NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून-2024 भूगोल

Total Questions: 36

1. सामाजिक भूगोल सदैव "सामाजिक पक्ष को "_______" पक्ष" से एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Correct Answer: (c) स्थानिक
Solution:

सामाजिक भूगोल सदैव "सामाजिक पक्ष" को "स्थानिक पक्ष" से एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक भूगोल मानव भूगोल की एक शाखा है,

जो रोजमर्रा के जीवन और सामाजिक समूहों, एक-दूसरे के साथ तथा उनके रहने के स्थानों के साथ अंतः क्रिया पर केंद्रित है। सांस्कृतिक पक्ष सांस्कृतिक भूगोल से संबंधित है,

जो मानव भूगोल की एक प्रमुख शाखा है। सांस्कृतिक भूगोल मानव की संस्कृति को केन्द्र बिन्दु में रखकर अध्ययन करता है। आर्थिक पक्ष आर्थिक भूगोल कि वह शाखा है जिसका केन्द्रबिन्दु मानव की आर्थिक क्रियाओं जैसे कृषि, उद्योग, पर्यटन तथा सेवाओं आदि पर केन्द्रित होता है।

जनांकिकीय का अध्ययन मानव भूगोल की उपशाखा जनसंख्या भूगोल में किया जाता है। इसमें स्वयं मानव की जनसंख्या, जनसंख्या वितरण, आयु संरचना, घनत्व, वृद्धि, लिंग अनुपात, स्थानान्तरण आदि का अध्ययन किया जाता है।

2. वृहत क्षरण के निम्नांकित प्रक्रमों को मंद से तीव्र संचलन के आधार पर व्यवस्थित कीजिए:

A. पंकप्रवाह B. मृदा सर्पण C. मृदा सरकना (क्रीप) D. भू-प्रवाह
नीचे दिए गए विकल्पों में से सहीं उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) C, B, D, A
Solution:

वृहत क्षरण के निम्नांकित प्रक्रमों को मंद से तीव्र संचलन के आधार पर व्यवस्थित क्रम निम्नलिखित है- मृदा सरकना (क्रीप) मृदा सर्पण भू-प्रवाह पंक प्रवाह । मृदा की ऊपरी परत जब जल या वायु के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरित होती है,

तो इसे ही मृदा का सरकना या मृदा अपरदन कहते हैं। मृदा सर्पण अधिकांशतः परिहिमानी के क्षेत्र में होता है। जब मृदा का कटाव वायु या जल द्वारा हो तो इसे भू- कटाव (भूमिवाह) कहते हैं इसे अन्य नामों से भी जाना जाता है

जैसे पटलीय प्रवाह, शीट प्रवाह, पंक प्रवाह, कीचड़ प्रवाह। पंक प्रवाह (Mudflow) मृदा की बारीक कणों का समूह होता है, जो जल के साथ मिश्रित होकर प्रवाहित होता है। वृहत क्षरण (द्रव्यमान संचलन) को संचलन के रूप में निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जाता है, जो निम्नलिखित है- 1. अति तीव्र गति वाला संचलन (जल की आवश्यकता नहीं)
भूमिस्खलन
• अवपतन (Slumping)
• मलबा स्खलन (Debris Slide)
• मलबा पात (Debris Fall)
• शैल पात (Rock Fall)
• शैल स्खलन (Rock Slide)
2. मन्द गति वाला संचलन (जल की स्वल्प मात्रा आवश्यक)
• शैल सर्पण (Rock Creep)
• मृदा सर्पण (Soil Creep)
• मृदा सर्पण (Solifluction,परिहिमानी क्षेत्र में)
3. त्वरित गति वाला संचलन (पर्याप्त जल आवश्यक)
• भूमिवाह (Earthflow)
• पंकवाह (Mudflow)
• चादर घुलन (Sheet wash)
अतः विकल्प (b) सही है।

3. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (विशेषज्ञ)सूची-II (अवस्थिति सिद्धांत का आधार)
A. हूबरI. अवस्थिति सिद्धांत का आधार)
b. लाँश (Losch)II. व्यवहारपरक मैट्रिक्स
C. प्रेड (Pred)III. विपणन क्षेत्र उपागम
D. स्मिथ (Smith)IV. क्षेत्र-लागत वक्र सिद्धांत

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

विशेषज्ञअवस्थिति सिद्धांत का आधार
हूबरलाभ को अधिकतम करना
लाँशविपणन क्षेत्र उपागम
प्रेडव्यवहारपरक मैट्रिक्स
स्मिथक्षेत्र-लागत वक्र सिद्धांत

अतः विकल्प (b) सही समुलित है।

4. निम्नांकित में से संयुक्त राज्य अमेरिका का कौन-सा विश्वविद्यालय वर्ष 1950 के आसपास स्थानिक विश्लेषण विज्ञान के रूप में भूगोल सु-परिभाषित सैद्धांतिक पक्षों पर बल देने वाले चयनित केन्द्रों में सम्मिलित नहीं था?

Correct Answer: (c) यूनाइटेड स्टेट्स यूनिवर्सिटी
Solution:

संयुक्त राज्य अमेरिका का यूनाइटेड स्टेट्स यूनिवर्सिटी वर्ष 1950 के आसपास स्थानिक विश्लेषण विज्ञान के रूप में भूगोल के सु-परिभाषित सैद्धांतिक पक्षों पर बल देने वाले चयनित केन्द्रों में सम्मिलित नहीं था,

जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा, यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोंसिन तथा यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन को सम्मिलित किया गया था। अमेरिका में भूगोल में मात्रात्मक क्रांति का आरम्भ मध्य 1950 के दशक में हैरोल्ड मैकार्टी ब्रायन बेरी और गैरिसन के नेतृत्व में हुआ था।

आयोवा विश्वविद्यालय में मैकार्टी ने भौगोलिक प्रतिरूपों के बीच संगठनों के नियमों को स्थापित करने का प्रयास किया। विस्कोंसिन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राबिन्स ने मानचित्रों की तुलना हेतु सांख्यिकीय विधियों को विकसित करने का प्रयास किया

तथा सियाटल स्थित वांशिगटन विश्वविद्यालय में गैरिसन ने आर्थिक और नगरीय भूगोल के क्षेत्र में वस्तुनिष्ठ वैज्ञानिक अध्ययन पद्धति के आधार पर सिद्धान्त परक भूगोल के विकास में उल्लेखनीय प्रगति किया।

इसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे एडवर्ड उलमैन ने भूगोल को क्रियाशील अन्तर्थानिक सम्बंधों के अध्ययन पर केन्द्रित विज्ञान के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में कार्य किया और मात्रात्मक क्रांति को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

5. भारत में कोटि - आकार नियम______राज्य में लागू होता प्रतीत होता है।

Correct Answer: (c) राजस्थान
Solution:

भारत में कोटि आकार का नियम राजस्थान राज्य में लागू होता प्रतीत होता है। कोटि-आकार नियम के संदर्भ में सर्वप्रथम सन् 1913 में एफ. आवरबाच (F.Auerbach) ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

इसके बाद एच.आर. सिमन (H.R Simon), जी.के. जिफ (G.K.Jipf), सी.टी. स्टीवार्ट (C.T. Stewart), बैरी व गैरिसन (Berry & Garrison) ने इस संदर्भ में अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए।

जिफ महोदय ने नगरों के जनसंख्या के आकारों तथा जनसंख्या कोटि के परस्पर सम्बन्धों को प्रदर्शित करने के लिए सन् 1949 में कोटि आकार नियम का प्रतिपादन किया। इस नियम के अनुसार किसी प्रदेश या देश के नगर की कोटि (Rank) और उसके जनसंख्या आकार (Population Size) में निश्चित अनुपात पाया जाता है।

जिफ के अनुसार, किसी प्रदेश के नगरों की जनसंख्या को अवरोही क्रम में रखने पर n वें नगर (n = कोटि) की जनसंख्या वृहत्तम नगर (प्रथम कोटि) की जनसंख्या 1/n होगी। प्रथम कोटि के नगर की जनसंख्या ज्ञात होने पर अन्य कोटि के नगरों की सम्भावित या प्रत्याशित जनसंख्या का आकलन निम्नांकित सूत्र द्वारा किया जा सकता है:-
Pₙ = P₁ (n)¹ = P₁/n
जबकि, Pₙ = n वें कोटि वाले नगर की प्रत्याशित जनसंख्या,
P₁ = प्रथम कोटि के (वृहत्तम) नगर की वास्तविक जनसंख्या
n = कोटि का मान ।

6. स्ट्रैहलर की विधि के अनुसार चक्रित सरिता के अपवाह क्रम को चिह्नांकित कीजिए:

Correct Answer: (a) तृतीय क्रम
Solution:

स्टेहलर की विधि के अनुसार उपर्युक्त चक्रित सरिता के अपवाह क्रम को तृतीय क्रम चिह्नित करता है। स्ट्रालर (1964 ई.) ने सरिता को कई खण्डों में विभक्त किया जिसमें सभी बिना सहायक वाली सरितायें प्रथम श्रेणी की सरिता खंड होती हैं।

इनमें सभी को 1 संख्या प्रदान की जाती है। जब प्रथम श्रेणी की दो सरिता खण्ड आपस में मिलती हैं, तो संगम के नीचे द्वितीय श्रेणी का आविर्भाव होता है। उसे 2 संख्या प्रदान की जाती है। परन्तु जहाँ पर द्वितीय श्रेणी की दो सरिता खंड आपस में मिलती हैं,

वहाँ से तृतीय श्रेणी का निर्माण होता है। इस प्रकार स्ट्रालर विधि में प्रत्येक श्रेणी (प्रथम श्रेणी की छोड़कर) की सरिता की वास्तविक लम्बाई तथा उद्‌गम स्थल अंकित करने का प्रयास नहीं किया जाता है।

7. हल करे ?

Correct Answer: (c) मानक विचलन
Solution:


का प्रयोग मानक विचलन के परिकलन के लिए किया जाता है। किसी समंक श्रेणी के समान्तर माध्य से उसके विभिन्न पद-मूल्यों के विचलनों के वर्गों के समान्तर माध्य के वर्गमूल को उस श्रेणी का मानक विचलन या प्रमाप विचलन कहते हैं। मानक विचलन विधि की गणना प्रत्यक्ष विधि तथा लघु विधि से की जाती है। दिया गया सूत्र मानक विचलन की गणना प्रत्यक्ष विधि से करता है।

8. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (रोग)सूची-II (कारण)
A. फेफड़े का कैंसरII. धूम्र-कोहरा (Smog)
B. ब्लैक फुट रोगIII. भू-जल में आर्सेनिक की अधिक मात्रा
C. त्वचा का कैंसरIV. पराबैंगनी किरणों के विकिरण में अधिक उद्भाषण
D. मिनीमाता रोगI. पारा विषाक्तन (Mercury poisoning)
Correct Answer: (c) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

सूची-I (रोग)सूची-II (कारण)
फेफड़े का कैंसरधूम्र-कोहरा 
ब्लैक फुट रोगभू-जल में आर्सेनिक की अधिक मात्रा
त्वचा का कैंसरपराबैंगनी किरणों के विकिरण में अधिक उद्भाषण
मिनीमाता रोगपारा विषाक्तन

अतः विकल्प (c) सही सुमेलित है।

9. दिए गए रेखाचित्र में 9 की पहचान करें

Correct Answer: (b) ऐज सिटी
Solution:

ऐज सिटी मुख्य शहर से बाहर सब अर्बन क्षेत्र में स्थित व्यापार, मनोरंजन आदि का क्षेत्र होता है। दिये गये रेखाचित्र में संकेत (9) को 'ऐज सिटी' द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

10. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (आर्द्रता)सूची-II (के रूप में अभिव्यक्त)
A. निरपेक्ष आर्द्रताI. %
B. विशिष्ट आर्द्रताII. ग्राम/क्यूबिक (घन) मीटर
C. मिश्रण अनुपातIII. जलवाष्प का भार / शुष्क वायु का भार
D. सापेक्ष आर्द्रताIV. ग्राम/किलोग्राम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A-II, B-IV, C-III, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

सूची-I (आर्द्रता)सूची-II (के रूप में अभिव्यक्त)
निरपेक्ष आर्द्रता  ग्राम/क्यूबिक (घन) मीटर
विशिष्ट आर्द्रताग्राम/किलोग्राम
मिश्रण अनुपात जलवाष्प का भार / शुष्क वायु का भार
सापेक्ष आर्द्रता% (प्रतिशत)

अतः विकल्प (b) सही सुमेलित है।