NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

1. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (प्रयोग की वस्तु)सूची-II (निर्यातक देश)
A. मारकीन की धोतीI. फ्रांसीसी (फ्रांस)
B. लाकलाट का अंगाII. अमेरिका
C. कंघीIII. इंग्लैंड
D. चरबी की बत्तीIV. जर्मनी

नीचे दिए गए विकल्पो में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IIIVIIII
Correct Answer: (b)
Solution:भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के निबन्ध 'भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है' के अनुसार सूची-I तथा सूची-II का सही सुमेलन निम्नलिखित है-
सूची-I (प्रयोग की वस्तु)-सूची-II (निर्यातक देश)
मारकीन की धोती-अमेरिका
लाकलाट का अंगा-इंग्लैंड
कंघी-फ्रांसीसी (फ्रांस)
चरबी की बत्ती-जर्मनी

2. निम्नलिखित राजनीतिक घटनाओं को पहले से बाद के क्रम में लगाइए।

A. अखिल भारतीय हिन्दू महासभा का पहला अधिवेशन
B. अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना
C. सार्वजनिक गणपति पूजा का आरम्भ
D. असहयोग आन्दोलन का आरम्भ
E. बंग विभाजन की घोषणा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) C, E, B, A, D
Solution:राजनीतिक घटनाओं के पहले से बाद का क्रम निम्नलिखित है-
घटनाएँ-वर्ष
1. सार्वजनिक गणपति पूजा का आरम्भ-1893
2. बंग विभाजन की घोषणा-1905
3. अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना-1906
4. अखिल भारतीय हिन्दू महासभा का पहला अधिवेशन-1915
5. असहयोग आन्दोलन का आरम्भ-1920

3. शेखर द्वारा एक महीने के परिश्रम के बाद पहली पुस्तक तैयार करने का प्रसंग किस खंड में है?

Correct Answer: (a) उषा और ईश्वर
Solution:शेखर द्वारा एक महीने परिश्रम के बाद पहली पुस्तक तैयार करने का प्रसंग 'उषा और ईश्वर' खण्ड में है। शेखर एक जीवनी (1941) उपन्यास के लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' हैं। 'शेखर एक जीवनी' दो भागों में है। इसके प्रथम भाग के चार खण्ड हैं - (1) उषा और ईश्वर, (2) बीज और अंकुर, (3) प्रकृति और पुरुष, (4) पुरुष और परिस्थिति ।

4. कोई भी हो वह क्या बोले, पालग बन नर निर्भर न करे। अपनी दुर्बलता बल सम्हाल गंतव्य मार्ग पर पैर धरे। कामायनी के किस सर्ग से उधृत है?

Correct Answer: (b) इड़ा
Solution:"कोई भी हो वह क्या बोले, पालग बन नर निर्भर न करे। अपनी दुर्बलता बल सम्हाल गंतव्य मार्ग पर पैर धरे ।"

उक्त काव्य पंक्ति कामायनी के 'इड़ा' सर्ग से उद्धृत है। 'कामायनी' (1935 ई.) महाकाव्य के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। कामायनी में कुल 15 सर्ग हैं। चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईर्ष्या, इड़ा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य, आनन्द ।

5. 'दयाराम' नामक पात्र का वर्णन किस कहानी में हुआ है?

Correct Answer: (b) राजा निरबंसिया
Solution:'दयाराम' नामक पात्र का वर्णन 'राजा निरबंसिया' कहानी में हुआ है। राजा निरबंसिया कहानी के लेखक कमलेश्वर हैं। यह कहानी ग्रामीण जीवन पर आधारित है। इस कहानी में एक ही समय में पुरानी तथा आधुनिक दो कहानियाँ चलती हैं। संपूर्ण कहानी आधुनिक नायक जगपति और चंदा की व्यथा का वर्णन करती है। इस कहानी के प्रमुख पात्र हैं जगपति, चन्दा, दयाराम, बचन सिंह, भटियारिन, राजा निरबंसिया आदि।

6. 'बलरामपुर' नामक स्थान का उल्लेख किस कहानी में हुआ है?

Correct Answer: (b) लाल पान की बेगम
Solution:'बलरामपुर नामक स्थान का उल्लेख 'लाल पान की बेगम' कहानी में हुआ है। इस कहानी के लेखक फणीश्वरनाथ 'रेणु' हैं। इनकी प्रमुख कहानियाँ आदिम रात्रि की महक, पंचलाइट, एकला चलो रे, ठेस, संवदिया आदि हैं। राजा निरबंसिया कहानी के कहानीकार - कमलेश्वर तथा आकाशदीप कहानी के कहानीकारजयशंकर प्रसाद हैं।

7. "प्रत्येक वस्तु की निर्भरता चूँकि प्रौद्योगिकी पर होगी इसलिए विकसित एवं विकासशील समाजों के मध्य दूरी कम नहीं होगी, वरन् बढ़ेगी।" उक्त मंतव्य किस विचारक ने व्यक्त किया है?

Correct Answer: (a) ल्योतार्द
Solution:“प्रत्येक वस्तु की निर्भरता चूंकि प्रौद्योगिकी पर होगी इसलिए विकसित एवं विकासशील समाजों के मध्य दूरी कम नहीं होगी, वरन् बढ़ेगी।" उक्त मंतव्य ल्योतार्द ने व्यक्त किया है।

8. 'राम की शक्ति पूजा'की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं

A. इसका मूल स्रोत कृतिवास का बंगला रामायण है।
B. शक्तिपूजा के प्रसंगों में राम की पराजय का कहीं भी उल्लेख नहीं है।
C. अन्याय जिधर है, शक्ति को भी उधर ही होना चाहिए।
D. पूरी कविता में अंधकार प्रकाश का द्वंद्वयुद्ध निरंतर चलता रहता है।
E. यह कविता निराशा का महिमामंडन नहीं करती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, D, E
Solution:'राम की शक्ति पूजा' की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -
1. इसका मूल स्रोत कृतवास का बंगला रामायण है।
2. पूरी कविता में अंधकार प्रकाश का द्वंद्वयुद्ध निरंतर चलता रहता है।
3. यह कविता निराशा का महिमामंडन नहीं करती है।
'राम की शक्ति पूजा' (1936 ई.) के लेखक सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' हैं।

9. काव्य भाषा के संदर्भ में वर्ड्सवर्थ के उपयुक्त कथन हैं-

A. प्रशांत मनोदशा में भावों का अनुस्मरण आवश्यक नहीं है।
B. काव्य प्रबल भावों का सहज उच्छलन है।
C. भावदीप्त मनोदशा में रचना का आरंभ होता है।
D. भाव चाहे जिन कारणों से उत्पन्न हों, मन को आनंदित करते हैं।
E. ग्रामीण भाषा काव्य के लिए उपयुक्त नहीं है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल B, C, D
Solution:काव्यभाषा के संदर्भ में वर्ड्सवर्थ का कथन है-
1. काव्य प्रबल भावों का सहज उच्छलन है।
2.भावदीप्त मनोदशा में रचना का आरंभ होता है।
3. भाव चाहे जिन कारणों से उत्पन्न हों, मन को आनंदित करते हैं।
4. काव्यभाषा में ग्रामीणों की दैनिक भाषा का प्रयोग होना चाहिए।
5. कविता की भाषा जनसाधारण की भाषा होनी चाहिए।

10. शिवपालगंज के बारे में किसे ऐसा लगने लगता है कि महाभारत की तरह, जो कहीं नहीं है वह यहाँ है, और जो यहाँ नहीं है वह कहीं नहीं है?

Correct Answer: (c) रंगनाथ
Solution:शिवपालगंज के बारे में 'रंगनाथ' को ऐसा लगने लगता है कि महाभारत की तरह, "जो कहीं नहीं है वह यहाँ है, और जो यहाँ नहीं है वह कहीं नहीं है।" उक्त पंक्ति रागदरबारी (1968) उपन्यास की है। रागदरबारी उपन्यास के लेखक श्रीलाल शुक्ल हैं। इस उपन्यास में 'शिवपालगंज' नामक गाँव एवं ग्रामीण परिवेश का वर्णन किया गया है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र कप्तान बाबू, बैद्य जी, बद्री, रंगनाथ आदि हैं।