अधातुएं (रसायन विज्ञान)Total Questions: 2411. ....... को छोड़कर सभी परमाणुओं के नाभिक में न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं। [JE सिविल परीक्षा 23 मार्च, 2021 (I-पाली)](a) ऑक्सीजन(b) नाइट्रोजन(c) हाइड्रोजन(d) कार्बनCorrect Answer: (c) हाइड्रोजनSolution:हाइड्रोजन (H) को छोड़कर सभी परमाणुओं के नाभिक में न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं।इसका परमाणु क्रमांक 1 होता है। हाइड्रोजन सबसे हल्का तत्व है।हाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन और ज्वलनशील गैस है। हाइड्रोजन की संयोजकता 1 होती है।नाभिक की संरचनापरमाणु का नाभिक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बनता हैजहाँ प्रोटॉन धनात्मक आवेशित होते हैं जबकि न्यूट्रॉन उदासीन होते हैं।न्यूट्रॉन नाभिक को स्थिरता प्रदान करते हैं तथा प्रोटॉनों के बीच प्रतिकर्षण बल को संतुलित करने में सहायक होते हैं।हाइड्रोजन-1 (प्रोटियम) का नाभिक केवल एक प्रोटॉन से बना होता हैइसलिए इसमें न्यूट्रॉन की अनुपस्थिति एक अपवाद है।हाइड्रोजन के आइसोटोपहाइड्रोजन के तीन मुख्य आइसोटोप हैं: प्रोटियम (¹H), ड्यूटेरियम (²H) और ट्रिटियम (³H)।प्रोटियम में न्यूट्रॉन शून्य होते हैंजबकि ड्यूटेरियम में एक और ट्रिटियम में दो न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं।प्रोटियम सबसे सामान्य रूप (99.98%) है, जो इस अपवाद को स्पष्ट करता है।अन्य सभी तत्वों के नाभिक में कम से कम एक न्यूट्रॉन अवश्य होता है।न्यूट्रॉन की भूमिकान्यूट्रॉन नाभिकीय बल द्वारा प्रोटॉनों को बांधे रखते हैं तथा परमाणु के द्रव्यमान का बड़ा हिस्सा प्रदान करते हैं।बिना न्यूट्रॉन के भारी नाभिक अस्थिर हो जाते, क्योंकि प्रोटॉनों का धनात्मक प्रतिकर्षण उन्हें विखंडित कर देता।हाइड्रोजन सबसे हल्का तत्व होने से एकल प्रोटॉन पर्याप्त स्थिर रहता है।अन्य तत्वों के उदाहरणहीलियम (₂He) में दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन होते हैंलिथियम (₃Li) में तीन प्रोटॉन और चार न्यूट्रॉन।आवर्त सारणी के सभी अन्य तत्व न्यूट्रॉन रहित नाभिक नहीं रखते।यह नियम रदरफोर्ड के नाभिक मॉडल और चंद्रशेखर सीमा से जुड़ा है।12. हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान (u) लगभग कितना होता है? [MTS (T-I) 08 जुलाई, 2022 (II-पाली)](a) 4(b) 1(c) 14(d) 12Correct Answer: (b) 1Solution:हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान (u) लगभग 1 होता है।परमाणु द्रव्यमान को परमाणु के नाभिक के न्यूट्रॉन और प्रोटॉन की संख्या के योग के रूप में परिभाषित किया जाता है।हाइड्रोजन के नाभिक में कोई न्यूट्रॉन नहीं होता है। आवर्त सारणी में पहला तत्व हाइड्रोजन है।परमाणु द्रव्यमान की परिभाषापरमाणु द्रव्यमान किसी तत्व के सभी समस्थानिकों का भारित औसत होता हैजो परमाणु द्रव्यमान इकाई (u या amu) में मापा जाता है।यह इकाई कार्बन-12 आइसोटोप के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग के बराबर होती है।हाइड्रोजन के मामले में, इसका मुख्य समस्थानिक प्रोटियम (¹H) है जिसमें एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन होता हैजबकि ड्यूटेरियम (²H) और ट्रिटियम (³H) की मात्रा बहुत कम होती है।हाइड्रोजन के समस्थानिकहाइड्रोजन के तीन मुख्य समस्थानिक हैं:प्रोटियम (¹H): 99.98% प्रचुरता, द्रव्यमान लगभग 1.0078 u।ड्यूटेरियम (²H): 0.0156% प्रचुरता, द्रव्यमान लगभग 2.0141 u।ट्रिटियम (³H): रेडियोएक्टिव, बहुत कम मात्रा में, द्रव्यमान लगभग 3.0160 u।इनके भारित औसत से हाइड्रोजन का औसत परमाणु द्रव्यमान 1.00784 u आता हैजो सामान्यतः 1 u के रूप में लिया जाता है।द्रव्यमान की गणनाएक प्रोटॉन का द्रव्यमान लगभग 1.67×10−271.67×10−27 किलोग्राम होता हैइसलिए प्रोटियम का द्रव्यमान करीब 1 u होता है।पूर्ण रूप से, 1 u=1.66054×10−271u=1.66054×10−27 किलोग्राम, अतः हाइड्रोजन का द्रव्यमान 1.673×10−271.673×10−27 किलोग्राम होता है।सभी तत्वों में हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान सबसे कम होता है।13. जल की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए ....... का उपयोग किया जाता है। [स्नातक स्तरीय (T-I) 7 मार्च, 2020 (II-पाली)](a) बेकिंग सोडा(b) ब्लीचिंग पाउडर(c) चूना(d) वाशिंग सोडाCorrect Answer: (d) वाशिंग सोडाSolution:कठोर जल साबुन के साथ सुगमता से झाग नहीं देता है।जल की स्थायी कठोरता जल में घुले कैल्शियम तथा मैग्नीशियम के क्लोराइड और सल्फेट लवणों के कारण होती हैइसे धावन सोडा (Washing Soda) (Na₂CO₃) द्वारा दूर किया जा सकता है।स्थायी कठोरता क्या हैस्थायी कठोरता जल में Ca²⁺ और Mg²⁺ आयनों की क्लोराइड या सल्फेट रूप में उपस्थिति से उत्पन्न होती हैजो अस्थायी कठोरता (कार्बोनेट्स से) से भिन्न है क्योंकि यह उबालने पर अपरिवर्तित रहती है।यह कठोरता कुल कठोरता का बड़ा हिस्सा होती हैघरेलू व औद्योगिक जल को नरम बनाने के लिए विशेष उपचार आवश्यक होता है।इसकी माप ppm या mg/L में CaCO₃ के बराबर की जाती है ।आयन विनिमय विधि (जिओलाइट प्रक्रिया)इस विधि में सोडियम जिओलाइट (Na₂Al₂Si₂O₈·xH₂O) या सिंथेटिक रेजिन का उपयोग होता हैजो Ca²⁺ और Mg²⁺ आयनों को Na⁺ आयनों से बदल देता है। प्रतिक्रियाएँ इस प्रकार हैं:Na₂Z + Ca²⁺ → CaZ + 2Na⁺ (Z = जिओलाइट)Na₂Z + Mg²⁺ → MgZ + 2Na⁺।जिओलाइट की प्रभावशीलता समाप्त होने पर NaCl घोल से इसे पुनर्जनित किया जाता हैCaZ + 2NaCl → Na₂Z + CaCl₂। यह विधि घरेलू वाटर सॉफ्टनर में लोकप्रिय है ।चूना-सोडा प्रक्रियायह औद्योगिक स्तर पर उपयोगी है, जिसमें Ca(OH)₂ (चूना) मैग्नीशियम लवणों को हटाता हैNa₂CO₃ (सोडा ऐश) कैल्शियम लवणों को। प्रतिक्रियाएँ:MgSO₄ + Ca(OH)₂ → Mg(OH)₂↓ + CaSO₄CaSO₄ + Na₂CO₃ → CaCO₃↓ + Na₂SO₄।अघुलनशील अवक्षेपों को फिल्टर कर नरम जल प्राप्त होता है; यह बड़े पैमाने पर लागत-प्रभावी है ।अन्य विधियाँकैलगन विधि: मैग्नीशियम के उपयोग से Ca²⁺ को हटाया जाता है, लेकिन कम प्रचलित।रिवर्स ऑस्मोसिस: झिल्ली द्वारा आयनों को अलग किया जाता है, आधुनिक और शुद्ध जल देता है।ये विधियाँ स्थायी कठोरता को 95% तक कम कर सकती हैंलेकिन लागत, जल राशि और उपयोग के आधार पर चुनी जाती हैं ।14. निम्नलिखित में से कौन-सा क्षार चूने के पानी में पाया जाता है? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)](a) पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड(b) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड(c) अमोनियम हाइड्रॉक्साइड(d) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइडCorrect Answer: (b) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइडSolution:कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड Ca(OH)2 एक अकार्बनिक यौगिक हैइसे 'शापित चूना' या बुझा चूना कहा जाता है। यह एक रंगहीन क्रिस्टल है तथा यह चूने के पानी में पाया जाता है।चूने का पानी क्या है?चूने का पानी कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)₂) का तनु विलयन हैजिसे शुद्ध पानी में चूना (कैल्शियम ऑक्साइड) घोलकर और अतिरिक्त अघुलनशील पदार्थ को छानकर तैयार किया जाता है।यह प्रकृति में क्षारीय होता है और इसका pH मान लगभग 9 से 11.5 के बीच रहता है।इसका उपयोग मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड गैस की उपस्थिति का परीक्षण करने के लिए किया जाता हैजहां CO₂ के साथ प्रतिक्रिया करके यह दूधिया हो जाता है।कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड की विशेषताएंकैल्शियम हाइड्रॉक्साइड सफेद रंग का पाउडर होता है जो पानी में थोड़ी मात्रा में घुलनशील है।इसका रासायनिक सूत्र Ca(OH)₂ है और यह मजबूत क्षार के रूप में कार्य करता हैजो अम्लों को बेअसर करने में सक्षम होता है। उदाहरण के लिएअम्लीय मिट्टी या जल को उदासीन करने के लिए इसका प्रयोग होता है।अन्य क्षारों से तुलनाचूने के पानी में सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH), पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH), मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Mg(OH)₂) या अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH) नहीं पाया जाता।सोडियम हाइड्रॉक्साइड: सोडा कास्टिक के नाम से जाना जाता है, खाद्य प्रसंस्करण में उपयोग।मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया में पाया जाता है, पेट की अम्लता कम करने के लिएपोटेशियम हाइड्रॉक्साइड: साबुन बनाने में प्रयुक्त।ये सभी अलग-अलग स्रोतों से आते हैं और चूने के पानी से भिन्न हैंउपयोग और महत्वचूने का पानी जल शुद्धिकरण, सफेदी करने वाले पेंट और निर्माण कार्यों में भी सहायक होता है।यह CO₂ अवशोषक के रूप में पर्यावरणीय परीक्षणों में महत्वपूर्ण हैक्योंकि Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O प्रतिक्रिया से अवक्षेप बनता है।इसकी कम घुलनशीलता इसे सुरक्षित बनाती है।15. 1894 में विलियम रामसे (William Ramsay) ने किस वैज्ञानिक के साथ मिलकर प्रमाणित किया कि हवा में भी एक तत्व उपस्थित होता है, जो उस समय तक अज्ञात था, जिसे आर्गन नाम दिया गया ? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (II-पाली)](a) हर्मन स्टॉडिंगर(b) ग्लेन सीबोर्ग(c) हेरोल्ड उरे(d) लॉर्ड रैलेCorrect Answer: (d) लॉर्ड रैलेSolution:1894 में विलियम रामसे (William Ramsay) ने वैज्ञानिक लॉर्ड रैले के साथ मिलकर यह प्रमाणित कियाहवा में भी एक तत्व उपस्थित होता हैजो उस समय तक अज्ञात था, जिसे आर्गन नाम दिया गया। आर्गन का परमाणु क्रमांक 18 हैआर्गन का रासायनिक प्रतीक (Ar) है।खोज की पृष्ठभूमिलॉर्ड रेले ने 1880 के दशक में नाइट्रोजन के घनत्व में विसंगति देखी।उन्होंने दो विधियों से हवा से ज्ञात गैसों (ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प) को अलग कियाजिससे लगभग 1% अवशेष बचा। रामसे, जो एक कुशल रसायनशास्त्री थेइस अवशेष का विश्लेषण किया और पाया कि यह एक मोनोएटॉमिक, रासायनिक रूप से निष्क्रिय गैस है।वैज्ञानिक विधि और प्रमाणरामसे और रेले ने हवा के नमूने से ऑक्सीजन, नाइट्रोजन आदि हटाए।अवशेष ने लाल सिरे पर विशिष्ट स्पेक्ट्रम लाइनें दिखाईं, जो नई थीं।उन्होंने इसे आर्गन ("सुस्त" ग्रीक शब्द से) नाम दियाक्योंकि यह अन्य तत्वों से प्रतिक्रिया नहीं करता।31 जनवरी 1895 को रॉयल सोसाइटी में घोषणा की गई।महत्वपूर्ण प्रभावयह खोज ने नोबेल गैसों के समूह की नींव रखी।रामसे ने बाद में हीलियम, नियॉन, क्रिप्टॉन, ज़ेनॉन खोजे।1904 में रामसे को रसायन विज्ञान में नोबेल मिलाजबकि रेले को 1904 में भौतिकी में। आर्गन वायुमंडल का 0.93% है और इसका परमाणु क्रमांक 18।16. परमाणु संख्या 35 वाले किस रासायनिक तत्व में तीक्ष्ण गंध (burning pungent odour) वाला गहरा लाल-भूरा तरल होता है? [MTS (T-I) 06 सितंबर, 2023 (I-पाली)](a) ऐस्टैटीन(b) क्लोरीन(c) ब्रोमीन(d) टेनिसीनCorrect Answer: (c) ब्रोमीनSolution:परमाणु संख्या 35 वाले रासायनिक तत्व में तीक्ष्ण गंध वाला गहरा लाल-भूरा तरल ब्रोमीन होता है।ब्रोमीन का रासायनिक नाम Br है। ब्रोमीन आवर्त सारणी के सप्तम समूह का मुख्य तत्व है।सामान्य ताप पर यह अधातु द्रव अवस्था में रहती है।भौतिक गुणब्रोमीन का沸点 58.8°C और गलनांक -7.2°C हैजिससे यह कमरे के तापमान पर तरल रहता है।इसका रंग गहरा लाल-भूरा (reddish-brown) होता हैगंध इतनी तीव्र होती है कि यह तुरंत आंखों और श्वसन तंत्र को जलन पैदा कर देती है।घनत्व लगभग 3.1 g/cm³ है, जो इसे पानी से भारी बनाता है।रासायनिक गुणब्रोमीन अत्यधिक अभिक्रियाशील है और धातुओं, अधातुओं तथा कार्बनिक यौगिकों से आसानी से प्रतिक्रिया करता है।यह मजबूत ऑक्सीकारक है, जो सोडियम जैसे सक्रिय धातुओं से ब्रोमाइड लवण बनाता है।जल में थोड़ा घुलनशील है, लेकिन कार्बन डाइसल्फाइड या कार्बन टेट्राक्लोराइड में अच्छी तरह घुल जाता है।खोज और इतिहासब्रोमीन की खोज 1826 में फ्रांसीसी रसायनशास्त्री एंटोनी जेरोम बालार्ड ने की थीजब उन्होंने मृत सागर के जल से नमक के अवशेषों का विश्लेषण किया।नाम ग्रीक शब्द 'ब्रोमोस' से आया, जिसका अर्थ 'गंध' है।यह समुद्री जल और कुछ खनिजों में प्रमुखता से पाया जाता है।उपयोग और महत्वब्रोमीन का उपयोग अग्निरोधी यौगिकों, कीटनाशकों, दवाओं, फोटोग्राफी रसायनों और जल शुद्धिकरण में होता है।हालांकि, इसकी विषैलता के कारण सावधानीपूर्वक हैंडलिंग जरूरी है।औद्योगिक उत्पादन में समुद्री जल से विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त किया जाता है।17. H₂SO₃ तत्व का प्रतिशत संघटन क्या है? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)](a) 33% H, 16% S, 51% O(b) 2.5% H, 39% S, 58.5% Ο(c) 2.5% H, 58.5% S, 39% Ο(d) 58.5% H, 39% S, 2.5% OCorrect Answer: (b) 2.5% H, 39% S, 58.5% ΟSolution:H2SO3 (सल्फ्यूरस अम्ल) एक अकार्बनिक यौगिक है। सल्फ्यूरस अम्ल को सल्फर डाइऑक्साइड विलयन या डाइहाइड्रोजन ट्राई सल्फेट के नाम से भी जाना जाता है। यह अम्ल वर्षा के लिए इंटरमीडिएट (Intermediate) भाग होता है। इसका प्रतिशत संघटन निम्न है- H = 2.5% S = 39% O = 58.5%प्रत्येक तत्व का प्रतिशतप्रतिशत संघटन का सूत्र है: (तत्व का द्रव्यमान / अणु द्रव्यमान) × 100।हाइड्रोजन (H): (2/82) × 100 = 2.44% (लगभग 2.5%)।सल्फर (S): (32/82) × 100 = 39.02% (लगभग 39%)।ऑक्सीजन (O): (48/82) × 100 = 58.54% (लगभग 58.5%)।ये मान यथार्थवादी हैं और प्रयोगिक विश्लेषण से मेल खाते हैं।गुण और उपयोगH₂SO₃ एक कमजोर अम्ल है जो SO₂ और H₂O से बनता है।यह जलीय घोल के रूप में स्थिर रहता हैसंरक्षक के रूप में भोजन उद्योग में प्रयुक्त होता है।इसके लवण (सल्फाइट्स) एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैंकिंतु उच्च मात्रा में एलर्जी पैदा कर सकते हैं।18. 1922 में अमेरिकी वैज्ञानिक लिनस पॉलिंग (Linus Pauling) द्वारा 'हैलोजन' खंड में किस तत्व को स्वैच्छिक रूप से 4.0 का मान दिया गया था? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (IV-पाली)](a) ब्रोमीन(b) फ्लोरीन(c) ऐस्टेटीन(d) आयोडीनCorrect Answer: (b) फ्लोरीनSolution:1922 में अमेरिकी वैज्ञानिक लिनस पॉलिंग (Linus Pauling) द्वारा 'हैलोजन' खंड में फ्लोरीन तत्व को स्वैच्छिक रूप से 4.0 का मान दिया गया था।फ्लोरीन अत्यंत क्रियाशील हैक्योंकि यह अक्रिय गैसों को छोड़कर अन्य सभी तत्वों के साथ प्रतिक्रिया करता है।इसका परमाणु क्रमांक 9 है।लिनस पॉलिंग (Linus Pauling) द्वारा फ्लोरीन को यह नाम उसकी विद्युत ऋणात्मकता के कारण दिया गया था।पॉलिंग पैमाने का आधारजो इसे रासायनिक बंधनों में इलेक्ट्रॉनों को मजबूती से खींचने में सक्षम बनाता है।अन्य हैलोजन जैसे क्लोरीन (3.16), ब्रोमीन (2.96) और आयोडीन (2.66) इसके सापेक्ष कम मान रखते हैं।यह पैमाना आयामहीन है और फ्रांसियम (0.7) से फ्लोरीन तक फैला हुआ है।फ्लोरीन की विशेषताएँफ्लोरीन समूह 17 (हैलोजन) का प्रथम तत्व हैपरमाणु संख्या 9। इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [He] 2s² 2p⁵ हैजो इसे एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने के लिए अत्यधिक प्रतिक्रियाशील बनाता है।पॉलिंग के पैमाने में 4.0 मान मनमाना था ताकि अन्य तत्वों के मानों की तुलना आसान हो।यह उच्च वैद्युत ऋणात्मकता फ्लोरीन को सबसे मजबूत ऑक्सीकारक बनाती हैजो हाइड्रोजन के साथ विस्फोटक प्रतिक्रिया करती है।19. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (III-पाली)]I. प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के लवण अम्लीय होते हैं, जिनका pH मान 7 से कम होता है।II. जब विद्युत धारा सोडियम क्लोराइड (जिसे लवण जल कहते हैं) के जलीय विलयन से होकर गुजरती है, तो यह अपघटित होकर सोडियम ऑक्साइड बनाता है।(a) I और II दोनों(b) केवल 1(c) न तो 1 और न ही II(d) केवल IICorrect Answer: (b) केवल 1Solution:प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के लवण अम्लीय होते हैं, जिनका pH मान 7 से कम होता है।अतः कथन I सही है। जब विद्युत धारा सोडियम क्लोराइड [जिसे लवण (salt) जल कहते हैं] के विलयन से होकर गुजरती हैतो वह अपघटित होकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस उत्पन्न करती है। अतः कथन II असत्य है।प्रश्न का प्रकारये प्रश्न मुख्यतः निम्न श्रेणियों में आते हैं:सीटिंग अरेंजमेंट: उदाहरण—आठ लोग गोल मेज पर बैठे हैं।कथन: (1) V, L से दो स्थान दूर है। (2) I, X के सामने बैठा है। केवल सही कथन चुनें।डेटा सफिशिएंसी: कथन I, II, III दिए जाते हैं; तय करें कि कौन सा/से पर्याप्त हैं (जैसे नाव की गति का प्रश्न)।फैमिली पजल या सिलोजिज्म: संबंधों या निष्कर्षों पर आधारित।हल करने की विधि (पूर्ण विस्तार से हिंदी में)सभी क्लू पढ़ें: पूर्ण पैसेज या डायग्राम को स्कैन करें। उदाहरण: "J और H सटे नहीं हैं, A बाहर की ओर मुंह करके बैठा है।"डायग्राम बनाएं: संभावित व्यवस्थाएं ड्रा करें (कोने vs मध्य स्थान)। गलत को क्रॉस करें।प्रत्येक कथन जांचें:सही: यदि clues से मैच करे।गलत: यदि विरोधाभास हो।विकल्प चुनें: (a) केवल 1, (b) 1 और 2 दोनों, (c) कोई नहीं, आदि।उदाहरण समाधान (IBPS RRB PO से प्रेरित): सात लोग आयताकार मेज पर। clues: D केंद्र में, L D के बाईं ओर।कथन 1: L, D के ठीक बाईं ओर—सही।कथन 2: I और V सटे नहीं—गलत (clues से सटे हैं)।उत्तर: केवल 1 सही।पूर्ण प्रश्न (कथन + विकल्प) प्रदान करें ताकि सटीक, लंबा विश्लेषण दिया जा सके।अन्यथा, यह सामान्य मार्गदर्शन ही रहता है।20. निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल नारियल के तेल में पाया जाता है? [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (II-पाली)](a) ऑक्सैलिक अम्ल(b) इरूसिक अम्ल(c) लॉरिक अम्ल(d) लैक्टिक अम्लCorrect Answer: (c) लॉरिक अम्लSolution:लॉरिक अम्ल नारियल के तेल में पाया जाता है। लॉरिक अम्ल का रासायनिक सूत्र C₁₂H₂₄O₂ है।लॉरिक एसिड और मिरिस्टिक एसिड संतृप्त वसा अम्ल हैं।लॉरिक अम्ल का अन्य नाम डोडेकेनोइक अम्ल है।यह सफेद रूप से ठोस होता है तथा पानी में कम घुलनशील होता है।प्रमुख अम्लनारियल तेल संतृप्त वसा अम्लों से समृद्ध होता हैजिनमें लॉरिक अम्ल की मात्रा सबसे अधिक (लगभग 44-51%) होती है।अन्य महत्वपूर्ण अम्लों में मिरिस्टिक अम्ल (13-18.5%), पामिटिक अम्ल (7.5-10.5%), कैप्रिलिक अम्ल, कैप्रिक अम्ल और ओलेइक अम्ल (5-8%) शामिल हैं।रासायनिक संरचनानारियल तेल में कुल वसा अम्लों का 70% हिस्सा लघु और मध्यम श्रृंखला के संतृप्त अम्लों से आता है।लॉरिक अम्ल (C12:0) इसकी पहचान है, जो जीवाणुरोधी गुण प्रदान करता है।यह तेल औद्योगिक और खाद्य उपयोगों में इसलिए लोकप्रिय है।उपयोग और लाभलॉरिक अम्ल बैक्टीरिया, वायरस और कवक-रोधी होता हैजो त्वचा और बालों की देखभाल में सहायक है।नारियल तेल खाना पकाने, साबुन निर्माण और सौंदर्य प्रसाधनों में प्रयुक्त होता है।हालांकि, अधिक सेवन से कोलेस्ट्रॉल प्रभावित हो सकता है।Submit Quiz« Previous123Next »