Correct Answer: (d) DNA प्रतिकृति, mRNA प्रतिलेखन, प्रोटीन स्थानांतरण
Solution:- फ्रांसिस क्रिक के अनुसार, आनुवंशिक सूचनाओं का एकदिशीय संप्रेषण केंद्रीय डॉग्मा कहलाता है।
- यह संप्रेषण DNA प्रतिकृति, mRNA प्रतिलेखन तथा प्रोटीन स्थानांतरण के अनुक्रम में होता है।
- केंद्रीय डॉग्मा का मूल सिद्धांत
- केंद्रीय डॉग्मा यह बताता है कि आनुवंशिक सूचना का प्रवाह एक दिशा में होता है
- पहले DNA में, फिर RNA में, और अंत में प्रोटीन में।
- इसे संक्षेप में ऐसे लिखा जाता है
- DNA → RNA → Protein, जहाँ हर तीर एक विशिष्ट जैव-रासायनिक प्रक्रिया को दर्शाता है।
- सही क्रम: चरणवार
- DNA प्रतिकृति
- DNA से ही DNA की दूसरी प्रति बनती है
- ताकि कोशिका विभाजन के समय प्रत्येक नई कोशिका को पूरा जीनोम मिल सके।
- यह चरण आनुवंशिक सामग्री की सटीक कॉपी सुनिश्चित करता है
- जिसे DNA polymerase जैसे एंजाइम catalyse करते हैं।
- ट्रांस्क्रिप्शन
- किसी जीन के DNA अनुक्रम की जानकारी को mRNA में कॉपी किया जाता है; इसे ही ट्रांस्क्रिप्शन कहते हैं।
- मुख्य उपचरण: Initiation (प्रारम्भ), Elongation (विस्तार) और Termination (समापन), जिनमें RNA प्रमोटर से बाइन्ड होकर RNA स्ट्रैंड बनाता है।
- ट्रांसलेशन
- mRNA पर उपस्थित कोडॉन क्रम को पढ़कर राइबोसोम और tRNA की मदद से अमीनो अम्लों की श्रृंखला (पॉलीपेप्टाइड/प्रोटीन) का निर्माण होता है।
- यहाँ 4-लेटर न्यूक्लियोटाइड भाषा को 20-लेटर अमीनो अम्ल भाषा में ‘अनुवादित’ किया जाता है
- जिससे विशिष्ट प्रोटीन बनता है।
- प्रवाह को ऐसे याद रखें
- सामान्य वाक्य: “DNA बनाता है RNA, और RNA बनाता है प्रोटीन” – यही केंद्रीय डॉग्मा है।
- अधिक विस्तार से क्रम:
- DNA (जानकारी का भंडार) → DNA प्रतिकृति
- DNA → mRNA (ट्रांस्क्रिप्शन)
- mRNA → प्रोटीन (ट्रांसलेशन)
- अपवाद और आधुनिक दृष्टि
- क्लासिकल केंद्रीय डॉग्मा एकदिशीय प्रवाह दिखाता है
- लेकिन कुछ अपवाद जैसे रेट्रोवायरस में RNA से DNA (Reverse transcription) भी पाया जाता है।
- फिर भी परीक्षा के दृष्टिकोण से केंद्रीय डॉग्मा के सही क्रम के रूप में प्राय
- DNA प्रतिकृति → ट्रांस्क्रिप्शन → ट्रांसलेशन ही पूछा और माना जाता है।