यू.जी.सी. एनटीए नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून-2022 (विधि)

Total Questions: 71

1. ओम्बुड्समैन (लोकपाल) संस्थान पहली बार निम्नलिखित देशों में से कहाँ विकसित हुआ?

Correct Answer: (d) स्वीडन
Solution:ओम्बुड्समैन संस्था की उत्पत्ति सर्वप्रथम 1809 ई. में स्वीडन में हुई। भारत में ओम्बुड्समैन (लोकपाल) की स्थापना लोकपाल तथा लोकायुक्त अधिनियम 2013 के द्वारा 16 जनवरी 2014 को की गयी।

2. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची–Iसूची–II
A.  सोलोमन बनाम सोलोमनI.  मतदान के अधिकार
B.  रॉयल ब्रिटिश बैंक बनाम टरक्वांडII. कॉरपोरेट व्यक्तित्व
C.  एशबरी रेलवे कैरिज एंड आयरन बनाम रिचे (एशबरी)III. अल्ट्रा वायरस सिद्धांत
D.  वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स बनाम भारत संघIV.  इंडोर प्रबंधन सिद्धांत

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A-II, B- IV, C- III, D-I
Solution:सही मिलान निम्न है-

A. सोलोमन बनाम सोलोमन कॉरपोरेट व्यक्तित्व
B.रॉयल ब्रिटिश बैक बनाम तुर्कान्द इनडोर प्रबंधन सिद्धांत
C. एशबरी रेलवे कैरिज एंड आयरन बनाम रिचे (एशबरी) अल्ट्रा वायरस सिद्धांत
D.वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स बनाम भारत संघ मतदान का अधिकार

3. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

अनिवार्य विधि से कार्रवाई के शासन की संकल्पना का पालन प्रश्न करने वाले किसी प्राधिकारी द्वारा व्यक्तियों पर अध्यारोपित कार्रवाई संबंधी नियम अभिप्रेत है।

पर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए;

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सही हैं
Solution:सामण्ड ने संप्रेषित किया कि अनिवार्य विधि से कार्यवाही के शासन की संकल्पना का पालन सम्बन्धी प्रश्न करने वाले किसी प्राधिकारी द्वारा व्यक्तियों पर अध्यारोपित कार्यवाही संबंधी नियम अभिप्रेत है।

सेंट थॉमस एक्विनास का अभिकथन है कि प्राकृतिक विधि प्राकृतिक रूप से सही और गलत के सिद्धान्तों को दर्शाता है। अतः उपरोक्त दोनों कथन सही हैं।

4. निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Correct Answer: (b) कोई निजी कंपनी 2 अथवा अधिक व्यक्तियों से बनायी जा सकती है
Solution:कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 3 के अनुसार सरकारी कंपनी निर्माण हेतु व्यक्तियों की न्यूनतम संख्या 7 अपेक्षित है तथा निजी कम्पनी निर्माण हेतु व्यक्तियों की न्यूनतम संख्या 2 अपेक्षित है।

अधिनियम की धारा 7 में प्रावधान किया गया है कि कंपनी रजिस्ट्रेशन के समय संगम ज्ञापन तथा संगम अनुच्छेद को रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

5. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

हार्ट दायित्व के प्राथमिक नियमों और मान्यता के द्वितीयक नियमों की चर्चा करते हैं।

कथन - II  हार्ट का विश्लेषणात्मक सकारात्मकवाद के सुधार के साथ कोई संबंध नहीं है।

पर्युक्त कथनों के अलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है
Solution:प्रो. हार्ट को ब्रिटिश प्रत्यक्षवाद का प्रमुख समकालीन प्रतिनिधि कहा जाता है। हार्ट ने कहा कि प्राथमिक नियम केवल कर्तव्य अधिरोपित करते हैं जबकि द्वितीयक नियम प्राथमिक नियम की मान्यता और प्रवर्तन के लिए एक आधिकारिक तंत्र स्थापित करता है।

विश्लेषणात्मक सकारात्मकवाद का सुधार के साथ सीधा संबंध है क्योंकि हार्ट ने कहा है कि जहा कानून है वहां मानव आचरण को गैर-वैकल्पिक या अनिवार्य अर्थ में बनाया गया है।

6. सामान्यतः प्रत्यायोजित विधान दिया जा सकता है:

Correct Answer: (a) केवल आगामी प्रभाव
Solution:प्रत्यायोजित विधान आमतौर पर प्राथमिक प्राधिकारी की आवश्यकताओं का पालन करने, लागू करने और प्रशासित करने के लिए प्राथमिक प्राधिकारी द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार कार्यकारी प्राधिकरण द्वारा बनाया गया कानून का एक प्रकार है। प्रत्यायोजित विधान का केवल आगामी प्रभाव दिया जा सकता है।

7. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन माल के भौगोलिक उपदर्शन (रजिस्ट्रीकरण संरक्षण) अधिनियम, 1999 के अंतर्गत सही नहीं है?

Correct Answer: (d) हस्तशिल्प के मामले में उत्पादक में ऐसी वस्तुओं की पैकेजिंग करने वाला व्यक्ति सम्मिलित है।
Solution:माल के भौगोलिक उपदर्शन (रजिस्ट्रीकरण और संरक्षण) अधिनियम 1999 की धारा 2(k)के अनुसार-
(i) कृषि वस्तुओं के मामले में उत्पादक, वस्तु का निर्माण तथा पैकेजिंग करने वाला व्यक्ति सम्मिलित है।
(ii) प्राकृतिक वस्तुओं के मामले में उत्पादक, ऐसी वस्तुओं का समुपयोजन करने वाला व्यक्ति सम्मिलित है।
(iii) हस्तशिल्प के मामले में उत्पादक, ऐसी वस्तुओं का निर्माण करने वाला व्यक्ति सम्मिलित है।

8. विधि शास्त्र की विचारधाराओं के अभ्युदय को क्रमानुसार (पूर्व से प्रारंभ करते हुए नवीनतम तक) व्यवस्थित कीजिए:

A. नैसर्गिक विधि विचारधारा, ऐतिहासिक, विश्लेषणात्मक, सकारात्मकवाद, यथार्थवादी
B. ऐतिहासिक, नैसर्गिक, यथार्थवादी, विश्लेषणात्मक सकारात्मकवाद
C.विश्लेषणात्मक सकारात्मकवाद, ऐतिहासिक, यथार्थवादी, नैसर्गिक विधि विचारधारा
D. यथार्थवादी, ऐतिहासिक, विश्लेषणात्मक, सकारात्मकवाद, नैसर्गिक विधि विचारधारा
E. यथार्थवादी, नैसर्गिक, ऐतिहासिक, विश्लेषणात्मक, सकारात्मकवाद

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A
Solution:विधिशास्त्र की विचारधाराओं का अभ्युदय क्रम निम्न है-
1. नैसर्गिक विचारधारा (Natural law school)
2. ऐतिहासिक विचारधारा (Historical school of law)
3.विश्लेषणात्मक विचारधारा (Analytical school)
4. सकारात्मकवाद (Positivist)
5. यथार्थवादी (Realist school)

9. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion A )के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason R) के रूप में:

अभिकथन A: भारत का राष्ट्रपति नाममात्र का संवैधानिक प्रमुख होता है।

कारण R: शासन के लोकतांत्रिक प्रकार में, शासन का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) Aऔर R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, Aकी सही व्याख्या नहीं है
Solution:भारत का राष्ट्रपति भारत गणराज्य का कार्यपालक अध्यक्ष होता है। संघ के सभी कार्यपालक कार्य उसके नाम से किये जाते हैं।
सिद्धांततः राष्ट्रपति के पास पर्याप्त शक्ति होती है परन्तु कुछ अपवादों के अलावा राष्ट्रपति के पद में निहित अधिकांश अधिकार लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में वास्तव में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले मंत्रिपरिषद के द्वारा उपयोग किया जाता है।

अतः यह कहना सही है कि भारत का राष्ट्रपति नाममात्र का संवैधानिक प्रमुख होता है तथा लोकतांत्रिक प्रकार की शासन व्यवस्था में वास्तविक प्रमुख प्रधानमंत्री होता है।

10. आई.पी.सी. के अंतर्गत स्तेय (चोरी) के मामले में निम्नलिखित में से कौन-से घटक आवश्यक हैं?

A. सम्पत्ति लेने का कपटपूर्ण इरादा
B.  सम्पत्ति चल या अचल हो सकती है
C. व्यक्ति की सहमति के बिना सम्पत्ति ले लेनी चाहिए
D. सम्पत्ति के कुछ हिस्से को हटाया जाना चाहिए
E. सम्पत्ति, चल सम्पत्ति होनी चाहिए

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A, C, D और E
Solution:भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 378 में परिभाषित चोरी के निम्न आवश्यक तत्व हैं-

(1) सम्पत्ति लेने का बेईमानी पूर्ण आशय
(2) सम्पत्ति चल सम्पत्ति होनी चाहिए
(3) सम्पत्ति का किसी व्यक्ति के कब्जे से लेना,
(4) सम्पत्ति व्यक्ति की सहमति के बिना ले जाना,
(5) सम्पत्ति का कुछ हटाया जाना आवश्यक है।