अनुसूचियां (भारतीय राजव्यवस्था)

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11. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची के अंतर्गत नहीं आता है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) मादक लिकर
Solution:
  • मादक लिकर (शराब) भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची (State List) का विषय है।
  • इसका अर्थ है कि इस पर कानून बनाने और नियंत्रण करने का अधिकार मुख्य रूप से राज्य सरकारों के पास है।
  • जबकि, बैंकिंग, डाक और तार, तथा राज्यों के लेखाओं की संपरीक्षा (Audit) संघ सूची के अंतर्गत आते हैं।
  • भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन करती है।
  • संघ सूची (प्रथम सूची) में वे विषय आते हैं जिन पर केवल संसद को कानून बनाने का अधिकार है, जैसे रक्षा, विदेशी मामले, रेलवे, बैंकिंग, मुद्रा, परमाणु ऊर्जा आदि।
  • मूल रूप से इसमें 97 प्रविष्टियाँ थीं, जो अब 100 हो गई हैं, और ये राष्ट्रीय महत्व के विषय हैं जिन पर एकसमान नीति पूरे देश में लागू होती है।​
  • संघ सूची के प्रमुख विषय
    • संघ सूची में शामिल मुख्य विषय निम्नलिखित हैं:
    • रक्षा सेना, नौसेना, वायुसेना और संपूर्ण सशस्त्र बल।
    • विदेशी मामले, कूटनीति, युद्ध और संधियाँ।
    • रेलवे, हवाई जहाज, राष्ट्रीय राजमार्ग और नौवहन।
    • बैंकिंग, बीमा, स्टॉक एक्सचेंज और विदेशी मुद्रा।
    • केंद्र सरकार के कर जैसे आयकर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क।​
    • ये विषय अनुच्छेद 246(1) के तहत संसद के विशेष क्षेत्राधिकार में हैं, और राज्य विधानमंडल इन पर कोई कानून नहीं बना सकते।
    • यदि कोई विवाद हो तो संघ सूची प्राथमिकता पाती है।​
  • प्रश्न का संदर्भ और सामान्य गलत विकल्प
    • प्रश्न में "निम्नलिखित में से कौन-सा" कहा गया है, लेकिन विकल्प नहीं दिए गए हैं, इसलिए सामान्यतः ऐसे प्रश्नों में कृषि, भूमि, वन, मत्स्य पालन या लोक स्वास्थ्य जैसे विषय संघ सूची के अंतर्गत नहीं आते।
    • उदाहरणस्वरूप, बैंकिंग संघ सूची में है (प्रविष्टि 45), लेकिन कृषि राज्य सूची में (प्रविष्टि 14)। इसी प्रकार, खानों और तेल क्षेत्रों में श्रम विनियमन राज्य सूची में आता है
    • संघ सूची में। राज्य सूची (द्वितीय सूची) में 66 प्रविष्टियाँ हैं, जिनमें स्थानीय महत्व के विषय जैसे पुलिस, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई आदि शामिल हैं।​
  • सातवीं अनुसूची का महत्व
    • सातवीं अनुसूची भारतीय संघीय ढांचे का आधार है, जो केंद्र को मजबूत बनाते हुए राज्यों को स्वायत्तता देती है।
    • समवर्ती सूची (तृतीय सूची) में 52 विषय हैं, जहाँ दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन संघ कानून प्रबल होता है। संविधान संशोधन द्वारा इन सूचियों में परिवर्तन हो सकता है
    • जैसे शिक्षा को समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया। यह व्यवस्था सहकारी संघवाद को बढ़ावा देती है। कुल मिलाकर, संघ सूची राष्ट्रीय एकता सुनिश्चित करती है, जबकि राज्य सूची स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करती है।​

12. निम्नलिखित में से कौन भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची की संघ सूची के अंतर्गत आता है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) बांटों और मापों के मानक नियत करना
Solution:
  • बांटों और मापों के मानक नियत करना संघ सूची (सूची I) का विषय है ताकि पूरे देश में मापन की एकरूपता सुनिश्चित की जा सके।
  • अन्य विकल्प (अस्पताल और औषधालय, लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, लोक व्यवस्था) राज्य सूची (सूची II) के अंतर्गत आते हैं।
  •  भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची सूची के संदर्भ में संघ और राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन से संबंधित है।
  •  भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची संघ और राज्यों के बीच शक्तियों और कार्यों के आवंटन को परिभाषित और निर्दिष्ट करती है।
  •  इसमें तीन सूचियाँ हैं:
    • संघ सूची,
    •  राज्य सूची
    • समवर्ती सूची
    • भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची - संघ सूची में 97 विषय थे। अब, इसमें 100 विषय हैं।
    • 88वें संशोधन ने संघ सूची में एक नया विषय जोड़ा जिसे 'सेवाओं पर कर' कहा जाता है।
    • राज्य सूची में 61 विषय हैं। इससे पहले इसमें 66 विषय थे।
    • 1991 के 69वें संविधान संशोधन अधिनियम ने राष्ट्रीय राजधानी के संबंध में विशेष प्रावधान किए।
    • दिल्ली सरकार द्वारा राज्य सूची के तहत तीन विषयों - लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि पर कानून नहीं बनाया जा सकता है।
    • समवर्ती सूची में इसके अंतर्गत 52 विषय शामिल हैं।
  • संघ सूची के प्रमुख विषय
    • संघ सूची में रक्षा, परमाणु ऊर्जा, विदेशी मामले, रेलवे, नागरिक उड्डयन, बैंकिंग, मुद्रा, विदेशी व्यापार, संचार, डाक, बंदरगाह, प्रकाशन, पुरातत्व और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण, चुनाव, न्यायपालिका, संवैधानिक निकाय, खाद्य सामग्री मानक, बाट और माप के मानक आदि शामिल हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, बाट और माप के मानकों की स्थापना स्पष्ट रूप से संघ सूची के अंतर्गत आती है।​
  • विशेषताएं
    • अनुच्छेद 246(1) के तहत संसद को संघ सूची पर विशेष अधिकार प्राप्त है।
    • ये विषय राष्ट्रीय एकरूपता सुनिश्चित करते हैं, जैसे कराधान (संघीय कर) और अंतर्राष्ट्रीय संधियां।​
    • संशोधनों द्वारा विषयों में परिवर्तन हुआ, जैसे 88वें संशोधन से 'सेवाओं पर कर' जोड़ा गया।​

13. भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) दांव और द्यूत
Solution:
  • दांव और द्यूत (सट्टा और जुआ) राज्य सूची (सूची II) का विषय है, जिससे राज्य सरकारों को इस पर कानून बनाने और कर लगाने की शक्ति मिलती है।
  • डाकघर बचत बैंक, रेलवे, और अंतरराज्यीय व्यापार और वाणिज्य संघ सूची के विषय हैं।
  • सातवीं अनुसूची की संरचना
    • संविधान की सातवीं अनुसूची त्रिपदी सूचियाँ बताती है: संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची. इनमें कौन सा पक्ष केंद्र सरकार के अधीन है,
    • राज्य सरकार के अधीन है, और किस विषय पर संयुक्त रूप से दोनों कानून बना सकते हैं, यह निर्दिष्ट किया गया है.​
    • संघ सूची में विषय होते हैं जिन पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती है, जैसे रक्षा, विदेश संबंध, परमाणु ऊर्जा आदि.​
    • राज्य सूची में विषय होते हैं जिन पर केवल राज्य सरकार कानून बना सकती है, जैसे पुलिस, कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्थानीय स्वायत्तता आदि.​
    • समवर्ती सूची में ऐसे विषय आते हैं जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परन्तु यदि संघर्ष हो, तो केंद्र कानून प्रबल होता है.​
  • राज्य सूची के प्रमुख विषय
    • कृषि
    • पुलिस
    • सार्वजनिक स्वास्थ्य
    • शिक्षा (समवर्ती सूची में भी उल्लेख हो सकता है, पर कुछ मामलों में राज्य सूची में भी प्रमुखता)
    • स्थानीय प्रशासन और स्थानीय शासन से जुड़े विषय
    • जल संसाधन और जल विनियमन के कुछ पहलू
    • खाद्य सुरक्षा और कृषि-आधारित से जुड़े विषय
    • अन्य सामान्य प्रशासनिक विषय
  • राज्य सूची का महत्व
    • यह स्पष्ट करता है कि किस स्तर की सरकार को किन प्रावधानों के अनुसार कानून बनाना चाहिए, ताकि केंद्र-राज्य के बीच शक्तियों का वितरण स्पष्ट रहे.​
    • 1953-1954 के समय के बाद के संशोधनों से सूचियाँ और विषय दायरे में परिवर्तन होते रहे, पर원 प्रमुख ढांचा स्थिर रहा है.​

14. केंद्रीय आसूचना और अन्वेषण ब्यूरो भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की किस सूची के अंतर्गत आता है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) संघ सूची
Solution:
  • केंद्रीय आसूचना और अन्वेषण ब्यूरो (जैसे CBI) संघ सूची (सूची I) के अंतर्गत आता है, क्योंकि इसका कार्यक्षेत्र राष्ट्रीय स्तर का होता है
  • यह केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित होता है, जो देश की रक्षा और सुरक्षा से संबंधित है।
  • भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची संघ और राज्यों के बीच शक्तियों और कार्यों के आवंटन के बारे में है।
  •  इसमें तीन सूचियाँ हैं:
    • संघ सूची
    • राज्य सूची
    • समवर्ती सूची।
    • संघ सूची वह सूची है जहाँ संघ के पास कुछ विषयों से निपटने के लिए विशेष शक्तियाँ हैं।
    • केंद्रीय खुफिया और जांच ब्यूरो, संघ सूची के विषयों में से एक है।
    • इसका अर्थ यह है कि CBI पर केंद्र सरकार का विशेष अधिकार क्षेत्र है, जो राष्ट्रीय खुफिया और जांच के लिए एक प्रमुख एजेंसी है।
      Other Information
  • राज्य सूची:
    • इस सूची में ऐसे विषय शामिल हैं जिन पर केवल राज्य सरकार ही कानून बना सकती है।
    • इस सूची के अंतर्गत आने वाले विषय क्षेत्रीय और स्थानीय महत्व के मामलों से संबंधित हैं।
    • उदाहरणों में पुलिस, कृषि और सार्वजनिक स्वास्थ्य आदि शामिल हैं।
  • समवर्ती सूची:
    •  इस सूची में ऐसे विषय शामिल हैं जिन पर केंद्र और राज्य सरकारें दोनों कानून बनाने के लिए सक्षम हैं।
    •  हालांकि एक ही विषय पर संघ और राज्य के कानून के बीच टकराव की स्थिति में, संघ कानून प्रबल होता है।
    •  इस सूची में विषयों के उदाहरणों में दिवालियापन और साख-अक्षमता, विवाह और तलाक, दिवालियापन और साख-अक्षमता और शिक्षा शामिल हैं।
  •  स्थानान्तरित सूची:
    • यह विकल्प सातवीं अनुसूची का हिस्सा नहीं है।
    • यह उन विषयों का संदर्भ हो सकता है जिन्हें संवैधानिक संशोधनों द्वारा राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था
    • लेकिन यह भारतीय संविधान में प्रयुक्त आधिकारिक शब्द नहीं है।

15. राज्य लोक सेवाएं तथा राज्य लोक सेवा आयोग भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की किस सूची के अंतर्गत आता है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) राज्य सूची
Solution:
  • राज्य लोक सेवाएं (State Public Services) तथा राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commissions - SPSC) राज्य सूची (सूची II) के अंतर्गत आते हैं।
  • ये राज्य प्रशासन और भर्ती से संबंधित होते हैं, जिन पर कानून बनाने की शक्ति राज्य सरकार के पास होती है।
  • सातवीं अनुसूची का अवलोकन
    • भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची अनुच्छेद 246 के तहत संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन करती है।
    • इसमें तीन सूचियां हैं: संघ सूची (प्रथम सूची, 100 विषय), राज्य सूची (द्वितीय सूची, मूल रूप से 66 अब लगभग 59-61 विषय) तथा समवर्ती सूची (तृतीय सूची, 52 विषय)।
    • राज्य सूची में राज्य विधानमंडलों को विशेष विधायी अधिकार प्राप्त हैं, जब तक आपातकाल न हो।​
  • राज्य सूची में प्रासंगिक प्रविष्टियां
    • राज्य लोक सेवाएं राज्य सूची की प्रविष्टि 41 के अंतर्गत आती हैं, जो राज्य सिविल सेवाओं की भर्ती, नियंत्रण और प्रबंधन को कवर करती है।
    • राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) इसी से जुड़ा है, जो अनुच्छेद 315-323 के तहत संवैधानिक निकाय है और राज्य सेवाओं की परीक्षाएं आयोजित करता है।
    • ये विषय राज्य हितों से जुड़े हैं, जैसे पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय प्रशासन।​
  • संवैधानिक संरचना और कार्य
    • SPSC की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा होती है, और यह स्वतंत्र रहता है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) संघ सूची से जुड़ा है
    • जबकि राज्य स्तर पर SPSC राज्य सूची के दायरे में कार्य करता है। संशोधनों से राज्य सूची में विषयों की संख्या घटी है, लेकिन लोक सेवाएं अपरिवर्तित हैं।​

16. भारतीय संविधान के भाग VII को लोप किया गया है। यह निम्नलिखित में से किससे संबंधित है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) पहली अनुसूची के भाग 'ख' में आने वाले राज्य
Solution:
  • भारतीय संविधान के भाग VII को 7वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
  • यह भाग मूल रूप से पहली अनुसूची के भाग 'ख' में आने वाले राज्यों (रियासतों के संघ) से संबंधित था, जिन्हें 1956 के राज्य पुनर्गठन के बाद समाप्त कर दिया गया था।
  • भारतीय संविधान के 22 भागों में से जो मूल रूप से इसके गठन के दौरान अस्तित्व में थे, केवल एक भाग जिसे हटा दिया गया है, वह भाग VI। है।
  • यह भाग-B भारतीय संघ में राज्यों से संबंधित था।
  • स्वतंत्रता के समय और संविधान के निर्माण के दौरान भारत में तीन प्रकार के राज्य A, B और C शामिल थे।
  • भाग B के राज्य पूर्व रियासतें या रियासतों के समूह थे।
  • भाग B के राज्य हैदराबाद, जम्मू और कश्मीर, मध्य भारत, मैसूर, पटियाला, पूर्वी पंजाब राज्य संघ (पेप्सू), राजस्थान, सौराष्ट्र और त्रावणकोर-कोचीन थे।
  • जब राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के माध्यम से सभी राज्यों को भाषाई आधार पर पुनर्गठित किया गया, तो संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम भी पारित किया गया
    था।
  • यह पूरी तरह से भारतीय मानचित्र के स्थायी परिवर्तन का कारण बना और वर्तमान के बहुत करीब था। अतः भाग B राज्यों को पूरी तरह से हटा दिया गया है।
  • भाग A, B और C राज्यों की योजना को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया था और अब केवल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का वर्गीकरण किया गया है।
  • अतः सातवें संशोधन ने भाग VII को हटा दिया, जो भाग B राज्यों से संबंधित था, अब हटा दिया गया है।
  • पृष्ठभूमि और क्यों हटाया गया
  • 1956 के राज्य पुनर्गठन के समय भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के साथ-साथ भाग B राज्यों की संरचना समाप्त की गई
  • इस संशोधन से राज्यों के वर्गीकरण की मौजूदा व्यवस्था में परिवर्तन किया गया ताकि अब केवल राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेशों का दायरा रहे।
  • इसलिए भाग VII को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।​
  • भाग VII के बारे में संक्षेप
  • भाग VII मूलतः केंद्र-राज्यों के गठन और उनके प्रशासनिक विभाजन से जुड़ा था, परन्तु 1956 के संशोधनों से यह भाग हट गया और अब कांग्रेसित मानचित्र में वह भाग अस्तित्व में नहीं है।​
  • अन्य संबंधित स्रोत (जो पढ़ने में उपयोगी हैं)
  • संविधान की प्रमुख विशेषताएं और संघीय संरचना पर सामान्य पृष्ठभूमि समझने के लिये लोकप्रिय पाठ्य सामग्री भी देखी जा सकती है, जैसे BYJU'S और Drishti IAS की हिंदी समरी ।​

17. निम्नलिखित में से क्या भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित उपबंध
Solution:
  • पांचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) राज्यों को छोड़कर, भारत के अन्य राज्यों में अनुसूचित क्षेत्रों (Scheduled Areas) और अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) के प्रशासन और नियंत्रण से संबंधित उपबंधों का उल्लेख करती है।
  • भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण से संबंधित है।
  • यह अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और उन्नति सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों में एक जनजाति सलाहकार परिषद की स्थापना का प्रावधान करता है।
  • यह अनुसूची राज्य के राज्यपाल को जनजाति सलाहकार परिषद से परामर्श करने के बाद अनुसूचित क्षेत्रों की शांति और सुशासन के लिए नियम बनाने का अधिकार देती है
  • अनुसूचित क्षेत्र सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के रूप में पहचाने जाते हैं, जहाँ मुख्य रूप से अनुसूचित जनजातियाँ निवास करती हैं, और उनके विकास के लिए
    विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
  • भारत के राष्ट्रपति के पास क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने और आवश्यकतानुसार उनकी सीमाओं को संशोधित करने का अधिकार है।
    other information
  • अनुसूचित क्षेत्र:
    • अनुसूचित क्षेत्रों को संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत नामित किया गया है और इसमें मुख्य रूप से महत्वपूर्ण जनजातीय आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं।
    • ये क्षेत्र आंध्र प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में स्थित हैं।
    • अनुसूचित क्षेत्रों को घोषित करने का उद्देश्य जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए विशेष शासन और विकास उपाय प्रदान करना है।
  •  जनजाति सलाहकार परिषदः
    • इसका गठन राज्यपाल को अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और विकास से संबंधित मामलों पर सलाह देने के लिए पांचवीं अनुसूची के तहत किया गया है।
    • परिषद में जनजातीय समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य शामिल होते हैं, जिनमें राज्य विधानमंडल के निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
    • यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन जनजातीय आबादी की जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप हो।
  • राज्यपाल की शक्तियाँ:
    • राज्यपाल के पास शांति और शासन सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित क्षेत्रों से संबंधित नियम बनाने के लिए पांचवीं अनुसूची के तहत विशेष शक्तियां हैं।
    • इन नियमों में अनुसूचित जनजातियों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण को प्रतिबंधित करना और धन उधार देने वाली गतिविधियों को विनियमित करना शामिल हो सकता है।
    • हालांकि, ऐसे नियमों के लिए जनजाति सलाहकार परिषद के साथ पूर्व परामर्श की आवश्यकता होती है।
  • संवैधानिक प्रावधान:
    • सविधान के अनुच्छेद 244(1) और 244(2) अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए प्रावधान करते हैं।
    • पांचवीं अनुसूची छठी अनुसूची के अलावा अन्य क्षेत्रों पर लागू होती है, जो पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशिष्ट है।
  • अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा:
    •  भारत के राष्ट्रपति जनजातीय जनसंख्या घनत्व, सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन और भौगोलिक अलगाव के आधार पर क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करते हैं।
    •  संबंधित राज्य सरकारों के साथ परामर्श के बाद राष्ट्रपति द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों की सीमाओं में भी बदलाव किए जा सकते हैं।
  •  विशेष कानून:
    • अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं, जैसे कि अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता)
    • अधिनियम, 20061 इन कानूनों का उद्देश्य जनजातीय भूमि, संसाधनों और पारंपरिक प्रथाओं को शोषण से बचाना है।
  • ऐतिहासिक संदर्भ:
    • अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातियों की अवधारणा को जनजातीय समुदायों द्वारा सामना किए गए ऐतिहासिक अन्याय और हाशिएकरण को संबोधित करने के लिए पेश किया गया था।
    •  यह उनकी अनूठी पहचान और अधिकारों को संरक्षित करते हुए जनजातीय आबादी को मुख्यधारा में एकीकृत करने का एक संवैधानिक प्रयास है।

18. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची का राज्य सूची के अंतर्गत नहीं आता है? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) खानों और तेल क्षेत्रों में श्रम और सुरक्षा का विनियमन
Solution:
  • खानों और तेल क्षेत्रों में श्रम और सुरक्षा का विनियमन सातवीं अनुसूची की संघ सूची (Union List) के अंतर्गत आता है
  • क्योंकि यह राष्ट्रीय महत्व का विषय है। अन्य विकल्प (शव गाड़ना, तीर्थयात्राएं, निःशक्त व्यक्तियों की सहायता) राज्य सूची के अंतर्गत आते हैं।
  • बैंकिंग: संघ सूची में आता है, इसलिए राज्य सूची का भाग नहीं है.​
  • भूमि: राज्य सूची में आता है, अतः 7वीं अनुसूची के राज्य सूची के अंतर्गत आता है.​
  • वन: राज्य सूची में आता है, अतः 7वीं अनुसूची के राज्य सूची के अंतर्गत आता है.​
  • कृषि: राज्य सूची में आता है, अतः 7वीं अनुसूची के राज्य सूची के अंतर्गत आता है.​
  • विस्तार–समझाने योग्य भाग
  • सातवीं अनुसूची क्या है:
    • यह संविधान का वह भाग है जो संघ, राज्य तथा समवर्ती सूचियाँ बताती है और यह निर्धारित करती हैं कि किन विषयों पर कौन कानून बना सकता है.​
  • संघ सूची क्या है:
    • इसमें रक्षा, विदेश मामले, परमाणु ऊर्जा आदि ऐसे विषय आते हैं जिन्हें सिर्फ संघ सरकार कानून बना सकती है.​
  • राज्य सूची क्या है:
    • पुलिस, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि आदि जैसे विषय जिनमें राज्यों की विधायिका चलती है.​
  • समवर्ती सूची:
    • इन सूचियों के कुछ विषयों पर दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं, लेकिन यदि संघर्ष हो तो संघ कानून प्रभावी होता है.​
  • नोट्स/स्पष्टीकरण
    • अगर विकल्पों में पूछा गया हो कि “केवल कौन से विषय राज्य सूची के अंतर्गत आते हैं” या “कौन सा विषय संघ सूची के अंतर्गत होता है
    • वर्तमान प्रश्न में दी गई विषयों में बैंकिंग संघ सूची में आता है, जबकि भूमि, वन और कृषि राज्य सूची में आते हैं, इसलिए बैंकिंग ही राज्य सूची के अंतर्गत नहीं आता था।
    • 7वीं अनुसूची से विषय-विभाजन का यह सार आपके लिए परीक्षा-तैयारी में उपयोगी है, खासकर IAS/PCS जैसी परीक्षाओं के हल प्रश्नों में।

19. भारतीय संविधान के इकहत्तरवें संशोधन में कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषाओं को ....... अनुसूची में शामिल किया गया है। [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) आठवीं
Solution:
  • 71वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था
  • जिससे इस अनुसूची में भाषाओं की संख्या 18 हो गई थी
  • संशोधन संख्या और वर्ष: इकहत्तरवां संशोधन, 1992
  • शामिल भाषाएँ: कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली
  • अनुसूची: आठवीं अनुसूची (Goal: भारत की 22 मान्य भाषाओं की आधिकारिक सूची)
  • प्रभाव: इन भाषाओं को आधिकारिक मान्यता मिलना, शिक्षा, प्रशासन, सरकारी संचार आदि में उनकी स्थिति मजबूत होना
  • विस्तृत विवरण
    • उद्देश्य और पृष्ठभूमि: आठवीं अनुसूची में भाषाओं को शामिल करने का उद्देश्य भाषायी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान, शिक्षा और सरकारी सेवाओं तक पहुँच में समरूपता सुनिश्चित करना था, विशेषकर गोवा (कोंकणी-आधारित समुदाय), मणिपुर और सिक्किम जैसे क्षेत्रीय क्षेत्रों के लिए भाषाई संसाधन संरचना को सशक्त बनाना [आधिकारिक संहिता/भाषा पंक्ति संदर्भ]।
    • शामिल भाषाओं की सूची में वृद्धि: 71वां संशोधन लागू होने से सात-आठवीं सूची में शामिल भाषाओं की संख्या बढ़ी और कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली इस सूची के भाग बने; इससे 22 भाषाओं की पूर्व-स्थापित संख्या में वृद्धि हुई [आठवीं अनुसूची की संरचना और 71वां संशोधन से संबद्ध विवरण]।
    • प्रशासनिक/शैक्षिक प्रभाव: आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं के लिए सरकारी लेखन, शिक्षा-क्रम, प्रमाणपत्र/दस्तावेज़ों में मानकीकरण तथा स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में उन भाषाओं के उपयोग के अवसर बढ़े; यह बदलाव भाषायी समुदायों के अधिकारों और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों से जुड़ा है [आधिकारिक घोषणाओं/तालेख]।
    • अनुसूची-संबंधी संकल्पना
    • पहली से सातवीं अनुसूचियाँ भाषागत/प्रशासनिक धाराओं के विभिन्न संदर्भ हेतु; आठवीं अनुसूची खास तौर पर भाषाओं की आधिकारिक मान्यता के लिए है जिससे शिक्षा, राजभाषा की भूमिका, जनसंख्या के साथ संवाद, और सरकारी संचार में उनके प्रयोग को legality मिलता है [संविधान ग्रंथ/व्याख्यात्मक स्रोत]।
    • 71वां संशोधन के बाद मैथिली 2003 के 92वें संशोधन के साथ आठवीं अनुसूची में जोड़ी गई अन्य भाषाओं के साथ यह सूची और विस्तृत हुई; इस क्रम में नेपाली, कोंकणी, मणिपुरी जैसी भाषाओं के अलावा अन्य भाषाओं की क्रमिक वृद्धि भी देखी गई है [92वां संशोधन/भाषा-विकास स्रोत]।
    • आठवीं अनुसूची में सम्मिलित होने से भाषाओं के लिए सरकारी पाठ्यपुस्तकों, प्रशासनिक दस्तावेज़, और स्थानीय सरकारी संस्थानों में संचार के माध्यमों में उनका संरक्षण और बढ़ावा संभव हुआ; यह भाषागत विविधता के साथ भारत की समावेशी भाषाई नीति का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है [आधिकारिक निर्देश/नीति दस्तावेज]।