अपवाह तंत्र (भारत का भूगोल) (भाग-I)

Total Questions: 18

11. कौन-सी दो प्रमुख नदियां मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं? [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) अलकनंदा और भागीरथी
Solution:
  • भागीरथी व अलकनंदा का देवप्रयाग में संगम होता है, जिसके पश्चात वह गंगा के रूप में जानी जाती है।
  • गंगा का उद्गम
    • गंगा नदी का निर्माण उत्तराखंड के देवप्रयाग में होता है
    • जहां भागीरथी और अलकनंदा का संगम होता है।
    • भागीरथी गंगोत्री ग्लेशियर (उत्तरकाशी जिले में, लगभग 3,900 मीटर ऊंचाई पर) से निकलती है
    • जबकि अलकनंदा सतोपंथ ग्लेशियर से उत्पन्न होती है।
    • देवप्रयाग से नीचे की धारा को ही गंगा कहा जाता है, जो हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाती है।​​
  • भागीरथी नदी
    • भागीरथी उत्तराखंड के गंगोत्री से शुरू होकर उत्तरकाशी, टिहरी और देवप्रयाग तक बहती है।
    • यह नदी हिमालय की ऊंची चोटियों से होकर गुजरती है और तेज प्रवाह वाली होती है।
    • भागीरथी को गंगा का मुख्य स्रोत माना जाता है
    • हालांकि जलविद्यकीय रूप से अलकनंदा अधिक जल लाती है।​​
  • अलकनंदा नदी
    • अलकनंदा बद्रीनाथ क्षेत्र से निकलती है और विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग जैसे पंच प्रयागों से गुजरती हुई देवप्रयाग पहुंचती है।
    • इसकी प्रमुख सहायक नदियां धौलीगंगा, नंदकिनी, पिंडर और मंदाकिनी हैं।
    • अलकनंदा लंबी और जटिल जलप्रवाह वाली नदी है, जो गंगा को अधिक जल प्रदान करती है।​​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • गंगा की कुल लंबाई लगभग 2,525 किलोमीटर है
    • जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है।​
    • देवप्रयाग को गंगा का प्रथम प्रयाग कहा जाता है
    • जहां दोनों नदियों के पानी का रंग भिन्न होता है
    • भागीरथी सफेद और अलकनंदा हरी।​
    • हिंदू पौराणिक कथाओं में भागीरथी को राजा भागीरथ द्वारा पृथ्वी पर लाई गई गंगा माना जाता है।​

12. हिमालय से निकलने वाली कौन-सी नदी, दाहिने किनारे की सहायक नदी के रूप में गंगा नदी के समानांतर बहती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) यमुना
Solution:
  • हिमालय से निकलने वाली यमुना नदी दाहिने किनारे की सहायक नदी के रूप में गंगा नदी के समानांतर बहती है।
  • यमुना नदी हिमालय में यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है।
  • यह प्रयागराज में गंगा नदी से मिलती है।
  • मुख्य निष्कर्ष
    • यमुना गंगा की दूसरी सबसे बड़ी दाहिनी तट की सहायक नदी है और यह गंगा के समानांतर बहती है.​
  • पृष्ठभूमि और भौगोलिक संदर्भ
    • उत्पत्ति: यमुना उत्तराखंड क्षेत्र के गंगोत्री क्षेत्र से निकलती है और परिशिष्ट पर्वतीय नदियों में गिनी जाती है.​
    • बहाव का मार्ग: यह नदी उत्तर भारत में मुख्यतः उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के आसपास और कभी-कभी हरियाणा के क्षेत्रों से होकर गुजरती है
    • इससे पात्र क्षेत्र की जलापूर्ति और सिंचन होती है.​
  • तुलना: गंगा और यमुना
    • गंगा: हिमालय से originate होकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है
    • यह भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है, और गंगोत्री से निकलती है.​
    • यमुना: गंगा के समानांतर बहती है और इसकी भूमिका मुख्यतः उत्तर भारत के नजदीकी क्षेत्र के दाहिने किनारे पर सहायक नदी के रूप में रही है.​
  • क्यों यह प्रश्न अक्सर गलत समझा जाता है
    • अन्य नदियाँ जैसे घाघरा, कोसी, आदि भी गंगा की सहायक हैं
    • वे गंगा के दायें या बाएं किनारे से बहतीं हैं; यमुना विशेष रूप से गंगा के समानांतर दाहिने किनारे की प्रमुख सहायक नदी के रूप में पहचानी जाती है.​
  • नोट्स
    • अगर आप चाहें तो मैं इन स्रोतों के स्निपेट्स या मूल लेखों से सीधे उद्धरणों के साथ एक अधिक विस्तृत उद्धरण-संयोजन दे सकता हूँ.​

13. निम्नलिखित में से कौन-सी एक नदी का उद्गम पश्चिमी घाट से होता है? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) मांडवी
Solution:
  • मांडवी नदी जिसे महादायी नदी भी कहा जाता था, भारत के गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों में बहने वाली एक नदी है।
  • यह कर्नाटक में पश्चिमी घाट की ढलानों में उत्पन्न होती है और गोवा में जुवारी नदी से संगम करती है
  • फिर यह संयुक्त नदी अरब सागर में विलय हो जाती है।
  • गोदावरी नदी: पश्चिमी घाट से निकलती है, अधिकतर महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र के पास त्र्यंबक से, फिर पूर्वोत्तर दिशा में बहती है
  • बंगाल की खाड़ी में गिरती है। यह नदी “दक्षिण गंगा” के नाम से भी प्रसिद्ध है। इसका उद्गम पश्चिमी घाट में माना जाता है
  • इसलिए यह विकल्पों में सही हो सकता है, यदि प्रश्न में गोदावरी के साथ अन्य विकल्प भी पश्चिमी घाट से उद्गम वाले हों। [उद्गम स्थान, पश्चिमी घाट से निकलना]​
  • कृष्णा नदी: भी पश्चिमी घाट से निकलती है, महाराष्ट्र के महाबलेश्वर के पास, और पूर्व की दिशा में बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • कृष्णा भी पश्चिमी घाट से प्रारंभ होती है, इसलिए यह सही उम्मीदवार है जब प्रश्न पश्चिमी घाट से उद्गम लेने वाली नदी के बारे में हो। [उद्गम स्थान, पश्चिमी घाट से निकलना]​
  • कावेरी नदी: पश्चिमी घाट की ब्रह्मगिरी पहाड़ियों से निकलती है, दक्षिण-पश्चिम कर्नाटक में, और दक्षिण-पूर्व की ओर बहते हुए अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • यह भी पश्चिमी घाट से उद्गम लेती है, अतः अक्सर इस प्रकार के प्रश्नों में उत्तर के तौर पर शामिल होता है। [उद्गम स्थान, पश्चिमी घाट की ब्रह्मगिरी]​
  • ताप्ती, नर्मदा, तुंगभद्रा आदि: ये नदियाँ भी वष्मदृश्य में पश्चिमी घाट से होकर नहीं बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों से निकलती हैं
  • कुछ अरब सागर में गिरती हैं, कुछ बंगाल की खाड़ी में नहीं गिरतीं।
  • इसलिए वे इस खास शृंखला के लिए अक्सर विकल्प से बाहर रहते हैं। [उद्गम/गिरावट स्थान संदर्भ]
  • महत्वपूर्ण बिंदु और संक्षिप्त निष्कर्ष
    • पश्चिमी घाट से उद्गम लेने वाली प्रमुख नदियाँ: गोदावरी, कृष्णा, कावेरी (यह तीनों पश्चिमी घाट से निकलकर पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं)।​
    • इस प्रकार, आपके प्रश्न में “नाक से उद्गम पश्चिमी घाट से होता है
    • वाले विकल्पों में उपरोक्त नदियाँ आम तौर पर उत्तर के लिए उपयुक्त होती हैं
    • जबकि अन्य विकल्पों के उद्गम पश्चिमी घाट से नहीं होते या

14. सतलुज और ....... नदियों के बीच स्थित हिमालय के भाग को कुमाऊं हिमालय के नाम से जाना जाता है। [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) काली
Solution:
  • सतलुज उत्तरी भारत में बहने वाली एक सदानीरा नदी है। इसका पौराणिक नाम शुतुद्रि है।
  • सतलुज और काली नदियों के बीच स्थित हिमालय के भाग को कुमाऊं हिमालय के नाम से जाना जाता है।
  • स्थान और सीमाएँ
    • कुमाऊं हिमालय पश्चिमी हिमालय का हिस्सा है
    • जो सतलुज नदी से पूर्व की ओर काली नदी तक लगभग 320 किलोमीटर की दूरी में विस्तृत है।
    • सतलुज नदी इसकी पश्चिमी सीमा बनाती है, जबकि काली नदी पूर्वी सीमा का निर्धारण करती है
    • जो नेपाल की सीमा पर बहती है। इस क्षेत्र को नदियों द्वारा परिभाषित किया जाता है
    • जो हिमालय के क्षैतिज विभाजन को स्पष्ट करते हैं।​
  • प्रमुख विशेषताएँ
    • इस भाग में लघु हिमालय का प्रतिनिधि मसूरी और नाग टीबा पर्वतमालाएँ हैं
    • जबकि शिवालिक श्रेणी गंगा-यमुना घाटी के दक्षिण में मसूरी घाटी तक फैली हुई है।
    • लघु हिमालय और शिवालिक के बीच 'दून' या 'दुन' नामक समतल घाटियाँ स्थित हैं
    • जिनमें देहरादून सबसे प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र झीलों, प्राकृतिक सौंदर्य और ऊँची चोटियों जैसे नंदा देवी, कामेत, त्रिशूल, केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री के लिए जाना जाता है।​​
  • हिमालय का नदी-आधारित विभाजन
    • सिंधु-सतलुज के बीच: पंजाब हिमालय।
    • सतलुज-काली के बीच: कुमाऊं हिमालय।
    • काली-तीस्ता के बीच: नेपाल हिमालय।
    • तीस्ता-दिहांग के बीच: आसाम हिमालय।
    • यह विभाजन हिमालय की नदी घाटियों पर आधारित है, जो भौगोलिक और भू-आकृतिक अध्ययन में महत्वपूर्ण है।
    • गंगा, यमुना और रामगंगा जैसी नदियाँ इसी क्षेत्र से उद्गम लेती हैं।
    • नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल और सातताल जैसी झीलें पर्यटन को आकर्षित करती हैं।​
  • महत्वपूर्ण स्थल
    • चार धाम, पंच प्रयाग और पंच केदार जैसे धार्मिक स्थल कुमाऊं हिमालय में हैं
    • जो इसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाते हैं।
    • यह क्षेत्र भूकंप-प्रवण और पारिस्थितिक रूप से नाजुक है
    • जिसमें शिवालिक रेंज से महान हिमालय तक विविधता है।​​

15. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी अपने उद्गम स्थल के साथ गलत सुमेलित है? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) सतलुज - डल झील
Solution:
  • सतलुज नदी का उद्गम तिब्बत में कैलास पर्वत एवं मानसरोवर झील के निकट राकसताल झील से होता है। शेष विकल्प सही सुमेलित हैं।
  • विस्तृत चर्चा
  • नदी-उद्गम का सुमेल क्या होता है
    • उद्गम वह स्थान है जहाँ नदी की धारा का प्रारम्भ होता है
    • जैसे ग्लेशियर, पहाड़ी चट्टान, या भू-आख्यानिक संरचना से निकलना।
    • एक सही मिलान में नदी का नाम और उसका वास्तविक उद्गम स्थान स्पष्ट रूप से जुड़ा होता है [संदर्भ: सामान्य भूगोल पाठ्य सामग्री]।
  • सतलुज नदी के बारे में
    • सतलुज नदी सामान्यतः बताई जाती है कि उसका उद्गम तिब्बत में मानसरोवर-राक्षसताल से होकर आता है
    • जो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में उच्च elevation पर स्थित है [web स्रोतों के अनुसार]।
    • इसके साथ डल झील का संयोजन गलत माना जाता है, क्योंकि डल झील का प्रमुख जल स्रोत और जल-विज्ञान सतलुज से नहीं जुड़ा है ।​
  • अन्य प्रमुख भारतीय नदियाँ और उनके उद्गम
    • गंगा: गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है; यह उद्गम-संयोजन स्पष्ट और मानक है ।​
    • यमुना: कई स्रोतों से मिलकर उत्पन्न होती है, मुख्यतः उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी है
    • इसका उद्गमस्थल सीधे एक ग्लेशियर/पर्वत से जुड़ा होता है (वैकल्पिक स्रोतों के अनुसार) ।​
    • गोदावरी: महाराष्ट्र के ब्रह्मगिरि पर्वत से निकलती है
    • अन्य स्रोतों में इसे त्र्यंबकेश्वर/ब्राह्म्पीठ से भी जोड़ा जाता है, पर सामान्यतः ब्रह्मगिरि से उद्गम माना जाता है
  • क्यों सतलुज-डल झील गलत है
    • डल झील ऊपरी कश्मीर क्षेत्र में स्थित है और सतलुज के पाठक्रम के साथ एक अलग जल-बाशा-घटक के रूप में नहीं जुड़ी होती
    • सतलुज असल में मानसरोवर-राक्षसताल क्षेत्र से निकलती है, जो इस दावे के अनुरूप नहीं है। इसलिए यह संगतता गलत मानी जाती है ।​
  • सामान्य तरीके से सही मिलान कैसे जाँचें
    • प्रत्येक नदी के उद्गम स्थल को विश्वसनीय स्रोतों में अक्सर एक आधिकारिक географीय मानचित्र/विश्वविद्यालय की पाठ्यपुस्तक में पाया जा सकता है।
    • उद्गम-स्थल की पहचान के समय स्थानीय भौगोलिक विशेषताओं (हिमनद, ग्लेशियर, पर्वत श्रृंखला) को मिलान करें।
    • यदि कुनबे में बहुधा भ्रम हो तो एक स्पष्ट, मानक स्रोत (जैसे राज्य/केंद्र सरकार की जल संसाधन प्राधिकरण, या प्रामाणिक भू-गोल पाठ) से पुष्टि करें।

16. सिंधु नदी की कौन-सी सहायक नदी समुद्र तल से 4,000 मीटर की ऊंचाई पर रोहतांग दर्रे के पास से निकलती है? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) ब्यास
Solution:
  • ब्यास सिंधु की एक अन्य महत्वपूर्ण सहायक/उप-सहायक नदी है
  • जो समुद्र स्तर से ऊपर लगभग 4000 मीटर की ऊंचाई पर रोहतांग दर्रा के पास ब्यास कुंड से निकलती है।
  • विस्तृत व्याख्या
  • सिंधु नदी तन्त्र की संरचना
    • सिंधु नदी तंत्र में प्रमुख दाहिनी ओर सहायक नदियाँ झेलम, चिनाब, रावी, व्यास और सतलज मानी जाती हैं।
    • यह पाँच प्रमुख सहायक नदीयाँ मिलकर सिंधु का जल परिभाषित करती हैं ।​
  • व्यास नदी का उद्गम और ऊँचाई
    • व्यास नदी रोहतांग दर्रे के पास स्थित व्यास कुंड से निकलती है, जो समुद्र तल से ऊँचाई पर है।
    • रोहतांग दर्रा हिमालयी उद्गम के अंतर्गत आता है
    • उस क्षेत्र से व्यास नदी का प्रारम्भ माना जाता है ।​
  • रोहतांग दर्रे के पास से निकलना क्यों महत्वपूर्ण है
    • रोहतांग दर्रा हिमालयी क्षेत्र की ऊँची भूगोलिक संरचना के कारण राज्यों के बीच जल संतुलन और सीमाओं के पार प्रवाह के लिए एक प्रमुख उभार है।
    • व्यास कुंड से निकलना इसकी सही पहचान है और इसे अन्य नदियों से अलग बनाता है ।​
  • अन्य सहायक नदियों के संदर्भ
    • सतलज, झेलम, चिनाब, रावी आदि भी सिंधु के प्रमुख दाहिने/बाएँ किनारे की सहायक नदियाँ हैं
    • पर रोहतांग दर्रे के पास से 4,000 मीटर ऊँचाई पर निकलने वाली नदी के रूप में व्यास का उल्लेख अधिक सुविचारित और मानक है ।​
  • क्रॉसचेक के सुझाव
    • यदि संभव हो तो विश्वसनीय भूगोल पाठ्यों/सरकारी जल संसाधन प्राधिकरण के मानचित्रों से क्रॉस‑चेक करना अच्छा रहता है
    • ताकि उद्गम‑स्थल और ऊँचाई‑मान स्पष्ट रूप से पुष्ट हों।

17. माजुली (Majuli) भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी में एक नदी द्वीप है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) असम
Solution:
  • माजुली भारत के असम में स्थित एक नदी द्वीप है।
  • यह विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीपीय तंत्र है।
  • सिंधु नदी तन्त्र की संरचना
    • सिंधु नदी तंत्र में प्रमुख दाहिनी ओर सहायक नदियाँ झेलम, चिनाब, रावी, व्यास और सतलज मानी जाती हैं।
    • यह पाँच प्रमुख सहायक नदीयाँ मिलकर सिंधु का जल परिभाषित करती हैं ।
  • व्यास नदी का उद्गम और ऊँचाई
    • व्यास नदी रोहतांग दर्रे के पास स्थित व्यास कुंड से निकलती है
    • जो समुद्र तल से ऊँचाई पर है। रोहतांग दर्रा हिमालयी उद्गम के अंतर्गत आता है
    • उस क्षेत्र से व्यास नदी का प्रारम्भ माना जाता है ।
  • रोहतांग दर्रे के पास से निकलना क्यों महत्वपूर्ण है
    • रोहतांग दर्रा हिमालयी क्षेत्र की ऊँची भूगोलिक संरचना के कारण राज्यों के बीच जल संतुलन और सीमाओं के पार प्रवाह के लिए एक प्रमुख उभार है।
    • व्यास कुंड से निकलना इसकी सही पहचान है और इसे अन्य नदियों से अलग बनाता है ।
  • अन्य सहायक नदियों के संदर्भ
    • सतलज, झेलम, चिनाब, रावी आदि भी सिंधु के प्रमुख दाहिने/बाएँ किनारे की सहायक नदियाँ हैं
    • रोहतांग दर्रे के पास से 4,000 मीटर ऊँचाई पर निकलने वाली नदी के रूप में व्यास का उल्लेख अधिक सुविचारित और मानक है ।
  • क्रॉस‑चेक के सुझाव
    • यदि संभव हो तो विश्वसनीय भूगोल पाठ्यों/सरकारी जल संसाधन प्राधिकरण के मानचित्रों से क्रॉस‑चेक करना अच्छा रहता है
    • ताकि उद्गम‑स्थल और ऊँचाई‑मान स्पष्ट रूप से पुष्ट हों।

18. राष्ट्रीय जलमार्ग 2 (NW 2) ....... नदी का सदिया-धुबरी खंड है। [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) ब्रह्मपुत्र
Solution:
  • राष्ट्रीय जलमार्ग 2 (NW 2) ब्रह्मपुत्र नदी से संबंधित है
  • राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम 1983 द्वारा ब्रह्मापुत्र नदी के सदिया-धुबरी खड का राष्ट्रीय जलमार्ग 2 घोषित किया गया है।
  • यह जलमार्ग धुवरी से सदिया तक 851 किमी की दूरी तक फैला हुआ है।
  • वर्तमान में जलमार्ग का उपयोग निम्न जवानों द्वारा किया जा रहा है
    • असम सरकार,
    • सेना सीमा सुरक्षा बल,
    • पर्यटन संगठन और अन्य निजी ऑपरेटर

Other Information

  • भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) का गठन IWAI, अधिनियम 1985 के तहत किया गया था और 27 अक्टूबर, 1586 को अस्तित्व में आया।
  • नेविगेशन के लिए जतमार्ग विकसित करने की जिम्मेदारी IWAl की है।
  • गंगा-भागीरथी-हुगली (NW-1) नदी प्रगती 1620 किमी की लंबाई के साथ भारत का पहला और सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है।
  • ब्रह्मपुत्र नदी
    • उत्पत्ति: हिमालय की कैलाश पर्वतमाला से
    • भारत में विस्तार: 916 किमी
    • कुछ सहायक नदियाँ:
      • लोहित,
      • दिबांग
      • सुबनसिरी,
      • जिया भराती
      • धनसिरी,
      • मानस
      • टोस्ट
      • संकोश
      • तीस्ता,
      • बुराहिड्डीहिंग,
      • देसाम,
      • दिखाई,
      • धनसिरी और
      • कोपिली