अपवाह तंत्र (भारत का भूगोल) (भाग-II)

Total Questions: 38

21. निम्नलिखित में से 'नदी-सहायक' नदी का कौन-सा युग्म सही है? [CHSL (T-I) 15 मार्च, 2023 (II-पाली)]

I. तापी - मंजरा

II. कृष्णा - घाटप्रभा

Correct Answer: (a) केवल II
Solution:
  • मंजरा नदी गोदावरी नदी की सहायक नदी है।
  • मंजरा की प्रमुख सहायक नदियां मन्याद, तेरु, लेंडी, तेरना, तवारजा और घरनी आदि हैं।
  • कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदियां घाटप्रभा, मालप्रभा, भीमा, तुंगभद्रा और मूसी हैं।
  • नदी-सहायक (tributary) की परिभाषा और संदर्भ
    • नदी-सहायक वह नदी होती है जो किसी मुख्य नदी में मिलकर उसके जलग्रहण क्षेत्र को विस्तृत करती है
    • उसे प्राप्त जल537 देता है। उदाहरण के तौर पर कृष्णा नदी की दाहिनी ओर घाटप्रभा एक प्रमुख सहायक नदी मानी जाती है.​
    • गोदावरी नदी की सहायक नदी के रूप में मंजीरा, भीमा आदि प्रमुख उदाहरण हैं, परंतु पंक्ति I में बताई गई जोड़ी तापी–मांजरा है
    • वह गोदावरी basin से जुड़ी एक परस्पर संबंधित जानकारी से सामान्यतः भिन्न मानी जाती है; इस कारण यह युग्म गलत माना गया है.​
    • कृष्णा नदी के दाहिने किनारे की सहायक नदियाँ जैसे घाटप्रभा, कोयना आदि basin में अहम योगदान देती हैं
    • इस वजह से II कथन सही निकलता है.​
  • विस्तृत विश्लेषण (I और II के तुलनात्मक विवरण)
    • I: तापी–मांजरा युग्म पारंपरिक रूप से एक अन्य नदी तंत्र से जुड़ा जैसा दिखता है
    • गोदावरी नदी के क्षेत्र के भीतर मांजरा मुख्यतः गोदावरी की सहायक के रूप में दर्ज होती है
    • जिससे तापी–मांजरा युग्म गलत निकलता है। इससे कथन I असत्य है.​
    • II: घाटप्रभा पश्चिमी घाट से निकलती है और कृष्णा नदी की प्रमुख दाहिनी किनारे सहायक के रूप में दर्ज है
    • यह कृष्णा बेसिन के जलग्रहण को विस्तार देता है
    • कृष्णा में मिलती है, इसलिए II सही है.​
  • महत्वपूर्ण बिंदु
    • नदी-सहायक नदी की पहचान करते समय किनारे (बायें/दायें) और बेसिन-निर्भरता को ध्यान में रखना जरूरी है
    • कृष्णा-घाटप्रभा जैसे युग्म अक्सर प्रश्नों में केंद्रीय रूप से पूछे जाते हैं.​
    • गोदावरी और कृष्णा जैसी प्रणालियाँ भारतीय नदी-तंत्र की प्रमुख उन्नत कुंजियाँ हैं
    • जिनमें सहायक नदियों की भूमिका जलविभाजन और सिंचाई नेटवर्क के लिए निर्णायक होती है.​

22. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी केरल राज्य में नहीं बहती है? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) पेन्नार
Solution:
  • पेन्ना नदी, जिसे पेन्नार भी कहते हैं, भारत के कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों में बहने वाली एक नदी है।
  • यह कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी पहाड़ियों से उत्पन्न होती है
  • कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों से बहकर बंगाल की खाड़ी में विलय हो जाती है।
  • केरल की नदी बहाव दिशा का संक्षेप
    • पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ: पेरियार, पम्पा (पम्बा), भरतपुझा आदि प्रमुख नदियाँ इन परंपरागत रूप से अरब सागर में गिरती हैं।
    • पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ: भवानी, पंबर (पाम्बा) और कबिनी (काबिनी) नदीयों को आम तौर पर केरल की पूर्व दिशा से बहने वाली नदियाँ माना जाता है
    • ये नदियाँ सह्याद्री से निकलकर पूर्व की ओर प्रवाहित होकर तमिलनाडु के भागों में बहतीं और अन्ततः बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
  • महत्वपूर्ण बिंदु और स्पष्टता
    • पेरियार नदी केरल की सबसे लंबी नदी मानी जाती है और यह पश्चिम की ओर बहती है (अरब सागर में गिरती है).​
    • पम्बा या पाम्बा नदी केरल में पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है
    • अरब सागर में गिरती है, जबकि कुछ स्रोत पाम्बा को पूर्व की ओर बहने वाली सूची से भी जोड़ते हैं
    • मुख्यधारा के पाठ्यक्रम में यह पश्चिमी घुमाव के साथ ही दर्ज है.​
    • भवानी नदी केरल में पूर्व की ओर बहती है और कपिला के नाम से भी जानी जाती है
    • यह पूर्व की ओर बहने वाली प्रमुख नदी मानी जाती है.​
    • कबिनी (काबिनी) नदी भी पूर्व दिशा में बहने वाली नदियों में आती है
    • केरल के कुछ पाठों में इसे पूर्व की ओर बहती सूची में रखा गया है.​
  • उच्च-स्तरीय निष्कर्ष
    • केरल में बहती प्रमुख नदियाँ: पेरियार, पम्बा (पाम्बा), भरतपुझा आदि पश्चिमी संरचनाओं के साथ अरब सागर में गिरती हैं.​
    • केरल की पूर्व दिशा में बहने वाली तीन प्रमुख नदियाँ: भवानी (कKabिनी) और पمبر (पाम्बा)—इनमें भवानी स्पष्ट पूर्व-पूर्व दिशा की नदी है
    • जबकि पाम्बा को पाठ्यक्रम में द्वितीयक आकलन में पूर्व की ओर बहने वाली सूची में भी दिखाया गया है.​

23. कौन-सी नदी तुमकुर जिले में देवरायणदुर्ग पहाड़ी (Devarayanadurga hill) के दक्षिणी भाग से निकलती है और कावेरी में मिलने से पहले लगभग 221 किमी. तक बहती है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) शिमशा नदी
Solution:
  • शिमशा नदी कर्नाटक के तुमकुर जिले में देवरायणदुर्ग पहाड़ी के दक्षिणी भाग से निकलती है।
  • यह कावेरी नदी की एक सहायक नदी है और कावेरी में मिलने से पहले लगभग 221 किमी. तक बहती है।
  • नीचे मुख्य बिंदु दिए जा रहे हैं, ताकि स्पष्ट समझ बने:
    • उद्गम स्थान: कावेरी नदी का पारंपरिक उद्गम ब्रह्मगिरी पहाड़ियों (ब्रहमगिरी) से माना जाता है
    • जो कुर्ग/कोडागु क्षेत्र में स्थित है। यह ब्रह्मगिरी श्रृंखला पश्चिमी घाट की एक प्रमुख पहाड़ी प्रणाली है.
    • संदर्भ संकेत: कावेरी को दक्षिण-भारत की गंगा कहा जाता है और इसका उद्गम ब्रह्मगिरी से माना गया है.​​
    • बहाव मार्ग: ब्रह्मगिरी से निकलकर कर्नाटक-तमिलनाडु के क्षेत्र से होकर दक्षिण-पूर्व दिशा में बहती है और बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है.​
    • यह नदी बहते हुए कई सहायक नदियों से मिलती है, जिनमें भवानी और अमरावती आदि प्रमुख हैं.​
    • दूरी सवाल के प्रति उत्तर: यदि आप विशेष रूप से Devarayanadurga के दक्षिणी भाग से निकलकर 221 किमी तक बहने की बात कर रहे हैं
    • तो यह गणना उस दूरी के सामान्य मार्ग से थोड़ा भिन्न हो सकती है
    • क्योंकि Devarayanadurga एक अलग भू-भाग (देवरयानदुर्गा, बेगलुरो-आसपास) है
    • कावेरी का उद्गम स्थान उससे अलग स्थान पर स्थित है। आधिकारिक भूगोल के अनुसार उद्गम ब्रह्मगिरी से है
    • कुल दूरी देश के भीतर 700–765 किमी के आसपास मानी जाती है
    • बंगाल की खाड़ी में मिलने तक, अलग-लग स्रोतों के अनुसार थोड़ा-बहुत फर्क आ सकता है.​
    • विस्तृत जानकारी का सुझाव: अगर लक्ष्य 221 किमी की विशिष्ट दूरी के साथ एकजुट तथ्य चाहिए, तो संभव है
    • यह किसी विशिष्ट कैल्क्यूलेशन या स्थानीय मानचित्र पर आधारित हो, या Devarayanadurga से निकली एक छोटी उप-धारा/उपनदी की चर्चा हो सकती है
    • जो मैंने मानक स्रोतों में नहीं देखी।
    • ऐसी स्थिति में एक सटीक उत्तर पाने के लिए एक विश्वसनीय स्रोत-स्त्रोत (आधिकारिक नदियाँ/भूगोल स्रोत) से दूरी-निर्धारण मिलान जरूरी है।
  • यदि चाहें, तो आगे कैसे बढ़ना उचित होगा:
    • मैं आपकी अनुमति से विश्वसनीय भूगोल स्रोतों से विशेष रूप से Devarayanadurga क्षेत्र से कावेरी के उद्गम और उसके बाद 221 किमी तक बहने की दूरी के साथ सत्यापित विवरण ढूंढ सकता/सकती हूँ
    • उसी के साथ उपयुक्त उद्धरण दे सकता/सकती हूँ।
    • या आप चाहें तो मैं सामान्य भूगोल के अनुसार कावेरी के उद्गम, मार्ग, प्रमुख सहायक नदियाँ
    • अंततः बंगाल की खाड़ी में मिलने की जगह को एक साफ-सारणी में दे दूँ।
  • उद्धरणों के साथ संक्षेप:
    • कावेरी का उद्गम ब्रह्मगिरी से माना गया है.​
    • ब्रह्मगिरी से दक्षिण-पूर्व में बहते हुए बंगाल की खाड़ी में समापन.​
    • Devarayanadurga क्षेत्र के बारे में सामान्य जानकारी विकिपीडिया/स्थानीय स्रोतों में मिलती है
    • उद्गम-सारिणी से दूरी 221 किमी का स्पष्ट लिंक अलग-अलग स्रोतों पर भिन्न हो सकता है.

24. निम्नलिखित में से कौन कावेरी नदी की सहायक नदी नहीं है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) मूसी
Solution:
  • मूसी नदी, कावेरी नदी की सहायक नदी नहीं है। यह कृष्णा नदी की एक सहायक नदी है, जो दक्षिण भारत की एक अन्य प्रमुख नदी है।
  • मुख्य बात
    • कावेरी नदी की कई बाएं किनारे (left bank) और दाए किनारे (right bank) की सहायक नदियाँ हैं
    • परंतु एक सामान्य गलतफहमी में किसी नदी को कावेरी की सहायक मान लिया जाता है
    • जबकि वास्तव में वह दूसरी नदी की सहायक होती है या पूरी तरह अलग जलप्रणालियों का हिस्सा होती है.
  • कावेरी की प्रमुख सहायक नदियाँ (संक्षेप में)
    • बाएं किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ: हरंगी, हेमावती, शिम्शा, अर्कावती
    • ये प्रमुख रूप से पश्चिमी घाट के निकट से निकलकर कावेरी में मिलती हैं या कावेरी जलप्रवाह में योगदान करती हैं.
    • दाएं किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ: लक्ष्मण तीर्थ, काबिनी (कपिला के नाम से भी जानी जाती है), सुवर्णवती, भवानी, नोय्यल, अमरावती
    • ये भी कावेरी जलप्रवाह में योगदान देती हैं और विभिन्न जिलों से होकर गुजरती हैं.
  • नदी-नामों के साथ सामान्य असमानताएं
    • कुछ स्रोतों में इन्द्रावती, सिंधु आदि का उल्लेख भी कावेरी के साथ जोड़ा गया है
    • लेकिन उनके बारे में स्पष्ट और स्पष्ट द्वितीयक जानकारी यह संकेत देती है
    • इन्द्रावती आदि गोदावरी या कृष्णा नदी प्रणालियों की सहायक हो सकती हैं, न कि कावेरी की।
    • इसलिए ऐसे नामों को कावेरी की सहायक के रूप में मानना गलत होगा [उद्धरण/स्रोतों के अनुसार यह भिन्न-भिन्न अध्ययन में भिन्न व्याख्याएं दे सकता है]
    • वैगई (Vaigai), एक दक्षिण भारतीय नदी है जो तमिलनाडु में बहती है; इसे अक्सर कावेरी की सहायक के रूप में सूचीबद्ध किया गया हो सकता है
    • लेकिन कई स्रोत इसे कावेरी की सहायक नहीं मानते (यह दक्षिणी तमिलनाडु के जलप्रणाली से जुड़ी एक अलग धारा है).​
    • मूसी (Museri/Musi) जैसी नदियाँ अक्सर कृष्णा या अन्य जलप्रणालियों की सहायक मानी जाती हैं
    • इसलिए अगर विकल्पों में मूसी हो तो वह सामान्यतः कावेरी की सहायक नहीं मानी जाती है.​
  • संदेह/गलतफहमी के निवारण के लिए प्रभावी पंक्ति
    • अगर परीक्षा या अध्ययन संसाधन में पूछा गया हो कि “निम्नलिखित में से कौन-सी कावेरी नदी की सहायक नदी नहीं है
    • तो सही निर्णय अक्सर वह नदी होती है
    • जो कृष्णा, गोदावरी या अन्य प्रणालियों से जुड़ी हो या जिसे विशिष्ट स्रोतों के अनुसार कावेरी की सहायक नहीं माना गया हो (जैसे मूसी, इंद्रावती, वैगई आदि के विरुद्ध)।
  • क्यों यह जटिल हो सकता है
    • भारत की नदी प्रणालियाँ बहुविध हैं और कुछ नदियाँ geographically एक जलप्रणाली से जुड़ी लगती हैं
    • जबकि hydrological करते-धरी के हिसाब से वे किसी अन्य नदी के साथ अधिक सहायक/कंट्रीब्यूटरी रिश्ते में हो सकती हैं।
    • इसलिए विश्वसनीय पाठ्य सामग्री से क्रॉस-चेक कर लेना चाहिए, खासकर जब विकल्पों में कुछ नाम अस्पष्ट हों।
  • संक्षेप में निष्कर्ष
    • सामान्यतः कावेरी की बाएं किनारे की सहायक नदियाँ: हरंगी, हेमावती, शिम्शा, अर्कावती.
    • कावेरी की दाएं किनारे की सहायक नदियाँ: लक्ष्मणतीर्थ, काबिनी, सुवर्णवती, भवानी, नोय्यल, अमरावती.
    • मूसी/वैगई जैसी नदियाँ अक्सर अन्य प्रणालियों की सहायक मानी जाती हैं
    • इसलिए इन्हें कावेरी की सहायक नहीं माना जाना चाहिए, जबकि स्रोत के अनुसार भिन्नता हो सकती है.​
  • टिप्पणियाँ और संदर्भ
    • यह उत्तर सामान्य ज्ञान और प्रमुख स्रोतों के आधार पर संकलित है
    • हर दावे के साथ त्वरित संदर्भ देखने से बेहतर होगा ताकि आप सही विकल्प का सत्यापन कर सकें.​

25. निम्नलिखित में से कौन-सी भारत की सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी है? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) गोदावरी
Solution:
  • भारत की प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली में गोदावरी नदी में सबसे बड़ा जलसंभर है।
  • गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी (1465 किमी.) नदी है। इसे 'दक्षिण गंगा' के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह नदी महाराष्ट्र में नासिक के त्र्यंबकेश्वर से निकलती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • विस्तृत विवरण
    • परिभाषा और महत्व: गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी मानी जाती है
    • इसे कई स्रोतों में “दक्षिण की गंगा” के नाम से भी जाना जाता है।
    • यह पूरे प्रायद्वीपीय क्षेत्र के भीतर एक विशाल जलग्रहण क्षेत्र बनाती है और बंगाल की खाड़ी में समाप्त होती है।​
    • जियो-हेलिक्स और मार्ग: गोदावरी महाराष्ट्र (नासिक के पास त्र्यंबक से उत्पत्ति), फिर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और ओडिशा से होकर बहती है
    • अंततः आंध्र प्रदेश के पूर्वी तट पर बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
    • इसके किनारे पर राहुलंद बांधों जैसे राम सागर बांध का उल्लेख मिलता है।​
    • लंबाई और दायरा: प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी मानी जाती है
    • इसकी长度 लगभग 1,465 किलोमीटर के आस-पास बताई जाती है
    • इसका जल निकाय विभिन्न राज्यों के भीतर फैला है।​
    • तटबंध और डेल्टा: गोदावरी डेल्टा बंगाल की खाड़ी की दिशा में बनता है
    • पूर्वी गोदावरी क्षेत्र में लोबेट-आकार के डेल्टा के रूप में प्रसिद्ध है
    • यह नदी अनेक सहायक नदियों के साथ मिलकर विशाल डेल्टा बनाती है।​
  • प्राथमिक संदर्भ और सामान्य ज्ञान
    • कई अध्ययन और GK स्रोत गोदावरी को प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी/सबसे बड़ी नदी के रूप में मानते हैं
    • इसे दक्षिण की गंगा के रूप में भी उद्धृत करते हैं।​
    • भारत के इतिहासिक-भूगोलिक स्रोतों में गोदावरी के बारे में विस्तार से बताया गया है
    • यह किन-किन राज्यों से होकर गुजरती है और किन-किण मुद्दों से जुड़ी है (जैसे बांध, डेल्टा, जलग्रहण क्षेत्र)।​
    • यदि चाहें, इनमें से किसी एक भाग के लिए मैं अतिरिक्त स्रोतों से उद्धरण जोडकर और अधिक विस्तृत चरण-बद्ध जानकारी दे सकता हूँ
    • उदा., गोदावरी की जलविधियाँ, बांध-स्थिति, डेल्टा संरचना, या गोदावरी के सहायक नदियाँ आदि।

26. भारत की निम्नलिखित में से कौन-सी नदी बंगाल की खाड़ी में गिरती है? [MTS (T-I) 06 जुलाई, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) गोदावरी
Solution:
  • भारत की प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली में गोदावरी नदी में सबसे बड़ा जलसंभर है।
  • गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी (1465 किमी.) नदी है।
  • इसे 'दक्षिण गंगा' के नाम से भी जाना जाता है। यह नदी महाराष्ट्र में नासिक के त्र्यंबकेश्वर से निकलती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • परिभाषा और भौगोलिक संदर्भ
    • बंगाल की खाड़ी हिंद महासागर का उत्तरपूर्वी भाग है
    • जहाँ भारत, बांग्लादेश और अन्य द्वीपसमूहों के रास्ते से बहने वाली कई नदियाँ अंतःस्थ होने के बाद खाड़ी में गिरती हैं
    • गोदावरी नदी इस खाड़ी में गिरने वाली सबसे प्रसिद्ध और विश्वसनीय नदी मानी जाती है
    • जो भारत के दक्षिण-पूर्वी भाग से बहकर पूर्व की ओर प्रवाहित होती है और अंततः बंगाल की खाड़ी में विलय हो जाती है.​
  • गोदावरी नदी
    • स्रोत/उत्पत्ति: त्र्यंबकेश्वर, महाराष्ट्र में है; यह महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से होकर पूर्व की ओर बहती है.​
    • विशाल जल निकासी नेटवर्क: गोदावरी पश्चिमी और दक्षिणी भागों से होकर बंगाल की खाड़ी तक पहुँचती है
    • यह नदी देश के भू-भाग का बड़ा हिस्सा पार करती है और अंत में खाड़ी में गिरती है.​
  • अन्य नदियाँ जिनके बारे में सामान्य ज्ञान बहती हैं
    • भारत की कई प्रमुख नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं
    • जैसे गंगा- ब्रह्मपुत्र- मेघना- महानदी आदि, पर इनमें से गोदावरी को बंगाल की खाड़ी में गिरने की पुष्टि सबसे स्पष्ट और किसानों/पूर्वी भारत के मानचित्रों में प्रमुख है.​
  • संभावित भ्रम
    • ध्यान दें: कुछ स्रोत भारत की नदियों के गिरने के दिशा-स्तर के बारे में संपूर्ण सूची देते समय गोदावरी को ही बंगाल की खाड़ी में गिरने वाला प्रमुख उदाहरण मानते हैं
    • जबकि कई नदियाँ अरब सागर की ओर भी जाती हैं (ताप्ती, माही, साबरमती आदि).​
  • सामान्य शिक्षा संदर्भ
    • भारत के बारे में आधिकारिक साइटें और GK स्रोत अक्सर बताती हैं
    • दक्कन क्षेत्र की प्रमुख प्रणालियाँ बंगाल की खाड़ी में मिलकर गिरती हैं
    • जबकि पश्चिमी घाट के निकट बहने वाली नदियाँ अरब सागर में गिरती हैं
    • इस आधार पर गोदावरी बनी रहती है वह नदी जिसका बंगाल की खाड़ी में गिरना स्पष्ट रूप से दर्ज है.

27. निम्नलिखित में से किस नदी का उद्गम महाराष्ट्र में होता है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) गोदावरी
Solution:
  • गोदावरी नदी का उद्गम महाराष्ट्र के नासिक के पास त्र्यंबकेश्वर से होता है
  • बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले लगभग 1465 किमी. की दूरी तय करती है।
  • तापी नदी का उद्गम मध्य प्रदेश से, यमुना नदी का उद्गम उत्तराखंड से और नर्मदा का उद्गम मध्य प्रदेश से हुआ है।
  • कृष्णा नदी: महाबळेश्वर (महाराष्ट्र) के पास पश्चिमी घाट में उद्गम माना जाता है
  • यह महाराष्ट्र से निकलकर महाराष्ट्र के बाहर बहती है
  • अंतत: बंगाल की खाड़ी में मिलती है। महाबळेश्वर में कृष्णा के अलावा वैण्णा, कोयना, गायत्री, सावित्री आदि भी उद्गम से जुड़ती हैं।
  • इसका उद्गम महाराष्ट्र में है, इसलिए महाराष्ट्र में इसका प्रमुख उद्गम स्थल माना जाता है.​
  • गोदावरी नदी: त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र के ब्रह्मगिरी पहाड़ियों के निकट से उद्गम मानते हैं
  • गोदावरी का प्रवाह महाराष्ट्र के बाहर कई राज्यों में है
  • महाराष्ट्र से निकलने के बजाय दक्षिण-पूर्वी कर्नाटक/आंध्र-तेलंगाना क्षेत्र की नदियों के साथ संबद्ध माना जाता है।
  • इसलिए यह महाराष्ट्र में मुख्य उद्गम स्थल के रूप में नहीं गिना जाता है.​
  • तापी और नर्मदा जैसी अन्य पश्चिमवाहिनी नदियाँ: तापी मराठवाड़ा क्षेत्र के उच्चतर भाग से निकलती हैं
  • महाराष्ट्र के भीतर बड़ी भागीदारी रखती हैं, पर मूल उद्गमस्थल अक्सर सह्याद्री/ पश्चिमी घाट के ऊपरी क्षेत्रों में होता है
  • भाग महाराष्ट्र के बाहर से भी प्रवाहित होते हैं। इस प्रकार इनकी उद्गम स्थितियाँ क्षेत्र-विशिष्ट होती हैं.​
  • कावेरी, महाकाली आदि: ये नदियाँ महाराष्ट्र से सीधे उद्गम नहीं मानतीं; कावेरी पश्चिमी घाट की ब्रह्मगिरी श्रृंखला से उगम पाती है
  • जो महाराष्ट्र के सीमित हिस्से में नहीं बल्कि कर्नाटक/ तमिलनाडु की ओर फैली है। इसलिए महाराष्ट्र में मुख्य उद्गम स्थल नहीं माना जाता.​
  • संक्षेप में
    • अगर प्रश्न है, “निम्नलिखित में से किस नदी का उद्गम महाराष्ट्र में होता है?” तो सबसे स्पष्ट उत्तर कृष्णा नदी है
    • जिसका उद्गम महाराष्ट्र के सतारा जिले के महाबळेश्वर पास पश्चिमी घाट में होता है.​
    • गोदावरी और कावेरी जैसी नदियाँ पश्चिमी घाट के ब्रह्मगिरी क्षेत्र से तो निकलती हैं
    • उनका पूर्ण उद्गम महाराष्ट्र में नहीं माना जाता। इनके उद्गम स्थान महाराष्ट्र के बाहर पड़ते हैं
    • इसलिए महाराष्ट्र-आधार प्रश्न में इन्हें उत्तर के रूप में शामिल नहीं किया जाता.​
  • ध्यान देने योग्य बातें
    • महाराष्ट्र में नदियों के उद्गमों के बारे में स्रोत-भिन्नता हो सकती है
    • लेकिन आधिकारिक जलविद्या/भूगणितीय मानक के अनुसार कृष्णा नदी का महाराष्ट्र में महाबलेश्वर से निकला उद्गम उल्लेखित है.​
    • कुछ अध्ययन/प्रश्नोत्तरों में नागरित सूची में गोदावरी, कावेरी आदि के उद्गम स्थलों को महाराष्ट्र से जोड़ा गया हो सकता है
    • क्योंकि पश्चिमी घाट जलविभाजन और प्राचीन मान्यताओं के कारण विविध प्रस्तुतियाँ मिलती हैं
    • विश्वसनीय और अद्यतन जानकारी के लिए क्षेत्रीय जल संसाधन विभागों के दस्तावेज़ देखें.​

28. केरल की सबसे लंबी नदी भरतपुझा का दूसरा नाम क्या है, जो पश्चिम से बहती है और अरब सागर में गिरती है? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) पोंनानी
Solution:
  • भरतपुझा ('भारत की नदी') जिसे पोंनानी नदी के नाम से भी जाना जाता है
  • यह भारतीय राज्यों तमिलनाडु और केरल की एक नदी है।
  • यह पेरियार नदी के बाद केरल से बहने वाली दूसरी सबसे लंबी नदी है।
  • विस्तृत उत्तर
    • नदी की पहचान और नाम: भरतपुझा नदी को केरल में पोन्नानी नदी के नाम से भी जाना जाता है
    • इसे नीला नदी भी कहा जाता है. यह नाम इसके नीले-हरे रंग से जुड़ा एक लोकप्रिय संदर्भ है, जिसे स्थानीय लोग और कई अध्ययन स्रोत बताते हैं.​
    • लंबाई और क्रम: पेरियार नदी के बाद भरतपुझा keरल की दूसरी सबसे लंबी नदी मानी जाती है
    • जिसकी लंबाई लगभग 209–230 किमी के आसपास बताई जाती है (आरोपित स्रोतों में थोड़ी भिन्नता मिलती है).​
    • ऊपरी स्रोत और मार्ग: भरतपुझा पश्चिमी घाट की अनामीलाई पहाड़ियों से निकलकर पश्चिम की ओर बहती है
    • पलक्कड़ ज़िले के मार्ग से अरब सागर में गिरती है
    • यह उत्तर-दक्षिण दिशा में बहती एक प्रमुख नदी है और मलप्पुरम, कोल्लम आदि क्षेत्रों से गुजरती है.​
    • अन्य नाम और सांस्कृतिक संदर्भ: खाद्य-जगहों और स्थानीय परिचयों में इस नदी को कई नामों से जाना जाता है
    • पोन्नानी, नीला, और भरथप्पुझा—जो इसे विस्तार से पहचान देते हैं.​
    • पारदर्शी तथ्य और तुलना: केरल की सबसे लंबी नदी पेरियार है (लगभग 230–244 किमी), जबकि भरतपुझा इसके बाद आती है
    • अरब सागर में गिरती है. यह तुलना केरल की नदी-परिसर के वितरण और जल-तंत्र को समझने में मदद करती है.​
    • स्रोतों में रुचिकर भिन्नताएं संभव हैं, खासकर लंबाई के आंकड़ों में स्रोत-भिन्नताएं देखने को मिलती हैं
    • सामान्य रूप से पेरियार सबसे लंबी और भरतपुझा दूसरी सबसे लंबी नदी के रूप में स्थापित हैं.​
    • पोन्नानी/नीला/भरतपुझा जैसे नाम स्थानीय लोगों के बीच पारस्परिक रूप से उपयोग होते हैं
    • इसलिए किसी एक नाम से पूर्ण पुष्टि करना जरूरी हो तो क्षेत्रवार संदर्भ देखना बेहतर रहता है.​

29. पेन्नार नदी ....... राज्य से निकलती है [JE इलेक्ट्रिकल परीक्षा 24 मार्च, 2021 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) कर्नाटक
Solution:
  • पेन्नार (पेन्ना) नदी कर्नाटक के नंदी रेंज की चेन्ना केशव पहाड़ी (हिल्स) से निकल कर (लंबाई लगभग 597 किमी.) आंध्र प्रदेश से होकर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • जयमंगल, चित्रावती, चेय्येरु आदि इसकी सहायक नदियां हैं।
  • उद्गम स्थल
    • पेन्नार नदी का उद्गम कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी पहाड़ियों (नंदी हिल्स) से होता है
    • जो दक्कन पठार के एक ऊंचे क्षेत्र में स्थित हैं।
    • यह लगभग 13.25°N 77.41°E निर्देशांक पर शुरू होती है और प्रारंभ में उत्तर-पश्चिम दिशा में बहती है।​
  • मार्ग और लंबाई
    • नदी की कुल लंबाई लगभग 597 किलोमीटर है, और यह कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु राज्यों से होकर गुजरती है।
    • कर्नाटक में कोलार और टुमकुर जिलों से होते हुए यह आंध्र प्रदेश में प्रवेश करती है
    • जहां गंदिकोटा घाटी और नेल्लोर के पास बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।​
  • सहायक नदियां
    • इसकी प्रमुख सहायक नदियां चित्रावती (दक्षिण से), पापघ्नि, जयमंगली, कुंदरू और सागिलेरू हैं
    • चित्रावती कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर से निकलकर 218 किमी बहने के बाद पेन्नार में मिलती है।​
  • महत्व और विशेषताएं
    • पेन्नार सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत का महत्वपूर्ण स्रोत है
    • लेकिन वर्षा पर निर्भर होने से गर्मियों में सूख जाती है। इसका जलग्रहण क्षेत्र 55,213 वर्ग किमी है
    • सोमशिला बांध जैसी संरचनाएं इससे जुड़ी हैं। अन्य नाम: पिनाकिनी, पेन्नरू या उत्तर पिनाकिनी।​

30. कृष्णा नदी भारत के ....... राज्य से होकर बहती है। [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) कर्नाटक
Solution:
  • कृष्णा नदी का उद्गम महाराष्ट्र राज्य में स्थित महाबलेश्वर पहाड़ी से होता है।
  • यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश में प्रवाहित होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • उद्गम और प्रवाह
    • नदी महाराष्ट्र से शुरू होकर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर बंगाल की खाड़ी में उतरती है, इस मार्ग में तेलंगाना भी शामिल है.​
  • बेसिन और क्षेत्र
    • कृष्णा बेसिन लगभग 258,948 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करता है
    • चार राज्यों में फैला हुआ है: महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश.​
    • यह बेसिन देश की प्रमुख नदियों में से एक है
    • दक्षिणी भारत की जल-अवसंरचना के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है.​
  • प्रमुख सहायक नदियाँ और बांध
    • तुंगभद्रा प्रमुख सहायक नदी है; अन्य सहायक नदियों में मल्लप्रभा, कोयना, भीमा, घाटप्रभा, येरला, वार्ना, डिंडी, मुसी और दूधगंगा आदि शामिल हैं
    • नागार्जुन सागर बांध एक प्रसिद्ध प्रमुख बांध है जो कृष्णा नदी पर बना है
    • शाही बांध प्रणाली और जल-मैनेजमेंट के लिए यह भागीदारी करता है.​
  • सांस्कृतिक-भौगोलिक महत्त्व
    • कृष्णा नदी दक्षिण-पश्चिमी भारत की आयामिक और कृषि-उत्पादन के लिए महत्त्वपूर्ण जलधारा है
    • इसकी लंबाई लगभग 1,400 किलोमीटर मानी जाती है, और बंगाल की खाड़ी में गिरती है.​
    • नदी का प्रवाह क्षेत्र विविध भू-आकृतियों से गुजरता है
    • जिससे क्षेत्रीय कृषि, जल-संसाधन नीति और विद्युतीकरण परियोजनाओं पर प्रभाव पड़ता है.​
  • उपयोग और चुनौतियाँ
    • कृष्णा नदी basin में वाटर-स्टोरेज, सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा निर्माण के लिए अनेक बांध और जल-उৎपादन परियोजनाएं संचालित हैं
    • इससे क्षेत्रीय जल-नीति और पीने के पानी की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है.​
    • जैसे-जैसे मांग बढ़ती है, जल स्तर, बाढ़ नियंत्रण, और पर्यावरणीय प्रभावों का संतुलन बनाए रखना प्रमुख चुनौती है.​
  • संदर्भ:
    • कृष्णा नदी का उद्गम महाराष्ट्र के महाबलेश्वर से और भारत के चार प्रमुख राज्यों से बहती है
    • जल-प्रवाह और बेसिन की जानकारी.​
    • कृष्णा बेसिन का क्षेत्र-विस्तार और प्रमुख सहायक नदियाँ.​
    • नागार्जुन सागर बांध सहित जल-प्रबंधन संरचनाएं.​