यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-I

Total Questions: 40

1. निम्नलिखित में से कौन आर्यभाषाओं में शामिल नहीं है?

Correct Answer: (c) अरबी
Solution:'अरबी' आर्यभाषा में शामिल नहीं है। 'अरबी' शामी भाषा के अन्तर्गत आती है। शामी भाषा परिवार में इब्रानी, अरबी और हब्शी भाषाएं आती हैं। जबकि संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेजी, फारसी, मराठी, पंजाबी, यूनानी, लैटिन, प्राकृत, आदि भाषाएं आर्यभाषा में शामिल हैं।

2. "शीतला माँ के नाराज हो जाने के भय से लोग बच्चों को चेचक का टीका तक नहीं लगवाते थे।"

उपर्युक्त प्रसंग निम्नलिखित में से किस उपन्यास में वर्णित है।

Correct Answer: (a) देवरानी जेठानी की कहानी
Solution:

शीतला माँ के नाराज हो जाने के भय से लोग बच्चों को चेचक का टीका तक नहीं लगवाते थे। उक्त कथन 'देवरानी जेठानी की कहानी' उपन्यास में वर्णित है। 'देवरानी जेठानी की कहानी' उपन्यास के लेखक पं. गौरीदत्त हैं। इस उपन्यास का प्रकाशन 1870 ई. में हुआ था। डॉ. गोपालराय ने 'देवरानी जेठानी की कहानी' उपन्यास को हिन्दी का प्रथम उपन्यास तथा पं.गौरी दत्त को प्रथम उपन्यासकार माना है। इसकी विषय वस्तु इतनी सामाजिक है कि पूरा समाज ही ध्वनित होता है। बाल विवाह, विवाह में फिजूल खर्ची स्त्रियों की आभूषण प्रियता, बंटवारा, वृद्धों, बहुओं की समस्या, शिक्षा, स्त्रीशिक्षा, अनगढ़ ईमानदारी साथ ही 19वीं शताब्दी के मध्यवर्गीय बनिया समाज के जीवन का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत किया गया है।

3. ऋतु वसंत का सुप्रभात था, मंद मंद था अनिल बह रहा, बालारुण की मृदु किरणें थीं, अगल बगल स्वर्णाभ शिखर थे,

एक-दूसरे से विरहित हो अलग-अलग रह कर ही जिनको सारी रात बितानी होती, निशाकाल के चिर-अभिशापित बेबस उन चकवा चकई का बंद हुआ क्रंदन
उपर्युक्त पंक्तियों में चकवा चकई के बारे में व्यक्त नागार्जुन के विचार को साहित्य जगत में कहा जाता है-

Correct Answer: (c) कवि प्रसिद्धि
Solution:

ऋतु बसंत का सुप्रभात............बंद हुआ क्रंदन उपर्युक्त पंक्तियों में चकवा चकई के बारे में व्यक्त नागार्जुन के विचार को साहित्य जगत में कवि प्रसिद्धि कहा जाता है। उक्त पंक्ति नागार्जुन द्वारा रचित 'बादल को घिरते देखा' कविता से उद्धृत है। यह कविता 'युगधारा' काव्य संग्रह में संकलित है। नागार्जुन प्रगतिवादी कवि हैं। इनके द्वारा रचित काव्य संग्रह निम्न है- युग धारा 1953 ई., सतरंगे पंखों वाली 1959 ई., प्यासी पथराई आखें 1962 ई., भस्मांकुर 1971 ई., तुमने कहा था 1980 ई., पुरानी जूतियों का कोरस 1983 ई. इत्यादि ।

4. टी.एस.इलियट की आलोचना की विशेषता में शामिल हैं:

A. कविता आत्मगत अभिव्यक्ति से पलायन है।
B. कविता आत्मगत अनुभूति की अभिव्यक्ति है।
C. कवि काव्य का माध्यम भर है।
D. कविता अपवर्जी और अंतर्वेशी होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A और C
Solution:कविता आत्मगत अभिव्यक्ति से पलायन है तथा कवि काव्य का माध्यम भर है। यह दोनों टी. एस. इलियट की आलोचना की विशेषता में शामिल है। टी.एस. इलियट ने अपनी आलोचना के सम्बन्ध में - "निज काव्य-कर्मशाला का उपजात या काव्य निर्माण के प्रसंग में अपने चिन्तन का विस्तार" कहा है। इलियट द्वारा रचित प्रमुख रचनाएं निम्न हैं- द सेक्रेट वुड, सेलेक्टेड एसेज, एसेज एंशेन्ट एण्ड माडर्न, होमेज टु जॉन ड्राइडन, एलिजा बेथेन एसेज आदि।

5. 'परिन्दे' कहानी के पात्र हैं:

A. डॉक्टर मुकर्जी
B.ह्यूबर्ट
C. शामनाथ
D. लतिका
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (e) (*)
Solution:

डा. मुकर्जी, मि. बर्ट तथा लतिका तीनों ही परिन्दे कहानी के पात्र हैं। परिन्दे (1960ई.) कहानी के लेखक निर्मल वर्मा हैं। निर्मल वर्मा को स्मृति का कहानीकार माना गया है। 'परिन्दे' नाम से इनका कहानी संग्रह है जिसमें सात (7) कहानियां संकलित है- अंधेर में, तीसरा गवाह, डायरी का खेल, माया का मर्म, पिक्चर पोस्ट कार्ड, सितम्बर की एक शाम, परिन्दे। इस प्रश्न को आयोग ने F कर दिया है।

6. "तेरी बांकी अदा पर मैं खुद हूं फिदा,

तेरी चाहत को दिलबर बयां क्या करूं।
यही ख्वाहिश है कि इ-इ-इ-तू मुझको देखा करे
और दिलोजान मैं तुमको देखा करूं।"
उपर्युक्त गीत निम्नलिखित में से किस कहानी में प्रयुक्त है?

Correct Answer: (d) तीसरी कसम
Solution:

"तेरी बांकी अदा...........मको देखा करूं।" उपर्युक्त गीत 'तीसरी कसम' कहानी में प्रयुक्त है। 'तीसरी कसम' कहानी के लेखक फणीश्वर नाथ रेणु हैं। इस कहानी में उन्होंने बिहार प्रांत के ग्रामीण जीवन को उभारने का सफल प्रयास किया है। इस कहानी के प्रमुख पात्र हैं- हीरामन, हीराबाई, धुन्नीराम, पलटदास, लालमोहर आदि। रस प्रिया, पंचलाइट, लालपान की बेगम, संवदिया, ठेस, पहलवान की ढोलक, एक आदिम रात्रि की महक रेणु की ही अन्य प्रसिद्ध कहानियाँ हैं।

7. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :

सूची - Iसूची - II
A

मित्रता बड़ा अनमोल रतन,
कब इसे तोल सकता है धन?

B

इस देश को हे दीन बंधो !
आप फिर अपनाइए भगवान !
भारतवर्ष को फिर पुण्य - भूमि बनाइए।

C

शीतल ज्वाला जलती है,
ईंधन होता दृग - जल का।

D

नाश भी हूँ मैं अनंत विकास का क्रम भी,
त्याग का दिन भी चरम आसक्ति का तम भी।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (d) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:
सूची-I (काव्य पंक्तियाँ)सूची-II (कवि)
Aमित्रता बड़ा अनमोल रतन. कब इसे तोल सकता है धन?Iरामधारी सिंह 'दिनकर'
Bइस देश को हे दीन बंधो ! आप फिर अपनाइए भगवान ! भारतवर्ष को फिर पुण्य - भूमि बनाइए।IIमैथिलीशरण गुप्त
Cशीतल ज्वाला जलती है, ईंधन होता दृग - जल का।IIIजयशंकर प्रसाद
Dनाश भी हूँ मैं अनंत विकास का क्रम भी, त्याग का दिन भी चरम आसक्ति का तम भी।IVमहादेवी वर्मा

8. 'तीसरी कसम' कहानी के पात्र हैं:

A. रमपतिया
B. चुरमुनियां
C. धुन्नीराम
D. पलटदास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल C और D
Solution:'तीसरी कसम' कहानी के पात्र 'धुन्नीराम तथा पलटदास' हैं। इस कहानी के अन्य पात्र हैं- हीरामन, हीराबाई, लालमोहर आदि। 'तीसरी कसम' उर्फ मारे गये गुलफाम कहानी के लेखक फणीश्वरनाथ रेणु हैं। इस कहानी का प्रकाशन 1956 ई. में हुआ था। रेणु द्वारा रचित प्रमुख कहानियाँ निम्न हैं- पंचलाइट, संवदिया, रसप्रिया, ठेस, लाल पान की बेगम आदि। जबकि 'रमपतिया' रस प्रिया कहानी की पात्र है।

9. "वंशीधर" निम्नलिखित में से किस कहानी का प्रमुख पात्र है ?

Correct Answer: (b) दुलाई वाली
Solution:

'वंशीधर' दुलाईवाली कहानी का प्रमुख पात्र है। 'दुलाईवाली' कहानी के अन्य पात्र हैं- जानकीदेई, नवल किशोर, सीता, लाठीवान आदि। 'दुलाईवाली' कहानी के लेखक राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) हैं यह कहानी सरस्वती पत्रिका के भाग - 8 संख्या 5 में प्रकाशित हुई थी। उसने कहा था कहानी के प्रमुख पात्र लहना सिंह, सूबेदार हजारा सिंह, बोधा सिंह, वजीरा सिंह आदि हैं। 'गैग्रीन' कहानी के लेखक 'अज्ञेय' हैं, इस कहानी के प्रमुख पात्रमहेश्वर तथा मालती हैं। 'अपना-अपना भाग्य' कहानी के लेखक जैनेन्द्र हैं, इस कहानी के प्रमुख पात्र-दस साल का अनाथ बच्चा है।

10. 'वंशीधर' दुलाईवाली कहानी का प्रमुख पात्र है। 'दुलाईवाली' कहानी के अन्य पात्र हैं- जानकीदेई, नवल किशोर, सीता, लाठीवान आदि। 'दुलाईवाली' कहानी के लेखक राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) हैं यह कहानी सरस्वती पत्रिका के भाग - 8 संख्या 5 में प्रकाशित हुई थी। उसने कहा था कहानी के प्रमुख पात्र लहना सिंह, सूबेदार हजारा सिंह, बोधा सिंह, वजीरा सिंह आदि हैं। 'गैग्रीन' कहानी के लेखक 'अज्ञेय' हैं, इस कहानी के प्रमुख पात्रमहेश्वर तथा मालती हैं। 'अपना-अपना भाग्य' कहानी के लेखक जैनेन्द्र हैं, इस कहानी के प्रमुख पात्र-दस साल का अनाथ बच्चा है।

(A) आपका बंटी
(B) धरती धन न अपना
(C) झूठा सच
(D) मय्यादास की माड़ी

Correct Answer: (e) (*)
Solution:प्रकाशन वर्ष के अनुसार उपन्यासों का सही अनुक्रम निम्न है-
पुस्तक का नाम -प्रकाशन वर्ष  
झूठा - सच-1958-60 ई.
आपका बंटी-1971 ई.
धरती धन न अपना-1972 ई.
मय्यादास की माड़ी-1988 ई.

नोट- प्रश्न को आयोग ने Fकर दिया है क्योंकि कोई भी विकल्प सही नहीं है।