Solution:लार्ड केनेट ने प्रदूषण को इस प्रकार, परिभाषित किया है- "पदार्थों अथवा ऊर्जा प्रारूपों की बृहत उपस्थिति जो अनिच्छापूर्वक उत्पन्न की गयी हो अपने उद्देश्य से अधिक समय तक टिकी हो, दुर्घटना द्वारा बची हो अथवा अनदेखे प्रभावों से पूर्व हो, मात्रात्मक रूप में जो उसके (आदमी के) स्वास्थ्य को नुकसान देती हो अथवा उसको सुरक्षित करती है"।
1972 में डिक्सन ने प्रदूषण को परिभाषित करते हुए कहा कि, "प्रदूषण के अन्तर्गत मनुष्य एवं उसके पालतू मवेशियों के उन समस्त इच्छित एवं अनिच्छित कार्यों तथा उनसे उत्पन्न प्रभाव एवं परिणामों को शामिल किया जाता है जो मनुष्य को अपने पर्यावरण से आनन्द एवं पूर्ण लाभ प्राप्त करने की उसकी क्षमता को कम करते हैं।
1975 में दासमान (R. E. Dasman) ने प्रदूषण को परिभाषित करते हुए बताया, " उस दशा या स्थिति को प्रदूषण कहते हैं, जब मानव द्वारा पर्यावरण में विभिन्न तत्वों एवं ऊर्जा का इतनी अधिक मात्रा में संचय हो जाता है कि वे पारितन्त्र द्वारा आत्मसात करने की क्षमता से अधिक हो जाते हैं।"