Solution:कोटिलीयमते लुब्धवर्गस्य 'व्यसनी, अत्याहितव्यवहारः' द्वे लक्षणे। परीक्षीणोऽत्यात्तस्वः कदर्यो व्यसन्यत्याहितव्यवहारश्चेति लब्धवर्गः । जिसका सब धन-वैभव नष्ट हो गया, जो कायर, व्यसनी और अपव्ययी हो, वह 'लुब्धवर्ग' कहलाता है।
कुद्धवर्ग- जिसकी स्त्री को जबरजस्ती छीन लिया गया हो, जिसको जल में स दिया गया हो, दूसरे के कहने मात्र से जिसको दण्ड दिया गया हो, जिसके बन्ध-बान्धव को देश निकाला कर दिया। गया हो वे इस प्रकार के सभी वर्ग 'कुद्धवर्ग' कहलाते हैं।
मानीवर्ग- अपने को महान् समझने वाला, आत्मश्लाघी, शत्रु के सम्मान को सहन न करने वाला, नीच लोगों द्वारा प्रशंसित, तीक्ष्णप्रकृति, साहसी और भोग्य पदार्थों से कभी सन्तुष्ट न होने वाला वर्ग ही 'मानीवर्ग' कहलाता है।