अपवाह तंत्र (भारत का भूगोल) (भाग-I)

Total Questions: 18

1. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी मगध से होकर बहती है? [CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) गंगा और सोन
Solution:
  • मगध से होकर बहने वाली नदियां गंगा और सोन हैं।
  • मगध छठीं शताब्दी ई.पू. के महाजनपदों की सूची में सबसे महत्वपूर्ण महाजनपद था।
  • पूरा विवरण
    • मगध एक प्राचीन केन्द्र था जिसे गंगा और सोन जैसी नदियाँ आकर घेरती थीं
    • सो इसी कारण मगध से होकर बहने वाले प्रमुख जलमार्गों में गंगा नदी और उसकी सहायक सोन नदी का विशेष उल्लेख मिलता है
    • [गंगा-सरोवर/मगध संबंधों के ऐतिहासिक विवरण कई स्रोतों में मिलता है] [citation][citation]
    • गंगा नदी: यह हिमालय से originate होकर उत्तर भारत के मैदानों में प्रवेश करती है
    • मगध क्षेत्र के ऊपर से होकर बहती थी, जिस क्षेत्र में मगध महाजनपद स्थित था. मगध के भू–राजनीतिक इतिहास में गंगा की उपस्थिति अत्यंत केंद्रीय मानी जाती है.
    • सोन नदी: गंगा की एक महत्त्वपूर्ण सहायक नदी है
    • जो मगध के दक्षिणी भाग से होकर बहती थी
    • मगध के जलप्रवाह को प्रभावित करती थी. मगध के रक्षा-शंकर जैसे ऐतिहासिक संदर्भों में गंगा और सोन का उल्लेख प्रमुख है. [citation][citation]
    • यद्यपि समय-समय पर नदियों के मार्गों और धाराओं में परिवर्तनों के कारण पुराने अभिलेखों में कुछ भिन्नताएं दिख सकती हैं
    • पर व्यापक ऐतिहासिक-संदर्भों के अनुसार मगध से होकर बहने वाली प्रमुख नदियाँ गंगा और सोन ही मानी जाती हैं. [citation][citation]
  • महत्वपूर्ण नोट
    • यदि आप परीक्षा-आधारित उत्तर चाहते हैं
    • तो यह बहुत सामान्य रूप से भी पूछा जाता है
    • निम्नलिखित में से कौन-सी नदी मगध से होकर बहती है?” के उत्तर में अक्सर गंगा और सोन दोनों शामिल होते हैं
    • यह दो river-system Magadha के ऐतिहासिक भू-रेखा को प्रकट करता है.

2. कौन-सा ग्लेशियर गौरी गंगा नदी का स्रोत है जो काली नदी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) मिलम ग्लेशियर
Solution:
  • मिलम ग्लेशियर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। गौरी गंगा नदी मिलम ग्लेशियर से निकलती है
  • भारत- नेपाल सीमा के निकट जौलजीबी में काली नदी से मिल जाती है।
  • टिपरा बामक ग्लेशियर, नामिक ग्लेशियर तथा कफनी ग्लेशियर उत्तराखंड में स्थित हैं।
  • स्रोत और मार्ग
    • गोरी गंगा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुनस्यारी तहसील के आस-पास बहने वाली एक प्रमुख नदी है ।​
    • इसके प्रमुख स्रोत मिलम ग्लेशियर है, जो मिलम घाटी के क्षेत्र में स्थित है ।​
    • मिलम ग्लेशियर के साथ-साथ प्युनशनि ग्लेशियर और उत्तरी-दक्षिण बलाती ग्लेशियर आदि ग्लेशियर्स भी गोरी गंगा के जल प्रवाह को नियंत्रित करते हैं ।​
  • जलग्रहण क्षेत्र और सहायक नदियाँ
    • गोरी गंगा हिमालयी ऊँचाइयों से निकलकर पर्वतीय ढलानों से बहती है
    • पिथोरागढ़ जिले की सीमा के भीतर ऊपर से नीचे की ओर पूर्व-उत्तर दिशा में बहती है ।​
    • यह घाटी Traversal के दौरान मिलम ग्लेशियर क्षेत्र से आगे बढ़ती है
    • अंततः उत्तराखंड-नेपाल सीमा के नजदीकी क्षेत्र में काली नदी में मिल जाती है, जो गंगा प्रणाली का एक बड़ा सहयोगी भाग है ।​
  • संगम और परिणाम
    • गोरी गंगा का काली नदी में मिलना जौलजीबी शहर के पास स्थित है
    • यही जगह इसे काली नदी की एक प्रमुख सहायक नदी के रूप में स्थापित करती है ।​
    • काली नदी आगे बढ़कर गंगा नदी प्रणाली का हिस्सा बनती है
    • क्षेत्रीय जलवायु तथा hydroelectric परियोजनाओं के लिए महत्त्वपूर्ण है ।​
  • सामाजिक-भूगोलिक संदर्भ
    • जौलजीबी क्षेत्र पिथौरागढ़ जिले की एक छोटी नदी-क्षेत्रीय नगर है जहाँ दोनों नदियों का संगम होता है
    • यह स्थानीय बाज़ारों, सांस्कृतिक मेलों और जीवनयापन के लिए महत्त्वपूर्ण है ।​
    • उत्तराखंड के ग्लेशियर-आधारित जल रिलीज़ से जुड़ी नदियाँ
    • जैसे गोरी गंगा, स्थानीय ऊर्जा उत्पादन (हाइड्रो) और कृषि-जल प्रबंधन के लिए आवश्यक जल आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं ।​
  • उपयुक्त संदर्भ
    • गोरी गंगा का स्रोत मिलम ग्लेशियर है और यह काली नदी में मिलती है, जो जौलजीबी के पास है
    • मिलम ग्लेशियर उत्तराखंड के पिथोरागढ़ क्षेत्र में स्थित है
    • गोरी गंगा का प्रवाह कई ग्लेशियर-आधारित जलधाराओं से संचालित होता है ।​
  • सूचनाओं की पुष्टि के लिए पाठ्य-स्रोत:
    • Testbook की प्रविष्टियाँ बताते हैं कि गोरी गंगा मिलम ग्लेशियर से निकलती है और जौलजीबी में काली नदी में मिलती है ।​

3. गंगा नदी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) यमुना इसके दाहिने किनारे के समांतर बहती है और इलाहाबाद में गंगा में मिल जाती है।
Solution:
  • बेतवा नदी यमुना नदी की एक उपनदी है।
  • यह मध्य प्रदेश में रायसेन जिले से निकलकर हमीरपुर के निकट यमुना नदी में मिलती है।
  • यमुना नदी, गंगा नदी के दाहिने किनारे के समांतर बहती है और इलाहाबाद (प्रयागराज) में गंगा में मिल जाती है।
  • घाघरा नदी तिब्बत, नेपाल और भारत में बहने वाली एक नदी है। गंगा नदी की कुल लंबाई लगभग 2525 किमी. है।
  • उद्गम का स्थान
    • गंगा की पूर्व-पिता धाराओं में प्रमुख है भागीरथी, जो गंगोत्री ग्लेशियर के तल से निकलती है
    • गौमुख के पास गोमुख क्षेत्र में उत्पन्न होती है.​
    • भागीरथी आगे चलकर देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलती है
    • उसके संगम के बाद इसे सामान्यतः गंगा कहा जाता है.​
  • महत्त्वपूर्ण सहायक नदियाँ
    • अलकनंदा: गौमुख क्षेत्र से निकलती है और भागीरथी के साथ मिलकर गंगा बनाती है
    • यह संगम स्थल गंगा का परिभाषित उद्गम माना जाता है.​
    • घाघरा, कोसी, Yamuna आदि अन्य प्रमुख नदियाँ गंगा प्रणाली में परमुख सहायक नदियाँ होकर गंगा का विस्तार बनाती हैं, पर उद्गम भागीरथी से जुड़ा है.​
  • भूगोल और प्रवाह
    • गंगा हिमालयी क्षेत्र के उच्च Pallavों से निकलकर नीचे की ओर बहती है
    • जहां हरिद्वार तक मैदानों में प्रवेश करती है; हरिद्वार के पास गंगा मैदानों में प्रवेश करने पर कई बांध-नहरें जल को कृषि-उपयोग हेतु मोड़ती हैं.​
    • गंगा का जल प्रवाह हिमालयी ग्लेशियर-आधारित नदाओं के स्रोत से संचालित होता है
    • जिससे नदी की वार्मिंग और धरोहर जल-चक्र बनता है.​
  • सांस्कृतिक-ऐतिहासिक संदर्भ
    • गंगा का उद्गम स्थान हिन्दू जगत में धार्मिक महत्त्व रखता है
    • इसे पवित्र माना जाता है और भागीरथी द्वारा धरती पर आना कथा-परंपरा से जुड़ा है.​
    • गोमुख/गंगोत्री क्षेत्र पर्यटन, तीर्थाटन और ऊर्जा-कार्योन के लिए भी ज्ञात है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है.​
  • यदि चाहें, नीचे और विवरणों में:
    • भागीरथी बनाम गंगा के अन्य स्रोत धाराओं की तुलना
    • देवप्रयाग और उत्तराखंड में गंगा-जमीन से जुड़ी जल-नीति
    • गंगा basin के प्रमुख राज्यक्षेत्र और शहरों का संक्षिप्त मानचित्र-आधारित सार

4. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी गंगा की सहायक नदी नहीं है? [C.P.O.S.I. (T-I) 11 नवंबर, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) भीमा
Solution:
  • गंगा की सहायक नदियां-सोन, यमुना, रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी व महानंदा हैं
  • जबकि भीमा नदी दक्षिण भारतीय नदी 'कृष्णा' की सहायक नदी है।
  • गंगा की सहायक नदियाँ क्या होती हैं
    • गंगा नदी में मिलने वाली नदियाँ सामान्यतः दो प्रमुख समूह बनाती हैं
    • बायीं ओर आने वाली सहायक नदियाँ (यानी गंगा में बाएं किनारे से मिलने वाली) और दाईं ओर आने वाली सहायक नदियाँ (यानी दाएं किनारे से मिलने वाली)।
    • सहायक नदियों का महत्व जल प्रवाह, जलस्तर, जमीन की कटाव और बाढ़ नियंत्रण के लिए मायने रखता है
    • इनमें प्रमुख नाम अक्सर भूगोल पाठ्यपुस्तकों और प्रतियोगी परीक्षाओं में एक-दूसरे के समान रहते हैं।
  • कौन-सी नदी गंगा की सहायक नदी है और कौन-सी नहीं
    • सामान्यतः गंगा की प्रमुख बायीं सहायक नदियाँ: रामगंगा, सरयू (करनाली), ताप्ती, गंडक, कोसी, काक्षी आदि। ये गंगा में उत्तर से प्रवाहित होकर मिलती हैं.​
    • दाईं ओर आने वाली प्रमुख सहायक नदियाँ: यमुना, सोन, घाघरा, बेतवा, केन, चंबल (कभी अलग वर्णन में चंबल को उप-नदी कहा जाता है) आदि.​
    • अधिकांश पाठ्य-सामग्री में पेनगंगा (Pen Ganga) को गंगा की सहायक नदी के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया जाता
    • यह स्पष्ट रूप से गंगा की सामान्य-चिन्हित सहायक-नदियों में शामिल नहीं है।
    • इसलिए, पेनगंगा गंगा की सहायक नदी नहीं मानी जाती है.​
  • विस्तृत विश्लेषण
    • बाएं किनारे से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ (रामगंगा, करनाली/सरयू, ताप्ती, गंडक, कोसी, काक्षी आदि).​
    • दाएं किनारे से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ (यमुना, सोन, घाघ्रा/घाघरा, बेतवा, केन, दक्षिणी टोस आदि).​
    • पेनगंगा के बारे में पद्धतिगत विवरण में यह उल्लेख मिलता है कि यह वर्धा नदी की एक सहायक नदी है
    • जो गोदावरी में बहती है, और यह सीधे गंगा नदी प्रणाली में प्रवेश नहीं करती; इससे यह गंगा की सहायक नदी नहीं मानी जाती.​
  • निष्कर्ष
    • आपके प्रश्न “निम्नलिखित में से कौन-सी नदी गंगा की सहायक नदी नहीं है
    • सन्दर्भ में, पेनगंगा उस सूची में नहीं आती जिसे गंगा की सहायक नदियाँ माना जाता है
    • इसलिए पेनगंगा गंगा की सहायक नदी नहीं है.

5. गंगा नदी की कौन-सी उत्तरी तट की सहायक नदी कालीगंडक और त्रिशूलगंगा नामक दो धाराओं से मिलकर बनी है? [CHSL (T-I) 07 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) गंडक नदी
Solution:
  • गंगा नदी की उत्तरी तट की सहायक नदी गंडक नदी दो धाराओं कालीगंडक और त्रिशूलगंगा के मिलने से बनती है।
  • बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में यह गंगा मैदान में प्रवेश करती है
  • पटना के निकट सोनपुर में गंगा नदी में मिल जाती है।
  • गंगा की उत्तरी तट की सहायक नदियाँ: परिभाषा और संदर्भ
    • उत्तर-तट (बायें किनारे) की प्रमुख सहायक नदियाँ उत्तरभारत के हिमालयी क्षेत्र से निकलकर गंगा में मिलती हैं
    • जैसे रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक आदि।
    • इन नदियों का भूगोलिक-विकास गंगाurray basin में प्रभाव डालता है.​
    • गंडक नदी नेपाल की प्रमुख नदियों में से एक है जो गंगा की बाईं तरफ मिलती है
    • यह Kali Gandaki और Trisulganga धाराओं के संयोजन से प्रभावित होकर बनती मानी जा सकती है
    • इस कारण यह गंगा की उत्तरी तट की सहायक नदी के रूप में महत्वपूर्ण है.​
  • Kali Gandaki और Trisulganga का संयोजन
    • Kali Gandaki (काली Gandaki) नेपाल की प्रमुख नदियों में से एक है जो हिमालयी क्षेत्र से निकलती है
    • भारत के हिस्से में गंडक में मिलती है; यह चंद्र-रेखा के आसपास बहती है
    • गंडक के upstream भाग पर उसका योगदान माना जाता है.​
    • Trisulganga धाराओं के साथ मिलकर Kali Gandaki गंडक का स्थानिक-निर्माण कर सकती है
    • यह संयोजन गंडक नदी को उत्तरी तट पर एक प्रमुख सहायक के रूप में समर्थित बनाता है, जो गंगा केbasin में प्रवेश करती है.​
  • चयनित निष्कर्ष
    • इस प्रश्न के अनुसार, Kali Gandaki और Trisulganga से मिलकर बनी धाराओं के संयोजन के परिणामस्वरूप बनने वाली नदी गंडक है
    • जिसे गंगा के उत्तरी तट की सहायक नदी माना जा सकता है.

6. केन नदी मध्य भारत के बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख नदियों में से एक है और दो राज्यों, मध्य प्रदेश और ....... से होकर बहती है। [CGL (T-I) 20 अप्रैल, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) उत्तर प्रदेश
Solution:
  • केन नदी मध्य भारत के बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख नदियों में से एक है
  • दो राज्यों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर बहती है।
  • उद्गम और मार्ग
    •  यह पन्ना जिले से गुजरते हुए जंगलों और पहाड़ियों को पार करती है
    • जहां रानेह जलप्रपात (लगभग 100 मीटर गहरा) बनाती है।
    • अंत में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में चिल्ला घाट पर यमुना से मिल जाती है।​
  • लंबाई और बेसिन
    • इसकी कुल लंबाई लगभग 427 किलोमीटर है
    • जिसमें से अधिकांश भाग (292 किमी) मध्य प्रदेश में, 84 किमी उत्तर प्रदेश में और 51 किमी दोनों राज्यों की सीमा पर बहता है।
    • जल निकासी क्षेत्र 28,058 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें सबसे बड़ी सहायक नदी सोनार का बेसिन 12,620 वर्ग किमी कवर करता है।
    • केन को बुंदेलखंड की "जीवन रेखा" कहा जाता है
    • क्योंकि यह सूखा प्रभावित क्षेत्र में सिंचाई और जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है।​
  • सहायक नदियां
    • केन की प्रमुख सहायक नदियां बाएं किनारे से बावस, देवर, कैथ, बैनक और दाएं किनारे से कोपरा, बेर्मा हैं।
    • सोनार इसकी सबसे बड़ी सहायक है, जो पूरी तरह मध्य प्रदेश में बहती है।
    • ये नदियां नदी के प्रवाह को मजबूत बनाती हैं, खासकर मानसून में।​
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • केन नदी पन्ना राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरती है, जो वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बांध और जलाशय बने हैं
    • जैसे कि एक प्रमुख जलाशय जो 374,000 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई करता है। यह एक मौसमी नदी है
    • जो गर्मियों में लगभग सूख जाती है लेकिन बरसात में उफान पर रहती है।​
  • पर्यावरण और विवाद
    • केन-बेतवा लिंक परियोजना का प्रस्ताव है, जो इस नदी के जल को बेतवा से जोड़ने का प्रयास है
    • लेकिन पन्ना टाइगर रिजर्व को प्रभावित करने के कारण विवादास्पद है। नदी का 'शजर' पत्थर भी प्रसिद्ध है।
    • यह बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था, कृषि और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है।​

7. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी भारत में सर्वाधिक राज्यों से होकर गुजरती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 24 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) गंगा
Solution:
  • गंगा नदी भारत में सर्वाधिक राज्यों से होकर गुजरती है।
  • गंगा नदी उत्तराखंड के गंगोत्री से निकलती है
  • उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल से प्रवाहित होते हुए बांग्लादेश में बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।
  • विस्तार में:
    • गंगा नदी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, और कुछ स्थानों पर सिक्किम/पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्र से भी होकर गुजरती है
    • जिससे यह भारत की एक ऐसी नदी बन जाती है
    • जो छह राज्यों में मट्टी-गुड़ाई और जल-निकासी के लिए एक प्रमुख जल स्रोत बनी रहती है।
    • [citation: आम तौर पर शास्त्रीय भूगोल स्रोतों में गंगा को छह राज्यों से होकर गुजरने वाला प्रमुख नदी माना गया है]
    • इसके बाद यमुना-गंगा के प्रवाह के कारण बंगाल की खाड़ी में मिलने तक अनेक क्षेत्रीय जल प्रणालियों को प्रभावित करती है
    • नदी बेसिन के भीतर सिंचाई, जल विद्युत, आबादी के पानी की आपूर्ति आदि के लिए अहम भूमिका निभाती है।
    • अन्य प्रमुख नदियाँ जैसे 納 यह (नर्मदा, सतलुज, कृष्णा आदि) कई राज्यों से होकर गुजरती हैं, पर गंगा से अधिक राज्यों में बहना इसका रिकॉर्ड है।
    • इस प्रकार, सवाल के उत्तर के लिए “गंगा” सबसे उपयुक्त विकल्प है, क्योंकि यह भारत की सबसे व्यापक राज्य-चिह्नित नदी है।
    • ध्यान दें: नदीं के राज्य-व्याप्त क्षेत्र के बारे में विविध स्रोतों में कुछ मामूली भिन्नताएं मिल सकती हैं
    • (उद्गम, मार्ग, और किन-किन राज्यों से होकर गुजरना). सामान्य भूगोल संदर्भ के अनुसार गंगा छह प्रमुख राज्यों से होकर गुजरती है
    • यही कारण इसे “सबसे अधिक राज्यों से होकर बहने वाली नदी” के तौर पर मान्य किया जाता है। [sources: सामान्य भौगोलिक संदर्भ]

8. ....... अलकनंदा और धौलीगंगा नदी के संगम का स्थान है। [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) विष्णुप्रयाग
Solution:
  • , जो उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी और धौलीगंगा नदी के संगम पर स्थित है।
  • बद्रीनाथ मंदिर इस जिले का मुख्य आकर्षण है।
  • स्थान और ऊँचाई
    • विष्णुप्रयाग की ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 1,372 मीटर (4,501 फीट) है।
    • यह जोशीमठ से करीब 15 किलोमीटर दूर है
    • बद्रीनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर पड़ता है।
    • यहाँ का भूगोल हिमालयी पहाड़ियों से घिरा हुआ है
    • जो इसे धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करता है।​
  • नदियों का विवरण
    • अलकनंदा नदी सतोपंथ ग्लेशियर और भागीरथी खड़क ग्लेशियर के संगम से निकलती है
    • जिसकी लंबाई लगभग 190 किलोमीटर है।
    • धौलीगंगा नदी उत्तराखंड के नीति दर्रा से उद्भवित होती है
    • जिसकी लंबाई 94 किलोमीटर है
    • यह अलकनंदा की प्रमुख सहायक नदी है।
    • यहाँ धौलीगंगा का जल अलकनंदा के साथ मिलकर गंगा की मुख्य धारा को मजबूत बनाता है।​
  • धार्मिक महत्व
    • विष्णुप्रयाग का नाम भगवान विष्णु से जुड़ा है, और यहाँ विष्णु मंदिर स्थित है।
    • हिंदू मान्यताओं में पंच प्रयाग पवित्र हैं, जिसमें विष्णुप्रयाग पहले स्थान पर आता है
    • उसके बाद नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग। तीर्थयात्री यहाँ स्नान कर पापों का नाश मानते हैं।​​
  • अन्य प्रयाग
    • नंदप्रयाग: अलकनंदा और नंदकिनी का संगम, चमोली जिले में।​
    • कर्णप्रयाग: अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम।​
    • रुद्रप्रयाग: अलकनंदा और मंदाकिनी का संगम।​
    • देवप्रयाग: अलकनंदा और भागीरथी का संगम, जहाँ गंगा नामक नदी प्रारंभ होती है।​
  • पहुँच और आकर्षण
    • राष्ट्रीय राजमार्ग से जोशीमठ या बद्रीनाथ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है।
    • यहाँ का संगम दृश्य मनमोहक है, और आसपास बद्रीनाथ मंदिर प्रमुख आकर्षण है।
    • पर्यटक ट्रेकिंग और धार्मिक यात्रा के लिए आते हैं।​

9. भागीरथी नदी का उद्गम गोमुख हिमनद से होता है। यह देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर ....... नदी बनाती है। [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) गंगा
Solution:
  • भागीरथी भारत के उत्तराखंड राज्य में बहने वाली एक नदी है।
  • यह देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती है।
  • उद्गम स्थल
    • भागीरथी नदी का उद्गम उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री हिमनद के अंतिम छोर गोमुख (गौमुख) से होता है।
    • यह हिमनद लगभग 30 किलोमीटर लंबा और 2 किलोमीटर चौड़ा है
    • जो गढ़वाल हिमालय की ऊंचाई 4,000 मीटर से अधिक पर स्थित है।
    • गोमुख का अर्थ "गाय का मुंह" है, क्योंकि यहां से निकलने वाला हिमनदीय जल गाय के मुख की भांति प्रतीत होता है।​​
  • मार्ग और सहायक नदियां
    • गोमुख से निकलकर भागीरथी नदी पूर्व की ओर बहती हुई उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल होते हुए देवप्रयाग पहुंचती है।
    • इस दौरान यह कई छोटी सहायक नदियों जैसे कि खतलिंग ग्लेशियर से आने वाली धाराओं को ग्रहण करती है।
    • टिहरी बांध इस नदी पर बना प्रमुख बांध है
    • जो जलविद्युत उत्पादन और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।
    • भागीरथी का जल पारदर्शी और नीला होता है
    • जो इसे अलकनंदा के मटमैले जल से अलग दिखाता है।​
  • देवप्रयाग संगम
    • देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल जिले का एक पवित्र तीर्थस्थल है
    • जहां भागीरथी और अलकनंदा का संगम होता है।
    • अलकनंदा नदी बद्रीनाथ क्षेत्र से निकलती है
    • विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग तथा रुद्रप्रयाग जैसे पंच प्रयागों से गुजरकर यहां पहुंचती है।
    • संगम के बाद नदी को गंगा कहा जाता है, जो ऋषिकेश और हरिद्वार की ओर बहती है।
    • स्थानीय मान्यता में भागीरथी को "बहू" और अलकनंदा को "सास" कहा जाता है।​​
  • धार्मिक महत्व
    • हिंदू पुराणों के अनुसार, भागीरथी गंगा का ही रूप है
    • जिसे राजा भगीरथ की तपस्या से हिमालय से धरती पर लाया गया। गंगोत्री मंदिर गोमुख के निकट है
    • जो चार धाम यात्रा का हिस्सा है।
    • देवप्रयाग को पंच प्रयागों में अंतिम माना जाता है
    • जहां गंगा का प्रादुर्भाव होता है।
    • यह स्थान तपस्वियों और यात्रियों के लिए आस्था का केंद्र है।​​
  • भौगोलिक पारिस्थितिक महत्व
    • भागीरथी-गंगा तंत्र उत्तर भारत के मैदानों को जल प्रदान करता है
    • जिसमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
    • जलवायु परिवर्तन से गंगोत्री हिमनद सिकुड़ रहा है
    • जिससे नदी के प्रवाह पर असर पड़ रहा है।
    • यह नदी जैव विविधता का भंडार है और पर्यटन को बढ़ावा देती है
    • लेकिन बाढ़ और कटाव की समस्या भी पैदा करती है।​

10. भागीरथी और अलकनंदा का संगम ....... में होता है। [MTS (T-I) 16 मई, 2023 (III-पाली), CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) देवप्रयाग
Solution:
  • भागीरथी व अलकनंदा का देवप्रयाग में संगम होता है, जिसके पश्चात वह गंगा के रूप में जानी जाती है।
  • स्थान और भौगोलिक स्थिति
    • देवप्रयाग लगभग 472 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की तलहटी में बसा है
    • जहां भागीरथी पूर्व से आती हुई अलकनंदा से मिलती है। भागीरथी का पानी पारदर्शी नीला होता है
    • जबकि अलकनंदा का मटमैला, जो संगम पर स्पष्ट दिखाई देता है।
    • संगम के बाद जल गंगा के रूप में ऋषिकेश की ओर बहता है।​​
  • धार्मिक महत्व
    • पुराणों में देवप्रयाग को गंगा का प्रादुर्भाव स्थल कहा गया है। इसे त्रिवेणी संगम भी माना जाता है
    • क्योंकि यहां गुप्त सरस्वती का भी प्रवाह जुड़ता है।
    • भगवान राम ने यहां पिता दशरथ का पिंडदान किया था
    • रघुनाथ मंदिर प्रमुख है। पंच प्रयागों में यह अंतिम है।​​
  • नदियों का मार्ग
    • भागीरथी गोमुख ग्लेशियर से निकलकर उत्तरकाशी और टिहरी होकर आती है
    • जबकि अलकनंदा सतोपंथ ग्लेशियर से विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग से गुजरती हुई पहुंचती है।
    • संगम स्थल पर ब्रह्म कुंड और अन्य घाट बने हैं।
    • स्थानीय मान्यता में अलकनंदा को सास और भागीरथी को बहू कहा जाता है।​​
  • पर्यटन और सांस्कृतिक आकर्षण
    • देवप्रयाग चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां तीर्थयात्री स्नान और पूजा करते हैं।
    • संगम घाट पर पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व है।
    • आसपास के दृश्य हिमालयी सौंदर्य से भरपूर हैं
    • लेकिन भूस्खलन और बाढ़ जोखिम रहता है।​​