यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift-II

Total Questions: 100

1. निम्नलिखित घटनाओं को सर्वप्रथम घटी घटना से शुरू कर कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिएः

A. कैबिनेट मिशन प्लान
B. वेवेल प्लान
C. एटली की उ‌द्घोषणा
D. माउण्टबेटन प्लान
E. क्रिप्स प्रस्ताव
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिएः

Correct Answer: (b) E, B, A, C, D

2. विशाखदत्त के नाटक देवीचन्द्रगुप्तम को भोज के श्रृंगार-प्रकाश की पाण्डुलिपि में पाया गया था। इस नाटक का कुछ भाग निम्नलिखित में से किस लेखक की पाण्डुलिपि में भी पाया गया था?

Correct Answer: (c) गुणचन्द्र का नाट्यदर्पण
Solution:

विशाखदत्त के नाटक देवीचन्द्रगुप्तम का कुछ 'भाग श्री रामचन्द्र-गुणचन्द्र के प्रसिद्ध ग्रंथ नाट्यदर्पण में उल्लेख मिलता है। रामचन्द्र-गुणचन्द्र पश्चिम भारत में स्थित गुजरात प्रांत के निवासी थे, इन्होंने अपने ग्रंथों के माध्यम से संस्कृत साहित्य में अमूल्य योगदान प्रदान किया। नाट्य दर्पण के अतिरिक्त देवीचन्द्रगुप्तम भाग का कुछ अंश भोज के शृंगार-प्रकाश में भी प्राप्त होता है।

3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं सही कथनों को चिन्हित कीजिए

A. जमींदारी वंशानुगत थीं और इसलिए इसकी खरीद फरोख्त नहीं हो सकती थी।
B. राज्य एवं गाँव की क्षेत्रीय जनसंख्या के बीच जमींदार महत्वपूर्ण बिचौलिये थे।
C. मुगल जमींदारों पर शाही अधिकारों के विस्तार के अनुपालन का दबाव बनाने में असफल रहे।
D. मुगलों के शासन में जमींदारी केवल प्रत्यक्ष शाही अधिकार क्षेत्र के बाहर थी।
E. शेरशाह ने देखा कि जमींदार और मुकद्दम राज्य के हिस्से को हड़प रहे हैं।
दिये गये विकल्पों में से सही विकल्प का चयन करेंः

Correct Answer: (b) केवल B और E
Solution:मुगल साम्राज्य में जमीदारों का मतलब भूमि पर सम्पत्ति अधिकार नहीं था। यह जमींदारों का एक दावा था जो राज्य की भू राजस्व की मांग के साथ-साथ चला था, लेकिन जमींदारों द्वारा सम्पत्ति की भांति किसी भी वस्तु की तरह इसे बेचा या खरीदा जा सकता था।

यह अनुवांशिक और विभाज्य था। मध्यकालीन शासकों ने जमींदारों के अधिकारों को वैधता प्रदान की परन्तु उन्होंने बराबर यह प्रयत्न किया कि वे सरकार के प्रतिनिधि के रूप में राजस्व वसूल करें। जब जमींदारों ने सरकार को राजस्व वसूल करने में मदद करने का काम शुरू कर दिया तब से उसे इस सेवा (खिदमत) के लिए कुल राजस्व का कुछ प्रतिशत मिलने लगा संभवतः सरकारी आकड़े में उसे 10% बताया गया है।

अपने मुख्य वित्तीय दावों के अलावा ये जमींदार किसानों से कई प्रकार के उपकर और नजराने वसूल किया करते थे। शेरशाह को साम्राज्य निर्माता और प्रशासक के रूप में अकबर का पूर्वगामी माना जाता है। उसने भू-राजस्व व्यवस्था के अनेक सुधार किए थे।

शेरशाह की उप प्रभाग (इक्ता) व्यवस्था मुगलकालीन सूबों जैसे ही थी। उसने देखा कि जमींदार और मुकद्दम राज्य के हिस्से को हड़प रहे है। शेरशाह अपने अधिकारियों की नियुक्ति का कार्य स्वयं देखता था इसलिए सभी उसके प्रति जवाबदेह होते थे।

4. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में;

अभिकथन (A) : राजा राम मोहन राय ने ईसाई धर्म को अस्वीकार कर दिया और ईसा मसीह के दैवत्व का खंडन किया।
कारण (R): राजा राम मोहन राय ने 1820 में प्रकाशित ईसा मसीह के नीतिवचन (प्रीसेप्ट्स ऑफ जीजस) लिखा।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पा में से सही उत्तर का चयन कीजिएः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है
Solution:

'आधुनिक भारत के पिता' एवं 'भारतीय राष्ट्रवाद के जनक' राजा राममोहन राय का जन्म 1772 ई. को हुगली जिलें में स्थित राधानगर (प.बंगाल) में हुआ था। इन्होंने सती प्रथा, बहुपत्नी प्रथा, जातिवाद का विरोध किया एवं विधवा विवाह, अन्तर्जातीय एवं स्त्री शिक्षा का समर्थन किया था।

1815 में इन्होंने कलकत्ता में आत्मीय सभा एवं 1828 में ब्रह्म सभा का गठन किया। 1820 ई. में इन्होंने ईसा मसीह के बाइबिल के आधार पर नीति वचन (प्रीसेप्टस ऑफ जीजस) नामक ग्रंथ लिखा है। जिसमें ईसा मसीह के दैवीय होने के सिद्धांत को खारिज किया है। 1825 ई. में इन्होंने वेदांत कॉलेज की स्थापना की थी। 1833 ई. में ब्रिस्टल (इंग्लैण्ड) में इनकी मृत्यु हुई। अतः इस प्रकार कथन A और कारण R दोनों सही है और R, A की सही व्याख्या है।

5. सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए:

पुस्तकलेखक
हिस्ट्री ऑफ फ्रीडम मूवमेंट इन इंडिया वाल्यूमआर.सी. मजूमदार
राइज एंड फॉल ऑफ द क्रिश्चियन पावर इन इंडियाबी.डी. बसु
गोखले : द इंडियन माडरेट्स एंड द राजलाजपत राय
यंग इंडियाबी.आर. नन्दा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A- I, B - II, C-IV, D-III
Solution:
पुस्तकलेखक
(A) हिस्ट्री ऑफ फ्रीडम मूवमेंट इन इंडिया, वाल्यूम Iआर.सी. मजूमदार
(B) राइज एंड फॉल ऑफ द क्रिश्चियन पावर इन इंडियाबी.डी. बसु
(C) गोखले : द इंडियन माडरेट्स एंड द राजबी.आर. नन्दा
(D) यंग इंडियालाल लाजपत राय

6. 22वें तीर्थाकर नेमिनाथ निम्नलिखित में से किससे संबंधित थे?

Correct Answer: (c) कृष्ण
Solution:

जैन धर्म के 22वें तीर्थांकर नेमिनाथ थे। जिन्हें अरिष्टनेमी के नाम से जाना जाता हैं। नेमिनाथ राजा समुद्र विजय और सोरीपुर के हरिवंश की रानी शिवा देवी के पुत्र थे। उनका जन्म भारतीय कैलेण्डर में श्रावण शुक्ल के पाँचवे दिन माना जाता है। जब वह गर्भ में आए, तो रानी शिवा देवी ने सभी 14 स्वप्न देखें जो एक तीर्थंकर की माँ के द्वारा देखें जाते हैं।

जब उनका जन्म हुआ तो उनके माता-पिता ने उनका नाम अरिष्टनेमि रखा, जिसका अर्थ है, 'जिसका रास्ता बाधा मुक्त हो'। यदुवंशी बासुदेव राजा समुद्र विजय के छोटे भाई थे और रोहिणी उनकी वरिष्ठ रानी थी जिसके पुत्र बलराम थे। देवकी उनकी छोटी रानी थी जिनके पुत्र बासुदेव या श्रीकृष्ण थे। इस तरह नेमिनाथ श्रीकृष्ण के चचेरे भाई थे।

7. ग्रामीण समुदाय के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए

(A) बलूतेदार ग्रामीण कारीगरों एवं नौकरों की बारह श्रेणियों में थे।
(B) बलूतेदार और आगे चार श्रेणियों में बंट गये थे।
(C) हिंदू मंदिर की देखभाल करने वाले बलूतेदार का भाग नहीं थे।
(D) गाँव में स्थायी निवास के अधिकार वाले बलूतेदार वतन बलूतेदार कहलाते थे।
(E) बलूतेदार की निश्चित श्रेणियों को ग्रामीण समुदाय द्वारा कृषि हेतु राजस्व मुक्त भूमि प्रदान की जाती थी। नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:-

Correct Answer: (a) केवल A, D और E
Solution:

शिवाजी के ग्राम प्रशासन का मुख्य अधिकारी पटेल होता था जो भू-राजस्व, न्यायिक एवं अन्य प्रशासनिक कार्य करता था। पटेल के नीचे कुलकर्णी होता था जो भूमि का लेखा-जोखा रखता था। इसके अतिरिक्त गाँव में 12 बलूतेदार होते थे। यह ग्रामीण कारीगरों एवं नौकरों की बारह श्रेणियाँ में विभाजित थे।

गाँव में स्थाई निवास के अधिकार वाले बलूतेदार वतन बलूतेदार कहलाते थे। बलूतेदार की निश्चित श्रेणियों को ग्रामीण समुदाय द्वारा कृषि हेतु राजस्व मुक्त भूमि प्रदान की जाती थी। कुछ गाँवों में बारह बलूतों के अतिरिक्त बारह बलूते होते थे, जो गाँव के सेवक के रूप में होते थे।

8. किसने 1871 में गाय संरक्षण के मुद्दे को उठाया?

Correct Answer: (b) कूका
Solution:

गाय संरक्षण आंदोलन मुख्य रूप से भारत में धार्मिक और राजनीतिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य गायों की रक्षा करना है। गौहत्या को लेकर हिन्दुओं के अतिरिक्त अन्य धर्म के व्यक्तियों ने भी विरोध किया है।

इस मिशन को सर्वप्रथम पंजाब के नामधारी सिखों (कूका) ने 1871 में गाय संरक्षण के मुद्दे को उठाया था। इस आन्दोलन की शुरूआत नामधारियों ने 1860 के दशक से ही शुरू कर दिया था। आर्य समाज के संस्थापक दयानंद सरस्वती ने भी गौहत्या का विरोध किया था।

9. सिंकदर के शासन के अंतर्गत निम्नलिखित में से किसने कश्मीर के विध्वंस का शोक जताया था?

Correct Answer: (c) जौना राजा
Solution:

सिकंदर के शासन के अंतर्गत जौनाराज (जोनराज) ने कश्मीर के विध्वंस का शोक जताया था। ये 15वीं सदी के एक कश्मीरी इतिहासकार और संस्कृत के कवि थे। इन्होंने 'द्वितीय राजतरंगिणी' नामक इतिहास ग्रंथ लिखा जिसमें उन्होंने कल्हण की राजतरंगिणी का सन् 1149 तक का वृत्तान्त जारी रखते हुए अपने समकालीन सुल्तान जैन-उल-आबिदीन तक का वर्णन लिखा है।

इनकी मृत्यु के उपरान्त उनके शिष्य श्रीवर ने वृत्तान्त को आगे बढ़ाया और 'तृतीय राजतरंगिणी' का संकलन किया। जोनराज ने कश्मीर में हिन्दू राजवंशों के अंत और मुस्लिम राजवंशों के शुरूआत का महत्वपूर्ण वर्णन किया है

10. हड़प्पा सभ्यता के निम्नलिखित में से किस स्थल के चित्रत भांड में एक वृक्ष पर मछली और नीचे लोमड़ी जैसे पशु को चित्रत किया गया है, जो पंचतंत्र में वर्णित चतुर लोमड़ी कथा को प्रतिबिंबित करता है?

Correct Answer: (d) लोथल
Solution:

हड़प्पा सभ्यता के लोथल पुरास्थल से चित्रित मृदभांड में एक वृक्ष पर एक कौआ, मछली एवं नीचे लोमड़ी जैसे पशु की आकृतियाँ चित्रित है जिसका साम्य पंचतंत्र की कथा 'चालाक लोमड़ी' से किया गया है। लोथल पुरास्थल अहमदाबाद (गुजरात) के सरगवल गाँव साबरमती व इसकी सहायक भोगवा नदी के बीच खम्भात की खाड़ी में स्थित है।

इसकी 1954-55 में एस.आर. राव ने किया था। इसकी सम्पूर्ण बस्ती (गढ़ी व किला) एक ही रक्षा प्राचीर से घिरी थी। लोथल से बंदरगाह अथवा गोदीवाड़ा (Dock Yard), स्त्री-पुरुष युक्त 3 युग्म शवाधान, चावल का साक्ष्य, फारस की मुहर, चतुर्भुजाकार अग्निवेदी, सूती कपड़ा, ताम्र-निर्मित पशु-पक्षी, आटा पीसने वाली चक्की के पाट आदि पुरातात्विक वस्तुएँ प्राप्त हुई हैं।