Solution:मीमांसा वेद की प्रामाणिकता को ही नही मानती है, बल्कि वेद पर पूर्णतः आधारित है, वेद के दो अंग है, ज्ञानकाण्ड और कर्मकाण्ड जिसमें से वेद के कर्मकाण्ड का सम्बन्ध पूर्व मीमांसा से तथा वेद के ज्ञानकाण्ड का सम्बन्ध वेदान्त या उत्तर मीमांसा से है। अतः पूर्व मीमांसा का सम्बन्ध ज्ञानमीमांसा से नही है, बल्कि उत्तरमीमांसा का सम्बन्ध ज्ञानमीमांसा से है।
(भारतीय दर्शन की रूपरेखा- डॉ. हरेन्द्र प्रसाद सिन्हा)