Correct Answer: (b) H, Li, Na, K
Solution:- हाइड्रोजन (H), लीथियम (Li), सोडियम (Na) तथा पोटैशियम (K) ये सभी तत्व आवर्त सारणी में एक ही समूह 1A में शामिल हैं।
- आवर्त सारणी में तत्वों को उनके समान गुणधर्मों के आधार पर ऊर्ध्वाधर कॉलमों में व्यवस्थित किया जाता है
- जिन्हें समूह (Groups) कहा जाता है।
- एक ही समूह में आने वाले तत्वों के सबसे बाहरी कोश (Valence Shell) में समान संख्या में इलेक्ट्रॉन होते हैं
- जिससे उनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता समान रहती है।
- आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 18 समूह हैं
- प्रत्येक समूह के तत्व alkali धातुओं, क्षारीय मृदा धातुओं, हैलोजन आदि श्रेणियों में विभाजित हैं।
- समान गुणधर्मों की व्याख्या
- एक ही समूह के तत्वों के गुणधर्म समान होते हैं
- क्योंकि उनके वैलेंसी इलेक्ट्रॉनों की संख्या एकसमान रहती है।
- उदाहरणस्वरूप, समूह 1 (क्षारीय धातुएँ) के तत्व ns¹ इलेक्ट्रॉन विन्यास रखते हैं
- जिससे वे जल के साथ अभिक्रिया कर क्षार बनाते हैं: 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂। समूह 17 (हैलोजन) के तत्व ns²np⁵ विन्यास वाले होते हैं
- जो एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणात्मक आयन (जैसे Cl⁻) बनाते हैं
- अत्यधिक अभिक्रियाशील अधातु हैं।
- समूह 18 के निष्क्रिय गैसें ns² या np⁶ पूर्ण अष्टक विन्यास के कारण रासायनिक रूप से निष्क्रिय रहती हैं।
- समूहों का महत्व
- ये समूह रासायनिक व्यवहार की भविष्यवाणी करने में सहायक हैं।
- जैसे, समूह 13 के तत्व त्रिवैलेंट होते हैं और धातु-अधातु मिश्रित होते हैं
- (बोरॉन अधातु, शेष धातु)। परीक्षाओं में ऐसे प्रश्न तत्वों के वर्गीकरण, इलेक्ट्रॉन विन्यास और गुणधर्मों की समझ जांचते हैं।
- पूर्ण सूची के लिए आधुनिक IUPAC आवर्त सारणी देखें, जिसमें 118 तत्व 18 समूहों में वर्गीकृत हैं।