NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

1. 'संस्कृति के चार अध्याय' के विभिन्न प्रकरणों के शीर्षको को पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. भक्ति-आन्दोलन और इस्लाम
B. भारतीय राष्ट्रीयता और मुसलमान
C. प्राचीन भारत और बाह्य विश्व
D. उर्दू का जन्म
E.शिक्षा में क्रांति
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) C, A, D, E, B
Solution:प्रश्नानुसार 'संस्कृति के चार अध्याय' के विभिन्न प्रकरणों के शीर्षकों को पहले से बाद का क्रम निम्नलिखित है-
शीर्षकप्रकरणअध्याय
प्राचीन भारत और बाह्य विश्व5द्वितीय
भक्ति-आन्दोलन और इस्लाम6तृतीय
उर्दू का जन्म11तृतीय
शिक्षा में क्रांति2चतुर्थ
भारतीय राष्ट्रीयता और मुसलमान17चतुर्थ

2. छायावाद के संबंध में इसमें से कौन-से कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल के हैं ?

A. 'छायावाद की शाखा के भीतर धीरे-धीरे काव्य शैली का बहुत अच्छा विकास हुआ, इसमें संदेह नहीं।'
B. 'छायावाद के लिए 'मिस्टिसिज्म' शब्द के आते ही 'रहस्यवाद' शब्द की बूनियाद पड़ गयी।'
C. 'छायावाद जहाँ तक आध्यत्मिक प्रेम लेकर चला वहाँ तक तो रहस्यवाद के ही अंतर्गत रहा।'
D. 'छायावाद व्यक्तिवाद की कविता है, जिसका आरंभ व्यक्ति के महत्व को स्वीकार करने और करवाने से हुआ।'
E. 'छायावाद के पहले नये मार्मिक विषयों की ओर हिंदी कविता प्रवृत्त होती आ रही थी।'
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, C, E
Solution:छायावाद के संबंध में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निम्नलिखित है-
(i) 'छायावाद की शाखा के भीतर धीरे-धीरे काव्य शैली का बहुत अच्छा विकास हुआ, इसमें संदेह नहीं।'
(ii) 'छायावाद जहाँ तक आध्यत्मिक प्रेम लेकर चला वहाँ तक रहस्यवाद के ही अंतर्गत रहा।' तो (iii) 'छायावाद के पहले नये-नये मार्मिक विषयों की ओर हिंदी कविता प्रवृत्त होती आ रही थी।'

3. किस काव्यशास्त्री ने काव्यास्वादन की अंतिम स्थिति को भोजकत्व कहा है?

Correct Answer: (c) भट्टनायक
Solution:आचार्य भट्टनायक ने काव्यास्वादन की अंतिम स्थिति को भोजकत्व कहा है। भट्टनायक ने शब्द के 3 व्यापार माने हैं-
1. अभिधा 2. भावकत्व 3. भोजकत्व ।

4. 'जिन्दगीनामा' उपन्यास में आए इन गीतों / मुखड़ों को,उपन्यास में आने के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. आले दवाले मेरी गुड्डियाँ
मैंनू नहीं खेलन दा चाव रे
B. मैं सूरज अगन जलाऊँगी
मैं प्यारा यार मनाऊँगी
C. अव्वल हमद खुदा दा विरज कीजे
इश्क कीता सू जग दा मूल मियाँ
D. मियाँ मजनुआँ ओ
चिट्टे तेरे दन्द दिक्खी हस्सियाँ ओ
E. चढ़ गए चेत पड़ी फुहार
यारो बहुत बड़ी सरकार
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) C, E, B, D, A
Solution:'जिन्दगीनामा' उपन्यास में आए निम्नलिखित गीतों /मुखड़ों का उपन्यास में आने के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में इस प्रकार है-
(i) अव्वल हमद खुदा दा विरज कीजे
इश्क कीता सू जग दा मूल मियाँ ।
(ii) चढ़ गए चेत पड़ी फुहार
यारो बहुत बड़ी सरकार।
(iii) मैं सूरज अगन जलाऊँगी
मैं प्यारा यार मनाऊँगी।
(iv) मियाँ मजनुआँ ओ
चिट्टे तेरे दन्द दिक्खी हस्सियाँ ओ।
(v) आले दवाले मेरी गुड्डियाँ
मैंनू नहीं खेलन दा चाव रे।
• 'जिन्दगीनामा' कृष्णा सोबती द्वारा रचित उपन्यास है। इसका प्रकाशन सन् 1979 में हुआ था। इस उपन्यास के लिए उन्हें सन् 1980 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• 'जिन्दगीनामा' बींसवीं शताब्दी के प्रथम पन्द्रह वर्षों में पंजाब किसानों ग्रामीणों के जीवन का चित्रण है।
कृष्णा सोबती के अन्य प्रमुख उपन्यास - मित्रो मरजानी, सूरजमुखी अँधेरे के, ऐ लड़की, दिलोदानिश, समय सरगम, गुजरात पाकिस्तान से गुजरात हिन्दुस्तान आदि।

5. 'धर्मशास्त्र रामगुप्त से ध्रुवस्वामिनी के मोक्ष की आज्ञा देता है।'

इस संवाद में 'मोक्ष' शब्द का उचित अर्थ है:

Correct Answer: (c) विवाह-विच्छेद अर्थात तलाक
Solution:'धर्मशास्त्र रामगुप्त से ध्रुवस्वामिनी के मोक्ष की आज्ञा देता है। इस संवाद में 'मोक्ष' शब्द का उचित अर्थ 'विवाह-विच्छेद' अर्थात 'तलाक' है।
उपर्युक्त संवाद जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित 'ध्रुवस्वामिनी' नाटक से उद्धृत है। इसका प्रकाशन 1933 ई. में हुआ। ध्रुवस्वामिनी नाटक विशाख के 'देवी चन्द्रगुप्त' के आधार पर लिखा गया है। प्रसाद के प्रमुख नाटक - सज्जन, कल्याणी परिणय, करुणालय, प्रायश्चित, राज्यश्री, विशाख, अजातशत्रु, जनमेजय का नागयज्ञ, कामना, स्कन्दगुप्त, एक घूँट, चन्द्रगुप्त ।

6. 'सरोज स्मृति' कविता की इन पंक्तियों को, कविता में आने के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. मैं कवि हूँ, पाया है प्रकाश
B. और भी फलित होगी वह छवि
C. दुख ही जीवन की कथा रही
D. धन्ये, मैं पिता निरर्थक था
E. तेरा वह जीवन-सिन्धु-तरणः
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) E, A, D, B, C
Solution:'सरोज स्मृति' कविता में आने के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में पंक्तियाँ इस प्रकार हैं-
(i) तेरा वह जीवन-सिन्धु-तरणः
(ii)मैं कवि हूँ, पाया है प्रकाश
(iii) धन्ये, मैं पिता निरर्थक था
(iv) और भी फलित होगी वह छवि
(v) दुख ही जीवन की कथा रही।
• सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' कृत 'सरोज स्मृति' (1935 ई.) कविता 'अनामिका' काव्य संग्रह (1938 ई.) द्वितीय भाग में संकलित है। 'सरोज स्मृति' एक शोक गीत है।
निराला की प्रमुख काव्य कृतियाँ - जूही की कली, अनामिका, परिमल, गीतिका, राम की शक्ति पूजा, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता, अणिमा, बेला, नये पत्ते, अर्चना, आराधना, गीतगुंज, सांध्य काकली आदि।

7. 'हस्तलिखित' पद में कौन सा समास होता है?

Correct Answer: (b) करण तत्पुरूष
Solution:'हस्तलिखित' पद में करण तत्पुरुष समास है।
समस्त पदसमास विग्रहसमास
हस्तलिखितहाथ से लिखितकरण तत्पुरुष

करण तत्पुरुषः करण तत्पुरुष में करण कारक की विभक्ति 'से/के द्वारा' का लोप हो जाता है।

8. "अपनपी आप ही बिसरो । जैसे सोनहा काँच मंदिर मैं भरमत भूकि मरो।" - कबीर की उपर्युक्त पंक्तियों में 'सोनहा' शब्द का उचित अर्थ है :

Correct Answer: (c) कुत्ता
Solution:कबीर की उपर्युक्त पंक्तियों में 'सोनहा' शब्द का अर्थ 'कुत्ता' होगा। कबीरदास निर्गुणधारा (ज्ञानाश्रयी शाखा) के प्रर्वतक माने जाते हैं। आचार्य शुक्ल ने लिखा है- "निर्गुण मार्ग के निर्दिष्ट प्रवर्तक कबीर ही थे।
" डॉ. बच्चन सिंह ने लिखा है- "हिन्दी भक्ति काल का प्रथम क्रान्तिकारी पुरस्कर्ता कबीर है" कबीर के भाषा के सम्बन्ध में विद्वानों के मतः-
विद्वानकबीर की भाषा
श्याम सुन्दरदासपंचमेल खिचड़ी
रामचन्द्र शुक्लसधुक्कड़ी
हजारी प्रसाद द्विवेदीभाषा के डिक्टेटर
संत भाषाबच्चन सिंह

9. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (निबंध)सूची-II (निबंधकार)
A. गंवई गाँव की गंधI. शरद जोशी
B. यथासंभवII. रघुवीर सहाय
C. शिखरों के सेतुIII. विवेकी राय
D. वे और होंगे जो मारे जाएँगेIV. शिवप्रसाद सिंह

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:सूची-I का सूची-II के साथ सही मिलान इस प्रकार है-
निबंधनिबंधकार
गंवई गाँव की गंधविवेकी राय
यथा संभवशरद जोशी
शिखरों के सेतुशिवप्रसाद सिंह
वे और होंगे जो मारे जाएँगेरघुवीर सहाय

नोट- प्रश्नगत निबन्धों में विवेकीराय के निबन्ध 'गवई गाँव की गंध' का शीर्षक असंगत है। इस निबन्ध का सही शीर्षक 'गवई गंध गुलाब' है।

10. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (संवाद/गीत की पंक्तियाँ)सूची-II (वक्ता/पात्र)
A. चना हाकिम सब जो खाते। सब पर दूना टिकस लगाते ॥I. गोवर्धनदास
B. कोकिल बायस एक सम, पंडित मूरख एक। इन्द्रायन दाड़िम विषय, जहाँ न नेकु बिबेक॥II. घासीराम
C. प्रगट सभ्य अंतर छलधारी। सोई राजसभा बल भारी॥III. मछली वाली
D. लाख टका कै वाला जोबन, गाहक सब ललचायIV. महंत

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:सूची-I के साथ सूची-II का मिलान इस प्रकार है-
सूची-I (संवाद/गीत की पंक्तियाँ)सूची-II (वक्ता/पात्र)

चना हाकिम सब जो खाते।

सब पर दूना टिकस लगाते।।

घासीराम

कोकिल बायस एक सम, पंडित मूरख एक।

इन्द्रायन दाड़िम विषय, जहाँ न नेकु बिबेक।।

महंत

प्रगट सभ्य अंतर छलधारी।

सोई राजसभा बल भारी।।

गोवर्धनदास

लाख टका कै वाला जोबन,

गाहक सब ललचाय

मछली वाला