यू.जी.सी.NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 भूगोल

Total Questions: 100

1. निम्नलिखित में कौन सी भूआकृतिक परिघटना तीव्रतम रूप से घटित होती है?

Correct Answer: (c) मलवा हिमस्खलन
Solution:

मलवा हिमस्खलन (Debris Avalanche) भूआकृतिक परिघटना तीव्रतम रूप से घटित होती है। बृहत् संचलन के अंतर्गत वे सभी संचलन आते हैं, जिनमें शैलों का बृहत् मलवा गुरुत्त्वाकर्षण के सीधे प्रभाव के कारण ढाल के अनुरूप स्थानांतरित होता है।

इसका तात्पर्य है कि वायु, जल, हिम ही अपने साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक मलवा नहीं ढोते, अपितु मलवा भी अपने से साथ वायु, जल या हिम ले जाते हैं।

असंबद्ध कमजोर पदार्थ, छिछले संस्तर वाली शैलें, भ्रंश, तीव्रता से झुके हुए संस्तर, खड़े भृगु या तीव्र ढाल, मूसलाधार वर्षा तथा वनस्पति का अभाव बृहत् संचलन में सहायक होते है।

नोट:- उपर्ययुक्त में सभी विकल्प तीव्र संचलन के अंतर्गत शामिल हैं, किन्तु मलवा हिमस्खलन सर्वाधिक तीव्र गति से घटित होता।

2. भूकंप के अधिकेंद्र के मानचित्रण के लिए कम से कम कितने भूकंपीय केंद्रों के आँकड़ों की आवश्यकता होती है?

Correct Answer: (c) तीन
Solution:

भूकम्प के अधिकेन्द्र के मानचित्रण के लिये कम से कम तीन भूकम्पीय केन्द्रों के आंकड़ों की आवश्यकता होती है।

वैज्ञानिक भूकम्प के अधिकेन्द्र का पता लगाने के लिये त्रिकोणासान का उपयोग करते हैं। इसमें कम से कम तीन अलग-अलग स्थानों से आँकड़ों को एकत्र किया जाता है और फिर इसका उपयोग अधिकेन्द्र के निर्धारण करने के लिये किया जाता है।

पृथ्वी के सतह के नीचे का वह स्थान जहाँ से भूकम्पीय तरंगों की उत्पत्ति होती है, उसे 'भूकम्प मूल' (Focus) कहते हैं और पृथ्वी की सतह के ऊपर स्थित वह स्थान जहाँ भूकम्पीय लहरे तरंगे सबसे पहले पहुँचती है, 'अधिकेन्द्र' (Epicenter) कहलाता है।

3. किसने कहा था कि घाटी पार्श्व ढाल बहिर्जनित प्रक्रियाओं के सापेक्षित महत्व का संकेत प्रदान करता है?

Correct Answer: (b) पेंक
Solution:

पैक ने कहा था कि घाटी पार्श्व ढाल बर्हिजनित और अंतर्जनित प्रक्रियाओं के सापेक्षित महत्व का संकेत प्रदान करता है। जर्मन विद्वान वाल्थर पेंक ने स्थलरूपों के विकास से सम्बन्धित नये मॉडल का प्रतिपादन किया

जिसे 'मा लॉजिकल सिस्टम' या 'मार्फोलॉजिकल एनालिसिस' के नाम से जाना जाता है। फेंक के मॉडल का प्रमुख संदर्भ तन्त्र यह है कि किसी भी क्षेत्र में स्थलरूपों की विशेषतायें वहाँ की विवर्तनिक घटनाओं से सम्बन्धित होती है,

अतः क्षेत्र विशेष की स्थलाकृतिक विशेषताओं के आधार पर उस क्षेत्र में विवर्तनिक संचलन के विकास एवं उसके कारणों की व्याख्या की जा सकती है।

पेंक ने बताया कि घाटी के पार्श्व ढाल में दो भाग होते हैं। ऊपरी भाग का ढाल खड़ा होता है जिसे 'गुरुत्व ढाल या बासचुंजेन' कहा जाता है तथा घाटी पार्श्व के निचले भाग को 'वाशढाल या हाल्डेनहेंग' कहा जाता है।

4. निम्नलिखित में से कौन भूकंप के परिमाण से प्रत्यक्षतः संबंधित नहीं है?

Correct Answer: (b) क्षति की प्रचंडता
Solution:

विखंडित भ्रंश खण्ड की लम्बाई, भूकम्पीय केन्द्र की गहराई तथा भूकम्प से उत्सर्जित ऊर्जा की मात्रा भूकम्प के परिणाम से प्रत्यक्ष रूप से सम्बन्धित है, जबकि भूकम्पीय क्षति की प्रचण्डता भूकम्प के परिमाण से प्रत्यक्षतः सम्बन्धित नहीं है।

किसी भूकम्प का परिमाण उसके द्वारा मुक्त की गई ऊर्जा का माप है। यह भूकम्पीय तरंगों के आयाम, त्वरण, आवृत्ति तथा अन्य कई तथ्यों पर आधारित होता है। भूकम्प के परिमाण को 'रिक्टर स्केल' पर मापा जाता है। इस पैमाने का अविष्कार चार्ल्स एफ रिक्टर द्वारा किया गया था।

5. निम्न में से कौन सी वायुमंडलीय गैस प्रकाश - रासायनिका धूम्र कोहरे का प्राथमिक संघटक है?

Correct Answer: (b) ओजोन
Solution:

प्रकाश रासायनिक धूम्र कोहरा (Smog) शब्द, 'Fog और 'Smoke' से मिलकर बना है। प्रकाश रासायनिक धूम्र कोहरे का प्रमुख (प्राथमिक) घटक ओजोन (O₃) गैस होती है। यह गैस समताप गण्डल में पायी जाती है तथा पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों से बचाती है,

लेकिन जब यह क्षोभमण्डल में धरातल के समीप पाई जाती है, तो प्रदूषक का कार्य करती है। इस धरातलीय ओजोन का निर्माण नाइट्रोजन ऑक्साइड एवं वाष्पशील कार्बनिक पदार्थ की सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में अंतःक्रिया से होती है। अधिक धूम्र कोहरे के निर्माण से दृश्यता घट जाती है तथा पर्यावरण पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

6. ध्रुवीय क्षेत्रों, मध्य अक्षांशों और भूमध्य रेखा के ऊपर क्षोभ सीमा (ट्रोपोपॉज) की ऊँचाई (किमी में) का सही क्रम क्या है?

Correct Answer: (a) 9,11,16
Solution:

वायुमण्डल की सबसे निचली परत को क्षोभमण्डल या परिवर्तनमण्डल कहा जाता है। क्षोभमण्डल की ऊपरी सीमा को क्षोभसीमा (ट्रोपोपॉज) कहा जाता है। यह ध्रुवीय क्षेत्रों में 9 से 10 किमी, मध्य अक्षांशों में 11 किमी. तथा भूमध्यरेखा पर इसकी ऊँचाई 16 से 17 किमी. तक पाई जाती है।

इसकी ऊँचाई में मौसमी परिवर्तन भी होता है। इस परत में वायुमण्डल के तापमान का गिरना बन्द हो जाता है। क्षोभसीमा क्षोभमण्डल तथा समतापमण्डल को अलग करता है, इसलिये इस परत में दोनों ही परतों के गुण पाये जाते हैं।

7. पृथ्वी के उष्मा बजट के कुल आवक विकिरण में से कितनी प्रतिशत वापस अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाती है?

Correct Answer: (c) लगभग 30 प्रतिशत
Solution:

पृथ्वी का औसत तापमान लगभग एक समान रहता है, क्योंकि सूर्य से प्राप्त होने वाला सूर्यातप तथा पृथ्वी द्वारा छोड़े जाने वाले पार्थिव विकिरण की मात्रा भी लगभग एक समान होती है।

इस सन्तुलन को ही 'पृथ्वी का ऊष्मा बजट' कहते हैं। मान लिया जाय कि वायुमण्डल की ऊपरी सतह पर प्राप्त सूर्यातप 100 इकाई है, तो इसमें से 35 इकाइयाँ पृथ्वी के धरातल पर पहुँचने से पहले ही अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाती हैं।

इसमें से 27 इकाइयाँ बादलों के ऊपरी छोर से, 2 इकाइयाँ पृथ्वी के हिमाच्छादित धरातलीय सतह से तथा 6 इकाइयाँ वायुण्डल में प्रकीर्णन द्वारा परावर्तित होकर शून्य मैं या अंतरिक्ष में लौटा दिया जाता है। सौर विकिरण की इस परावृर्तित मात्रा को पृथ्वी की 'परावर्तिता गुणांक' या 'एल्बिडो' कहते हैं।

8. किस प्रकार की तड़ित में जीवन और संपत्ति की अधिक क्षति होने की संभाव्यता होती है?

Correct Answer: (b) धनात्मक मेघ-से-भूतल तडित्
Solution:

बादलों के कुछ समूह धनात्मक तो कुछ ऋणात्मक आवेश वाले होते हैं। यह आवेश बादलों में उपस्थित जल कण के हवा से घर्षण के फलस्वरूप पैदा होते हैं। जब धनात्मक और ऋणात्मक आवेशित बादल आपस में टकराते हैं,

तो अति उच्च शक्ति की बिजली उत्पन्न होती है। इसी समय दोनों तरह के बादलों के मध्य हवा में विद्युत धारा के प्रवाह होने से रोशनी की तेज चमक पैदा होती है, जिसे बिजली का चमकना कहते हैं।

बादलों में पाये जाने वाले धनात्मकं आवेश ऋणात्मक आवेश से अधिक प्रभावी होता है, इसीलिये धनात्मक मेघ से भूतल तड़ित से जीवन और सम्पत्ति की अधिक क्षति (नुकसान) होने की संभावना (संभाव्यता) होती है।

9. निम्नलिखित में से किस उपागम का मानना है कि प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के लिए सर्वाधिक प्रभावशाली दार्शनिक आधार प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित करने के संदर्भ में विचार करना है?

Correct Answer: (d) पर्यावरणीय सौंदर्यबोध -
Solution:

पर्यावरणीय सौन्दर्यबोध उपागन का मानना है कि प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के लिये सर्वाधिक प्रभावशाली दार्शनिक आधार प्राकृतिक सौन्दर्य को सुरक्षित करने के सन्दर्भ में विचार करना है।

पर्यावरणीय सौन्दर्यबोध का आशय ऐसी सारी नकारात्मक गतिविधियों को प्रतिबन्धित करना है, जिससे पर्यावरण को सुरक्षित तथा स्वच्छ बनाया जा सके तथा साथ ही प्रदूषण रहित पर्यावरण का निर्माण किया जा सके।

10. पार्थिव पारिस्थितिक तंत्र के निम्न में से किस में अधिकतम जैवभार होता है?

Correct Answer: (d) उत्पादक
Solution:

स्थलीय या पार्थिक पारिस्थितिक तंत्र के उत्पादक वर्ग में अधिकतम जैवभार होता है। उत्पादक वर्ग के अन्तर्गत हरे पेड़-पौधे, कुछ विशेष प्रकार के जीवाणु एवं शैवाल आते हैं, जो सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में सरल अजैविक पदार्थों से अपना भोजन बना सकते हैं,

अर्थात ऐसे जीव, जो स्वयं अपना भोजन बना सकते हैं स्वपोषी अथवा प्राथमिक उत्पादक कहलाते हैं। पार्थिव पारिस्थितिक तंत्र में उत्पादक प्रायः जड़युक्त पौधे (शाक, झाड़ी तथा वृक्ष) जबकि गहरे जलीय पारिस्थितक तंत्र में पादपप्लवक (Phytoplankton) नामक प्लवक पौधे प्रमुख उत्पादक होते हैं।