Solution:पट का तन्तु के साथ जिस प्रकार का सम्बन्ध है, वैसा ही तुरी आदि के साथ, फिर क्यों तन्तुओं में ही समवाय सम्बन्ध से पट उत्पन्न होता है और तुरी आदि में नहीं।
सम्बन्ध दो प्रकार का होता है-संयोग और समवाय। उनमें जो दो अयुतसिद्ध पदार्थों का सम्बन्ध होता है, वह समवाय कहा जाता है। शेष अन्य पदार्थों का सम्बन्ध संयोग कहा जाता है।
अयुतसिद्ध का अर्थ है- अपृथक-सिद्ध । अर्थात् जिन दो पदार्थों में से एक जब तक रहता है, वह दूसरे सम्बन्धी पर आश्रित होकर ही रहता है, वे अयुत सिद्ध कहलाते हैं।
अतः स्पष्ट है कि तन्तु और पट अयुतसिद्ध हैं तथा उनमें समवाय सम्बन्ध है।