अकबर (UPPCS) (भाग-1)

Total Questions: 50

11. निम्नलिखित में से किसे अकबर ने स्वयं मारा था? [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (a) अधम खां को
Solution:

माहम अनगा के पुत्र अधम खां को अकबर ने स्वयं मारा था; क्योंकि उसने अकबर के प्रधानमंत्री अतग खां की हत्या कर दी थी। अधम खाँ, अकबर की धाय माँ माहम अनगा का पुत्र था। अकबर ने आदेश दिया कि अधम खाँ को महल की छत (आगरा के किले) से नीचे फेंक दिया जाए।  इस घटना के साथ ही अकबर के शासन पर 'पेटीकोट शासन' (1560-1562) या हरम दल का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो गया।

12. राजपूताना के निम्न राज्यों में से किस एक ने अकबर की संप्रभुता स्वयं स्वीकार नहीं की थी? [U. P. Lower Sub. (Pre) 2004]

Correct Answer: (b) मेवाड़
Solution:

राजपूताना के राज्यों में से मेवाड़ वह एकमात्र प्रमुख राज्य था जिसने अकबर की संप्रभुता (Sovereignty) 'स्वयं' या स्वेच्छा से कभी स्वीकार नहीं की। अकबर ने अपनी "सुलह-ए-कुल" और राजपूत नीति के तहत विवाह संबंधों और कूटनीति के जरिए लगभग पूरे राजपूताना को अपने अधीन कर लिया था, लेकिन मेवाड़ के शासकों ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्वाभिमान को सर्वोपरि रखा।

शासकअकबर के विरुद्ध संघर्ष
राणा उदय सिंह1567-68 में अकबर ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया। उदय सिंह ने किला जयमल और फत्ता को सौंपकर जंगलों में शरण ली, लेकिन समर्पण नहीं किया।
महाराणा प्रताप1572 में शासक बनने के बाद उन्होंने अकबर की अधीनता मानने से साफ इनकार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप 1576 में हल्दीघाटी का प्रसिद्ध युद्ध हुआ।
राणा अमर सिंहमहाराणा प्रताप के पुत्र अमर सिंह ने भी लंबे समय तक संघर्ष जारी रखा। अंततः 1615 में (जहाँगीर के काल में) एक सम्मानजनक संधि हुई, अकबर के काल में नहीं।

यद्यपि अकबर ने चित्तौड़ और कुंभलगढ़ जैसे किलों पर अधिकार कर लिया था, लेकिन वह मेवाड़ के राजाओं को कभी अपने दरबार में उपस्थित होने या व्यक्तिगत रूप से अधीनता स्वीकार कराने में सफल नहीं हो सका।

13. किस राजपूत शासक ने मुगलों के विरुद्ध निरंतर स्वतंत्रता का संघर्ष जारी रखा और समर्पण नहीं किया ? [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (b) मारवाड़ के राव चंद्रसेन
Solution:

राव चंद्रसेन को "मारवाड़ का प्रताप" और "प्रताप का अग्रगामी" कहा जाता है। 1565 ई. में मारवाड़ के शासक राव चंद्रसेन ने भाद्राजूण में मुगल सेनाओं का सामना किया, लेकिन चारों तरफ से घिर जाने के कारण उसे सिवाना जाना पड़ा। मुगल सेना ने उसे ढूंढ़ने के लिए अनेक प्रयास किए। इसके उपरांत राव चंद्रसेन ने सोजत पर अधिकार कर लिया। अतः अकबर ने पुनः सेनाएं भेज कर उस पर आक्रमण करवाया, लेकिन वह पहाड़ी क्षेत्रों में चला गया और 1581 ई. में उसकी मृत्यु हो गई। महाराणा प्रताप की भांति ही उसने मुगलों से निरंतर संघर्ष किया तथा समर्पण नहीं किया।

14. अकबर के साथ युद्ध करने वाली दुर्गावती ..... की रानी थी। [M.P. P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (a) मंडला
Solution:

1564 ई. में अकबर ने कड़ा तथा पूर्वी प्रदेशों के शासक आसफ खां को गढ़कटंगा (गोंडवाना में) के राज्य को जीतने के लिए भेजा। वहां का राजा वीरनारायण अल्पवयस्क था; परंतु उसकी मां दुर्गावती राज्य पर योग्यतापूर्वक शासन करती थी। उसने वीरतापूर्वक शाही दल का विरोध किया; परंतु गढ़ एवं मंडला (वर्तमान मध्य प्रदेश के मंडला जिले में) के बीच हुए युद्ध में वह पराजित हुई। जबलपुर में स्थित विश्वविद्यालय का नाम उनके सम्मान में 'रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय' रखा गया है।

15. अबुल फजल की मृत्यु इनमें से किसके कारण हुई? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (a) शहजादा सलीम
Solution:

जब शाहजादा सलीम ने विद्रोह कर इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्वतंत्र शासक की तरह व्यवहार करना आरंभ कर दिया था, तब अकबर ने 1602 ई. में दक्षिण से अपने मित्र अबुल फजल को बुलाया। उसी समय सलीम के इशारे से ओरछा के बुंदेला सरदार वीरसिंह देव ने मार्ग में अबुल फजल की हत्या कर दी। अतः अबुल फजल की मृत्यु में शहजादा सलीम की भूमिका स्पष्ट थी।

अबुल फजल अकबर के नौरत्नों में से एक थे। उन्होंने प्रसिद्ध पुस्तकें 'अकबरनामा' और 'आईन-ए-अकबरी' लिखी थीं। जहाँगीर ने अपनी आत्मकथा 'तुजुक-ए-जहाँगीरी' में खुद स्वीकार किया है कि अबुल फजल की हत्या उसने ही करवाई थी।

16. निम्न तथ्यों में से कौन तथ्य ऐसा है, जो अकबर को राष्ट्रीय सम्राट सिद्ध करने में सहायक नहीं है- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (a) अकबर ने इस्लाम धर्म को त्याग दिया
Solution:

अकबर पहला मुस्लिम शासक था, जिसने इस बात का अनुभव किया कि मुगल साम्राज्य की सुदृढ़ता के लिए भारत की बहुसंख्यक हिंदू जनता का सहयोग प्राप्त करना नितांत आवश्यक है। उसने हिंदू- मुस्लिम समुदायों को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बांधने का प्रयास किया। अकबर का भारत को राजनीतिक एकता प्रदान करने का प्रयत्न, उसकी समान शासन व्यवस्था, समान अर्थ एवं लगान व्यवस्था, समान कर व्यवस्था, सभी को योग्यता के आधार पर राज्य की सेवाओं में उच्चतम स्थान प्राप्त करने की सुविधा, राजपूतों से विवाह-संबंध और सम्मान की नीति, सभी धर्मों को समान सुविधा और आदर तथा धार्मिक दृष्टि से एकता लाने का प्रयत्न, सभी भाषाओं की प्रगति में सहयोग, विभिन्न ललित कलाओं की प्रगति तथा उनकी कलाविधियों के समन्वय का प्रयत्न, सांस्कृतिक एकता का प्रयत्न आदि सभी ऐसे कार्य थे, जो राष्ट्रीय हित और प्रगति के आधार पर किए गए थे। इस कारण अकबर को राष्ट्रीय सम्राट स्वीकार किया गया। अकबर ने इस्लाम धर्म का त्याग नहीं किया था।

17. निम्नलिखित में से किस मुस्लिम शासक ने तीर्थयात्रा-कर समाप्त कर दिया था? [53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011]

Correct Answer: (d) अकबर
Solution:

मुगल शासन व्यवस्था को स्थापित करने का श्रेय अकबर को ही है। उसकी केंद्रीय शासन व्यवस्था तथा बादशाह के पद और अधिकारों एवं कर्तव्यों की व्याख्या, उसका प्रांतीय शासन, उसकी लगान व्यवस्था, उसकी मुद्रा व्यवस्था, उसकी मनसबदारी व्यवस्था आदि सभी को उसके समय में सफलता प्राप्त हुई और वह उसके उत्तराधिकारियों के लिए आधार-स्वरूप बनीं। अकबर प्रथम मुस्लिम शासक था, जिसने हिंदू और मुसलमानों को निकट लाने का प्रयास किया। अपनी उदार नीति के अंतर्गत उसने 1562 ई. में दास प्रथा, 1563 ई. में तीर्थयात्रा कर तथा 1564 ई. में जजिया कर को समाप्त कर दिया। अपने सामाजिक सुधार के अंतर्गत उसने बाल विवाह एवं सती प्रथा को रोकने का प्रयत्न किया। अतः अकबर की लोकप्रियता के कारणों में उपर्युक्त चारों बिंदुओं को सम्मिलित किया जा सकता है।

18. निम्नलिखित बादशाहों में से किसको एक 'प्रबुद्ध निरंकुश' कहा जा सकता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2009]

Correct Answer: (c) अकबर
Solution:

अकबर एक महान शासक था, जिसका साम्राज्य अफगानिस्तान-कश्मीर से लेकर गोदावरी नदी के किनारे तक विस्तृत था। वह एक धर्मनिरपेक्ष शासक था। संपूर्ण सत्ता उसी में निहित थी, अतएव वह प्रशा के फ्रेडरिक महान और इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ की तरह प्रबुद्ध निरंकुश शासक कहा जाता है, जिसके शासनकाल में कानून की दृष्टि में सभी समान थे।

19. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए तथा उनको कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए- [U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2021]

1. अम्बेर की राजकुमारी से अकबर का विवाह
2. तुकारोई का युद्ध
3. मालवा पर मुगल आक्रमण
4. उड़ीसा पर कररानी की विजय

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-
कूट :

Correct Answer: (d) 3, 1, 4 और 2
Solution:

प्रश्नगत घटनाओं का काल इस प्रकार है-

1. अम्बेर की राजकुमारी का अकबर से विवाह    -  1562 ई.
2. तुकारोई का युद्ध                                        -   1575 ई.
3. मालवा पर मुगल आक्रमण                           -  1561 ई.
4. उड़ीसा पर कररानी की विजय                      -  1568 ई.

अतः सही कालक्रम (3, 1, 4, 2) विकल्प (d) में प्राप्त हो रहा है।

20. निम्नलिखित में से किसने यह आज्ञा दी थी कि आदमी को एक ही स्त्री से विवाह करना चाहिए और वह तभी दूसरा विवाह कर सकता है, जब उसकी पहली पत्नी बन्ध्या हो? [U.P. P.C.S. (Mains) 2002]

Correct Answer: (c) अकबर
Solution:

अकबर ने कुछ सामाजिक परंपराओं और व्यक्तिगत मान्यताओं पर अंकुश अवश्य लगाया; परंतु उसने यह कार्य सुधार की दृष्टि से किया। उदाहरण के लिए उसने आज्ञा दी कि आदमी को एक ही स्त्री से विवाह करना चाहिए और वह तभी दूसरा विवाह कर सकता है, जब उसकी पहली पत्नी बन्ध्या हो। उसने हिंदू विधवाओं को पुनर्विवाह करने का अधिकार दे दिया तथा स्त्रियों के सती होने पर रोक लगाने का प्रयास किया था।