यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2021 जून-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)Total Questions: 1001. सूची - I को सूची - II से मेलित कीजिए:सूची - I सूची - IIA. हॉब्सI. एब्सोल्यूट आइडियलिज़्मB. अमर्त्य सेनII. द सेकेंड सेक्सC. हेगेलIII. सोशल कॉन्ट्रैक्टD. सिमोन-दि-बोबाIV. द आइडिया ऑफ जस्टिसनीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए(a) A-IV, B - II, C - III, D-I(b) A- II, B- IV, C-1, D-1(c) A- III, B - IV, C- I, D - II(d) A- I, B-IV, C- III, D - IICorrect Answer: (c) A- III, B - IV, C- I, D - IISolution:सही उत्तर निम्नलिखित है-सूची - I सूची - IIA. हॉब्सiii. सोशल कॉन्ट्रैक्टB. अमर्त्य सेनiv. द आइडिया ऑफ जस्टिसC. हेगेलi.आब्सोल्यू आइडियलिज्मD. सिमोन दि-बोबाii. द सेकेंड सेक्स2. न्याय मीमांसा में किस सन्निकर्ष द्वारा हम यह अनुभव करते हैं कि मेरे हाथ और कलम जिससे मैं लिख रहा हूँ उसके बीच कोई संबंध है?(a) संयोग(b) संयुक्त समवाय(c) समवाय(d) विशेषणताCorrect Answer: (b) संयुक्त समवायSolution:न्यायमीमांसा के संयुक्त समवाय सन्निकर्ष द्वारा हम यह अनुभव करते हैं की मेरे हाँथ और कलम जिससे मैं लिख रहा हूँ उसके बीच कोई सम्बन्ध है। संयुक्त समवाय सन्निकर्ष में इन्द्रिय का सीधा सम्बन्ध वस्तु के साथ न होकर एक माध्यम के साथ होता है। एक अन्य उदाहरण घड़े की लालिमा का ज्ञान। इसमें सबसे पहले आँख का संपर्क घड़े से होता है और घड़ा लालिमा से सम्बन्धित है। चूँकि घड़ा लालिमा से सम्बन्धित है इसलिए आँख का सम्बन्ध लालिमा से घड़े के माध्यम से होता है।3. तर्क बुद्धिवाद के संबंध में (दार्शनिक सिद्धांत के रूप में) निम्नलिखित में से कौन सा असत्य है?(a) कारण और केवल कारण सभी प्रकार के दार्शनिक ज्ञान का स्रोत है(b) कारण स्थायी है और अपरिवर्तनीय है।(c) इंद्रिय अनुभव एक छलावा है इसलिए यह दार्शनिक ज्ञान के स्रोत के रूप में कार्य नहीं कर सकता(d) कारण स्वयं को सीमित करता है और दोषपूर्ण हैCorrect Answer: (d) कारण स्वयं को सीमित करता है और दोषपूर्ण हैSolution:तर्क बुद्धिवाद के दार्शनिक सिद्धांत के अनुसार- (1) कारण और केवल कारण सभी प्रकार के दार्शनिक ज्ञान का श्रोत है। (2) कारण स्थायी और अपरिवर्तनीय है। (3) इन्द्रिय अनुभव एक छलावा है इसलिए यह दार्शनिक ज्ञान के श्रोत के रूप में कार्य नहीं कर सकता है। जबकि विकल्प (d) असत्य है।4. तथाकथित कारण कुछ नहीं है बल्कि एक घटना तुरंत पूर्ववर्ती घटना का स्थान ले लेती है, परवर्ती घटना को प्रभाव कहा जा सकता है, ऐसा ही है। निम्नलिखित में से विचार किसके हैं?(a) लॉक(b) कांट(c) ह्यूम(d) डेकार्टCorrect Answer: (c) ह्यूमSolution:ह्यूम के अनुसार तथाकथित कारण कुछ नही है बल्कि एक घटना तुरंत पूर्ववर्ती घटना का स्थान ले लेती है। परवर्ती घटना को प्रभाव कहा जा सकता है। ऐसा ही हैं।5. निम्नलिखित में क्या सत्हेतु की विशेषता है?(a) पक्षसत्व(b) विपक्षसत्व(c) सपक्षसत्व(d) अबाधित विषयत्वCorrect Answer: (b) विपक्षसत्वSolution:विपक्षसत्व, सत हेतु की विशेषता नहीं है। जबकि पक्षसत्व, सपक्षसत्व, अबाधित विषयत्व सत हेतु की विशेषताएं है।6. "इंसान आता है और जाता है, किन्तु मानव जाति, मानवीय प्रजाति सदैव चलायमान होते हैं" ये किसके विचार है?(a) अरस्तू(b) प्लेटो(c) प्रोटोगोरस(d) गार्जियाजCorrect Answer: (b) प्लेटोSolution:ग्रीक दार्शनिक प्लेटो सुकरात के शिष्य थे। प्लेटो ने बुद्धिवाद (Rationalism) का समर्थन किया था। इनकी प्रसिद्ध उक्ति है कि "इंसान आता है और इंसान जाता है, किन्तु मानव जाति, मानवीय प्रजाति, सदैव चलायमान होते हैं।"7. कुमारिलो के प्रमाणों के समर्थन की संतुष्टि निम्न किस पद्धति द्वारा की गई थी?(a) न्याय(b) सांख्य(c) अद्वैत(d) शुद्ध अद्वैतCorrect Answer: (c) अद्वैतSolution:कुमारिलों के प्रमाणों के समर्थन की संपुष्टि 'अद्वैत पद्धति द्वारा की गई। कुमारिलभट्ट और अद्वैत वेदांत द्वारा अनुपलब्धि को 'स्वतंत्र प्रमाण' मानने को लेकर मतैक्यता है। किसी विषय के अभाव का साक्षात ज्ञान हमें अनुपलब्धि के द्वारा होता है। ध्यातव्य है कि प्रभाकर, सांख्य और न्याय अनुपलब्धि को स्वतंत्र प्रमाण नहीं मानते वे उसे प्रत्यक्ष के अंतर्गत ही रखते हैं।8. बहुसंस्कृतिवाद क्या है?(a) किसी सामज के अंतर्गत सांस्कृतिक बहुलता की उपस्थिति(b) किसी समाज में अल्पसंख्यक समुदायों की उपस्थिति(c) किसी समाज में राजनीतिक बहुलता की उपस्थिति(d) किसी समाज में मानवजातीय अल्पसंख्यक समुदायो की उपस्थितिCorrect Answer: (a) किसी सामज के अंतर्गत सांस्कृतिक बहुलता की उपस्थितिSolution:किसी समाज के अंतर्गत सांस्कृतिक बहुलता की उपस्थिति बहुसंस्कृतिवाद है। सामान्यतया बहु संस्कृतिवाद वह अवधारणा है जिसके अनुसार "जब किसी समाज में विभिन्न संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते हैं तो इसे बहुसंस्कृतिवाद कहते हैं।" इस तरह के समाज में विभिन्न जाति तथा धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं।9. दोषों की निम्नलिखित व्याख्याओं पर विचार कीजिए।कथन I : प्रतिपक्षी स्थिति का जानबूझकर मिथ्या निरूपण पुतला दोष है कथन II: प्रतिपक्षी के चरित्र अथवा प्रमुख परिस्थितियों पर आक्षेप में एड होमिनेमः का दोष पाया जाता है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों मेंसे सही उत्तर चुनेंः(a) कथन । और II दोनों सत्य हैं(b) कथन I और II दोनों असत्य है(c) कथन । सत्य है, किन्तु कथन II असत्य है(d) कथन । असत्य है, किन्तु कथन II सत्य हैCorrect Answer: (a) कथन । और II दोनों सत्य हैंSolution:प्रश्नगत कथन (i) और (ii)दोनों सत्य हैं। पुतला दोष (Fallacy of Strawman) में जानबूझकर प्रतिपक्षी की स्थिति का मिथ्या निरूपण किया जाता है। जबकि 'एड होमिनेम दोष' में प्रतिपक्षी के चरित्र अथवा प्रमुख परिस्थितियों पर आक्षेप किया जाता है।10. "प्राथमिक एवं द्वितीयक के रूप में गुणों का विभाजनअदार्शनिक है।" यह किसका मत है?(a) लॉक(b) बर्कले(c) लॉक और बर्कले(d) लॉक और डेकाCorrect Answer: (b) बर्कलेSolution:बर्कले 'प्राथमिक एवं द्वितीयक' के रूप में गुणों काविभाजन अदार्शनिक मानते हैं। बर्कले का मानना है कि इन गुणों केबीच अंतर भ्रामक है क्योंकि यह दोनों ही समजातिक हैं तथा दोनोंही मन में रहते हैं। ऐसा रंग नहीं हो सकता जो विस्तार के अभाव मेंहो तथा ऐसा कोई विस्तार नहीं हो सकता है जो रंग आदि द्वितीयकगुणों में पड़ता हो। अतः मूल गुण भी आत्मनिष्ठ होते हैं। मूल गुणतथा उपगुण में अंतर का निषेध कर बर्कले ने सिद्ध किया कीअनुभव से प्रत्यय की ही सत्ता सिद्ध होती है।Submit Quiz12345678910Next »