Solution:अष्टांग योग के आठ योगांग है- यम → नियम → आसन → प्राणायाम → प्रत्याहार→ धारणा → ध्यान → समाधि है।
* प्राणायामस्तथा ध्यान प्रत्याहारोस्थ धारणा। कर्तश्चैत्र समधिश्च पडाङ्गो योग उच्यते ।
* इसमें अष्टांग योग के यम, नियम और आसन को स्थान नहीं दिया गया है |
* शरीर, मन, प्राण, बुद्धि तथा आत्मा आदि अवयवों और उस समय प्रचलित योग विधानों को दृष्टि में रख कर उन पर शोध करने के बाद महर्षि पतंजली ने योग के अष्यांगों का निर्धाराण किया।
* (b) प्राणायाम: प्राण + आयाम
प्राण ⇒ शक्ति या सांस ही प्राण है।
आयाम ⇒ बढ़ाना या विस्तार करना है।
अर्थात् प्राणशक्ति को बढ़ाना या नियंत्रित करना प्राणायाम है।
(d) प्रत्याहार : मन एवं बुद्धि दोनो को शांत कर, उन्हें निर्मल,
निश्चल एवं व्यवस्थित बनाये रखना ही प्रत्याहार कहलाता है।
(c) धारणा : किसी एक विषय पर एकाग्रता हासिल करना ही
धारणा कहलाता है।
(a) ध्यान : एक विषय पर मन और मस्तिष्क को पूर्णतः केंन्द्रित कर
उसका स्मरण करते रहना ध्यान है।