी लिपि प्राचीन सुमे -साजुलीअजूटी है और उसका साहित्य ऊवकादी अथवा उससे भी पूर्ववर्ती सुमेरी से प्रभावित है।

7. निम्नलिखित में से कौन-सा गलत है?

Correct Answer: (c) इस प्रकार भारतीयों ने 'कंठस्थ' की अपेक्षा 'ग्रंथस्थ' को वरीयता दी।
Solution:

श्रुति का शाब्दिक अर्थ है सुना हुआ अर्थात ईश्वर की वाणी जो प्राचीन काल में ऋषियों द्वारा सुनी गई तथा जगत में फैलाई गई। इन्हें वेद कहते हैं।

इनके अलावा अन्य ग्रन्थों को स्मृति माना गया। अर्थात् मनुष्यों के स्मरण और बुद्धि से बने ग्रंथ जो वस्तुतः श्रुति की ही मानवीय विवरण और व्याख्या माने जाते हैं। श्रुति और स्मृति में कोई विवाद होने की अवस्था में श्रुति को ही मान्यता मिलती है।

8. सूची-I को सूची- II के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची-I (पुस्तक)सूची-II (लेखक)
(A) काव्यादर्श(i) अभिनवगुप्त
(B) अष्टाध्यायी(ii) पतंजलि
(C) महाभाष्य(iii) पाणिनी
(D) तंत्रलोक(iv) दंडी

नीचे दिए गए विकल्प में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) (A)-(iv); (B)-(iii); (C)-(ii); (D)-(i)
Solution:सही सुमेलन हैं।
सूची-I (पुस्तक)सूची-II (लेखक)
(A) काव्यादर्श(iv) दंडी
(B) अष्टाध्यायी(iii) पाणिनी
(C) महाभाष्य(ii) पतंजलि
(D) तंत्रलोक(i) अभिनवगुप्त

9. भरतपुर पुरातात्विक स्थल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा वक्तव्य सही नहीं है?

Correct Answer: (b) यह राजस्थान में स्थित है जहाँ से प्रवासी पक्षियों की हड्डियों के अवशेष मिले थे।
Solution:

भरतपुर पुरातात्विक स्थल पश्चिम बंगाल में स्थित है। यहाँ के कालखण्ड-1 से ताबें की वस्तुएं राजस्थान में प्राप्त हुई हैं। जो काले और लाल मृदभाण्डों की संस्कृति से जुड़ी हुई है साथ में सूक्ष्मपाषाण औजार, नवपाषाण कुल्हाड़ी, पकी मिट्टी के मनके भी मिले है। यहाँ एक गड्ढे में चावल के जले हुए अवशेष मिले है। ताम्रपाषाण काल खण्ड-11 में कुछ मात्रा में तांबे की वस्तुएं मिली है। इसी काल से लोहे के भालाय और लोहे के स्लैग भी मिले है। यहाँ कई अन्य प्रकार के मृदभाण्ड भी पाए गए हैं जिसमें चिकनी मिट्टी के घोल के लेप वाले काले मृदभाण्ड और एक धूसर पांडु लेप वाला मृदभाण्ड शामिल है। पालतू मवेशी, भैस, बकरी तथा हिरण साथ में सांभर, मछली, कछुए और पक्षी जैसे पशुओं की हड्डियों के अवशेष मिले हैं। 10. यू.जी.सी. ने (b) दिया है लेकिन सही (a) है।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा मिल के हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया के संबंध में सही नहीं है?

Correct Answer: (d) इस पर ब्रिटिश उपयोगितावादी दर्शन का कोई असर नहीं था।
Solution:जेम्स मिल की पुस्तक 'हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया' का सर्वप्रथम प्रकाशन 1817 ई. में हुआ था। इस पुस्तक पर ब्रिटिश उपयोगितावादी दर्शन का अत्यधिक प्रभाव दिखाई पड़ता है। मिल द्वारा किया गया विश्लेषण साम्राज्यिक सरकार के अनुकूल था। इसने भारत की पारंपरिक संस्थाओं को जड़ और पश्चगामी पाया। मिल की यह पुस्तक हेलीबरी कॉलेज में भारतीय सिविल सेवा के ब्रिटिश अधिकारियों हेतु भारत के सम्बन्ध में एक पाठ्यपुस्तक बनी।