अकबर (UPPCS) (भाग-2)

Total Questions: 28

21. मुगल सम्राट अकबर के समय का प्रसिद्ध चित्रकार था- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1992]

Correct Answer: (b) दसवंत
Solution:

अकबर कालीन चित्रकारों के नाम अबुल फजल ने अपनी 'आइने अकब- री' में दिए हैं-दसवंत, बसावन, केशव लाल, मुकुंद, मिस्किन, जगन, महेश, खेमकरण, तारा, सांवल, हरिवंश। दसवंत, के काम से अकबर इतना प्रभावित हुआ था कि उसने इसे 'अपने समय का पहला अग्रणी कलाकार' बनने में सहयोग दिया, किंतु बाद में यह महान चित्रकार मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया और 1584 ई. में इसने आत्महत्या कर ली।

22. इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ प्रथम का समकालीन भारतीय राजा था- [U.P.P.C.S. (Mains) 2002]

Correct Answer: (a) अकबर
Solution:

इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ I का समकालीन भारतीय राजा अकबर था। ध्यातव्य है कि दिसंबर, 1600 में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना के समय इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ I थीं। भारत में उस समय अकबर (1556-1605 ई.) का शासन था। एलिजाबेथ I का शासनकाल 1558-1603 ई. था।

23. भारत में किसके शासनकाल में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी का गठन हुआ? [63rd B.P.S.C. (Pre) 2017]

Correct Answer: (b) अकबर
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

24. जिस मध्यकालीन भारतीय लेखक ने अमेरिका की खोज का उल्लेख किया है, वह है- [I.A.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (d) अबुल फजल
Solution:

मध्यकालीन भारतीय लेखक, जिन्होंने अमेरिका की खोज का उल्लेख किया है, वे अबुल फजल हैं। मुगल सम्राट अकबर के दरबारी इतिहासकार अबुल फजल ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'अकबरनामा' (विशेषकर ऐन-ए-अकबरी खंड) में अमेरिका को 'आलम-ए-नौ' (नयी दुनिया) के रूप में वर्णित किया है।

25. अकबर के दरबार में आने वाला पहला अंग्रेज व्यक्ति था- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2003]

Correct Answer: (a) रॉल्फ फिंच
Solution:

रॉल्फ फिंच फतेहपुर सीकरी और आगरा पहुंचने वाला पहला अंग्रेज व्यापारी था। रॉल्फ फिच एक व्यापारी था, जो जमीनी रास्ते से भारत आया था। इसने भारत के विभिन्न भागों में भ्रमण करते हुए अनेक स्थानों का अवलोकन किया तथा 16वीं सदी के भारतीय व्यापारिक तथा नगर केंद्रों के बारे में महत्वपूर्ण विवरण प्रस्तुत किया।

व्यक्तिवर्षसम्राटमहत्व
रॉल्फ फिच1585अकबरअकबर के दरबार में पहुँचने वाला प्रथम अंग्रेज।
जॉन मिल्डेनहॉल1599अकबरअकबर के काल में आने वाला दूसरा अंग्रेज (जमीनी मार्ग से)।
कैप्टन हॉकिन्स1608जहाँगीरसमुद्री मार्ग से आने वाला और जहाँगीर के दरबार में जाने वाला प्रथम अंग्रेज।
सर थॉमस रो1615जहाँगीरव्यापारिक रियायतें प्राप्त करने वाला जेम्स प्रथम का राजदूत।

26. अकबर के शासनकाल की निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए- [U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2006 & U.P. P.C.S. (Mains) 2003]

1. जजिया की समाप्ति
2. इबादतखाना का निर्माण
3. महजर पर हस्ताक्षर
4. दीने इलाही की स्थापना

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (a) 1, 2, 3, 4
Solution:

अकबर ने जजिया कर की समाप्ति 1564 ई. में की। उसने फतेहपुर सीकरी में 1575 ई. में इबादतखाना की स्थापना की, जिसका उद्देश्य दार्शनिक एवं धार्मिक विषयों पर वाद-विवाद करना था। अकबर ने समस्त धार्मिक मामलों को अपने हाथों में लेने के लिए 1579 ई. में 'महजरनामा' की घोषणा की। यह महजरनामा अबुल फजल के पिता शेख मुबारक ने तैयार किया था। अकबर ने सभी धर्मों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए 1582 ई. में 'तौहीद-ए-इलाही' (दैवीय एकेश्वरवाद) की स्थापना की।

27. गोवा चर्च प्राधिकारियों ने 1595 में जिन पादरियों को अकबर के पास ईसाई धर्म से संबंधित उसकी जिज्ञासाओं को पूरा करने के लिए भेजा उसके संबध में क्या सही है/हैं? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2022]

(i) यह गोवा चर्च प्राधिकारियों द्वारा अकबर के दरबार में भेजा गया तीसरा मिशन था।
(ii) यह मिशन अकबर से लाहौर में मिला।
(iii) इस मिशन में ऐन्टोनियो मान्सरेट शामिल थे।

Correct Answer: (d) (i), (ii) और (iii)
Solution:

गोवा चर्च प्राधिकारियों ने 1595 ई. में पादरियों का एक दल अकबर के पास ईसाई धर्म से संबंधित उसकी जिज्ञासाओं की पूर्ति के लिए भेजा। यह गोवा चर्च प्राधिकारियों द्वारा अकबर के दरबार में भेजा गया तीसरा मिशन था। इससे पूर्व पहला मिशन फतेहपुर सीकरी में 1580 ई. में और दूसरा मिशन लाहौर में 1591 ई. में आ चुका था। तीसरा मिशन भी अकबर से लाहौर में मिला। इस मिशन का नेतृत्व मिशनरी संत फ्रैंसिस जैवियर के भतीजे जेरोम जैवियर ने किया। इस मिशन का एक सदस्य ऐन्टोनियो मान्सरेट भी था, जिसे अकबर ने अपने पुत्र मुराद के लिए ट्यूटर के रूप में रखा था।

28. अकबर ने बंगाल तथा बिहार को मुगल साम्राज्य में मिलाया- [48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008]

Correct Answer: (c) 1576 ई.
Solution:

1572 ई. में सुलेमान करारानी की मृत्यु के बाद उसका पुत्र दाऊद खां गद्दी पर बैठा। दाऊद खां ने अपने को स्वतंत्र घोषित कर पटना के मुगल किले पर आक्रमण किया। अकबर ने मुनीम खां को दाऊद पर आक्रमण करने तथा बिहार को जीतने का आदेश दिया। मुनीम खां ने दाऊद को युद्ध में पराजित किया तथा 1574 ई. में बिहार पर मुगलों का आधिपत्य हो गया। पराजित होने के बाद दाऊद बंगाल भाग गया, किंतु 12 जुलाई, 1576 को टोडरमल ने दाऊद को पूर्णतः पराजित किया। इस प्रकार 1576 ई. में बंगाल तथा बिहार को पूर्ण रूप से मुगल साम्राज्य में मिला लिया गया।