यूजीसी NTA नेट/ जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 योग (YOGA)

Total Questions: 100

1. योग का लक्ष्य क्या है?

Correct Answer: (b) कैवल्य की प्राप्ति
Solution:

योग का लक्ष्य 'कैवल्य की प्राप्ति' है। कैवल्य की प्राप्ति को योग का वेदांत या यौगिक ज्ञान का अन्तिम लक्ष्य भी माना जाता है

• मोह का अंत ही मोक्ष है, मोह जब समाप्त हो जाता है तो कैवल्य की अवस्था प्राप्त होती है।

2. महाभारत में कितने 'पर्व' हैं?

Correct Answer: (c) 18
Solution:

महाभारत महाकाव्य में 18 पर्व हैं। इन 18 पर्वों में से छठे 'भीष्म पर्व' के भाग 23-40 में 'गीता' का उल्लेख है।

3. हेतु के द्वारा हेतुमान के ज्ञान को कहते हैं-

Correct Answer: (c) अनुमान
Solution:

• हेतु द्वारा हेतुमान के ज्ञान को अनुमान कहते हैं।
• अनुमान दो शब्दों से मिलकर बना है, 'अनु' और 'मान', अनु का अर्थ पश्चात और मान का अर्थ ज्ञान होता है।
• अनुमान के तीन अवयव हैं - (1) पक्ष (2) साध्य (3) हेतु

4. सांख्य के अनुसार, तीन प्रकार के दुःखों से निवारण का विशिष्ट साधन क्या है?

Correct Answer: (d) व्यक्त अव्यक्त ज्ञ- विज्ञान
Solution:

• सांख्य के अनुसार, तीन प्रकार के दुःखो से निवारण का विशिष्ट साधन
• व्यक्त- अव्यक्त ज्ञ- विज्ञान है। सांख्य दर्शन में संसार के दुःखों को अत्यधिक महत्ता दी गई है। कुछ आलोचको द्वारा सांख्य दर्शन को निराशावादी कहा गया है।

5. श्रीमद् भगवद्गीता के अनुसार शम का अर्थ बताइए।

Correct Answer: (a) अन्तः करण का निग्रह
Solution:

श्रीमद् भगवद्‌गीता के अनुसार 'शम' का अर्थ अन्तःकरण का निग्रह है अर्थात् अन्तकरण का रोक, अवरोध या वश में करना आदि।

6. माण्ड्क्य उपनिषद् के अनुसार 'प्राज्ञ' चेतना की किस अवस्था से संबंधित है?

Correct Answer: (c) सुषुप्ति
Solution:

• माण्ड्क्य उपनिषद के अनुसार 'प्राज्ञ' चेतना की सुषुप्ति अवस्था से सम्बन्धित है।
• माण्ड्क्य उपनिषद अथर्ववेद का है।
• उपनिषदो की संख्या लगभग 220 है।

7. श्रीमद् भगवद्‌गीता में क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ का वर्णन किस अध्याय में मिलता है?

Correct Answer: (c) त्रयोदश (तेरहवाँ)
Solution:श्रीमद् भगवद्गीता में क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ का वर्णन 'त्रयोदश (तेरहवां अध्याय में मिलता है।

8. छान्दोग्य उपनिषद् के अनुसार आधिदैविक उद्गीथ उपासना करने का निर्देश है :

Correct Answer: (d) आदित्य की
Solution:

• छान्दोग्य उपनिषद के अनुसार आधिदैविक उद्‌गीथ उपासना करने का निर्देश आदित्य की है।
• छान्दोग्य उपनिषद में कहा गया है कि आत्मा ही एकमात्र चरम तत्व है शेष सभी वस्तुएं नाम रूप मात्र हैं।
• छान्दोग्य उपनिषद सामवेद का है।

9. तैत्तरीय उपनिषद् के अनुसार अन्न किस व्याहृति से संबंधित है?

Correct Answer: (d) महः
Solution:

• तैत्तरीय उपनिषद के अनुसार अन्न 'महः' व्याहृति से सम्बन्धित है।
• तैत्तरीय उपनिषद में जीव के पाँच कोशों का वर्णन है जिसमें से एक अन्नमह कोश स्थूल शरीर को अन्नमह कोश कहा गया है।

10. योग वाशिष्ठ के अनुसार प्राणियों में होने वाली व्याधियों को कितने वर्गों में विभक्त किया है?

Correct Answer: (d) दो
Solution:

योग वाशिष्ठ के अनुसार प्राणियों मे होने वाली व्याधियों को दो वर्गों में विभक्त किया है।

(1) सांख्य बुद्धि ज्ञान योग
(2) प्राण से रोकने का नाम योग

इन दोनों प्रकार के योग के द्वारा दुःखरुप संसार से तरा जा सकता है।