Solution:महासागरीय धाराएँ, महासागरीय जल के घनत्व के वितरण द्वारा प्रभावित होती हैं, क्योंकि ध्रुवीय भागों में न्यून तापमान के कारण उच्च घनत्व पाया जाता है, परन्तु हिम के पिघलने के कारण लवणता कम हो जाती है,
जिस कारण घनत्व कम हो जाता है परिणामस्वरूप ध्रुवों से ठण्डे जल की धाराएँ विषुवतरेखा की ओर चलने लगती है। उष्णकटिबन्धीय महासागरों द्वारा ऊष्मा की क्षति वायुमंडलीय परिसंचरण के संचालन के लिये आवश्यक ऊष्मा का प्रमुख स्रोत है।
उष्णकटिबन्धीय महासागरों द्वारा अवशोषित अधिकांश ऊष्मा ध्रुवीय क्षेत्रों में जलवाष्प के रूप में निर्मुक्त नही की जाती हैं। भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर (उच्च अक्षांशों पर) जाने पर सामान्य रूप से लवणता में कमी आती जाती हैं। अतः कथन (B) और (D) सही है। इसलिए विकल्प (b) सही है।