TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-IV)

Total Questions: 50

1. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए लोकोक्ति का सही अर्थ हो।

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता - 

Correct Answer: (a) अकेला मनुष्य अपने दम पर किसी बड़े काम को अंजाम नहीं दे सकता।
Solution:'अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता' लोकोक्ति का सही अर्थ अकेला मनुष्य अपने दम पर किसी बड़े काम को अंजाम नहीं दे सकता।

2. निम्नलिखित प्रश्न में, चारविकल्पों में से उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए लोकोक्ति का सही अर्थ हो।

अपनी टांग उद्यारिये आपही मरिये लाज - 

Correct Answer: (d) अपने घर की बात दूसरों से कहने पर बदनामी होती है। 160.
Solution:'अपनी टांग उघारिये आपही मरिय लाज' लोकोक्ति का सही अर्थ अपने घर की बात दूसरों से कहने पर बदनामी होती है।

3. भोजपुरी बोली का नाम किस गाँव के आधार पर पड़ा?

Correct Answer: (a) भोजपुर
Solution:भोजपुरी बोली का नाम 'भोजपुर' गाँव के आधार पर पड़ा। राजा भोज के वंशजों ने मल्लराज की स्थापना की। इसका केन्द्र शाहाबाद बना, बाद में भोजपुर केन्द्र बना। भोजपुरी को मल्लिका, काशीका, बनारसी आदि नामों से भी जाना जाता है। भोजपुरी की उपवालियों में मधेसी, थारु, सखरिया, सोनपारी प्रमुख है।

4. पश्चिमी पहाड़ी किस उपभाषा के अंतर्गत आती है?

Correct Answer: (a) पहाड़ी
Solution:पश्चिमी पहाड़ी, पहाड़ी उपभाषा के अन्तर्गत आती है। 'पहाड़ी' उपभाषा खस अपभ्रंश से विकसित है।

5. निम्नलिखित विकल्पों में से किसे हिन्दी की शैली नहीं मानेंगे?

Correct Answer: (a) मसनवी
Solution:'मसनवी' का हिन्दी की शैली नहीं मानेंगे। 'मसनवी' फारसी भाषा की शैली है। सूफी कवियों ने अपने काव्य में मसनवी शैली का प्रयोग किया है। मसनवी से
तात्पर्य- 'काव्य लिखने का ढंग से है, जिसमें चार चरण होते हैं-

ईश की वन्दना
पैगम्बर की स्तुति
साहेवक्त (तत्कालीन बादशाह) की प्रशंसा
आत्म परिचय

6. 'अखिल भुवन चर-अचर सब, हरि मुख में लखि मातु।

चकित भई गदगद् वचन, विकसित दृग पुलकात् ।।' पंक्ति में कौन-सारस है?

Correct Answer: (a) अद्भुत रस
Solution:'अखिल भुवन चर-अचर सब, हरि मुख में लखि मातु चकित भईगदगद् वचन,विकसित दृग पुलकातु ।'
पंक्ति में अद्भुत रस हैं।
'किसी असाधारण, अलौकिक वस्तु, घटना या व्यक्ति को
देखकर हृदय में स्थित विस्मय का भाव अद्भुत रस की
सृष्टि करता है।'

7. नीचे दिए गए वाक्य में कोन-सी शब्द शक्ति है? 'सूर्य अस्त हो गया।'

Correct Answer: (d) व्यजना
Solution:'सूर्य अस्त हो गया।' वाक्य में व्यंजना शब्दशक्ति है। 'सूर्य अस्त हो गया' इस वाक्य के सुनने के उपरान्त प्रत्येक व्यक्ति इससे भिन्न-भिन्न अर्थ ग्रहण करता है। 'अभिधा व लक्षणा के असमर्थ हो जाने पर जिस शब्दशक्ति के माध्यम से शब्द के अर्थ का बोध हो, उसे व्यंजना शब्दशक्ति कहते हैं।'

8. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से उस विकल्प का चयन करेंजो दिएगए लोकोक्ति का सही अर्थ हो।

होनहार बिरवान के होत चीकने पात- 

Correct Answer: (c) प्रतिभा बचपन से दिखाई देती है।
Solution:'होनहार बिरवान के होत चीकने पात' लोकोक्ति का सही अर्थ है- प्रतिभा बचपन से दिखाई देती है।

9. 'बीती विभावरी जाग री।

अम्बर-पनघट में डुबो रही तारा घट ऊषा-नागरी।' इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

Correct Answer: (b) रूपक
Solution:'बीती विभावरी जाग री। अम्बर-पनघट में डूबो रही तारा-घट ऊषा-नागरी।' पंक्ति में रूपक अलंकार है। 'उपमेय पर उपमान का आरोप या उपमान और उपमेय का अभेद ही रूपक है।' यहाँ अम्बर, तारा और ऊषा (जो उपमेय है) पर क्रमशः पनघट,घट और नागरी (जो उपमान है) का आरोप हुआ है।

10. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए लोकोक्ति का सही अर्थ हो । जाके पाँवन फटी बिवाई,सो क्या जाने पीर पराई

Correct Answer: (a) बिना दुःख भोगे दुःखका बोध नहीं होता।
Solution:'जाक पाँव न फटी बिवाई, सो क्या जाने पीर पराई लोकोक्ति का सही अर्थ बिना दुःख भोग दुःख का बोध नहीं होता।