यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2019 (संस्कृत)

Total Questions: 100

1. दुर्गेण कस्मिन् ग्रन्थे टीका लिखिता ?

Correct Answer: (d) निरुक्ते
Solution:

दुर्गेण निरुक्ते ग्रन्थे टीका लिखिता। अर्थात् - दुर्गाचार्य ने निरुक्त ग्रन्थ पर टीका लिखी। इन्होंने अपनी टीका/व्याख्या में 'निरुक्तं चतुर्दश प्रभेदम्' कहा है अभिप्राय यह है कि यास्क सहित कुल 14 निरुक्तकार हैं। निरुक्त, आचार्य यास्क कृत रचित ग्रन्थ है। छः वेदाङ्गों में निरुक्त का चौथा स्थान है।

2. सत्कार्यवादस्य समर्थने हेतुर्नास्ति-

Correct Answer: (d) सर्वसम्भव भावः
Solution:

सत्कार्यवादस्य समर्थने हेतुः सर्वसम्भव भावः नास्ति। सत्कार्यवाद के पाँच हेतु माने गये हैं जो श्लोक से स्पष्ट हैं-
असदकरणादुपादान ग्रहणात् सर्वसम्भवाभावात् ।
शक्तस्यशक्यकरणाद् कारणभावाच्च सत्कार्यम् ।।

3. अधोलिखितेषु 'केन्टुम्' वर्ग नास्ति

Correct Answer: (b) रूसीभाषा
Solution:

रूसीभाषा' 'केन्टुम्' वर्गस्य नास्ति। रूसी भाषा केन्दुम् वर्ग की भाषा नहीं है जबकि जर्मनभाषा, फ्रेंचभाषा और ग्रीकभाषा 'केन्टुम्' भाषा परिवार के अन्तर्गत आती है।
नोट - डॉ. देवेन्द्र नाथ शर्मा अष्टादश (18) भाषा परिवारों का नामोल्लेख करते हैं।

4. कुन्तकानुसारम् अधस्तनेषु सुकुमारमार्गस्य प्रथमो गुणः वर्तते

Correct Answer: (a) माधुर्यम्
Solution:

कुन्तक के अनुसार, सुकुमारमार्ग का प्रथम गुण 'माधुर्य' गुण है।

5. ऋग्वेदसंहितायाः पदपाठकारो निम्नलिखितेषु कोऽस्ति?

Correct Answer: (b) शाकल्यः
Solution:

ऋग्वेदसंहितायाः पदपाठकारो 'शाकल्यः' अस्ति। अर्थात - ऋग्वेद संहिता के पद पाठकार शाकल्य ऋषि हैं। जबकि निरुक्तकार आचार्य यास्क हैं-
शाकल्यः प्रथमस्तेषां तस्मादन्यो रथीतरः ।
बाष्कलिश्च भरद्वाज इति शाखा प्रवर्तकः ॥
अर्थात् -शाकल्य ऋग्वेद के पद पाठकर्ता हैं। ब्रह्माण्ड पुराण में इनको प्रथम शाखा प्रवर्तक कहा गया है।

6. दर्शयज्ञः कस्यां तिथी क्रियते?

Correct Answer: (b) अमावस्याम्
Solution:

दर्शयज्ञः 'अमावस्याम्' तिथौ क्रियते । अर्थात् - 'दर्शयज्ञः' अमावस्या तिथि को सम्पन्न किया जाता है। इस यज्ञ में अग्नि के लिए पुरोडाश और इन्द्र के लिए दूध तथा दही से बने द्रव्य की आहुति दी जाती हैं।

7. 'षड् भावविकारा भवन्ति' मतमिदं कस्य विद्यते?

Correct Answer: (a) वार्ष्यायणैः
Solution:

'षड् भावविकारा भवन्ति' मतमिदं 'वायणैः' विद्यते । 'षड्भावविकाराः भवन्ति' यह मत वायण का है। षड् भावविकार निम्न हैं- जायते, अस्ति, विपरिणमते, वर्धते, अपक्षीयते, विनश्यति ।

8. सवितार्का समापत्तिः उच्यते-

Correct Answer: (a) शब्दार्थज्ञानविकल्पैः सङ्कीर्णा
Solution:

सवितर्का समापत्तिः उच्यते -
शब्दार्थज्ञानविकल्पैः सङ्कीर्णा ।

9. अशोकस्य शाहबाजगढ़ी-अभिलेखः कुत्र प्राप्यते

Correct Answer: (b) पेशावर-पाकिस्तानदेशे
Solution:

अशोकस्य शाहबाजगढ़ी अभिलेख 'पेशावर पाकिस्तानदेश' प्राप्यते । अर्थात् अशोक का शाहबाजगढ़ी अभिलेख पेशावर पाकिस्तान में प्राप्त होता है। गुजरात प्रान्त का जूनागढ़ अभिलेख रुद्रदामन का है। जबकि गुर्जरा मध्य प्रदेश में, भाव राजस्थान प्रदेश में स्थित है। ये दोनों अशोक के अभिलेख हैं।

10. जीवाजीवाख्ये द्वे तत्त्वे कस्मिन् दर्शने मन्यते?

Correct Answer: (d) जैनदर्शने
Solution:

जीवाजीवाख्ये द्वे तत्त्वे 'जैनदर्शने' मन्यते । अर्थात् जैन दर्शन एक नास्तिक दर्शन है। जैन दर्शन के प्राचीन आचार्य उमास्वाति हैं, इन्होंने जैन दर्शन में सात तत्त्वों को स्वीकार किया है-
(1) जीव, (2) अजीव, (3) आस्त्रव, (4) बन्ध, (5) संवर (6) निर्जरा और (7) मोक्ष।
सांख्यदर्शन - 25 तत्त्व मानता है।
बौद्धदर्शन - 1 तत्त्व
वेदान्तदर्शन - जीव और ब्रह्म कि एकता को मानता है।
अतः वेदान्त 1 पदार्थ (तत्त्व) मानता है।