यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून-2020 वाणिज्य (Shift – 1)

Total Questions: 100

1. धारा के तहत किसी नकद चंदे के लिए अधिकतम कटौती कितनी हो सकती है?

Correct Answer: (b) ₹2,000
Solution:

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80G के अनुसार करदाता को विशिष्ट राहत फंड में दान पर अधिकतम 2000 रु. की छूट प्राप्त होती है। यह छूट नकद अथवा चैक के माध्यम से दिए गए दान पर प्राप्त होती है। 2000 से अधिक दान के लिए नकद दान मान्य नहीं है। यह वित्तवर्ष 2017-18 से लागू है।

2. लियोनटिफ उत्पादन प्रकार्य में L को माना जाता है:

Correct Answer: (c) उत्पादन प्रक्रिया में बाध्यकारी अवरोध
Solution:

लियोनटिफ उत्पादन प्रकार्य, आगत निर्गत अर्धशास्त्र के पिता वासिली लियोटिफ के नाम पर है। इसे निश्चित अनुपात उत्पादन प्रकार्य भी कहा जाता है। जहाँ उत्पादन होता है तथा इसके लिए L (लेबर) तथा K (पूँजी) का प्रकार्य उत्तर दायी होता है। इस उत्पादन प्रकार्य में | तथा K स्थिर होते है तथा इनमें होने वाले परिवर्तन अनुपातिक परिवर्तत होते हैं।
Q = min (ak, bL)

3. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में ई.पी.आर.जी. फ्रेमवर्क का तात्पर्य निम्नलिखित में से किससे है?

Correct Answer: (b) इथनोसेन्ट्रिक, पोलीसेन्ट्रिक, रेजिओसेन्ट्रिक एंड जिओसेन्ट्रिक ओरिएन्टेशंस
Solution:

अंतराष्ट्रीय व्यापार में EPRG फ्रेमवर्क का तात्पर्य इथोनोसेंट्रिक, पालीसेंट्रिक, रेजिओसेंट्रिक तथा जियोसेंट्रिक ओरिएटेशन से सम्बंधित है। इसे हावर्ड वी. पर्लम्यूटर तथा विंड एंड डगलस द्वारा वर्ष 1969 में प्रतिपादित किया गया। इसका निर्माण व्यवसाय के वैश्वीकरण प्रक्रिया को निर्देशित करने में सहायता तथा कम्पनीयों के व्यवसाय को अंतराष्ट्रीय प्रबंध के आधिविन्यास को समझने के लिए किया गया था। यह रणनीतिक निणयों को लेने तथा मुख्य कार्यालय तथा सहायक कार्यालयों के बीच सम्बंध को व्यस्थित रूप देने में सहायता प्रदान करता है।

4. निम्नलिखित में से कौन भारत में एक प्रमुख डायरेक्ट सेलिंग कंपनी नहीं है?

Correct Answer: (d) हिंदुस्तान यूनीलिवर लि.
Solution:

प्रत्यक्ष बिक्री वह होती हैं जहाँ वितरण प्रक्रिया में चरणों की अनुपस्थिति रहती है अर्थात निर्माता सीधा उपभोक्ता को वस्तुओं की बिक्री करता है। निर्माता तथा उपभोक्ता के बीच रिटेलर (फुटकर विक्रेता) तथा होलसेलर (थोक विक्रेता) अथवा एजेंट आदि की उपस्थिति नहीं होती। यूरेका फोर्ब्स, एमवे इंडिया, तथा मोदी केयर यह सभी प्रत्यक्ष बिक्री करते हैं। जब की हिन्दुस्तान यूनीलिवर अपने उत्पादों को फुटकर थोक विक्रेता के माध्यम से तथा आनलाइन विक्रेताओं के माध्यम से बेचती है। अतः हिंदुस्तान यूनीलिवर प्रत्यक्ष विक्रेता कम्पनी नहीं है।

5. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

Correct Answer: (b) सामान्य लाभ अर्जित करने वाली किसी फर्म का कोई सद्भाव (गूडविल) नहीं होता है।
Solution:

एक साझेदारी फर्म वह होती है जहाँ दो या दो से अधिक व्यक्ति एक व्यवसाय जो किसी एक का हो अथवा नया व्यवसाय शुरू करते हैं तथा उसके लाभो को आपस में बांटने की सहमति देते है। ध्यान रहे कि यह व्यवसाय सभी साझेदारों का होगा. जिसे सभी साझेदार चलाते है या सभी की सहमति से कोई एक चलाता है। साझेदारी विलेख की अनुपस्थिति में साझेदारों निम्न नियम लागू होते है- (1) पूंजी एवं आहरण पर कोई ब्याज नहीं।
(2) ऋण पर ब्याज 6% की दर से मिलेगा (लाभ हानि दोनों अवस्था में)
(3) कोई वेतन भत्ता नहीं
(4) लाभा-लाभ अनुपात (लाभ हानि अनुपात) बराबर होगा। ख्याति किसी की साझेदारी संस्था में तब उत्पन्न होती है जबकि संस्था साधारण लाभ (Normal Profit) से अधिक लाभ अर्जित करें। यदि संस्था सिर्फ साधारण लाभ अर्जित करती है तो उसकी कोई ख्याति नहीं होगी।

6. किसी मॉडल संवितरण में निम्न में से कौन सही है?

Correct Answer: (e) *
Solution:

(a, b, c): दिए गए प्रश्न में तीनों विकल्प सही है। UGC की उत्तर माला में भी इस तीनों विकल्पों पर पूर्ण अंक दिए गए है। प्रश्न में त्रुटि वश विकल्पों में कौन गलत है के स्थान पर कौन सत्य है पूछ लिया गया। अतः विकल्प व ही गलत है क्योंकी किसी भी माडल वितरण में माध्य, माध्यिका तथा बहुलक में निम्न संबंध होता है- बहुलक = 3 माध्यका - 2 माध्य इसके अन्य स्वरूप हैं- (i) Mode = 3 Median -2 Mean
(ii) Mean - Mode = 3 (Mean - Median)
(iii) 3 Median = 2 Mean + Mode

7. सतत् चक्रवृद्धि के मामले में धनराशि के दो गुना होने में लगने वाले समय के संदर्भ में सकल रूप से 'नियम 69' का पालन होता है। यह पृथक चक्रवृद्धि में बदल जाता है, इसका संगत नियम है

Correct Answer: (b) नियम 72
Solution:

नियम 72 यह बतलाता है कि कोई भी निवेश कितने समय में दो गुना हो जाएगा। यह नियम इस तथ्य को निर्धारित करने का एक सरल तरीका है कि एक निश्चित वार्षिक ब्याज दर से किसी भी निदेश को दो गुना होने में कितना समय लगेगा। 72 को वार्षिक उत्पाद की दर से विभाजित करके निदेशक यह ज्ञात करते है कि उनका प्रारम्भिक निदेश स्वयं को कितने समय में दोगुना कर लेगा।
Rule 72 = t = 72/r
t = No of Periods required to double an investment
r = interest rate per year, in percentage.

8. चालू व्यवसाय की अवधारणा' निम्नलिखित में से किसका अन्तनिहित आधार है

Correct Answer: (c) उपयोगी जीवन काल में नियत परिसंपत्तियों का हास
Solution:

चालू व्यवसाय की अवधारणा यह बतलाती है कि व्यवसाय किसी भी परिस्थिति में निकट भविष्य में बंद अथवा विघटित नही होने जा रहा। इसकी स्थिति एवं अस्तित्व सतत् है। इसी परिपेक्ष में व्यवसाय की सम्पत्तियाँ जिनका एक निश्चित जीवन काल होता है, उनकी लागत मूल्य को उनके निश्चित जीवन काल में बांट दिया जाता है तथा एक स्थान पर एकत्र किया जाता है। उसका दो उद्देश्य होता है एक व्यवसाय की सही आर्थिक स्थिति प्रकट करना तथा सम्पत्ति के जीवन काल के समाप्त होने पर हास कोष से व्यवसाय के लिए सम्पत्ति का क्रय करना जिससे व्यवसाय आगे सतत् चलता रहे।

9. 'प्रतिबंधात्मक अधिसंभाव्यता' कारोबार फर्म के निम्नांकित में से किस उद्देश्य के निकट है?

Correct Answer: (c) संतुष्टिकारक व्यवहार
Solution:

प्रतिबंधात्मक अधिसंभाव्यता अथवा अनुकूलन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा दूसरो चरो में कमी या/ अवरोधों की स्थिति में उद्देश्य प्रकार्य को अनुकूल बनाया जाता हैं। इस प्रक्रिया में चरों में उद्देश्य प्रकार्य लागत प्रकार्य अथवा ऊजा प्रकार्य जिन्हे न्यून करना होता है तथा उपलब्धि प्रकार्य तथा उपयोगिता प्रकार्य को अधिकतम करना होता है। अंतर/ अवरोध (प्रतिबंध), कठोर (स्थिर) हो सकते हैं जो चरो के लिए वह स्थिति उत्पन्न करते है जिनमें की चरो को संतुष्ट करना होता है तथा यही अंतर अवरोध (प्रतिबंध) अस्थिर भी हो सकते हैं जिन्हे उद्देश्य प्रकार्य में नियंत्रित करना होता है। एक तरह से अंतरो का अनुकूलन करना संतुष्टिकरण व्यवहार होता है।

10. बढ़ते उपभोक्ता आय परिदृश्य में, निम्न आय प्रत्यास्थ उत्पादों के लिए कारोबार फर्मों के लिए प्राथमिकता निर्णय विकल्प होगा_________

Correct Answer: (d) उत्पाद संवर्धन
Solution:

आय की बढ़ती हुई स्थिति में सामान्य अवधारणा यह बतलाती है कि वस्तुओं की मांग में वृद्धि होगी। परन्तु ऐसा सभी वस्तुओं के साथ नहीं होता है। कभी-कभी वस्तुओं की मांग में परिवर्तन का अनुपात आय में हुए परिवर्तन के अनुपात से कम होता है। ऐसी वस्तुओं को निम्न आय लोच उत्पाद कहते है। इस उत्पाद की बिक्री न बढ़ने का कारण यह हो सकता है कि उस उत्पाद में उपभोक्ता को गुणात्मक संतुष्टि प्राप्त नहीं हो रही अतः वह आय बढ़ने पर उस उत्पाद के बजाए कोई और उत्पाद क्रय कर रहा है। ऐसे में यदि संस्था उस उत्पाद में गुणात्मक वृद्धि कर दे (उत्पाद संवर्धन) तो उस उत्पाद की बिक्री बढ़ सकती है, जैसा कि संस्था का उद्देश्य भी होता है।