प्राचीन भारत का इतिहास (रेलवे) भाग-I

Total Questions: 50

1. झेलम नदी के किनारे प्रसिद्ध 'वितस्ता का युद्ध' किन-किन शासकों के बीच हुआ? [आरआरबी मुजफ्फरपुर सहायक स्टेशन मास्टर परीक्षा 01.06.1997]

Correct Answer: (2) पोरस और सिकंदर
Solution:

यूनानी आक्रमणकारी सिकन्दर (अलेक्जेंडर दी ग्रेट) ने 326 ई. पू. में सिन्धु नदी पार करके भारत की धरती पर कदम रखा। जब सिकन्दर झेलम नदी के तट पर पहुँचा तो वहां उसका सामना राजा पोरस के साथ हुआ जिसे झेलम (वितस्ता) का युद्ध कहा जाता है। पोरस की सेना के विशालकाय हाथी यूनानी सेना के तीव्र गामी घोड़ो के सामने नहीं टिक सके। युद्ध का परिणाम सिकन्दर के पक्ष में रहा।
• इस युद्ध को हाइडेस्पीज़ का युद्ध (Battle of the Hydaspes) के नाम से भी जाना जाता है।

2. भारतीयों के लिए महान 'सिल्क मार्ग' किसने आरंभ कराया ? [आरआरबी कोलकाता गुड्स गार्ड परीक्षा 27.02.2005]

Correct Answer: (1) कनिष्क
Solution:

कनिष्क का चीन के शासक 'पान चाओ' से युद्ध हुआ जिसमें कनिष्ठ विजयी रहा। कनिष्क ने चीन से टीम जाने वाले सिल्क मार्ग की तीनों शाखाओं पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया।
• ये शाखायें थी-
- कैस्पियन सागर से होकर जाने वाला मार्ग।
- मर्व से फरात नदी होते हुए रुम सागर पर बने बन्दरगाह तक जाने वाला मार्ग।
- भारत से लाल सागर तक जाने वाला मार्ग।

• सिल्क मार्ग पूर्व (चीन) और पश्चिम (यूरोप, मध्य पूर्व) को जोड़ने वाले व्यापारिक मार्गों का एक नेटवर्क था, जिसने वस्तुओं, विचारों, धर्मों (बौद्ध धर्म, इस्लाम) और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को संभव बनाया, जिससे संस्कृतियों का विकास हुआ।
• चीन के हान राजवंश के दौरान इसकी स्थापना हुई, और भारतीय संदर्भ में, कुषाण शासक कनिष्क ने इसे भारतीयों के लिए खोला।

3. जादू-टोना का अध्ययन किस वेद में किया जाता है? [आरआरबी इलाहबाद जूनियर क्लर्क परीक्षा 04.01.2009, प्रथम पाली]

Correct Answer: (4) अथर्ववेद
Solution:

अथर्ववेद में मुख्य रूप से जीवन के व्यावहारिक पहलुओं, जैसे आयुर्वेद (औषधियाँ, रोग निवारण), जादू-टोना (मंत्र-तंत्र), और आध्यात्मिक ज्ञान का वर्णन है, जिसमें स्वास्थ्य, लंबी आयु, सुख-समृद्धि, सुरक्षा, और राष्ट्र-समाज के सामंजस्य के लिए मंत्र शामिल हैं; यह वेदों में सबसे बाद में लिखा गया और इसमें राजनीति, शिक्षा, कृषि, और दर्शन जैसे विषय भी मिलते हैं।

• ऋग्वेद में मुख्य रूप से देवताओं की स्तुति (प्रशंसा) में लिखे गए भजन (ऋचाएँ) हैं, जो ब्रह्मांड की रचना, देवताओं (जैसे इंद्र, अग्नि, सूर्य) की शक्ति, और जीवन जीने के तरीकों का वर्णन करते हैं, जिसमें बहुदेववाद, एकेश्वरवाद और दार्शनिक विचार (जैसे ब्रह्म, पुनर्जन्म, मोक्ष) शामिल हैं; इसमें सामाजिक और प्राकृतिक व्यवस्था के साथ-साथ गायत्री मंत्र जैसे महत्वपूर्ण मंत्र भी हैं।
• ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है।
• गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल में मंडल में है।
• "अधन्य" शब्द का प्रयोग गाय (जिसे मारा नहीं जा सकता) लिए हुआ है।

• यजुर्वेद हिन्दू धर्म के चार प्रमुख वेदों में से एक है, जो मुख्य रूप से यज्ञों और अनुष्ठानों की प्रक्रियाओं के लिए गद्य और पद्य मंत्रों का संग्रह है; इसे 'अध्वर्यु वेद' भी कहते हैं और इसके दो मुख्य भाग हैं: शुक्ल यजुर्वेद (शुद्ध, मंत्रों और ब्राह्मणों का अलग) और कृष्ण यजुर्वेद (मंत्रों और ब्राह्मणों का मिश्रित रूप), जो भारतीय संस्कृति के लौकिक और अलौकिक ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत है और आज भी संस्कारों व कर्मकांडों में प्रयोग होता है।

• सामवेद, हिंदू धर्म के चार वेदों में से तीसरा है, जिसका अर्थ 'गान' या 'संगीत' है, जिसमें यज्ञ और अनुष्ठानों के दौरान गाए जाने वाले संगीतमय मंत्रों का संकलन है, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत का मूल है और इसमें मुख्य रूप से सूर्य देव की स्तुति है, जिसमें लगभग सभी मंत्र ऋग्वेद से लिए गए हैं, और इसकी तीन प्रमुख शाखाएँ (कौथुमीय, राणायनीय, जैमिनीय) हैं।

4. निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल भारत में नहीं है? [आरआरबी इलाहबाद जूनियर क्लर्क परीक्षा 04.01.2009, प्रथम पाली]

Correct Answer: (1) हड़प्पा
Solution:

हड़प्पा भारत में नहीं है। हड़प्पा पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में माण्टगोमरी जिले में रावी नदी के तट पर स्थित था इसकी खोज 1921 में दयाराम साहनी ने की थी।
• कालीबंगा (Kalibanga) भारत के राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) का स्थल है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'काले रंग की चूड़ियाँ' है और यह घग्गर नदी (प्राचीन सरस्वती नदी) के तट पर विकसित हुई थी। इसकी खोज 1951 ई. में अमलानन्द घोष ने की थी। यह अपने जुते हुए खेतों (ploughed fields) और हड़प्पा-पूर्व (pre-Harappan) व हड़प्पाकालीन (Harappan) दोनों चरणों के प्रमाणों के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ घरों के लिए कच्ची ईंटों और पक्की नालियों का उपयोग किया गया था।
• रंगपुर अहमदाबाद में भादर नदी के तट पर स्थित था इसकी खोज 1954 में आर.एस. राव ने की थी।
• रोपड़ (अब रूपनगर) पंजाब का एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण शहर है, जो सतलुज नदी के किनारे बसा है और अपनी समृद्ध सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेषों, रोपड़ वेटलैंड (रामसर स्थल), आईआईटी रोपड़ और ऐतिहासिक रोपड़ संधि के लिए जाना जाता है।

5. अशोक ने इन सभी में से कौन सा धर्म अपनाया? [आरआरबी इलाहबाद जूनियर क्लर्क परीक्षा 04.01.2009, प्रथम पाली]

Correct Answer: (1) बौद्ध
Solution:

• अशोक मौर्य राजवंश के सम्राट थे।
• उनके के पिता बिंदुसार थे।
• कलिंग युद्ध के बाद अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया। उपगुप्त नामक बौद्ध भिक्षु ने अशोक को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी।
• अशोक की 'धम्म' नीति अहिंसा, सहिष्णुता और नैतिक आचरण पर आधारित नीति थी।
• अशोक के शिलालेख प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखे गए थे।
• अशोक को 'देवनां प्रिय' (Priyadarshi) कहा जाता था।

6. सारनाथ में किस सम्राट का स्तंभ है ? [आरआरबी इलाहबाद जूनियर क्लर्क परीक्षा 04.01.2009, प्रथम पाली]

Correct Answer: (2) अशोक
Solution:

सारनाथ में सम्राट अशोक का प्रसिद्ध सिंह स्तंभ (Lion Capital of Ashoka) है, जिसे भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया है और यह बौद्ध धर्म के पहले उपदेश के स्थान पर बनवाया गया था, जो धम्म चक्र प्रवर्तन (Wheel of Law) का प्रतीक है। इसे मौर्य सम्राट अशोक ने, लगभग 250 ईसा पूर्व में बनवाया था।

7. रोपड़ में मिले सिंधु घाटी के भग्नावशेष भारत के किस आधुनिक नगर के नजदीक अवस्थित हैं? [आरआरसी हाजीपुर ग्रुप 'डी' परीक्षा 06.05.2012]

Correct Answer: (1) चण्डीगढ़
Solution:

रोपड़ आधुनिक चंडीगढ़ के निकट अवस्थित है। इसका उत्खनन सन् 1953 में वाई डी शर्मा ने किया था।
• रोपड़ सतलुज नदी के किनारे स्थित है।
• रोपड़ स्थल की खोज वाई.डी. शर्मा (Y.D. Sharma) ने 1953 में इसकी खुदाई की।
• यह पता चला कि हड़प्पा सभ्यता सतलुज नदी के किनारे भी फैली हुई थी। यहाँ से पूर्व-हड़प्पा और हड़प्पा संस्कृतियों के अवशेष मिले हैं, जो सांस्कृतिक निरंतरता दर्शाते हैं।
• रोपड़ में मानव के साथ कुत्ते को दफनाए जाने के प्रमाण मिले हैं, जो एक अद्वितीय दफन प्रथा है।
• रोपड़ से फेयेंस (एक प्रकार का चीनी मिट्टी का) चूड़ियाँ, शंख के आभूषण, तांबे के औजार (जैसे कुल्हाड़ी) और विशिष्ट टेराकोटा कलाकृतियाँ मिली हैं।
• यह हड़प्पा सभ्यता के विस्तार और उत्तर-पश्चिमी भारत में उसके सांस्कृतिक विकास को समझने में मदद करता है और भारत के पुरातात्विक एकीकरण का उदाहरण है।
• सतलुज नदी को 'सताद्री' नदी के नाम से भी जाना जाता था।
• रोपड़ को रूपनगर (Roopnagar) के नाम से भी जाना जाता है और इसी नाम से यह पंजाब का एक जिला है।

8. भारत के इतिहास में उत्तर वैदिक काल किस समयावधि के बीच रही ? [आरआरसी हाजीपुर ग्रुप 'डी' परीक्षा 06.05.2012]

Correct Answer: (4) 1000 ई.पू. - 600 ई.पू
Solution:

उत्तरवैदिक काल (लगभग 1000-600 ईसा पूर्व) ऋग्वैदिक काल के बाद का वह दौर है जब आर्यों का विस्तार गंगा के मैदानों में हुआ, लोहे की खोज से कृषि और समाज में बदलाव आए, और यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद जैसे ग्रंथों की रचना हुई, जिसमें वर्ण व्यवस्था जन्म आधारित हुई और आश्रम व्यवस्था व गोत्र प्रथा शुरू हुई। इस काल में कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था बनी, महाजनपदों का उदय हुआ और सामाजिक असमानता बढ़ी, जिससे बाद के सुधार आंदोलनों की नींव पड़ी।
ऋग्वैदिक काल या पूर्व वैदिक काल (1500 ई. पू से 1000 ई. पू ) तथा उत्तर वैदिक काल (1000-600 ई.पू. तक) माना जाता है।

9. निम्नलिखित विदेशी यात्रियों की भारत यात्रा को क्रमानुसार निर्दिष्ट करें।

(i) थॉमस रॉ
(ii) फा-ह्यान
(iii) ह्वेन-सांग

Correct Answer: (3) (ii),(iii),(i)
Solution:

फाह्यान: 405-411 AD
डेन सांग: डेनसांग हर्षवर्धन से 643 AD में मिला था।
थॉमस रॉ: 1615 AD

10. हड़प्पा सभ्यता के लोग निम्नलिखित में से किस देवता की पूजा नहीं करते थे? [RRB NTPC ग्रैजुएट लेवल State-I (CBT) Shift-I, 11.04.2016]

A. शिव               B. विष्णु
C. कबूतर           D. स्वस्तिक
Correct Answer: (3) B
Solution:

उत्खनन में प्राप्त अवशेषों के पुरातात्विक जाँच से हड़प्पा सभ्यता के दौरान शिव, स्वस्तिक और कबूतर की उपासना के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। एक प्रसिद्ध मुहर शिव के उपनाम पशुपति (पशुओं के स्वामी) को चित्रित करती है। सिन्धु घाटी से भी स्वस्तिक के चिह्न वाली कुछ मोहरें मिलीं हैं, हालांकि, वहाँ से विष्णु की पूजा के बहुत थोड़े साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं। कबूतर एकमात्र ऐसा पक्षी था जिसकी वे पूजा करते थे।