Correct Answer: (d) अलकनंदा और भागीरथी
Solution:- भागीरथी व अलकनंदा का देवप्रयाग में संगम होता है, जिसके पश्चात वह गंगा के रूप में जानी जाती है।
- गंगा का उद्गम
- गंगा नदी का निर्माण उत्तराखंड के देवप्रयाग में होता है
- जहां भागीरथी और अलकनंदा का संगम होता है।
- भागीरथी गंगोत्री ग्लेशियर (उत्तरकाशी जिले में, लगभग 3,900 मीटर ऊंचाई पर) से निकलती है
- जबकि अलकनंदा सतोपंथ ग्लेशियर से उत्पन्न होती है।
- देवप्रयाग से नीचे की धारा को ही गंगा कहा जाता है, जो हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाती है।
- भागीरथी नदी
- भागीरथी उत्तराखंड के गंगोत्री से शुरू होकर उत्तरकाशी, टिहरी और देवप्रयाग तक बहती है।
- यह नदी हिमालय की ऊंची चोटियों से होकर गुजरती है और तेज प्रवाह वाली होती है।
- भागीरथी को गंगा का मुख्य स्रोत माना जाता है
- हालांकि जलविद्यकीय रूप से अलकनंदा अधिक जल लाती है।
- अलकनंदा नदी
- अलकनंदा बद्रीनाथ क्षेत्र से निकलती है और विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग जैसे पंच प्रयागों से गुजरती हुई देवप्रयाग पहुंचती है।
- इसकी प्रमुख सहायक नदियां धौलीगंगा, नंदकिनी, पिंडर और मंदाकिनी हैं।
- अलकनंदा लंबी और जटिल जलप्रवाह वाली नदी है, जो गंगा को अधिक जल प्रदान करती है।
- महत्वपूर्ण तथ्य
- गंगा की कुल लंबाई लगभग 2,525 किलोमीटर है
- जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
- देवप्रयाग को गंगा का प्रथम प्रयाग कहा जाता है
- जहां दोनों नदियों के पानी का रंग भिन्न होता है
- भागीरथी सफेद और अलकनंदा हरी।
- हिंदू पौराणिक कथाओं में भागीरथी को राजा भागीरथ द्वारा पृथ्वी पर लाई गई गंगा माना जाता है।